राशन की होम डिलिवरी रोके जाने को बताया भ्रष्टाचारियों का साथ,बच्चों को खाना देने से मना करने के मुद्दे पर भी देंगे ध्यान।

उत्तर प्रदेश के नवाबी रामपुर मैं कारोबार की स्थिति हो चुकी है खराब मजदूर हो गए हैं परेशान मजदूर भूखे मर रहे हैं सरकार मदद करने को तैयार नहीं कोई एनजीओ की मदद भी नहीं आ रही है ऐसा कहना है मजदूर महिला सायरा बी का लॉकडाउन से पहले बीड़ी बनाती थी अब बीड़ी का भी काम नहीं है ₹100 की हजार बीड़ी बनती हैं जो के 2 दिन में 1000 बीड़ी तैयार होती हैं लॉग डॉन के बाद से बीड़ी का कारोबार हो गया बंद मजदूर महिला ने बताया कि अब मैं पतंग बनाने का काम कर रही हूं और मेरे बच्चे ही पतंग बना रहे हैं ₹40 की 1000 पतंग बनती है 1 दिन में दो हजार पतंग बना लेती हूं 80 रुपए का काम हो जाता है सायरा बी बताती हैं कि मेरे हस्बैंड भी 2016 में मेरे हस्बैंड की बीमारी के कारण डेथ हो गई थी अब मेरे छोटे-छोटे बच्चे हैं तीन बेटियां हैं एक बेटा है कमाने वाला कोई घर पर नहीं है बस जैसे-तैसे गुजारा करती हूं मो शाहनवाज साझा मंच मोबाइल वाणी से

मोहम्मद अलीम से हुई बातचीत सिलाई का काम करते हैं टीवी फ्रिज के कवर सिलते हैं मजदूरी पर लॉक डाउन के बाद से खाली हैं काम नहीं चल रहा है अब कई दिनों मैं काम चालू हुआ है तो हफ्ते में 4 दिन काम हो रहा है 4 दिन खाली हैं पहले 400 रुपए रोज का काम हो जाए करता था अब 150 सौ या ₹200 रुपए का ही काम कर पा रहे हैं मजदूर साथी मोहम्मद अलीम हमारी मदद होनी चाहिए ना तो कोई सरकार हमारी मदद कर पा रही है और ना ही कोई एनजीओ मो शाहनवाज साजा मंच मोबाइल वाणी से

जींस सिलाई कर करने वाले मजदूर से हुई बातचीत प्रवासी मजदूर जो के दिल्ली से अपने गांव बदायूं चले गए हैं मजदूर ने बताया कि पिछले लॉकडाउन से पहले हम ₹700 रुपए रोज कमा लेते थे मगर लॉकडाउन के बाद जब दिल्ली आए थे तो दो सौ ₹300 रुपए का काम होता था फिर लॉक डाउन लग गया अब lockdown kul गया है दिल्ली में हमने अपने कारखाने मालिक से बात की तो उन्होंने कहा अभी कम से कम 1 महीने कारखाना बंद रहेगा काम बिल्कुल नहीं है मार्केट बिल्कुल खाली पड़ी है माल नहीं बिक रहा है मैं आपको कैसे बुलाऊं और कहां से पैसे दूंगा मजदूर ने बताया कि मैं जींस सिलाई करता था छोटे-छोटे दो बच्चे हैं बीवी है बड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है

श्री राम कॉलोनी वार्ड नंबर 64 ई मे नहीं आते हैं सफाई करने सफाई कर्मचारी ई ब्लॉक गली नंबर 2 नूरानी मस्जिद रोड पर कूड़ा पड़ा हुआ है कूड़ा उठाने कोई कर्मचारी नहीं आता है टीपर भी नहीं आता है हमें एक समाजसेवी कि ने बताया यहां पर सफाई कर्मचारी अपनी मनमानी करते हैं कूड़ा उठाने नहीं आते हैं नाली सफाई नहीं करते हैं मोहम्मद शाहनवाज साझा मंच मोबाइल वाणी से

दिल्ली एनसीआर से हस्मत साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से कह रहे है कि कल उनके द्वारा साझा मंच पर एक खबर चलाया गया था। खबर में बताया गया था कि श्रीराम कॉलोनी के पास कूड़े का ढेर काफी दिनों से था तथा उसकी वजह से लोगों को बहुत दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। हमारे सामूहिक संवादाता ने इस खबर को प्रकाशित करने के साथ ही फेसबुक तथा व्हटसअप पर साझा किया था । खबर का असर कुछ इस प्रकार हुआ कि दूसरे दिन ही नगर निगम के सफाई कर्मियों द्वारा सारे कूड़े को साफ कर दिया गया तथा इस वजह से लोग बहुत खुश है और मोबाइल वाणी को धन्यवाद दे रहे हैं।

दिल्ली के श्री राम कॉलोनी से महोम्मद शाहनवाज़ ने साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि जनता की आवाज एनजीओ के सचिव नरेश कुमार सेन ने बताया लॉक डाउन के बाद से कच्चा लोहा और स्टील और टूल्स जो के मशीनें रिपेयर करने में काम आता है 15 परसेंट महंगा हो गया है लॉकडाउन के बाद महंगाई की मार है इस वजह से कोई भी कारखाने में काम कराने नहीं आ रहा है वर्कशॉप के मालिक ने यह कह दिया कि अगर यही स्थिति रही तो कारखाना बंद करना पड़ेगा नरेश कुमार सेन ने बताया अगर कारखाने बंद हो गए तो मजदूरों का क्या होगा जो लोग कारखाने और फैक्ट्रियों में काम करते हैं मजदूर आत्महत्या करने लगेंगे मजदूरी मैं कोई बढ़ोतरी नहीं हुई सरकार को फैक्ट्री और कारखाने के बारे में सोचना चाहिए।

उत्तर प्रदेश के रामपुर से मोहोम्मद शाहनवाज़ ने साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि रामपुर शहर में बीड़ी बनाने का ,पतंग बनाने का और कारचोब का काम होता है। घर-घर में स्थिति बहुत खराब हो गयी है। घर में राशन खत्म हो चुका है और जेब खर्च की भी अब तंगी हो गई है। लॉक डाउन खुलने के बाद भी स्थिति बहुत खराब है। सरकार से भी कोई मदद नहीं मिल पा रही है।

दिल्ली एनसीआर से दिनेश कुमार साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से कह रहे है कि उनके द्वारा कुछ दिन पहले साझा मंच मोबाइल वाणी पर खबर प्रकाशहित किया गया था। खबर में कहा गया था कि भेंटा हाजीपुर के गंदे नाली का पानी बहकर कॉलोनी के नाले के बाहर आ जाता था जिससे वहा रहने वाले लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। इस खबर को हमारे सामूहिक संवादत दिनेश ने मोबाइल वाणी में प्रकाशित करने के साथ ही व्हाट्सअप तथा फेसबुक पर साझा किया। खबर का असर कुछ इस प्रकार हुआ कि नगर निगम के कर्मचारियों ने आकर नाले में पाइप लगाकर वहा के गंदे पानी को साफ़ किया तथा इस खबर के असर के बाद लोग बहुत खुश है तथा मोबाइल वाणी को धन्यवाद दे रहे हैं

ऑटो टिप्पर वाले कई कई दिनों तक नहीं उठाते हैं कूड़ा।