उत्तरप्रदेश राज्य के जिला बस्ती से मोहम्मद इमरान की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से फौजदार जी से हुई। फौजदार जी यह बताना चाहते है कि महिला को जागरूक करना होगा कि उनके क्या अधिकार हैं और भारत के संविधान द्वारा उन्हें क्या विशेष अधिकार दिया गया है कि आज उनके पास जो है, उसके अनुसार उनका पचास प्रतिशत हिस्सा होना चाहिए। भागीदारी नहीं मिल रही है क्योंकि महिलाओं के लिए बनाए गए सभी संगठन अपर्याप्त हैं और उन्हें वह नहीं मिल रहा है जो उनके लिए सही है। जो कुछ भी है उसे यह जानने के लिए बनाया जाना चाहिए कि क्या आपका अधिकार है और जो अभी भी समाज में है वह प्रथा है, पर्दा प्रथा है, कुछ महिलाएं जो अपना घर नहीं छोड़ पाती हैं, चाहे उनका परिवार का दबाव हो या किसी और का दबाव हो। महिलाये आज भी अपने अधिकारों से वंचित रह जाती है।

उत्तरप्रदेश राज्य के जिला बस्ती से रमजान अली की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से अनिल चौधरी से हुई। अनिल चौधरी यह बताना चाहते है कि माता - पिता यह नहीं देखते है बेटा जन्म लिया है या बेटी, यहाँ जन्म लेने के बाद पता चलता है कि वही खून, वही पूरी बनावट, वही मिट्टी है लेकिन यहाँ क्या अंतर है, लोगों की समझ, लोगों की सोच, लोगों की भावनाएँ ही एक-दूसरे को अलग करते है। पुरुष वह नहीं कर सकते जो महिलायें करते हैं, महिलाएं वह नहीं कर सकती जो पुरुष करता है दोनों लोग एक ही हैं, एक ही देश, एक ही मिट्टी से बना है, तो इसमें क्या अलग है लेकिन महिलाएं देश को बनाने का काम करती है। महिलाये एक माँ के रूप , एक बहन के रूप में , बेटी के रूप में हर जगह लोगों को सम्मान देती है।

उत्तरप्रदेश राज्य के जिला बस्ती से रमजान अली की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से हमारे श्रोता से हुई। श्रोता यह बताना चाहते है कि सबसे पहले हमारे देश की हर महिला को सम्मान दिया जाता है। भारत देश महिलाओं की प्रगति के मामले में पहले स्थान पर है। हमारी योगी सरकार ने शिक्षा पर बहुत जोर दिया है। बच्चों को भी मेहनत से अच्छी तरह पढ़ाई करते रहना चाहिए । देश में महिलाएं बीएसएफ , पुलिस विभाग, डॉक्टर, आदि कई क्षेत्रों में आगे बढ़ रही है। महिलाएं सभी कार्य कर रही है। इसलिए महिलाओं सम्मान देना चाहिए और महिलाओं को बहुत प्रगति करनी चाहिए और हमारे देश को बहुत प्रगति करनी चाहिए।

उत्तरप्रदेश राज्य के बस्ती ज़िला से रमजान अली की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से एक व्यक्ति से हुई। ये बताते है कि महिलाओं के नाम जमीन होना चाहिए। उनको सशक्त बनने के लिए शिक्षा ज़रूरी है। शिक्षा ही ऐसी चीज़ है जिसके ज़रिये व्यक्ति आगे बढ़ सकता है।

उत्तरप्रदेश राज्य के जिला बस्ती से रमजान अली की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से एकांत चौधरी से हुई। एकांत चौधरी एक कविता सुना रहे है।

उत्तरप्रदेश राज्य के जिला बस्ती से विजय पाल चौधरी की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से डॉक्टर बंसल से हुई। डॉक्टर बंसल यह बताना चाहते है कि महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त करने हेतु मनरेगा मजदूरी बढ़ाना चाहिए और उनको काम देना चाहिए। महिला को सुरक्षा हेतु कराटे सीखना चाहिए ताकि वह अपनी रक्षा खुद कर सके। महिला को जमीनी हक़ मिलना चाहिए इससे उनका सम्मान बढ़ेगा और उनके लिए योजनाएं लाएं जाएँ।

उत्तरप्रदेश राज्य के बस्ती ज़िला से विजय पाल चौधरी की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से रामानंद से हुई। ये कहते है कि महिलाओं को आर्थिक रूप से मज़बूत करने के लिए सरकार को छोटे रोजगार करने के लिए महिलाओं को प्रेरित करना चाहिए। कम ब्याज पर पैसा उपलब्ध करना चाहिए। स्वरोजगार के लिए महिलाओं को प्रशिक्षित करना चाहिए। जो महिला गरीबी से जूझ रही है उनके लिए सरकार को सशक्तिकरण के लिए बढ़ावा देना चाहिए। शिक्षित और अशिक्षित महिलाओं को उनके अनुसार रोजगार उपलब्ध करवाया जाना चाहिए ,महिलाओं की सुरक्षा के लिए प्रशासन को सतर्क रहना होगा। साथ ही महिलाओं को जमीनी अधिकार मिलना चाहिए।

उत्तरप्रदेश राज्य के जिला बस्ती से रमजान अली की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से एक महिला से हुई। महिला यह बताना चाहते है कि महिलाओं को आगे बढ़ने के लिए बकरी पालन करना चाहिए , ब्यूटी पार्लर खोलना चाहिए , खेती बाड़ी कर के आगे बढ़ना चाहिए। महिलाओं के अंदर से अगर भय निकल जाये तो वह पुरुषों से आगे निकल सकती है। आज कई ऑफिस में महिलायें काम करती हुई देखि जाती है। महिलायें आज सभी तरह के काम कर रही है

उत्तरप्रदेश राज्य के जिला बस्ती से रमजान अली , की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से सलमान से हुई। सलमान यह बताना चाहते है कि लगातार बारिश नहीं हो रही है, तो धान की फसल खराब हो रही है और सरकार को यहां पानी की सुविधा लानी चाहिए। फसल खराब हो रही है, गरीब किसान कहाँ जाएगा, किसानों को नुकसान हो रहा है, अभी तो फसल बर्बाद हो रही है

उत्तरप्रदेश राज्य के जिला बस्ती से मोहम्मद इमरान की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से एस. एन. द्विवेदी से हुई। एस. एन. द्विवेदी यह बताना चाहते है कि महिलाओं को गरीबी रेखा से ऊपर उठाने के लिए कुटीर उद्योगों को बढ़ावा देने की आवश्यकता है। महिलाएं घरेलू सामानों का उत्पादन करने के लिए ग्रामीण स्तर पर लघु उद्योग स्थापित करके अपने जीवन स्तर को बढ़ा सकती हैं। इसके अलावा, छोटे घरेलू उत्पाद तैयार करने और उन्हें बेचने के लिए स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को जोड़ने के लिए एक एजेंसी विकसित की जानी चाहिए, जिसके माध्यम से उन्हें मार्केटिंग की सुविधाएं प्रदान की जानी चाहिए।