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दिल्ली से मोबाइल वाणी संवाददाता अस्मत अली ने मोबाइल वाणी के माध्यम से नाज परवीन से साक्षात्कार लिया। नाज परवीन ने बताया कि इन्होने मोबाइल वाणी पर कार्यक्रम सुना। जिसमे बताया गया था कि एक पत्नी ने अपने पति के जीवन में ससुराल की प्रॉपर्टी में हिस्सा ले लिया था।पति के देहांत के बाद वो महिला आराम से अपना जीवन गुजार रही हैं। तो नाज परवीन की इच्छा हुई अपनी भी बात मोबाइल वाणी पर रखने की। अपनी बात को जारी रखते हुए नाज़ कहती हैं कि बहन की शादी के बाद भाई नही चाहते हैं कि बहन मायके आए। माता - पिता के बाद बेटी का मयके में रास्ता बंद हो जाता है। पैतृक सम्पत्ति में बहन को हिस्सा मिलना चाहिए और यह बहन का हक़ है।नाज परवीन के मायके में भी सम्पत्ति है। ये उसमें हिस्सा लेना चाहती हैं।लेकिन भाई उसमें हिस्सा देना नही चाहते हैं। जरुरत पड़ी तो ये अपने हक़ के लिए क़ानूनी सहायता लेंगी और कोर्ट जाएंगी।
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झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग़ जिला से गीता सिंह मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहती हैं कि महिलाओं को संपत्ति में अधिकार नहीं मिलता है। महिला पूरा काम खुद करती है। जहाँ महिला होती है वहां खेती अच्छा होता है। संपत्ति का बात जब आता है तो वहां महिलाओं को वंचित कर दिया जाता है
झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग़ जिला से गीता मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहती हैं कि महिलाओं को संपत्ति के अधिकार से वंचित रखा गया है। एक महिला ने बताया कि संपत्ति और जमीन तो दूर की बात है। अगर वह घर से हंसुआ भी बिना पूछे किसी को दे देती हैं तो उस पर घर में चर्चा होती है और डांट दिया जाता है तो महिलाओं को निर्णय लेने का भी अधिकार नहीं है
