सरकारी स्कूलों में आने वाले दिनों में स्थानीय बोली के साथ पढ़ाई होगी। नई शिक्षा नीति के तहत क्षेत्रीय भाषाओं और बोलियों में कक्षा एक से प्लस टू तक की पढ़ाई के लिए बहु-भाषीय शब्दकोश तैयार हो रहा है। बताया जाता है कि स्कूलों में बच्चों को तमाम विषयों की पढ़ाई मातृ भाषा में पढ़ाई जाए, ताकि वह समझ सके कि उसकी मातृ भाषा में संबंधित विषयों के शब्दों या संबंधित अवधारणा को क्या कहा जाता है। जल्द ही सभी स्कूल में स्थानीय बोली के साथ पढ़ाई शुरू हो जाएगी। छात्रों को मुख्य धारा में लाने पर है जोर: नई शिक्षा नीति का मुख्य उद्देश्य क्षेत्रीय बोलियों में पढ़ाते-समझाते छात्रों को मुख्य धारा में लाना है। ताकि उच्च शिक्षा में वह भाषा आधारित पिछड़ेपन का शिकार न हो। खासतौर पर उसका उच्चारण भी बेहतर करने पर जोर दिया जायेगा। इस संदर्भ में शिक्षा विभाग ने विशेष रूप से एससीइआरटी को दिशा निर्देश दिए है। इसके तहत स्थानीय बोलियों और भाषाओं का एक शब्दकोश तैयार किया जा रहा है। इस शब्दकोश में किसी विषय सामग्री को मातृ भाषा में उच्चारण वाले शब्द और उससे संबंधित अंग्रेजी-हिंदी के शब्द शामिल रहेंगे। साथ ही शब्दकोश के अलावा एक विशेष रिसोर्स मैटेरियल भी बनाया जा रहा है। यह सामग्री शिक्षकों को दी जाएगी। शिक्षकों को इसमें प्रशिक्षित किया जा रहा है। साथ ही इस तरह अंगिका, बज्जिका, भोजपुरी, मगही, मैथिली आदि क्षेत्रीय भाषाओं में मुख्य धारा के विषय पढ़ाने की कवायद आरम्भ की गई है।
मुख्य चौराहे पर शनिवार को दिल्ली वाली तेजस बस से जब्त 260 बोतल ब्रांडेड अंग्रेजी शराब मामले में छह लोगों पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। जिसमें बस के दो चालक दीपक कुमार व अजीत कुमार तथा उप चालक अभिनन्दन कुमार, शराब उपलब्ध कराने वाला बंटी कुमार सोनीपत हरियाणा व शराब का खेप प्राप्तकर्ता दरभंगा जिला का प्रताप कुमार तथा बस के स्वामी का नाम शामिल हैं। थानाध्यक्ष मनोज कुमार के बयान पर दर्ज प्राथमिकी में बताया है कि पटना मद्य निषेद विभाग द्वारा बस में शराब ले जाने की गुप्त सूचना मिली थी। सूचना सत्यापन के लिए चौक पर वाहन चेकिंग की गई। इस दौरान बस चालक के पिछे स्लिपर सीट पर सात बड़े बैग रखा हुआ था। जिसकी तलाशी ली गई तो बैग में छुपाकर रखे गये शराब की बोतलें बरामद हुई। उसके बाद तीनों को गिरफ्तार कर बस सहीत बरामद शराब व अन्य समानों को जब्त किया गया।
जिला के छह प्रखंडों में बढ़ रहे खसरा के प्रकोप की देखते हुए जिला स्वास्थ्य महकमा अलर्ट मोड में है। डीएम ने इसकी समीक्षा के लिए बैठक बुलाई। बैठक में सिविल सर्जन, डीआईओ, यूनिसेफ के डब्लूएचओ, डीपीएम सहित अन्य अधिकारी ने भाग लिया। समीक्षा के दौरान डीएम ने खसरा को लेकर टीकाकरण में तेजी लाने का निर्देश दिया। वहीं नियमित टीकाकरण को शत प्रतिशत पूरा करने का निर्देश दिया। प्रभावित इलाके में नौ माह से नौ वर्ष के बच्चे को अतिरिक्त खसरा का टीका दिया जाएगा। जिन्होंने टीका का दूसरा डोज ले लिया है, उन्हें भी टीका दिया जाएगा। साथ ही विटामिन ए की खुराक भी सभी बच्चों को दी जाएगी। बीमार बच्चों पर निगरानी रखने का निर्देश जिला के कई प्रखंडों में अचानक खसरा का प्रकोप बढ़ गया है। पहले तो इसे सर्दी, खांसी व बुखार समझ कर डॉक्टरों ने इलाज किया। मगर जब यह बीमारी एक दूसरे बच्चे में तेजी से फैलने लगी तो सूचना पर डब्ल्यूएचओ ने इसकी जांच के लिए सेम्पल पटना भेजा ोज। जब रिपोर्ट आया तो स्वास्थ्य महकमा के पैर के तले से जमीन खिसकने लगा। आनन फानन में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को अलर्ट किया गया। मिजिल्स का टीकाकरण तेज कर दिया गया है। बताते हैं कि 24 हज़ार टीका से वंचित बच्चों में 66 प्रतिशत का टीकाकरण कर लिया गया है। डीआईओ के अनुसार, इस महीने तक सबका टीकाकरण कर दिया जायेगा। कहते हैं विशेषज्ञ डॉक्टर स्किन विशेषज्ञ व फिजिसियन डॉ पंकज तिवारी बताते हैं कि खसरा की बीमारी कम इम्युनिटी वाले बच्चे में हो रही है। इसलिए बच्चे को मिजिल्स का टीका लगवाना चाहिए। जिस बच्चा का आंख लाल व सर्दी बुखार हो तो तुरंत डाक्टर से सम्पर्क करना चाहिए। यह वायरस है जो सम्पर्क में आने से दूसरे बच्चे को भी संक्रमित कर सकता है । इसलिए खसरा वाले बच्चे को अलग रखना होगा। नारियल के पानी पिलाने व चकता वाले सभी स्थान पर डालने से बहुत फायदा होता है। विटामिन ए की खुराक पिलाना जरूरी है। बीमारी में एंटीबायोटिक दवा का कई खास रोल नहीं है। बीमार बच्चे को तेज बुखार होने पर पारा सिटामोल की दवा उम्र के हिसाब से डाक्टर के परामर्श से देना है। पानी खूब पिलावें। भोजन में तरल पदार्थ दें।
चकिया थाना क्षेत्र में विगत दो फरवरी को छापेमारी के दौरान अहिरौलिया गांव के एक घर से बरामद1900 लीटर पेंट गाजियाबाद के मधुबन बापूधाम थाना क्षेत्र से चोरी हुई थी। इसको लेकर शनिवार को मधुबन बापूधाम थाना जिला गाजियाबाद पुलिस टीम चकिया थाने पहुंची। जिसमें एसआई प्रदीप शर्मा व हेड कांस्टेबल राजकरण सिंह शामिल थे।उनके पास न्यायालय द्वारा जारी आदेश भी था जिसमें स्थानीय पुलिस को जब्त पेंट गाजियाबाद पुलिस को सौंपने का आदेश दिया गया था। चकिया इंस्पेक्टर सह थानाध्यक्ष धनंजय कुमार ने बताया कि मधुबन बापूधाम थाना क्षेत्र में 12 जनवरी को इस पेंट की चोरी हुई थी।जिसको लेकर 14 जनवरी को मधुबन बापूधाम थाने में एक मामला दर्ज किया गया था। उन्होंने बताया कि अहिरौलिया निवासी अरविंद कुमार सिंह उर्फ टून्ना सिंह के घर से 2 फरवरी को उक्त पेंट बरामद किया गया था।पुलिस द्वारा की गई छापेमारी में तब अरविंद कुमार सिंह उर्फ टून्ना सिंह फरार होने में सफल रहा था।घर में मौजूद उसकी पत्नी ने अपने पति के द्वारा ही पेंट रखवाने की बात कही थी। पुलिस ने टून्ना सिंह के घर में पेंट रखवाने वाले पप्पू कुमार को उस समय शहर के मधुबन रोड से गिरफ्तार किया था।गिरफ्तार पप्पू की निशानदेही पर पुलिस भुवन छपरा निवासी बाबुल कुमार को भी गिरफ्तार करने में सफल हुई थी।
कचहरी चौक स्थित उप डाकघर में अटल स्मृति उद्यान व होलीडे होम बनेगा। डाक विभाग के अधिकारियों की टीम ने स्थल निरीक्षण किया। इसकी तैयारी शुरु कर दी गयी है।14 फरवरी को उतरी क्षेत्र मुजफ्फरपुर के पीएमजी परिमल कुमार सिन्हा ने अटल स्मृति उद्यान व होलीडे होम के लिए स्थान चिन्हित किया । स्थान चिन्हित के बाद संबंधित अधिकारियों को दिशा निर्देश दिया। पीएमजी के निर्देश पर 23 फरवरी को पटना से डाक विभाग के कार्यपालक अभियंता व उनकी टीम ने स्थल निरीक्षण कर अटल स्मृति उद्यान व होलीडेहोम के निर्माण के लिए आवश्यक कार्रवाई शुरू की है। स्थानीय सांसद व पूर्व केन्द्रीय कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह ने बताया कि उनकी पहल पर भारत सरकार के डाक विभाग ने संज्ञान लिया और मोतिहारी कोर्ट उप डाकघर परिसर में अटल स्मृति उद्यान व होलीडेहोम का निर्माण करने की कवायद शुरू की है। सांसद का कहना है कि अटल बिहारी वाजपेयी का चंपारण से गहरा नाता रहा है। भारतीय डाक विभाग के पास मोतिहारी में कोई भी होलीडेहोम नहीं है। ऐसी स्थिति में होलीडेहोम के निर्माण से चंपारण के ऐतिहासिक धरती के दर्शनार्थ आने वाले आगंतुकों को होलीडेहोम से काफी सुविधा मिलेगी । क्या है होलीडे होम होलीडे होम का मतलब अवकाश गृह होता है। अतिथि गृह के रुप में भी इसे जाना जा सकता है। डाक विभाग का सेंट्रल होलीडे होम होगा। केन्द्र सरकार के कार्यरत या रिटायर कर्मचारी, एमपी, रक्षा विभाग आदि पदाधिकारी या कर्मचारी अपने मित्र या परिवार के साथ छुटियां बीता सकते हैं। रहती है सुविधाएं होलीडे होम में सस्ते दर पर काफी सुविधाएं रहती है। जहां होलीडे होम रहता है उसका लोकेशन प्राइम होता है। पार्किंग, कनेक्टिविटी मेन रोड से व आपेन स्पेश रहेगा। तीन तरह के कमरे रहते हैं।
मोतिहारी जमीन रजिस्ट्री में राजस्व चोरी पर शिकंजा कसने की कवायद शुरू कर दी गयी है। जमीन रजिस्ट्री में कैटगरी छिपा राजस्व की चोरी करना महंगा पड़ेगा। सरकार के निर्देश के मुतलिक अब जमीन रजिस्ट्री के बाद धरातलीय रुप में जांच होगी। जांच में गड़बड़ी मिलने पर संबंधित के विरूद्ध धारा 47 के तहत कार्रवाई शुरू होगी। इस अधिनियम के तहत चोरी की गयी राजस्व की वसूली के साथ दंडात्मक कार्रवाई का प्रावधान किया गया है। विगत 22 फरवरी से यह नियम जिला अवर निबंधन कार्यालय सहित सभी आठ निबंधन कार्यालयों में लागू कर दिया गया है। 31 मार्च तक इस पैटर्न पर शहरी व पेरीफेरल क्षेत्र की जमीन रजिस्ट्री के बाद उसकी जांच की जाएगी। जमीन रजिस्ट्री के बाद कार्यालय कर्मी जाएंगे जांच मेंजमीन की रजिस्ट्री के बाद निबंधन कार्यालय के कर्मियों को इसकी जांच का जिम्मा सौंपा गया है। इसमें कार्यालय के ऑपरेटर भी शामिल हैं। जमीन रजिस्ट्री कराने के बाद उस स्थल पर कर्मी जाकर जमीन की कैटगरी की जांच करेंगे। इसमें जमीन के प्रकार में दो फसला,विकासशील,आवासीय या व्यवसायिक कैटगरी में है,इसकी जांच करेंगे। इसके अलावा जमीन का खाता,खेसरा व रकबा की जांच की जाएगी। कर्मी जांच में देखेंगे कि दस्तावेज में जो तथ्य अंकित है वह सही है या इसमें किसी प्रकार की हेराफेरी की गयी है। इसको लेकर कर्मियों को भी हिदायत दी गयी है कि जांच में किसी तरह की कोताही बरतने पर उनके विरूद्ध भी कार्रवाई होगी।
विश्व खाद्य कार्यक्रम (डब्ल्यूएफपी) द्वारा चलाये जा रहे चावल की गुणवत्ता बढ़ाने के उद्देश्य से डॉ. राधाकृष्णन भवन सभागार में जिले के पंजीकृत राइस मिलरों को प्रशिक्षण दिया गया। अध्यक्षता डीडीसी समीर सौरभ ने की। विश्व खाद्य कार्यक्रम के सीनियर प्रोग्राम एसोसिएट वृन्दा किराड़ू द्वारा राइस मिलर्स को फोर्टीफाइड चावल के बारे में विस्तृत जानकारी दी गयी। उन्होंने कहा कि सामान्य चावल में ही फोलिक एसिड,आयरन,विटामिन बी 12,मिलाकर चावल की गुणवत्ता में वृद्धि की जाती है। इस गुणवत्तापुर्ण चावल से हम एनीमिया बीमारी को दूर कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि बिहार राज्य के लगभग 63 प्रतिशत महिलायें व बच्चे एनीमिया बीमारी से ग्रसित हैं। कहा कि राइस फोर्टिफिकेशन कार्यक्रम का उद्देश्य एनीमिया को पूरी तरह से दूर भगाने का है। उन्होेंने फोर्टिफाइड चावल की गुणवत्ता को नियंत्रण करने ,पैकेजिंग व फोर्टीफिकेशन के बारे में विस्तृत जानकारी दी। मौके पर राज्य खाद्य निगम के जिला प्रबंधक जितेंद्र श्रीवास्तव आदि थे।
मनरेगा को एक वित्तीय वर्ष में कम से कम सौ दिनों की गारंटीकृत मजदूरी रोजगार प्रदान करके ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका सुरक्षा को बढ़ाने के उद्देश्य से शुरू किया गया था। परंतु पण्डितपुर पंचायत जनता के उद्देश्यों को पूरा करने में विफल रहा। यहां वित्तीय वर्ष 22-23 में मात्र 17.66 लाख का काम हुआ। जिससे महात्मा गांधी के नाम का यह योजना पंचायत का विकास तो दूर गरीबों को सामान्य रोजगार मुहैया कराने में भी विफल रहा। पीओ प्रकाश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि प्रखण्ड में वित्तीय वर्ष 22-33 में मनरेगा योजना के तहत कुल 380.85 लाख का काम हुआ। जिसमें वीरछपरा में 63.46, दक्षिणी देकहा में 76.15, पण्डितपुर में 17.66, सलेमपुर में 34.12, सूर्यपुर में 142.36 व टिकैता गोबिंदापुर 23.08 लाख जनहित का कार्य किया गया। जिसमें पंचायत समिति द्वारा 21.33 लाख का काम हुआ। जिसमें सूर्यपुर पंचायत 142.36 लाख के कार्य का क्रियान्वयन कर सबसे आगे है। वहीं पण्डितपुर पंचायत में इस महत्वाकांक्षी योजना विफल रहा। बताया कि प्रखण्ड के 575 लाभार्थियों को आवास योजना में मनरेगा से लाभान्वित किया गया है। मनरेगा से पंचायतों की सड़कों, नहरों, तालाबों, कुओं का निर्माण कर पंचायत के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। निवास के 5 किमी के भीतर रोजगार उपलब्ध कर न्यूनतम मजदूरी का भुगतान किया जाता है। जिससे मजदूरों का पलायन रुक सके। परंतु चुने हुए प्रतिनिधि द्वारा इस दायित्व का निर्वहन नहीं करने से महात्मा गांधी का सपना साकार होते नही दिख रहा।
वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के जंगल के दोनवर्ती गांवों समेत थारू आदिवासियों को अब खाट व बैलगाड़ी एंबुलेंस से मुक्ति मिलेगी। गंभीर रूप से बीमारों को समय पर अस्पताल पहुंचाया जाएगा। इससे उनकी जान बचेगी। इसके लिए वीटीआर प्रशासन विशेष रूप से तैयार दो हाईटेक एंबुलेंस खरीद रहा है। यह एंबुलेंस पथरीले व कच्चे रास्ते पर भी आसानी से चलकर मरीजों को अस्पताल पहुंचाएगी। फरवरी में दोनों एंबुलेंस आदिवासियों के लिए उपलब्ध हो जाएंगे। ऐसा होने पर पहली बार दोनवर्ती क्षेत्र में एंबुलेंस सेवा आदिवासियों को मिलने लगेगी। वन प्रमंडल-1 व दो के दोनवर्ती गांवों से सटे वनक्षेत्रों में यह एंबुलेंस सेवा देगी। वन प्रमंडल-1 व दो के नौरंगिया दोन, गर्दी दोन, बनकटवा दोन, गोबरहिया दोन, पिपरा दोन आदि गांवों के लोगों में इससे खुशी की लहर है। वन प्रमंडल-1 के डीएफओ प्रदुम्न गौरव ने बताया कि विशेष रूप से तैयार दो हाईटेक एंबुलेंस का ऑर्डर दिया जा चुका है। फरवरी में दोनों एंबुलेंस दोन क्षेत्र के लोगों को सौंप दी जाएगी। फिलहाल इस पर शुल्क लगेगा या नहीं यह तय नहीं हुआ है। यदि शुल्क लगाया भी जाएगा तो वह सबके पहुंच में होगा।
वाहनों के परमिट की वैधता समाप्त होने के 180 दिनों के अंदर उसका नवीकरण कराना अनिवार्य होगा। अगर, कोई वाहन मालिक छह माह बाद नवीकरण के लिए आवेदन करते हैं तो उसपर विचार नहीं किया जाएगा। वैधता समाप्ति के 180 दिनों के बाद परमिट स्वत रद्द माना जाएगा। राज्य परिवहन प्राधिकार ने यह निर्णय लिया है, जिसको लेकर सभी जिला परिवहन पदाधिकारियों को निर्देश जारी किया गया है। आदेश में यह भी साफ किया गया है कि रद्द परमिटों के परमिटधारी द्वारा परमिट जारी करने वाले प्राधिकार के समक्ष मूल परमिट को अनिवार्य रूप से समर्पित किया जाएगा। यदि परमिटधारी द्वारा ऐसे परमिट का समर्पण नहीं किया जाता है तो उनके नाम से निबंधित सभी वाहनों को अंतरराज्जीय/अंतरक्षेत्रीय मार्गों पर परमिट की स्वीकृति के लिए ब्लैक लिस्ट कर दिया जाएगा, ताकि ऐसे परमिटधारियों के पक्ष में भविष्य में किसी भी प्राधिकार से परमिट जारी नहीं हो सके। परमिट नवीकरण कराये बिना बसों के परिचालन की मिल रही थी शिकायत, जिससे राजस्व का भी नुकसान हो रहा था। इसको देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। इस संबंध में जारी आदेश में यह भी कहा गया है कि प्राधिकारी से अंतरराज्जीय/अंतरक्षेत्रीय मार्गों पर निर्गत परमिट की वैधता समाप्त होने की तिथि से 180 दिनों तक बिहार मोटरगाड़ी नियमावली 1992 के नियम 82 में तय प्रावधान के तहत विलंब शुल्क के साथ नवीकरण के लिए आवेदन मान्य होंगे। राज्य परिवहन प्राधिकार के द्वारा अंतरराज्जीय/अंतरक्षेत्रीय मार्गों पर पांच वर्षों के लिए परमिट जारी किया जाता है। परमिट की अवधि समाप्त होने के बाद आवेदनों पर विचार करते हुए प्राधिकार के द्वारा पांच वर्षों के लिए परमिट का नवीकरण किया जाता है।
