उत्तरप्रदेश राज्य के कौशाम्बी ज़िला से ओम प्रकाश ,मोबाइल वाणी के माध्यम से बताते है कि प्राइमरी स्कूलों में अच्छे से पढ़ाई नहीं होती है। शिक्षा यूँही बैठे रहते है। खाना भी अच्छा नहीं मिलता है। शिक्षकों पर कड़ी कार्यवाई होनी चाहिए

मध्याह्न भोजन की समीक्षा में लापरवाही बरतनेवाले राज्य के 1111 प्रखंड साधनसेवी (बीआरसी) का वेतन अगले आदेश तक के लिए रोक दिया गया है। मध्याह्न भोजन योजना निदेशालय ने शुक्रवार यह कार्रवाई की। साथ ही इनके तीन दिन के वेतन की भी कटौती हो सकती है। एक से दस अप्रैल तक निरीक्षण के क्रम में इन प्रखंड साधनसेवी के कामकाज में खामी पाए जाने के बाद यह कार्रवाई हुई है। इन प्रखंड साधनसेवी से स्पष्टीकरण मांगा गया है। तीन दिनों के अंदर इन्हें जवाब देना है। सबसे अधिक सीवान जिले के 148 प्रखंड साधन सेवी पर कार्रवाई हुई है। वहीं मधुबनी के 69, लखीसराय के 64 और पटना जिला के 40 प्रखंड साधनसेवी पर गाज गिरी है।

मध्यप्रदेश राज्य के शिवपुरी जिला के खनियाधाना प्रखंड से मोबाइल वाणी संवाददाता श्यामलाल लोधी जानकारी दे रहे हैं की शिक्षक समय पर स्कूल खोलते हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि कोई अधिकारी आ सकता है। लेकिन प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक बारह बजे स्कूल आए और स्कूल आकर दो बजे यहाँ से चले गए। उसका नाम बालकृष्ण लोधी टीचर बताया जा रहा है। इसके साथ ही कई महीनों से यहाँ मध्याह्न भोजन भी नहीं बन रहा है

उत्तरप्रदेश राज्य के कौशाम्बी ज़िला से ओम प्रकाश ,मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि इनके गाँव के प्राइमरी स्कूल में पढ़ाई अच्छे से नहीं होती है। खाना भी सही से नहीं बनाया जाता है। शिकायत करने पर रसोइयों पर कोई कार्यवाई नहीं की जाती है

सिसवन सीवान। सिसवन प्रखंड के माधोपुर स्थित राजकीय मध्य विद्यालय के शिक्षक पर ग्रामीणों द्वारा अनियमितता का आरोप लगाते हुए स्कूल में हंगामा शुरू कर दिया गया। ग्रामीणों का आरोप था कि स्कूल के शिक्षक न समय पर आते हैं न सही ढंग से बच्चों पढ़ते हैं।स्कूल में बच्चों को खाने वाला मध्यान भोजन भी नियमित नहीं बनता है। इस संबंध में ग्रामीण पूर्व मुखिया गुप्तेश्वर प्रसाद, मुखिया पति धर्मनाथ शाह, शिवनारायण शाह तथा स्कूल की सचिव नीलम देवी सहित दर्जनों लोगों स्कूल में पहुंचकर शिक्षकों के इस रवैया पर नाराजगी जताई।सचिव नीलम देवी ने आरोप लगाया कि स्कूल के प्रभारी प्रधानाध्यापक राजेश कुमार सिंह द्वारा सादे चेक पर साइन कर लिया जाता है और उन्हें बताया भी नहीं जाता चेक से निकासी की गई राशि किस मद में खर्च किया जा रहा है। वही सिसवन प्रखंड के सोशल मीडिया ग्रुप में स्कूल के प्रभारी प्रधानाध्यापक का एक वीडियो भी वायरल हो रहा है जिसमें मध्यान भोजन न बनने की बातें भी कहीं जा रही है। इस संबंध में जब प्रभारी प्रधानाध्यापक राजेश कुमार सिंह व सहायक शिक्षक संदीप कुमार तिवारी से सवाल किया गया तो उन्होंने सारे आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए निराधार बताया। सिसवन प्रखंड विकास पदाधिकारी राजेश कुमार ने कहा कि मामला संज्ञान में है तथा प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी को जांच कर प्रतिवेदन देने को लेकर कहा गया है।

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