एक तरफ जहां जमुई जिले भर में किसान सुखाड़ का दंश झेल रहे हैं तो वहीं दूसरी तरफ सरकार द्वारा दी जाने वाली आपदा सहायता राशि अब तक नहीं मिलने से किसान परेशान हैं खबर सुनने के लिए ऑडियो क्लिक करें

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राज्य के 11 जिलों के 96 प्रखंडों के 937 पंचायतों के 7841 गांव सूखाग्रस्त घोषित कर दिये गये हैं। इन क्षेत्रों में 30 प्रतिशत से अधिक की बारिश में कमी और 70 प्रतिशत के कम क्षेत्र में फसल लगे हैं। कौन-कौन से जिलों को सूखाग्रस्त घोषित किया गया है उसकी सूची जानने के लिए ऑडियो पर क्लिक करें !

सिमुलतल्ला क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले पंचायतों में अच्छी वर्षा नहीं होने से किसानों को खेती में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। हालात ऐसे हैं कि गाँव के लोगों को अपने परिवार के भरण-पोषण के लिए दिल्ली,हरियाणा,पंजाब ,गुजरात इत्यादि राज्यों में पलायन करना पड़ रहा है । दूसरे शहरों में इन मजदूरों के लिए सरकार के तरफ से कोई सुविधा प्रदान नही की जाती,फिर भी ये मेहनती लोग कष्ट सह कर अपने परिवार के लिए मेहनत करते हैं। विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।

सीएम नीतीश कुमार सूखा ग्रस्त प्रभावित इलाके को देखने के लिए सड़क मार्ग से जमुई एवं लखीसराय पहुंचे विस्तार पूर्वक खबर सुनने के लिए ऑडियो क्लिक करें

गिद्धौर प्रखंड क्षेत्र में इस बार मॉनसून में सामान्य से काफी कम बारिश हुई है। खेतों में पानी के बिना धान की बुवाई पिछड़ रही है। अगर यही हालत रही तो धान का उत्पादन काफी कम हो जाएगा। मॉनसून की बेरुखी से किसान परेशान हैं। वो बादल की तरफ देखकर बारिश का इंतजार कर रहे हैं। बारिश न होने की वजह से खरीफ फसलों की बुवाई बुरी तरह से प्रभावित हो गई है। बारिश का इतना कम होना किसानों की चिंता का सबब बन गया है। किसान बिचड़ा तैयार कर बुवाई का इंतजार कर रहे हैं। ज्यादातर खरीफ फसलों की बुवाई के लिए खेत में नमी की जरूरत होती है। बारिश न होने की वजह से खेत में पानी का अभाव है। इस वजह से धान बुवाई में काफी देर हो रही है। प्रखंड क्षेत्र में अभी तक मॉनसून की बारिश किसानों पर मेहरबान नहीं हो रही है। जिसके चलते किसान धान की बुवाई नहीं कर पा रहे हैं। यहां खरीफ की फसल में मुख्य तौर पर धान की खेती होती है।पूरी जानकारी के लिए लिंक को अभी क्लिक करें।

किसानों को मिलेगी डीज़ल सब्सिडी का पैसा, जानें कब से लिया जाएगा आवेदन विस्तृत जानकारी के लिए ऑडियो पर क्लिक करें और पूरी खबर सुनें

बीते दिनों से जमुई जिले भर में बारिश नहीं होने से जिले के सबसे बड़े जलाशय गरही डैम में सूखने की कगार पर पहुंच गया है। खबर सुनने के लिए ऑडियो क्लिक करें

बिहार में सूखे जैसे हालात

बिहार राज्य के जमुई जिला के गिद्धौर प्रखंड से मोबाइल वाणी संवाददाता रंजन कुमार ने जानकारी दी कि बारिश नहीं होने से धान का रोपा नहीं हो रहा है और किसान हाथ रगड़ कर घरों में बैठा है उन्हें यह चिंता सता रहा है कि अगर धानका पैदा नहीं हुआ तो हमारे बच्चों का पालन पोषण कैसे होगा अगर धान का रोपा नहीं हुआ तो किसानों को घर छोड़कर पलायन करना पड़ सकता है। विस्तृत जानकारी के लिए ऑडियो पर क्लिक करें।