बॉलीवुड अभिनेता नसीरुद्दीन शाह (Naseeruddin Shah) ने देश के मौजूद हालात पर एक बार फिर चिंता व्यक्त की है. उन्होंने कहा है कि जिस तरह से धर्म के नाम पर नफरत और डर की मोटी की दीवार खड़ी की जा रही है, वह किसी भी भारतीय के लिए अच्छा नहीं है. यह बात एमनेस्टी इंटरनेशनल इंडिया (Amnesty India) से कही.हमारे देश का संविधान हमें बोलने, सोचने, किसी भी धर्म को मानने और इबादत करने की आजादी देता है. लेकिन, अब देश में मजहब के नाम पर नफरतों की दीवार खड़ी की जा रही है. जो लोग इस अन्याय के खिलाफ आवाज उठाते हैं, उन्हें इसकी सजा दी जाती है. गरीबों, मजलूमों और पीड़ितों के हक़ में आवाज़ बुलंद करते हैं तो उनकी आवाज़ को पूरी तरह से बंद करने की कोशिश की जाती है।