Transcript Unavailable.

Transcript Unavailable.

Transcript Unavailable.

Transcript Unavailable.

Transcript Unavailable.

जुलाई 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने एक आदिवासी महिलाओं को पैतृक संपत्ती में अधिकार को लेकर एक अहम फैसला देते हुए कहा कि केवल लिंग के आधार पर महिलाओं को पैतृक संपत्ति में हक से वंचित नहीं किया जा सकता है.

Transcript Unavailable.

बिहार राज्य के औरंगाबाद जिला के सांडा पंचायत से सलोनी की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से सुशीला देवी से हुई ।सुशीला देवी यह बताना चाहती हैं कि जब महिलाएं जमीन में अधिकार मांगती हैं तो घर वाले कहते हैं कि शादी में दहेज दिए हैं तो जमीन में अधिकार क्यों दे ।वह अपने बेटी को दहेज देकर शादी करेंगी ।

झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग़ जिला से राज कुमार मेहता मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहते हैं कि दहेज़ और शादी के कारण महिलाओं को पैतृक संपत्ति में अधिकार नहीं दिया जाता है। लोग यह सोचते हैं कि जब शादी में दहेज़ दे चुके हैं तो संपत्ति में अधिकार क्यों दें। लोगों का कहना है कि महिलाओं को संपत्ति में अधिकार दहेज़ के रूप में दे दिया जाता है। इसलिए भूमि में अधिकार नहीं मिलना चाहिए। अक्सर भूमि का रिकॉर्ड पुरुषों के नाम पर होता है जिससे महिला का मालिकाना हक कमजोर हो जाता है

बिहार राज्य के औरंगाबाद जिला के संडा पंचायत से सलोनी कुमारी की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से रीना देवी से हुई ।रीना देवी यह बताना चाहती हैं कि लड़कियों को मायके में हिस्सा नही लेना चाहिए क्योंकि उनको दहेज देकर शादी कर दिया जाता है ।