झारखण्ड राज्य के जमशेदपुर से मधुबाला ने मोबाइल वाणी के माध्यम से पोई साग के पकौड़े की जानकारी साझा किया ।
"गांव आजीविका और हम" कार्यक्रम के तहत हमारे कृषि विशेषज्ञ कपिलदेव शर्मा कृषि में ड्रोन के लाभ तथा उपयोग के बारे में जानकारियाँ दे रहे है अधिक जानकारी के लिए ऑडियो पर क्लिक करें
झारखण्ड राज्य के जमशेदपुर से मधुबाला ने मोबाइल वाणी के माध्यम से चावल और मटर का पीठा बनाने की जानकारी साझा किया । सामग्री - 1/2 किलो चावल का आटा,1/2 किलो मटर, अदरक छोटा टुकड़ा,2 लहसुन कली,2 चम्मच जीरा,स्वादानुसार नमक,1/2 चम्मच हल्दी,आवश्यकतानुसार हरी मिर्च,2 चम्मच सरसों का तेल विधि - सबसे पहले एक कडाही में चार गिलास पानी डाल कर गरम हो ने दें और फिर जब पानी में उबाल आने पर उसमें चावल का आटा डालकर अच्छी तरह से मिला लें ।फिर गैस को बंद कर दें ।आटा को ढककर रख दें और फिर जब आटा ठंडा हो जाये तो उसे अच्छी तरह से गूंध लें। फिर हम मटर का मसाला तैयार करते हैं ।इसके लिए एक कटोरी में मटर को अच्छी तरह से धो लें। फिर कुकर में एक सिटी डाल कर उबाल लें। पानी से मटर को अलग कर दें और ठंडा होने पर मिक्सी जार में मटर,अदरक, हरा मिर्च, लहसुन और जीरा डालकर अच्छी तरह से पीस लें। अब सभी चीजों को एक कटोरी में निकाल लें ।फ़िर उसमें नमक स्वाद के अनुसार सरसों का तेल हल्दी डालकर मिला लें ।इस तरह से मसाला तैयार हैं।अब हम चावल के आटा की छोटी छोटी लोई बनाकर उसमें मटर के मसाला भरकर गुजिया के आकार में बना लेते हैं ।एक-एक करके सभी को गढ़ लेना है.फिर एक कड़ाही में पानी डालकर अच्छी तरह से गरम कर लें और उसके ऊपर एक स्टीमर वाला बर्तन रख दें और फिर उसमें थोड़ा सा तेल लगा कर चिकनाई कर लें ।फिर उसमें गढ़ा हुआ पीठा को डालकर अच्छी तरह से स्टीम कर लें ।इस तरह से सभी पीठा को बारी-बारी से स्टीम करें ।हमारा पीठा खाने के लिए तैयार हैं ।आप इसे बैंगन-आलू या गोभी-आलू की सब्जी के साथ खाये ।ये बहुत मजेदार लगता है ।
झारखण्ड राज्य के जमशेदपुर से मधुबाला ने मोबाइल वाणी के माध्यम से कुरकुरी आंध्रा भिंडी बनाने की जानकारी साझा किया । सामग्री - 1/2 kg भिंडी,डीप फ्राई करने के लिए तेल,3-4 टी स्पून जीरा,4 टी स्पून धनिया,4 टी स्पून मूंगफली,4 टी स्पून चना दाल,7-8 लाल मिर्च(कुटी हुई), 10-12 लहसुन की कली,3-4 टी स्पून नारियल कद्दूक किया हुआ ,नमक स्वादानुसार विधि - जीरा, धनिया, मूंगफली, चना दाल और लाल मिर्च को सूखा भून लें। ठंडा करके एक साथ पीस लें।इसमें कुटे हुए लहसुन, नारियल, नमक में अच्छे से मिक्स कर लें। तेल गर्म कर लें और भिंडी को डीप फ्राई कर लें।बाहर निकाल लें और इसके ऊपर बनाया हुआ मसाला छिड़कें।अच्छे से मिलाकर सर्व करें। इसका कुरकुरा स्वाद आपको खूब पसंद आएगा इसे आप रोटी या पराठे के साथ सर्व कर सकते हैं।
नमस्कार दोस्तों , मेरा नाम अमन कुमार यादव है और मैं रांची से हूँ और मैं झारखंड राज्य के रांची जिले के कॉम ब्लॉक में रहने जा रहा हूँ । मैं सत्ताईस साल का हूँ और मेरा पिन कोड आठ तीन चार शून्य एक शून्य है । मैं जानकारी देने जा रहा हूँ , तो आइए जानते हैं सात सौ पचास ग्राम सेगन , चार - पांच प्याज , तीन टमाटर , बारीक कटा हुआ , एक बड़ा चम्मच अदरक , दो बड़े चम्मच बारीक कटा हुआ लहसुन , दो हरी मिर्च , कटा हुआ , चार बड़े तीन चम्मच करी पाउडर , एक चम्मच नमक , एक चम्मच काली मिर्च , एक चम्मच सिरका , एक चम्मच काली मिर्च , एक चम्मच दालचीनी , एक चम्मच कटा हुआ अजमोद , एक चम्मच सिरका । धो लें और दो बड़े चम्मच तेजपत्ता , कटा धनिया , चिकन को पानी के साथ अलग रखें , कड़ाही में तेल गर्म करें , जीरा , लाल मिर्च पाउडर , हरी मिर्च , कटा हुआ प्याज डालें और जब यह छिड़के तो कटा हुआ लहसुन और अदरक डालें । सभी सूखे मसालों को एक कटोरे में लें और उसमें थोड़ा पानी मिलाकर पेस्ट बना लें , फिर जब प्याज सुनहरा हो जाए तो उसमें मसाले का पेस्ट डालें , श्रीश्मा जिगन के टुकड़े डालें , अच्छी तरह मिलाएं और बारीक कटे हुए टमाटर डालें । टमाटर के पकने तक दस मिनट तक उबालें , फिर आवश्यकतानुसार पानी डालें और टमाटर के पकने तक लगभग पंद्रह मिनट तक धीमी आंच पर पकाएं । अब कटा हुआ धनिया और गरम मसाला डालें और गैस बंद कर दें ।
सुनिए डॉक्टर स्नेहा माथुर की संघर्षमय लेकिन प्रेरक कहानी और जानिए कैसे उन्होंने भारतीय समाज और परिवारों में फैली बुराइयों के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाई! सुनिए उनका संघर्ष और जीत, धारावाहिक 'मैं कुछ भी कर सकती हूं' में।
काले चने-200 ग्राम सरसों का तेल-2 से 3 चम्मच जीरा-एक टी स्पून प्याज- 2 बड़ा साइज (कटा हुआ) हरी मिर्च-तीन से चार (बारीक कटी हुई ) नमक-स्वादानुसार धनिया पाउडर-1 टेबलस्पून स्पून हल्दी पाउडर-1 टेबलस्पून गरम मसाला-1 टेबलस्पून हल्दी पाउडर- 1/2 चम्मच मिर्ची पाउडर- 1 चम्मच बिहारी स्टाइल चना घुघनी बनाने के लिए सबसे पहले चना को एक रात पहले ही पानी में भिगोकर रख दें, ताकि यह नरम हो जाए. अगली सुबह चना को धोकर कुकर में थोड़ा नमक और पानी डालकर लगभग 5 से 6 सिटी लगाएं अब एक कड़ाही या पैन में तेल गर्म करें और इसमें जीरा और कटी हुई हरी मिर्च का तड़का लगाएं. जब जीरा और हरी मिर्ची चटक जाए तो उसमें कटा हुआ प्याज डालें और हल्का सुनहरा होने तक उसे फ्राई करें. जब प्याज सुनहरा हो जाए तो इसमें सभी मसाले जैसे हल्दी मिर्ची, धनिया, गरम मसाला पाउडर, नमक डालकर थोड़ी देर मसाले को भून लें मसाला जब थोड़ा पक जाए तो इसमें उबला हुआ चना डालें और इसे खूब अच्छे से मिक्स करें. थोड़ी देर के बाद इस में जरूरत के मुताबिक पानी डालें और इसे पकने दें. इसके बाद इसमें कसूरी मेथी डालें और ढककर 3 से 4 मिनट तक बनाए. लिजीए आपकी घुघनी तैयार है, इसे आप पराठा या चावल या वैसे ही शाम के नाश्ते के तौर पर खा सकते हैं. इसे और लजीज बनाने के लिए इसमें ऊपर से बारीक प्याज और खीरे और नींबू डाल कर खाएं. यह भूने हुए चने के आटे से बनाया जाता है, जिससे सरबत से लेकर पराठे और मिठाई तक कई सारी डिशेज बनाई जाती है। सत्तू बिहार के प्रमुख खाद्य सामग्री में से एक है जिसमें पोषक तत्व भी खूब पाए जाते हैं। सत्तू में कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, आयरन, फाइबर और विटामिन सी पाए जाते हैं। गर्मियों में इसके शरबत का सेवन शरीर में ठंडक प्रदान करती है। जब कोई नई चीज घर में बनती है, तो बच्चे से लेकर बड़े तक सभी खुश हो जाते हैं। आज हम इस वीडियो में लाए हैं घुगनी और कचौरी बनाने की सबसे आसान रेसिपी। घुगनी और कचौरी एक बिहारी व्यंजन है, जिसे बिहार में लोग नाश्ते में खाते हैं। आपको बता दें कि ये वहां के प्रसिद्ध व्यंजनों में से एक है। पहली रेसिपी कचौरी है और दूसरी घुगनी है, इस वीडियो में आप आसानी से इन दोनों को बनाना सीख सकते हैं। कचौरी बनाने की सामग्री: मूंग दाल-100 ग्राम, चना दाल-100 ग्राम, 3 प्याज, 4 हरी मिर्च, धनिया स्वाद के लिए, नमक-स्वादानुसार, एक कप तेल बिहारी कचौरी बनाने की विधि: कचौरी बनाने के लिए, सबसे पहले रात में ही चना दाल को भिगो कर रख दें। आप इसमें चना दाल या मूंग दाल का प्रयोग कर सकते हैं। जब वो अच्छी तरह फूल जाएं, तो दाल और प्याज को साथ में पीस लें, ताकि दाल और प्याज अच्छी तरह मिक्स हो जाएं। इसके बाद, उसमें बारीक कटी हुई हरी मिर्च डालें। कचौरी का स्वाद अच्छा आए इसके लिए उसमें धनिए का उपयोग भी कर सकते हैं। सबसे अंत में नमक डालें, नमक आप अपने स्वाद के अनुसार से डाल सकते हैं। कचौरी की सामग्री तैयार होने के बाद गैस पर पैन रखें और उसमें एक कप तेल डालें। तेल को अच्छी तरह गर्म होने दें। तेल कितना गर्म हुआ है, ये पता लगाने के लिए आप उसमें थोड़े से बेसन के दाने डालकर देख सकत… कब्ज से राहत दिलाए गेंहू की घुघरी का सेवन आपके पाचन स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद हो सकता है। ... वजन घटाने में मददगार ... ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करे ... डायबिटीज में फायदेमंद ... शरीर को एनर्जी मिलती है
झारखण्ड राज्य के जमशेदपुर से मधु ने मोबाइल वाणी के माध्यम से आंध्रा के पुनुगुलु बनाने की जानकारी साझा किया । पुनुगुलु एक ऐसा नाश्ता है जो कि विजयवाड़ा के आंध्र प्रदेश में प्रसिद्ध है, यह स्ट्रीट फ़ूड है जो आंध्रा में आसानी से जगह-जगह मिल जाता है। सामग्री - 2 कप उड़द दाल,1 कप इडली रवा (अगर न मिले तो चावल),1 चम्मच धनिया8-10 ,करीपत्ता4-6 ,पुदीना पत्ति,2 हरी मिर्ची,सवादनुसार नमक,आवश्यकतानुसार तलने के लिए तेल विधि - उड़द डाल और इडली रवा को अलग अलग भिगो दे 4-6 घंटे के लिए।अब मिक्सर जार में उड़द दाल,इडली रवा ,हरी मिर्ची करीपत्ता, पुदीना और धनिया पत्ती डाल के पीस ले।बैटर ज्यादा गीला न हो ये ध्यान रखे।बैटर में नमक डाल कर अच्छे से फेटे या मिलाएं। कढ़ाई में तेल गरम करें।अब जैसे पकौड़े या बड़ा बनाते हैं ,ठीक वैसे ही ,तेल में छोटे छोटे बैटर डालें ।मध्यम गैस पर दोनों तरफ से उलट-पलट कर सुनहरा होने तक ताल लें। ये क्रिस्पी और टेस्टी होते है।अपनी मनपसंद चटनी के साथ इसे गरमागरम खाएं या परोसें
झारखण्ड राज्य के जमशेदपुर से मधु ने मोबाइल वाणी के माध्यम से श्रीखंड बनाने की जानकारी साझा किया । श्रीखंड गुजरात और महाराष्ट्र का लोकप्रिय डिज़र्ट है जिसे आप आसानी से घर पर बना सकते हैं. गाढ़े दही से तैयार होने वाला श्रीखंड महाराष्ट्र और गुजरात का लोकप्रिय मीठा व्यंजन है। इसे मठो नाम से भी जाना जाता है। श्रीखंड खाने में बहुत ही स्वादिष्ट होता है। इस पूजा, गणेश चतुर्थी, जन्माष्टमी जैसे त्योहारों पर खासतौर पर बनाया जाता है। इसे बच्चों से लेकर बड़े-बूढ़े तक सभी बड़े चाव से खाते हैं। सामग्री - ताजा दही - 500 ग्राम (2 1/2 कप),चीनी पाउडर - 50 ग्राम (1/4 कप),केसर के धागे - 8 से 10,दूध - 2 टेबल स्पून,छोटी इलायची - 2,पिस्ते- 6 से 7 बादाम . विधि - ताजा दही को मलमल या पतले साफ कपड़े में बांध कर 2 घंटे के लिये लटका दीजिये, हाथ से दबा कर दही से सारा पानी निकल दीजिये.2 घंटे के बाद, कपड़े में गाढ़ा दही रह जाएगा. कपड़े को थोड़ा सा और दबा दीजिए ताकि पानी रह गया हो तो वो भी अच्छे से निकल जाए. इसके बाद, दही को प्याले में डाल लीजिए. केसर के धागे दूध में डालकर रख दीजिये, 5 से 10 मिनिट में केसर दूध में घुल जाएगा. इसी बीच, बादाम और पिस्तों को पतले टुकड़ों में काट लीजिए. इलायची को भी कूटकर पाउडर बना लीजिए. दही को थोड़ा सा फैंट लीजिए और इसमें पाउडर चीनी और इलाइची डाल कर मिला दीजिये.मिश्रण में केसर का दूध डाल कर अच्छी तरह मिलाइए. आधे कतरे हुये बादाम और पिस्ते डाल कर मिला दीजिये, आधे बचा लीजिये जो श्रीखंड को सजाने के काम आयेगे. सारी सामग्रियों को अच्छे से मिक्स कर लीजिए. श्रीखन्ड बन गया है, श्रीखन्ड को छोटे प्याले में निकाल कर बचे हुये बादाम पिस्ते डालकर सजाइये. श्रीखन्ड के प्याले को फ्रिज में रख दीजिये, दो घंटे बाद प्याले को फ्रिज से निकालिये और ठंडा ठंडा श्रीखन्ड परोसिये और खाइये.
बिहार राज्य के जमुई जिले से संजीवन कुमार सिंह ने बिहार में त्यौहारों पर बनने वाले मीठे और नमकीन शक्करपारे बनाने के बारे में जानकारी दे रहे हैं आवश्यक सामग्री मैदा- 2 कप (250 ग्राम) चीनी- 1 कप (250 ग्राम) घी या तेल- ¼ कप (60 ग्राम) सानने के लिए शकरपारे बनाने के लिये सबसे पहले हमने मोयन के लिए घी को पिघलाकर रख लिया इसके बाद मैदा को गूंथकर तैयार करेंगे. इसके लिए, मैदा में पहले से पिघलाए हुए घी को डालिए और अच्छी तरह से मिला लीजिए. इसमें थोड़ा-थोड़ा पानी डालते हुए सख्त आटा गूंथकर तैय़ार कर लीजिए. (इतनी मात्रा का आटा लगाने में ½ कप पानी का इस्तेमाल हुआ है.) आटे को ढककर आधे घंटे के लिए रख दीजिए ताकि आटा सैट हो जाए. 20 मिनिट बाद, आटा सैट हो गया है. इसे मसलकर थोड़ा सा चिकना कर लीजिए. आटे को 2 भागों में बांट लीजिए. एक हिस्से को बोर्ड पर रख लीजिए और दूसरे को ढक दीजिए ताकि यह सूखे नहीं. पहले वाले भाग को मसलकर गोल-गोल लोई बना लीजिए. इस लोई को फिर से बोर्ड पर रखिए और बेलन के द्वारा थोड़ी सी मोटी शीट बेलकर तैयार कर लीजिए. बेली हुई शीट को चाकू की मदद से आधा-पौना इंच चौड़ी पट्टियों में काट लीजिए. इसके बाद, बोर्ड को 90 डिग्री घुमाकर, शकरपारे को इस ओर 1 से 1.5 इंच लंबाई में काट लीजिए. इस प्रकार चौकोर शकरपारे कट जाएंगे. (आप इन्हें बड़े या छोटे अपनी पसंदानुसार आकार के बना सकते हैं.) शकरपारों को काटने के बाद, एक-एक शकरपारा अलग करके एक प्लेट में रख लीजिए. इसी तरह बाकी आटे से भी शकरपारे बेलकर व काटकर तैय़ार कर लीजिए. इसी बीच, शकरपारों को तलने के लिए, एक पैन में घी डालकर गैस पर गरम होने रख दीजिए. घी गरम होने के बाद, इसे चैक करने के लिए एक शकरपारा घी में डालकर देख लीजिए. शकरपारा अच्छे से तल रहा है, तो घी सही से गरम है. अब, सारे शकरपारों को मध्यम गरम घी में तलने के लिए डाल दीजिए. आंच भी मध्यम ही रखिए. जैसे ही शकरपारे तैरकर घी के ऊपर आ जाएं, वैसे ही इन्हें पलट दीजिए. शकरपारों को चारों तरफ से गोल्डन ब्राउन होने तक तल लीजिए. शकरपारों को अच्छे गोल्डन ब्राउन होने के बाद एक प्लेट में निकाल लीजिए. शकरपारे निकालते समय, इन्हें कलछी पर थोड़ी देर कड़ाई के ऊपर ही रखें ताकि अतिरिक्त घी कड़ाई में ही निकल जाए. बिल्कुल इसी तरह बचे हुए शकरपारे भी फ्राय कर लीजिए और गैस बंद कर दीजिए. (एक बार के शकरपारे तलने में 12 से 14 मिनिट लग जाते है.) चाशनी बनाने के लिए, किसी बर्तन में चीनी और 1/3 कप पानी डालिए और बर्तन को गैस जलाकर रख दीजिए. पानी में चीनी के पूरी तरह घुल जाने तक, इसे पका लीजिए. चाशनी चैक करने के लिए, इसकी 1-2 बूंदे किसी भी प्याली में गिरा लीजिए. बूंदों को ठंडा होने के बाद, उंगली में लगाइए और अंगूठे व उंगली के बीच चिपका कर देखिए. एक पूरा लंबा सा तार बनना चाहिए. चाशनी बनकर तैयार है, गैस बंद कर दीजिए. चाशनी के बर्तन को उठाकर जाली स्टेन्ड पर रख दीजिए ताकि यह जल्दी से ठंडी हो जाए.
