उत्तरप्रदेश राज्य के इटावा ज़िला से नौमान ,साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि इन्होने दिनांक 20 अप्रैल 2022 को साझा मंच में एक ख़बर प्रसारित कर बताया था कि इटावा के भरथना प्रखंड के ग्राम शालिमपुर में ग्रामीणों को पानी की समस्या हो रही है। दस हैंडपंप ख़राब पड़े है और पानी के प्राकृतिक स्त्रोत भी सूख चुके है। ख़बर प्रसारित करने के बाद इसे व्हाट्सप्प ,फेसबुक व नंबर पाँच दबाकर संबंधित विभागीय अधिकारियों एवं डीएम के साथ साझा किया गया। जिसका असर यह हुआ कि दस हैंडपंप की मरम्मति करवा दी गई है। ग्रामीणों की पानी की समस्या दूर हो गई है।
उत्तरप्रदेश राज्य के इटावा ज़िला से नौमान ,साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से बताते है कि इटावा के ग्राम नगला झंडे में दो चापानल ख़राब पड़े है। तालाब ,पोखर व कुआँ आदि पानी का स्रोत ख़त्म हो चुके है। पानी का जल स्तर भी घटता जा रहा है।ग्रामीण पानी को लेकर बहुत परेशान है।
उत्तरप्रदेश राज्य के इटावा ज़िला से नौमान ,साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि इन्होने दिनांक 19 अप्रैल 2022 को साझा मंच में एक ख़बर प्रसारित कर बताया था कि इटावा के ग्राम रतनपुरा में ग्रामीणों को पानी की समस्या हो रही है। चार हैंडपंप ख़राब पड़े है और पानी के प्राकृतिक स्त्रोत भी सूख चुके है। ख़बर प्रसारित करने के बाद इसे व्हाट्सप्प ,फेसबुक व नंबर पाँच दबाकर सम्बंधित विभागीय अधिकारियों एवं डीएम के साथ साझा किया गया। जिसका असर यह हुआ कि चारों हैंडपंप की मरम्मति करवा दी गई है। ग्रामीणों की पानी की समस्या दूर हो गई है।
उत्तरप्रदेश राज्य के इटावा ज़िला से नौमान ,साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि इन्होंने दिनांक 20 अप्रैल 2022 को साझा मंच में एक ख़बर प्रसारित कर बताया था कि इटावा के ग्राम महेवा में ग्रामीणों को पानी की समस्या हो रही है। तीन हैंडपंप ख़राब पड़े है और पानी के प्राकृतिक स्त्रोत भी सूख चुके है। ख़बर प्रसारित करने के बाद इसे व्हाट्सप्प ,फेसबुक व नंबर पाँच दबाकर सम्बंधित विभागीय अधिकारियों एवं डीएम के साथ साझा किया गया। जिसका असर यह हुआ कि तीन हैंडपंप की मरम्मति करवा दी गई है। ग्रामीणों की पानी की समस्या दूर हो गई है।
उत्तरप्रदेश राज्य के इटावा ज़िला से नौमान ,साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से बताते है कि इटावा के सतरावा ग्राम में दो चापानल ख़राब पड़े है। तालाब ,पोखर व कुआँ आदि पानी का स्रोत ख़त्म हो चुके है। पानी का जल स्तर भी घटता जा रहा है।ग्रामीण पानी को लेकर बहुत परेशान है
उत्तरप्रदेश राज्य के इटावा ज़िला से नौमान ,साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि इन्होंने दिनांक 20 अप्रैल 2022 को साझा मंच में एक ख़बर प्रसारित कर बताया था कि इटावा के बसरेहर प्रखंड के ग्राम हिबरा के ग्रामीण पानी की समस्या से जूझ रहे थे। बारह हैंडपंप ख़राब पड़े है और पानी के प्राकृतिक स्रोत भी सूख चुके है।ग्रामीण दूसरे गाँव जाकर पानी लाते है। ख़बर प्रसारित करने के बाद इसे व्हाट्सप्प ,फेसबुक व नंबर पाँच दबाकर संबंधित विभागीय अधिकारियों एवं डीएम के साथ साझा किया गया। जिसका असर यह हुआ कि बारह हैंडपंप की मरम्मती करवा दी गई है। ग्रामीणों की पानी की समस्या दूर हो गई है।
उत्तर प्रदेश राज्य के ज़िला इटावा से नौमान साझा मंच के माध्यम से बता रह है कि उन्होंने दिनांक 20-04-2022 को एक खबर प्रसारित किया था। खबर में बताया गया था कि इटावा के भरतिया कोठी में दो हैंडपंप ख़राब पड़े है। कुआँ ,तालाब इत्यादि जो भी पानी के स्रोत थे , वो ख़त्म हो चुके है। भवनों का निर्माण करवाया जा रहा है ,पानी का स्तर घट चुका है और लोगों को पानी की किल्लत हो रही है। इस खबर को हमारे सामुदायिक संवाददाता नौमान ने साझा मंच पर प्रसारित किया साथ ही व्हट्सएप तथा फेसबुक के माध्यम से संबंधित विभागीय अधिकारी और डीएम को खबर से रूबरू कराया गया। जिसके बाद हैंडपम्प की मरम्मत करवा दिया गया है जिससे लोग बहुत खुश हैं तथा साझा मंच मोबाइल वाणी को धन्यवाद कर रहे हैं।
उत्तर प्रदेश राज्य के इटावा से नौमान साझा मंच के माध्यम से कह रहें हैं की इटावा के महिरा चुंगी में 6 हैंड पम्प ख़राब होने के कारण लोग परेशान हो रहें हैं तथा यहां पानी के लिए दूसरे श्रोत भी नहीं हैं
उत्तर प्रदेश राज्य के इटावा से नौमान साझा मंच के माध्यम से कह रहें हैं की, इटावा के गुलाबपुर में चार हैंड पम्प खराब हैं जिस कारण लोगों को पानी की समस्या का सामना करना पड़ रहा है. लोगों को पानी भरने के लिए दूर दूर जाना पड़ता है तथा यहां का जल अस्तर भी कम होता जा रहा है.
उत्तर प्रदेश राज्य के इटावा से नौमान अब्बासी साझा मंच के माध्यम से कह रहें हैं की इटावा के भरथना ब्लॉक के अंतर्गर ग्राम सालिमपुर में ग्रामीण पानी की समस्या हैं इस गांव में दस हैंड पम्प हैं जो की खराब हो चुके हैं तथा जल स्रोत जैसे पोखर तालाब आदि सुख चुके हैं और उन पर भवन का निर्माण हो रहा है. पानी के लिए ग्रामीणों को काफी समस्या हो रही है.
