बिहार राज्य से रंजन मोबाइल वाणी के माध्यम से रोहित यादव से साक्षात्कार लिया है। जिसमें उन्होंने बताया कि पहले की खेती और अभी की खेती में अंतर है और अभी की खेती जो रही है वो अच्छी है। उन्होंने बताया कि पानी का स्तर घटता जा रहा है इसलिए तालाब आदि का निर्माण किया जाना चाहिए। तालाब आदि होने से मत्स्य पालन किया जा सकता है मवेशियों को पानी पिलाया जा सकता है। पेड़ पौधों के काटने से बारिश कम हो रही है इसलिए पेड़ पौधा लगाना चाहिए।
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बिहार राज्य से मोहम्मद सैयफ मोबाइल वाणी के माध्यम से जानना चाहते हैं कि लाडली लक्ष्मी योजना में पंजीकरण कैसे करवायें। साथ ही बच्चे की उम्र इग्यारह वर्ष हो गयी है उसे लाभ मिलेगा या नहीं
mobaile bani news acspres kebare me baithak kiya gaya jo ki bari bari se apna bato ka bibran diye .dhanybad.
पहाड़पुर थाना क्षेत्र के नोनेया गांव मे विद्युत मीटर लगाने व नया कनेक्शन देने के नाम पर एक फर्जी व्यक्ति के विरूद्ध स्थानीय थाने में विद्युत कनीय अभियंता ज्योतिष कुमार ने प्राथमिकी दर्ज कराई है। जो पश्चिम चम्पारण जिले के जगदीशपुर थाने क्षेत्र का वृत्ति टोला गांव निवासी चंद्रशेखर प्रसाद का पुत्र नितेश कुमार उर्फ रजनीश कुमार बताया जाता है। इसकी जानकारी देते हुए विद्युत कनीय अभियंता कुमार ने बताया कि नया कनेक्शन देने व विद्युत मीटर लगाने के लिए विभाग के द्वारा कोई राशि नही ली जाती है अर्थात निशुल्क है। वही उक्त व्यक्ति विभाग में कार्यरत भी नही हैं। उक्त व्यक्ति द्वारा कम्पनी को राजस्व क्षति पहुंचाने व निजी फायदे के नियत से अवैध वसूली की जा रही थी। जिसको लेकर थाने में लिखित शिकायत दर्ज की गई है।
अरेराज के सुजायतपुर गांव में स्थित बूढ़ी दाई माता रानी के मंदिर में आगामी महाशिवरात्रि के अवसर पर शिव तांडव व शिव जागरण कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। जिसके लिए आयोजन समिति की ओर से तैयारी शुरू कर दी गई है। महाशिवरात्रि के दिन सूर्योदय से लेकर सूर्यास्त तक शिव तांडव स्त्रोत पाठ किया जाएगा। जिसमें 21 वेद पंडित तांडव स्त्रोत का पाठ करेंगे। सूर्योदय से लेकर सूर्यास्त तक उक्त पाठ चलेगा। शिव तांडव कार्यक्रम के आयोजनकर्ता रवि कांत उपाध्याय उर्फ मुन्ना उपाध्याय ने बताया कि इस मंदिर के प्रति लोगों की असीम श्रद्धा है। ऐसे में ग्रामीणों के सहयोग से शिव तांडव व शिव जागरण कार्यक्रम का आयोजन इस क्षेत्र में दूसरी बार किया जा रहा है। जो माता रानी के भक्तों के लिए एक सुनहरा अवसर होगा। उन्होंने बताया कि शिव तांडव के साथ साथ महाशिवरात्रि की संध्या में कलाकार के माध्यम से शिव जागरण कार्यक्रम का आयोजन भी किया जाएगा। वही महाशिवरात्रि के दिन सुबह दस बजे से फलहार एवं प्रसाद का वितरण किया जाएगा। जिसमें क्षेत्र के भक्तों को प्रसाद खिलाया किया जाएगा। पूजा आयोजन समिति में गांव के हरिशंकर कुंवर ,संजय उपाध्याय, तरुण कुमार सिंह उर्फ झून्ना सिंह, विपुल कुमार सिंह उर्फ टुन्ना सिंह, छोटेलाल साह, जग राम सहित अन्य लोग शामिल है। मंदिर का विशेष महत्व ग्रामीणों के सहयोग से वर्ष 2010 में मंदिर का निर्माण कराया गया था। बूढ़ी दाई माता रानी मंदिर में सात पिंडी है। जिसका पूजन गांव के सभी लोग करते है। मंदिर के प्रति गांव वालों की अटूट आस्था है। इस मंदिर में प्रतिदिन लोग माता रानी के पिंडी की पूजा करते है। और पूजन के माध्यम से मंगल कामना सभी लोग करते है। गांव के अंजनी उपाध्याय,मुन्ना उपाध्याय,हरिशंकर कुँवर सहित दर्जनों लोगों ने बताया कि वर्षों पहले गांव के अंत में दो पीपल वृक्ष के बीचो बीच मां भगवती का सात पिंडी था। जिसका पूजन ग्रामवासी करते थे। आगे चलकर समस्त ग्राम वासियों व गांव के पूजा पाठ में आस्था रखने वाले भक्त रविकांत उपाध्याय के द्वारा ग्राम वासियों के सहयोग से 2010 में मंदिर का निर्माण कराया गया था। मंदिर मे माता रानी का सात पिंडी स्थापित है।
अरेराज विद्युत विभाग के द्वारा छापेमारी दल का गठन कर प्रखंड क्षेत्र के पिपरा पंचायत में अवैध विद्युत कनेक्शन के विरुद्ध छापेमारी अभियान चलाया गया है। जहां 9 लोगों को विद्युत ऊर्जा चोरी मामले में पकड़ा गया है। जानकारी देते हुए अरेराज विद्युत विभाग के एसडीई मधुकर बनवाली ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर कनीय विद्युत अभियंता मोहम्मद अदनान अंसारी के नेतृत्व में छापेमारी किया गया है। जहां पिपरा सेंटर पर भुजा दुकान में अवैध विद्युत ऊर्जा का उपयोग करते पिपरा गांव निवासी अनिल साह, पान दुकान में अवैध कनेक्शन जलाते नंदलाल भगत, पान दुकान में भूटी पांडेन्य, जितवारपुर गांव में मानेंद्र कुमार, जितवारपुर में रवि प्रसाद, राकेश कुमार किराना दुकान पाए गए।
शहर के नहर रोड, आदर्श नगर, पटेल पथ, नहरी रोड, महावीर नगर, शिवपुरी व शंभू नगर मोहल्ले में अवैध भवन निर्माण करने वाले लोगों को नगर परिषद् के द्वारा नोटिस जारी किया गया है। इसकी जानकारी नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी डॉ मनीष कुमार ने दी।उन्होंने बताया कि 25 ऐसे चिन्हित लोगों को नोटिस दिया गया है, जिनके द्वारा बिना अनुमति अवैध तौर पर पक्का मकान का निर्माण कराया जा रहा था। संबंधित सभी लोगों को आगामी सात दिनों के अंदर जमीन, मकान और निर्माण से संबंधित कागजात प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है। कागजात प्रस्तुत नहीं करने की स्थिति में कार्रवाई की जायेगी। ईओ ने बताया कि उक्त मोहल्ले के अलावा अन्य सभी वार्ड में भी जांच करायी जा रही है।
वीरगंज को पर्यटकीय नगरी बनाया जायेगा। भारतीय पर्यटकों को लक्षित कर वीरगंज महानगर में कई योजनाओं पर काम चल रहा है। उक्त बातें वीरगंज के मेयर राजेशमान सिंह ने कही। वे पर्यटन प्रहरी कार्यालय काठमांडू और वीरगंज होटल तथा पर्यटन व्यवसायी संघ द्वारा आयोजित पर्यटन प्रवद्धन तथा पर्यटन सुरक्षा में निकाय की भूमिका विषयक गोष्ठी को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए माई स्थान मंदिर का सौंदर्यीकरण किया गया है।अब ऐतिहासिक बौद्ध स्थल भिसवा पार्क तथा 150वर्ष पुराना नरसिंह पिपरा मठ के पुनर्निर्माण एवं विकासकी पहल चल रही है।उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य है कि कम से कम एक हजार भारतीय पर्यटक घूमने वीरगंज पहुंचे ,मनोरंजन करें और यहां वन नाइट स्टे करें।इसी लक्ष्य के तहत ऐतिहासिक पर्यटक स्थलों का सौंदर्यीकरण ,वीरगंज में नाइट मार्केट संचालन,24 घंटे बाजार और होटल को खोलने पर काम चल रहा है। ताकि भारतीय पर्यटक सुरक्षित घूम सकें,खरीद कर सकें,खा पी सकें।
महाशिवरात्रि के मौके पर लगने वाले सूफी मदार मेला आरम्भ हो चुका है। मेले में धर्मों के बीच का अंतर मिट सा जाता है। सूफी मत से जुड़े होने के कारण इसमें हिंदू व मुस्लिम दोनों धर्मों के लोग भारी संख्या में जुटते हैं। बताया जाता है कि मदार बाबा अर्थात बहिउद्दीन कुतबुल शाह अफगानिस्तान के रहने वाले थे। मदार शाह दो सदी पूर्व यहां पहाड़ियों में साधना करने आए थे। उन दिनों नेपाल में राजा पाल्पालिसेन का शासन था। जमींदार माधव पंजियार व शेर बहादुर अमात्य ने उनकी भक्ति भावना से प्रभावित होकर साधनास्थली के लिए भूमि दान दी थी। बाबा के वर्तमान शिष्य मौलाना अमिरूल्लाह अंसारी बताते हैं कि मदार बाबा साधनाकाल में मदार अर्थात अकवन के दूध का ही सेवन करते थे। संभवत इसी वजह से उन्हें मदार बाबा कहा जाने लगा। मेला आयोजन समिति सह दरगाह कमेटी के कोषाध्यक्ष रेयाजुल अंसारी ने बताया कि मदार मेला अपनी भव्यता के साथ आरंभ हो गई है। मेले में आने वाले धर्मावलंबियों के खाने-पीने व रहने की व्यवस्था महलवारी स्थित मजार पर दरगाह कमेटी की तरफ से की जाएगी। मेला फाल्गुन मास की पंचमी तिथि से त्रयोदशी तक रहता है। सात पहाड़ियों को करना पड़ता है पार: भारत-नेपाल सीमा पर गंडक बराज फाटक बांध से लगभग तीन किलोमीटर दूर महलवारी क्षेत्र में उर्स ए मदार साहब बाबा का भव्य मेला हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी आठ से 18 फरवरी तक लगेगा। महलवारी स्थित मस्जिद से यात्रा शुरू होती है। छोटी-छोटी सात पहाड़ियों को पार करने के क्रम में गुजर बाबा के दर्शन के पश्चात नकदहरवा पहाड़ को पार करते हुए श्रद्धालुओं की यात्रा पुरातन मजार पर खत्म होती है। आज भी होता है यहां गुरु-शिष्य परंपरा का निर्वहन मदार बाबा स्थान पर आज भी पुरातन गुरु शिष्य परंपरा जीवंत है। अब तक बाबा के पांच शिष्य इस परंपरा का निर्वाह करते रहे हैं। इनमें गननी शाह, बहार शाह, कुर्बान अली, मोहम्मद अली शाह व वसीर अली शाह शामिल हैं। माना जाता है कि महाशिवरात्रि की पूर्व संध्या पर उनकी साधना संपन्न हुई। देवाधि देव महादेव ने उन्हें दर्शन देकर दीन दुखियों को कृतार्थ करने का वरदान दिया। बाबा ने भगवान शिव के दिए वरदान को अक्षरश निभाते हुए मानवता के उद्धार में अपना जीवन लगा दिया। बाबा की परंपरा आज भी कायम है। मार्ग दुरुह पर मन्नतें होती हैं पूरी पिछले पांच साल से मदार बाबा के मेले में जाने वाले शंकर महतो ने कहा कि मेरी पत्नी काफी दिनों तक बीमार रही थी। गांव के ही एक आदमी ने कहा कि मदार बाबा का प्रसाद लाकर खिलाओ, ठीक हो जाएगी। वहीं मैंने किया और लाभ हुआ। तब से हर साल दोनों व्यक्ति मेला जाते हैं। मो कुदरुस ने कहा कि मैं दस साल से अधिक समय से मदार बाबा के मेले में जाता हूं। मेरे घर की बरक्कत मदार बाबा की देन है।
