फरीदाबाद से मंजू ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि ये जब ईएसआई जाती हैं तो वहां लम्बी लाइन में खड़े होना पड़ता है। अल्ट्रासाउंड की डेट लम्बी दी जाती है और दवाइयां भी समय से नही मिलती है।

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मानेसर से रोहित श्रमिक वाणी के माध्यम से जानना चाहते हैं कि इन्होने ईएसआई से बाहर तीन हज़ार का ईलाज करवाने पर क्या ये पैसा वापस पैसा मिल सकता है ?

- इन प्रश्नों के उत्तर जानने के लिए ऑडियो पर क्लिक करें। - यूडीआईडी कार्ड कैसे बनता है ? - पेन कार्ड बनवाने में कौन से कागजात लगते हैं ?

नमस्कार/ आदाब दोस्तों, मानवाधिकार अपने आप में एक विस्तृत शब्द है। मानवाधिकार में मानव समुदाय को मिलने वाले हर तरह के अधिकार समाहित है। यह अधिकार हर इंसान को विरासत में मिलते हैं, चाहे वह किसी भी जाति, धर्म, लिंग या भाषा से संबंधित हो। मानवाधिकार यह सुनिश्चित करने के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं कि सभी मनुष्यों के साथ समान व्यवहार किया जाए।लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण हमें समय समय पर मानव अधिकारों का उल्लंघन देखने को मिलता है। मानव अधिकारों का उल्लंघन के खिलाफ एक जुट होकर आवाज बुलंद करने एवं मानव अधिकारों को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से 10 दिसम्बर 1948 में संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा मानवाधिकारों की सार्वभौमिक घोषणा अंगीकार की गई और 10 दिसम्बर 1950 को पहली बार मानवाधिकार दिवस मनाई गई. तब से लेकर हर वर्ष 10 दिसम्बर को यह दिवस मनाया जाता है। हर वर्ष मानवाधिकार दिवस के लिए एक विशेष थीम निर्धारित की जाती है और इस वर्ष यानि 2024 का थीम है 'हमारे अधिकार, हमारा भविष्य, अभी'. इसका मतलब है कि हमें अपने दैनिक जीवन में मानवाधिकारों के महत्व को स्वीकार करना चाहिए. तो साथियों, आइये हम सब अपने अधिकारों को पहचानें और एक जूट होकर अपने अधिकारों की रक्षा करें। आप सभी श्रोताओं को मोबाइल वाणी परिवार के ओर से मानवाधिकार दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं !!

हरियाणा राज्य के फरीदाबाद के इंद्रा कॉलोनी से रागनी मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रही है कि जब वो अल्ट्रासाउंड के लिए ईएसआईसी के अस्पताल जाती है,तो उन्हें बार बार अगली तारीख दी जाती है। जिसके वजह से उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है और कंपनी से छुट्टी लेनी पड़ती है।

इंद्रा कॉलनी से रानी ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि ईएसआई वाले बार - बार बुलाते हैं और इसके लिए कंपनी से छुट्टी लेनी पड़ती है और सैलरी से पैसे कट जाते हैं। रिफंड भी नही मिलता है

फरीदाबाद के इंदिरा कॉलनी से करुणा ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि ये ईएसआई में दवा लेने के लिए जाती हैं तो 12 बजे से मिलना शुरू होता है। इसके लिए कंपनी से छुट्टी लेनी पड़ती है। छुट्टी लेने से पैसे कट जाते हैं।

इंद्रा कॉलनी से अनीता ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि ये जब ईएसआई दवा लेने जाती हैं तो बार - बार आगे का दिन देते हैं।

इंद्रा कॉलनी से रुखसाना ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि ईएसआई वाले दवा के लिए बार - बार बुलाते हैं और समय से दवा नही देते हैं। ऐसे में कंपनी से छुट्टी करनी पड़ती है और छुट्टी के पैसे सैलरी में नही मिलती है