हाँ शाहिद मैं गुजरात अहमदाबाद से बोल रहा हूँ। मुझे गुजरात के एजुकेशन बोर्ड के बारे में और उसके तारिक के बारे में जानकारी चाहिए ?

उत्तरप्रदेश राज्य के कौशाम्बी ज़िला से ओम प्रकाश ,मोबाइल वाणी के माध्यम से बताते है कि प्राइमरी स्कूलों में अच्छे से पढ़ाई नहीं होती है। शिक्षा यूँही बैठे रहते है। खाना भी अच्छा नहीं मिलता है। शिक्षकों पर कड़ी कार्यवाई होनी चाहिए

बिहार में शिक्षा विभाग ने गर्मी की छुट्टी का एलान भले ही एक महीने के लिए कर दिया है लेकिन उस दरम्यान शिक्षकों और छात्रों को स्कूल आना ही पड़ेगा। इसे लेकर भी योजना तैयार किया गया है। गर्मी की छुट्टी में विशेष कक्षा आयोजित की जाएगी। विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।

बिहार राज्य के शिवहर जिला से मधु ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि इनकी चार साल की बेटी है। जिसे पढ़ाने के लिए इनको बहुत मेहनत करनी पड़ती है। जब भी बेटी को ये पढ़ने के लिए कहती हैं,वो तरह-तरह का बहाना बनाने लगती है। कभी कहती है पेट में दर्द है ,कभी कहती है भूख लगी है, इत्यादि। फिर खुद मधु को अपनी बेटी के सामने किताब ले कर पढ़ना पड़ता है। माँ को पढ़ता देखकर बेटी को भी पढ़ने की इच्छा होती है और फिर वो पढ़ने के लिए तैयार होती है।

बिहार राज्य से अंजलि ने मोबाईल वाणी के माध्यम से 'बचपन बनाओ बढ़ते जाओ' कार्यक्रम के तहत चल रही प्रतियोगिता 'चलो पढ़ें और पढ़ाएं' के लिए अपने कुछ अनुभव को साझा किया। इनके बच्चे किताब पढ़ने के लिए जल्दी तैयार नहीं होते हैं। तो ये एक अच्छी कविता,गाना या कहानी के द्वारा बच्चे को पढ़ने के लिए प्रोत्साहित करती हैं। क्योंकि बच्चों को रंगीन चित्रों में बहुत रुचि होती है, इसलिए ये उन्हें ऐसी किताबें पढ़ाना शुरू करती हैं ,जिससे उन्हें पढ़ने में मन लगता है ।

सभी छात्र एवं छात्राएं जो 2024 में इंटर में एडमिशन करवाना चाहते हैं तो जल्द से जल्द करवा ले

बिहार राज्य के कैमूर ज़िला से सीताराम ,मोबाइल वाणी के माध्यम से बताते है कि हर जगह एकल अभियान चलाया जा रहा है। यह एक अच्छा अभियान है कि गरीब बच्चे अच्छे से पढ़ पाए।

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झारखण्ड राज्य के रांची से सुशांत पाठक मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे हैं की एनसीईआरटी ने किताब में तीन जगह बदलाव का फैसला लिया है, जहां पर 6 दिसंबर 1992 को बाबरी ढांचे के विध्वंस का जिक्र किया गया था। इसकी बजाय राम मंदिर आंदोलन को विस्तार से पढ़ाया जाएगा 12वीं क्लास के बच्चे अब राजनीति शास्त्र की किताबों में बाबरी ढांचे के विध्वंस को नहीं पढ़ेंगे। एनसीईआरटी ने किताब में तीन जगह बदलाव का फैसला लिया है. जहां पर 6 दिसंबर 1992 को बाबरी ढांचे के विध्वंस का जिक्र था। वहां राम मंदिर आंदोलन को विस्तार से पढ़ाया जाएगा इसके अलावा किन आधारों पर सुप्रीम कोर्ट ने राम मंदिर को लेकर फैसला दिया यह भी पढ़ाया जाएगा। अगले महीने यानी मई से जो नई किताब आएगी, उसमें यह बदलाव दिखेंगे। एनसीईआरटी ने 2024 - 25 के लिए ये बदलाव किए हैं। सीबीएसई बोर्ड को इसकी जानकारी दी गई है। केंद्र सरकार को स्कूली शिक्षा पर सलाह देने वाली और सिलेबस तैयार करने वाली संस्था एनसीईआरटी समय-समय पर किताबों में बदलाव भी करती रहती है। हर साल करीब 4 करोड़ छात्र एनसीईआरटी की स्कूल की किताबें पढ़ते हैं। एनसीईआरटी ने चैप्टर 8 में यह बदलाव किया है, जिसका शीर्षक है भारत में आजादी के बाद राजनीति। राजनीति शास्त्र की किताबों में इस चैप्टर को 2006 - 07 से शामिल किया गया है। इसमें भारत के राजनीति की उन 5 अहम घटनाओं का जिक्र किया गया है, जो आजादी के बाद घटित हुई। इनमें से एक अयोध्या आंदोलन होगा। इसके अलावा जिन 4 अन्य घटनाओं का जिक्र किया गया है, उनमें 1989 में हार के बाद से कांग्रेस का पतन। 1990 में मंडल आयोग का लागू होना। 1991 में आर्थिक सुधारो की शुरुआत होना और उसी साल राजीव गांधी की हत्या होना। इन 5 अहम घटनाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला गया है। इसके अलावा अलग-अलग सरकारों के मुख्य कामों का भी जिक्र है। अब तक अयोध्या का जिक्र जिन तीन पन्नों में था, जिनमें 1986 में ताला खुलने और बाबरी ढांचे के ध्वंस का जिक्र था। इसके अलावा 6 दिसंबर 1992 की घटना के बाद भाजपा शासित राज्यों में राष्ट्रपति शासन लगने और सांप्रदायिक हिंसा की घटनाओं का जिक्र किया गया था। इस चैप्टर में बाबरी ढांचे के विध्वंस के बाद भारत में सेकुलरिज्म को लेकर छिड़ी नई बहस का भी जिक्र किया गया था। अब तक नई संशोधित पुस्तक नहीं आई है, लेकिन एनसीईआरटी ने बताया है की नई पुस्तक में बदलाव किए गए हैं। एनसीईआरटी ने अपनी वेबसाइट में बताया है, राजनीति में नई परिघटनाओं के आधार पर सामग्री बदली गई है। खास तौर पर अयोध्या मामले को लेकर बड़े बदलाव किए गए हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि सुप्रीम कोर्ट की संवैधानिक बेंच ने फैसला दिया है, जिसका सभी वर्गों ने स्वागत किया है।

बिहार राज्य के जिला रोहतास से हमारे श्रोता , की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से ऋषव राज से हुई। ऋषव राज बताते है की वह इंजीनियर बनना चाहता है।