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दिल्ली एनसीआर के मानेसर से मनीष कुमार पांडेय ,श्रमिक वाणी के माध्यम से प्रभाकर से बात कर रहे है। प्रभाकर बताते है कि महीना भर से भांगरोला स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के सामने की सड़कों पर नाली का पानी आ रहा है। राहगीर व वाहन चालक इस वजह से दुर्घटनाग्रस्त हो जाते है। इस कारण एम्बुलेंस फँसने का भी आशंका है। नगर निगम वालो द्वारा कोई देखरेख नहीं की जा रही है

दिल्ली एनसीआर के मानेसर से मनीष कुमार पांडेय ,श्रमिक वाणी के माध्यम से प्रभाकर से बात कर रहे है। प्रभाकर बताते है कि इनका बैंक में खाता खुला है और उनसे कहा गया था कि जीवन बीमा से खाता से पैसा काटेंगे। इन्होने ध्यान नहीं दिया और बैंक से प्रति माह 100 रुपया कट रहा था। जब इन्होने बैंक जाकर बात किया तो उन्हें बताया गया कि जीवन बीमा के तहत पैसा कट रहा है। इसका लाभ का इन्हे कोई जानकारी नहीं है। इन्होने बैंक में बीमा बंद करवाने के लिए कहा परन्तु अब भी पैसा कट रहा है। अब आखिरी समाधान यह है कि बैंक से खाता ही बंद करवा दिया जाए

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दिल्ली के श्रीराम कॉलोनी से अरबाज़ श्रमिक वाणी के माध्यम से बताना चाहते है की, इनके बैंक खाते से 1,020 रूपए काट लिए गए है। इन्होने अपने सम्बंधित ब्रांच में जा कर इसके बारे में शिकायत भी किया है। लेकिन शिकायत करने के बाद भी बैंक वाले इस पर ध्यान नहीं दे रहे है

दिल्ली के कासन से साकेत ने श्रमिक वाणी के माध्यम से दीपक से बातचीत किया। बातचीत के दौरान दीपक ने बताया की ये होली त्यौहार में अपने घर जा रहे है। लेकिन गाड़ी की कमी होने के वजह से मजदूरों को आने जाने में दिक्कत हो रहा है। सरकार को मजदूरों की सुविधा के लिए और गाड़ियों की व्यवस्था करनी चाहिए

दिल्ली के मानेसर से साकेत ने श्रमिक वाणी के माध्यम से एक श्रोता से बातचीत किया। बातचीत के दौरान श्रोता ने बताया की महंगाई बढ़ने से मजदूरों को काफी परेशानी हो रही है। मजदुर अपने बच्चो को अच्छे से पढ़ा नहीं पा रहे है। सरकार को मजदूरों का वेतन बढ़ाना चाहिए या फिर इन्हे अच्छा रोजगार देना चाहिए

दिल्ली के मानेसर से मनीष कुमार ने मोबाइल वाणी के माध्यम से सोनू से बातचीत किया। बातचीत के दौरान सोनू ने बताया की, इन्होने अपने बैंक खाते से जीवन बिमा को ना जोड़ने के लिए कहा था। लेकिन बैंक के द्वारा इन्हे बिना बताये जोड़ दिया गया और 2 माह से इनके बैंक खाते से पैसा कट रहा है

दिल्ली के मानेसर से साकेत श्रमिक वाणी के माध्यम से बताना चाहते है की, इनकी कंपनी में ऑडिट करने के लिए मारुती कंपनी के अधिकारी आए थे। उनके आने से पहले मजदूरों को सुरक्षा के उपकरण दिए गए है। आम दिनों में ऐसा नहीं होता है मजदूरों की सुरक्षा का बिलकुल ध्यान नहीं रखा जाता है

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