बॉलीवुड अभिनेता नसीरुद्दीन शाह (Naseeruddin Shah) ने देश के मौजूद हालात पर एक बार फिर चिंता व्यक्त की है. उन्होंने कहा है कि जिस तरह से धर्म के नाम पर नफरत और डर की मोटी की दीवार खड़ी की जा रही है, वह किसी भी भारतीय के लिए अच्छा नहीं है. यह बात एमनेस्टी इंटरनेशनल इंडिया (Amnesty India) से कही.हमारे देश का संविधान हमें बोलने, सोचने, किसी भी धर्म को मानने और इबादत करने की आजादी देता है. लेकिन, अब देश में मजहब के नाम पर नफरतों की दीवार खड़ी की जा रही है. जो लोग इस अन्याय के खिलाफ आवाज उठाते हैं, उन्हें इसकी सजा दी जाती है. गरीबों, मजलूमों और पीड़ितों के हक़ में आवाज़ बुलंद करते हैं तो उनकी आवाज़ को पूरी तरह से बंद करने की कोशिश की जाती है।

केंद्र सरकार की ओर से बड़ी खबर भारत सरकार योजना बना रही है कि किसान को प्रति एकड़ 4000 रुपया कृषि सहयोग राशि देगी, 1लाख तक व्याज मुफ्त लोन देने का एलान कर सकती है। न्यूनतम समर्थन मूल्य और बुनियादी ढांचे को बेहतर करने का अब तक कोई योजना नहीं है। किसान फसल ऊगा तो लेंगे लेकिन उन्हें खाद और बीज में कोई विशेष समर्थन नहीं मिलेगा। फसल उत्पाद को बेचने हेतु ढांचागत विकास के लिए किसी प्रकार की योजना नहीं है।

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