दिल्ली के गुरुग्राम रोड से नन्द किशोर की बातचीत साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से दिहाड़ी श्रमिक अजय से हुई। अजय बताते है कि वो निर्माण क्षेत्र में दिहाड़ी का कार्य करर्ते है। उनके पास ईंट पत्थर ,खुदाई ,मिट्टी आदि का काम आता है। यह काम कई वर्षो से काम कर रहे है। अभी काम की स्थिति बहुत ख़राब है। यहीं काम गाँव में कम मिलता है,इसलिए दिल्ली चले आये। यह काम के लिए 400 रूपए दिहाड़ी है कभी कभार घटा कर भी दिया जाता है। मज़बूरन भय से वो कम पैसे ही लेकर चले जाते है। कार्यक्षेत्र में खतरे वाले काम में सुरक्षा के उपकरण नहीं मिलता है। कंपनी में डॉक्टर एम्बुलेंस की सुविधा भी नहीं मिलता है। इनके साथ परिवार भी काम करते है तभी ही गुज़ारा हो पाता है। यह काम परमानेंट नहीं मिलता है। आज तक सरकार से सहायता नहीं मिली। इन्होने ई श्रम कार्ड बनवाये जिसके इन्होने 250 रूपए दिए
