दिल्ली से मनोहर कश्यप ने साझा मंच के माध्यम से बताया कि डॉक्टरों ने अपनी मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया और सरकार से अपनी मांगें रखीं

दिल्ली से राशिद ने साझा मंच के माध्यम से एक बच्चे से बात की। उसने बताया कि वो पानी बेचकर घर चलाते है। संसाधन ना होने के कारण ये पानी बेचते है।

दिल्ली से राशिद ने साझा मंच के माध्यम से मजदुर से बात की। उन्होंने बताया कि लॉकडाउन के कारण काम नहीं मिल रहा है।

नमस्कार आदाब दोस्तों मैं रोहित बोल रहा हूं कालकाजी गोविंदपुरी नई दिल्ली से मुझे यह जानना है कि जाति प्रमाण पत्र कैसे बनेगा क्या-क्या डॉक्यूमेंट की जरूरत होती है और ये कहाँ से बनता है ?

दिल्ली से साझा मंच के माध्यम से एक मजदुर से बात की। उन्होंने बताया कि कोरोना के कारण उनकी दुकान पर बिक्री अभी कम है और कई बार सामन बचा भी रह जाता है

दिल्ली एनसीआर से रोहित साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से कह रहे है कि दिल्ली के घंटाघर में कुछ समाये पहले से श्रम कद बनाया जा रहा था पर अब उसे बंद कर दिया गया है। बता रहे है कि कोरोना की वजह से भीड़ नहीं होने के कारण श्रम कार्ड बनवाने की शिविर को बंद करवाया गया है

दिल्ली एनसीआर से रिंकू मोबाइल वाणी के माध्यम से देश में कितनों को कोरोना का टीका लग चूका है इसके बारे में जानकारी दे रहे हैं

दिल्ली एनसीआर से हमारे श्रोता मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे है कि वो एक भवन निर्माण श्रमिक है। साथ ही कह रहे है कि काम की तलाश में उन्हें अभी रोजाना भटकना पड़ रहा है कभी काम मिलता है तो कभी नहीं मिलने की वजह से निराश होकर लौट जाना पड़ता है। बताते है कि उन्हें जहा भी काम मिलता है वह पर सेफ्टी के नाम पर उन्हें कुछ नहीं मिलता है जिसकी वजह से उन्हें काम करने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है ,गाँव में काम न होने पर वो अपने पुरे परिवार के साथ बहार काम की तलाश में आये है पर यहाँ पर स्थिति इतनी खराब है की उन्हें काम के लिए दर दर भटकना पढ़ रहा है

दिल्ली एनसीआर से हमारे श्रोता साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से कह रहे है कि कंपनियों में मजदूरों को कोरोना के नियमों का पालन करने को कहा गया है। बता रहे है कि मजदूरोना को मास्क लगाकर काम करने के लिए कहा गया है तथा सभी मजदूर एक दूसरे से दूरी बनाकर काम कर रहे हैं

दिल्ली एनसीआर से रोहित साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से कह रहे है कि दिल्ली के घंटाघर में कुछ समाये पहले लोगों का श्रम कार्ड बनाया गया था जिसके तहत अब सभी लोगों के खतों में 500 रूपए आना शुरू हो गए हैं। साथ ही कह रहे है कि इसकी वजह से लोग बहुत खुश है