उत्तरप्रदेश राज्य के बस्ती ज़िला से रमज़ान अली की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से हमारे एक श्रोता से हुई। ये कहते है कि इनके क्षेत्र में न ही पेट्रोल की समस्या हो रही है न ही रसोई गैस सिलिंडर की समस्या हो रही है। बस इस सब को लेने के लिए थोड़ी मेहनत करनी होगी

उत्तर प्रदेश राज्य के बस्ती जिला से रमजान अली की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से मोहम्मद फरहान से हुई। मोहम्मद फरहान यह बताना चाहते हैं कि पेट्रोल और डीजल की कमी से देश में बहुत प्रभाव पड़ेगा और भूखमरी फ़ैल जायेगा। लोगों को एक जगह से दूसरे जगह पैदल जाना पड़ेगा।इसके कारण घर में विवाद होगा। युद्ध के कारण लगता नहीं है कि इस समस्या से निजात मिलेगा। सरकार को सोच समझ कर इस समस्या का उपाय निकालना चाहिए

उत्तरप्रदेश राज्य के बस्ती ज़िला से रमज़ान अली की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से सुन्नत निशा से हुई। सुन्नत कहती है कि इनका दो जगह जमीन है। लेकिन सरकार द्वारा आवास योजना का लाभ नहीं मिला है

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उत्तरप्रदेश राज्य के बस्ती ज़िला से रमज़ान अली की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से एक श्रोता से हुई। वो कहती हैं कि उनके नाम पर जमीन है। लेकिन किसान सम्मान निधि का लाभ नहीं मिल रहा है

उत्तरप्रदेश राज्य के बस्ती ज़िला से रमजान अली की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से शाबान अली से हुई। शाबान अली कहते है कि इनको आवास योजना का लाभ नहीं मिला है। इसको लेकर बहुत पहले फॉर्म भरे थे पर कोई प्रक्रिया शुरू नहीं हुआ। जाँच के लिए अधिकारी भी नहीं आये

उत्तरप्रदेश राज्य के बस्ती ज़िला से रमज़ान अली की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से एक श्रोता से हुई। वो कहते है कि महिला को जमीनी हक दिलाने के लिए योजना बनाना चाहिए। जिसके तहत गांव में जा कर गरीब महिलाओं की सूची बना कर उन्हें आवास और जमीन देना चाहिए। जिससे महिला आर्थिक रूप से मजबूत होंगी

उत्तरप्रदेश राज्य के बस्ती ज़िला से रमज़ान अली की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से एक श्रोता से हुई। वो कहते है कि महिला को जमीन में हिस्सा मिलना चाहिए। जमीनी अधिकार रहेगा तो वो आर्थिक रूप से मजबूत होंगी। सरकार को गरीब महिलाओं की मदद करना चाहिए उनके नाम जमीनी पट्टा करवा कर

उत्तरप्रदेश राज्य के बस्ती ज़िला से रमज़ान अली की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से एक श्रोता से हुई। वो कहते है कि महिला को जमीन में हिस्सा मायके में नहीं मिलना चाहिए। अगर मायके में हिस्सा दिया गया तो भाईयों के साथ विवाद होगा। ससुराल में अगर उनके नाम से जमीन रहा तो वो मजबूत रहेगी।अगर उनके पति कभी छोड़ देते हैं, तो वो खेती कर के अपना खर्च चला सकती हैं

उत्तरप्रदेश राज्य के बस्ती ज़िला से रमज़ान अली की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से एक श्रोता से हुई। वो कहते है कि महिला को जमीन में हिस्सा मायके में नहीं मिलना चाहिए। लेकिन मायके में नहीं मिलना चाहिए। महिलाओं को जमीन मिला तो वो आर्थिक रूप से मजबूत बनेगी