दिल्ली राजीव नगर

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दिल्ली, श्रीराम कॉलोनी से रीना परवीन श्रमिक वाणी के माध्यम से एक महिला अनम से बात कर रहीं हैं। अनम कह रहीं हैं कि, इन्होने दिनांक "22-02-2024" को "जॉली कंपनी में काम करने वाली महिला को नहीं मिल रहा है पीएफ", इस ख़बर में बताया गया था कि, "अनम जॉली कंपनी में काम करती हैं। इनकी फैक्ट्री में लिप्स्टिक बनता है। तथा इन्हें चार महीने से पीएफ नहीं मिल रहा था, इन्होने अपने कंपनी मैनेजर से कई बार शिकायत की थी फिर भी पीएफ नहीं मिल रहा था।". श्रमिक वाणी पर ख़बर प्रसारित होने के बाद इन्होने व्हाट्सअप और फेसबुक के माध्यम से एचआर को साझा किया था। ख़बर को संज्ञान में लेते हुए अनम को चार महीने का पीएफ दे दिया गया है। ख़बर के इस असर के लिए अनम श्रमिक वाणी को शुक्रिया कह रहीं हैं।

दिल्ली, श्रीराम कॉलोनी से रीना परवीन श्रमिक वाणी के माध्यम से एक महिला से बात कर रहीं हैं। इनका नाम रेशमा है और ये फ्रॉक बनाने वाली पूजा कंपनी में काम करती हैं। रेशमा कह रहीं हैं कि, इन्होने दिनांक "23-02-2024" को "रेशमा को नहीं मिल रहा है पीएफ" शीर्षक से एक ख़बर प्रसारित किया था। ख़बर में बताया गया था कि, रेशमा पूजा कंपनी में काम करती हैं। जहां लेडिस फ्रॉक बनता है। इस कंपनी में इन्हें चार महीने से पीएफ नहीं मिल रहा था। तथा एचआर द्वारा कई बार इन्होने अपनी शिकायत भी की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही थी।". ख़बर को श्रमिक वाणी में प्रसारित करने के बाद व्हाट्सअप और फेसबुक के लोकल ग्रुप्स के साथ ही एचआर को साझा किया। जिसको संज्ञान में लेते हुए अब रेशमा का दो महीने का पीएफ इन्हें मिल गया है, ख़बर के इस असर के लिए रेशमा श्रमिक वाणी को शुक्रिया कह रही हैं।

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दिल्ली एनसीआर श्रमिक वाणी के माध्यम से रीना परवीन की बातचीत सामिया से हुई सामिया बताती है हिंदुस्तान प्राइवेट लिमिटेड कंपनी में काम करती हूं हमारी फैक्ट्री में प्लास्टिक की बोतल बनती है हमारा ईएसआई कार्ड नहीं बन रहा है हमें दवाई बाजार से खरीदनी पड़ती है अपना इलाज करने के लिए प्राइवेट डॉक्टर के पास जाना पड़ता है बहुत पैसे लगते हैं क्योंकि नौकरी लगते समय हमसे कहा गया था कि आपका ईएसआई कार्ड हम बनवा कर देंगे जिसमें आप 50000 तलाक का फ्री इलाज कर सकते हैं 2 साल से अभी तक हमारा ईएसआई कार्ड अभी तक नहीं बना है

मंडी का हाल बुरा