दिल्ली खजुरी ख़ास क्षेत्र से हस्मत अली ने साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से मजदुर बृजबान से नए श्रम कानून के विषय में चर्चा की। जिसमे उन्होंने बताया कि सरकार श्रमिकों के लिए नए दिशानिर्देश या कानून लागु तो कर देते हैं लेकिन उस पर कोई अमल नहीं करता है। अधिकारी नियमों का पालन नहीं करते हैं। श्रमिक आठ घंटे काम करने के लिए राज़ी है लेकिन मजदूरों को समय से वेतन मिलना चाहिए

दिल्ली एनसीआर से मनोहर साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे है कि बहादुरगढ़ के छोटूराम नगर में मुलभुत सुविधाओं को लेकर लोगों में काफी रोष है। साथ ही कह रहे है कि इस कॉलोनी में काफी ज्यादा जनसँख्या है तथा यहाँ ज़्यादातर मजदूर वर्ग के लोग रहते हैं कॉलोनी में प्रशाशन के द्वारा कोई सुविधा नहीं दिया गया है जिस कारण लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता हैं

दिल्ली का मौसम हुआ सुहाना हो रही है जमजम बारिश हर साल की तरह इस बार भी जन्माष्टमी के दूसरे दिन बारिश हो रही है यह सिलसिला एक जमाने से चलता रहा है के कन्हैया जी के जन्मदिन के बाद बारिश जरूर होती है जो कि आज बारिश हो रही है और बहुत सारी जगह पर जाम है

दिल्ली एनसीआर से राजेश साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से कह रहे है कि उन्हें किसान सामान निधि का पैसा आवेदन करने के बाद भी नहीं मिला है। साथ ही कह रहे है कि उच्च अधिकारियों को किसान सम्मान निधि बनवाने के लिए घुस चाहिए होता है

दिल्ली एनसीआर से रिंकू साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से करों का टीका के बारे जानकारी दे रहे हैं

नन्द किशोर प्रशाद ने साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि वे राजस्थान के नीमराना में उपस्थित हैं। वहाँ उन्होंने श्रमिक विनय से श्रम कानून पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि वे चक्की फैक्ट्री में कार्यरत हैं जहाँ 400 श्रमिक कार्यरत हैं। जिनमे से कम से कम 20 श्रमिकों को छोड़ कर सारे श्रमिक ठेकेदारी में ही काम करते हैं। उन्होंने बताया कि श्रमिकों को कंपनी द्वारा न ही ईएसआइ और न ही पीएफ का नंबर दिया गया है। कंपनी श्रमिकों से 12-12 घंटे काम करवाती है।

दिल्ली से रफ़ी ने साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि राज्य सरकार द्वारा लाये गए कानून से मजदूर खुश नहीं है। ठेकेदार श्रमिकों को किसी भी तरह का सरकारी लाभ मुहैया नहीं करवाते हैं। कंपनी अनुभव रखने वाले श्रमिक को नहीं रखना चाहती है ,केवल उनको ही रख रही है जो गांव से काम की तलाश में शहर आये हैं को जिनको

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एस एन कश्यप

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