उत्तरप्रदेश राज्य के बस्ती ज़िला से सूर्यांश श्रीवास्तव कहते हैं कि महिला अगर शिक्षित होगी तो उसे केवल डिग्री नहीं मिलेगी। बल्कि उसका कॉन्फिडेंस उसका फ्रीडम,अपने हक को पहचानने की ताकत। पढ़ी लिखी महिला अपने बच्चों को भी सही और गलत का फर्क सिखाती है। अगर महिला शिक्षित होगी तो वो पूरे समाज का विकास कर सकती है। आगे की जनरेशन को सीख देने वाली महिला ही होती है। इसलिए लड़की की पढ़ाई को बोझ नहीं समझना चाहिए
उत्तरप्रदेश राज्य के बस्ती ज़िला से विजय पाल चौधरी मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि महिलाओं को वर्तमान समय में अधूरी जानकारी के कारण अधिकार नहीं मिल पा रहा है। जो महिला विधवा हो जाती है तो जानकारी के अभाव में वो जमीन अपने नाम नहीं करवा पाती है। उन्हें कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है। महिलाओं को उनके अधिकार के प्रति जागरूक होना चाहिए। परिवार का साथ नहीं होने से भी महिला अपना हक़ नहीं पाती है। जबकि अगर महिला अपना हक़ पाती है तो उनका जीवन यापन अच्छे से हो पाएगा और उनके आय में भी वृद्धि होगी।
उत्तरप्रदेश राज्य के बस्ती ज़िला से दीपा मोबाइल वाणी के माध्यम से कहती हैं कि महिलाओं को आवास भूमि और संपत्ति पर समान अधिकार प्राप्त करने के लिए 30 जनवरी 2025 कार्यवाही नहीं करने पर महिलाओं के पिछड़े जने और जलवायु संबन्धी आपदाओं का अधिकार जोखिम होने का खतरा है जब महिलाओं के संपत्ति अधिकार सुरक्षित होंगे तो उन्हें अपने अधिकार को ले के पुर्ण रूप से विश्वास होगा
उत्तरप्रदेश राज्य के बस्ती ज़िला से 50 वर्षीय अरविन्द श्रीवास्तव कहते हैं कि बेटियों को भी पैतृक संपत्ति में हिस्सा मिलना चाहिए और यह कानून भी बनाया गया है।लेकिन इस कानून का कहाँ तक पालन किया गया है, यह विचारणीय विषय है। क्योंकि ग्रामीण क्षेत्रों में अभी भी लोगों को इस कानून के बारे में कोई जानकारी नहीं है। अभी भी लोगों को जागरूक करने की आवश्यकता है। लेकिन कुछ परिवारों ये पता ही नहीं है कि उन्हें बेटियों को हिस्सा देने के लिए क्या करना होगा। इस कारण बेटियां अपने अधिकार से वंचित रह जाती हैं। ग्रामीण क्षेत्र में पढ़ाई लिखाई का दर्जा अभी भी बहुत ही निचले क्रम पर है। जिसके कारण लोगों को ना ही कानून का पता होता है ना ही नियमों और कार्यों का। इसलिए इस विषय पर जागरूकता बहुत ही जरुरी है
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उत्तरप्रदेश राज्य के बस्ती ज़िला से रमज़ान अली की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से राहुल से हुई। राहुल कहते है कि महिलाओं को शादी के पहले जमीन पर हक मिलना चाहिए ,लेकिन अगर शादी हो जाती है, तो मायके में उन्हें कोई अधिकार नहीं मिलना चाहिए। शादी के बाद उनका पूरा हक ससुराल में ही होना चाहिए
उत्तरप्रदेश राज्य के बस्ती ज़िला से रमज़ान अली की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से मोहम्मद फरहान से हुई। मोहम्मद फरहान कहते है कि उनके पास पर्याप्त जमीन नहीं है। जिसके कारण उन्हें रोजी रोटी की समस्या होती है। इसलिए उन्हें सरकार की तरफ से जमीन चाहिए। जिस पर वो खेती कर अपना गुजर बसर आसानी से कर पायें
उत्तरप्रदेश राज्य के बस्ती ज़िला से रमज़ान अली की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से विफई से हुई। विफई कहते है कि उनके पास घर नहीं है, तो सरकार से वो अनुरोध करते हैं की उन्हें घर बनवाने के लिए जमीन मुहैया करवाया जाए
उत्तरप्रदेश राज्य के बस्ती ज़िला से रमज़ान अली ने जानकारी दी कि उनके क्षेत्र में कई महिलायें ऐसी हैं जिन्हें मायके से जमीन मिला है और कई लोग अपनी पत्नी के नाम से अब जमीन ले रहे हैं। लोग अब जागरूक हो रहे हैंऔर महिलाओं के नाम से जमीन रजिस्ट्री करवा रहे हैं। जिससे रजिस्ट्री में पैसा भी कम खर्च हो रहा है। तो अब महिलाओं को भी जमीन पर हक मिलने लगा है
उत्तरप्रदेश राज्य के बस्ती ज़िला से रमज़ान अली की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से रुबीना खातुन से हुई। वो कहती है कि उनके पास जमीन नहीं है। अगर उन्हें सरकार से जमीन मिलता तो ये खेती करती
