बिहार राज्य के मुंगेर जिला के ग्राम शेरपुर से विपिन कुमार मोबाइल वाणी के माध्यम से वेरीफाइड कार्यक्रम के तहत रेनू देवी से साक्षात्कार किया। जिसमे रेनू देवी ने बताया कि कोरोना महामारी को लेकर बहुत ही समस्या थी। जिसके चलते उन्होंने अपने आप में धैर्य रखते हुए अपने आपको और अपने परिवार को संभाला। उन्होंने बताया कि कोरोना महामारी को लेकर देश में लॉकडाउन लगने के बाद सरकार द्वारा राशन के लिए मदद भी की गई। रेनू दीदी ने बताया कि वह भी बीमार जिसके वजह से उनका जाँच भी किया गया और उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्र में कोरोना का दोनों टीका लगवा लिया है। रेनू दीदी ने यह भी बताया कि अगर आस पास के किसी भी व्यक्ति को कोरोना होता है, तो वह उसकी मदद करेंगी। साथ ही अपनी सुरक्षा को देखते हुए अपने मुँह पर मास्क का प्रयोग करेंगी और अपने हाँथो को साबुन से धोएंगी और सेनीटाइजर का इस्तेमाल करेंगी
जनसंख्या स्थिरीकरण के लिए जिलाभर में घर -घर जाकर लोगों को किया जा रहा है जागरूक - ग्रामीण क्षेत्र में चौपाल सहित कई अन्य कार्यक्रम में पीएसआई इंडिया कर रहा सहयोग - धरहरा प्रखण्ड के महगामा पंचायत में चौपाल कार्यक्रम आयोजित कर परिवार नियोजन, शिशु- मातृ स्वास्थ्य के संबंध में दी गई जानकारी मुंगेर, 2 अगस्त। जनसंख्या स्थिरीकरण अभियान को बढ़ावा देने और लोगों को परिवार नियोजन के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से जिला भर में विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में मंगलवार को धरहरा प्रखण्ड के महगामा पंचायत अंतर्गत महादलित टोला के खराट मुसहरी में सहयोगी संस्था पीसीआई के सहयोग से जिला कार्यक्रम प्रबंधक नसीम रजि और जिला सामुदायिक उत्प्रेरक निखिल राज की उपस्थिति में सड़क पर ही चौपाल लगाया गया । इसमें लोगों को परिवार नियोजन के साधन अपनाने के फायदे सहित शिशु और मातृ स्वास्थ्य से संबंधित कई आवश्यक जानकारियां दी गई। इसके साथ ही चौपाल में उपस्थित 3 या 3 से अधिक बच्चों के माता-पिता को बंध्याकरण और नसबंदी कराने के लिए प्रेरित किया गया। इस अवसर पर प्रखण्ड स्वास्थ्य प्रबंधक, प्रखण्ड सामुदायिक उत्प्रेरक, आशा कार्यकर्ता और आशा फैसिलिटेटर उपस्थित थीं। मालूम हो कि पूरे अभियान को सफल बनाने की जिम्मेदारी आशा कार्यकर्ताओं और आंगनबाड़ी सेविकाओं को दी गई है। जो शहरी एवम् ग्रामीण इलाकों में पुरुष और महिलाओं को परिवार नियोजन के साधनों के लिए प्रेरित कर रही हैं । परिवार के दोनों सदस्यों को जागरूक करना है जरूरी : जिला स्वास्थ्य समिति के डीपीएम् नसीम रजि ने बताया कि जनसंख्या स्थिरीकरण के लिए सरकार ने पीएसआई इंडिया के सहयोग से जिला भर में सास-बहू बेटी सम्मेलन, चौपाल सहित कई अन्य कार्यक्रम करवाने का निर्णय लिया है। मंगलवार को धरहरा प्रखण्ड के महगामा पंचायत के गोविंदपुर गांव में महिलाओं के द्वारा एक मंदिर में आयोजित शिव चर्चा कार्यक्रम में परिवार नियोजन के महत्व पर चर्चा करते हुए 3 या 3 से अधिक बच्चों की माताओं और उनकी मां या सास को बंध्याकरण करवाने के लिए प्रेरित किया गया। इस अवसर पर उपस्थित महिलाओं ने प्रण लिया कि वो लोग अपने गांव में अभियान चलाकर 3 या 3 से अधिक बच्चों की माताओं का बंध्याकरण करवाएगी। उन्होंने बताया कि विभिन्न गतिविधियों के माध्यमों से सास- बहू में सामंजस्य स्थापित करते हुए परिवार नियोजन अभियान को बल दिया जा सकेगा। इसके लिए एक साथ परिवार के दोनों सदस्यों को जागरूक करना जरूरी है। ऐसा इसलिए किया जा रहा है कि मध्यम परिवारों में विशेषकर ग्रामीण इलाकों में सास और बहू के विचारों में मतभेद होता है। इसलिए एक मंच पर दोनों को लेकर परिवार नियोजन के फायदों को समझाने से दोनों में इस पर सहमति बन सकती है। वहीं, जिन सास बहुओं में आपसी समझ और परस्पर सामंजस्य है, उनको पुरस्कृत करके लोगों को संदेश भी दिया जा रहा है। जिला स्वास्थ्य समिति के डीपीसी निखिल राज ने बताया पहले लोग परिवार नियोजन के प्रति जागरूक नहीं थे। , वे इसे गलत मानते थे। इस प्रकार के कार्यक्रम से न सिर्फ लोग परिवार नियोजन के लिए जागरूक हो रहे हैं, बल्कि समाज में व्याप्त बहू और बेटियों के बीच फर्क है, उसे भी दूर किया जा सकेगा। चौपाल कार्यक्रम में बच्चे दो ही अच्छे स्लोगन के माध्यम से सास-बहू को जागरूक किया जा रहा और छोटे परिवार के महत्व की जानकारी दी जा रही है। सम्मेलन में शामिल महिलाओं को परिवार नियोजन के फायदों की दी गई जानकारी : उन्होंने बताया कि चौपाल और शिव चर्चा कार्यक्रम में भाग ले रही सभी महिलाओं को परिवार नियोजन के लिए अपनाए जाने वाले साधन एवम् जनसंख्या स्थिरीकरण के विभिन्न आयामों की जानकारी दी गई। इसके साथ ही पुरुषों को भी परिवार नियोजन के स्थायी साधनों के प्रति रूझान पैदा करने की भी कोशिश की गई। सम्मेलन में शामिल सभी महिलाओं को परिवार नियोजन के स्थायी और अस्थायी साधन व उसके फायदों की विस्तृत जानकारी भी दी गई। कार्यक्रम में उपस्थित महिलाओं को यह भी बताया गया कि लड़का व लड़की की शादी की सही उम्र क्या है। किस उम्र में शादी के बाद पहला बच्चा हो और शादी के दूसरे बच्चे में कम से कम तीन साल का अंतर हो। यह सिर्फ जनसंख्या स्थिरीकरण के लिए ही नहीं है, इन सब से मां और बच्चे दोनों का स्वास्थ्य भी ठीक रहेगा। वहीं छोटा परिवार, सुखी परिवार की नींव भी रखी जा सकेगी। तभी हम सभी गुणवत्तापूर्ण जिंदगी जी सकते हैं और बच्चे को उचित परवरिश व अच्छी शिक्षा दे सकते हैं।
बिहार राज्य के मुंगेर जिला से बिपिन कुमार ने मोबाइल वाणी के माध्यम से वेरीफाइड कार्यक्रम के तहत आदर्श ग्राम टीका रामपुर निवासी बुजुर्ग महिला वीणा देवी से विशेष बातचीत किया। बातचीत में उन्होंने बताया कि उन्होंने कोरोना का दोनों डोज लगवा लिया हैं। उनके क्षेत्र के आंगनवाड़ी केंद्र में जा कर कोरोना का तीसरा डोज भी लगवा चुके हैं
बिहार राज्य के मुंगेर जिला के ग्राम शेरपुर से विपिन कुमार मोबाइल वाणी के माध्यम से वेरीफाइड कार्यक्रम के तहत उर्मिला देवी से साक्षात्कार किया। जिसमे उर्मिला देवी ने बताया कि कोरोना महामारी से बचाव के लिए हमें अपने मुँह पर मास्क का प्रयोग करना, अपने हाँथो को साबुन से धोना और सेनीटाइजर का इस्तेमाल करना । साथ ही अपने आस पास के वातावरण को साफ़ सुथरा रखना उन्होंने बताया कि आंगनबाड़ी केंद्र में कोरोना का दोनों टीका लगवा लिया है। उर्मिला देवी ने यह भी बताया कि अगर आस पास के किसी भी व्यक्ति को कोरोना होता है, तो वह उसकी मदद करनी है । साथ ही अपनी सुरक्षा को देखते हुए अपने मुँह पर मास्क का प्रयोग करना और अपने हाँथो को साबुन से धोएंगे और सेनीटाइजर का इस्तेमाल करेंगे।
बिहार राज्य के शेरपुर से मोबाइल वाणी के माध्यम से बिपिन कुमार के साथ नीरज कुमार यादव बता रहें हैं की कोरोना काल के समय जब लॉक डाउन लगा था तभी काफी परहेज किये थे। और सरकार ने भी राशन देकर लोगों का सहयोग किया था। अब तो कोरोना बहुत कम हो गया है लेकिन अभी भी सावधानी रखने की जरुरत है और बोल रहें हैं की इन्होने कोरोना टीका का दोनों डोज ले लिया है तीसरा डोज के बारे में सुना है लेकिन उसके बारे में पूरी जानकारी नहीं है। लेकिन वो भी जब मिलेगा तो उसे भी ले लेंगे
बिहार राज्य के शेरपुर से मोबाइल वाणी के माध्यम से बिपिन कुमार के साथ पनमा देवी बता रही हैं की ये 100 साल की बुजुर्ग महिला हैं। कोरोना काल के समय इनकी एक बहु कोरोना से मर गयी लेकिन उसके बाद भी इन्होने कोरोना का दोनों टीका लिया है और ये बिलकुल सुरक्षित हैं
करुणा वेरीफाइड कार्यक्रम के तहत विपिन कुमार का साक्षात्कार b.a. फाइनल स्टूडेंट अमन कुमार से विशेष बातचीत
फाइलेरिया के बेहतर इलाज के लिए जिला फाइलेरिया कार्यालय में बनेगा एमएमडीपी क्लीनिक - यहां प्रखंडों से रेफर फाइलेरिया रोगियों के बेहतर इलाज और चिकित्सकीय सलाह के लिए मौजूद रहेंगे चिकित्सक - डब्ल्यूएचओ के जोनल कॉर्डिनेटर डॉ. एस, एजहिलारसर ने एमएमडीपी से जुड़ी तमाम तकनीकी पहलुओं की दी जानकरी मुंगेर, 30 जुलाई। राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत जिला भर में मौजूद फाइलेरिया रोगियों के बेहतर इलाज और चिकित्सकीय सलाह के लिए बहुत ही जल्द जिला मुख्यालय स्थित जिला फाइलेरिया कार्यालय परिसर में जिलास्तरीय मॉर्बिडीटी मैनेजमेंट एंड डिसेबिलिटी प्रीवेंशन (एमएमडीपी) क्लीनिक शुरू किया जाएगा। जहां मौजूद चिकित्सक जिला भर के अधिकतम प्रभावित प्रखंडों से रेफर किए गए फाइलेरिया रोगियों की जांच, इलाज और चिकित्सकीय सलाह देंगे। इसके बाद चरणबद्ध तरीके से प्रखण्ड स्तर पर कार्यरत पीएचसी या सीएचसी परिसर में एमएमडीपी क्लीनिक बनाकर फाइलेरिया विशेषज्ञ चिकित्सक के द्वारा स्थानीय स्तर पर ही रोगियों को जांच, इलाज के साथ- साथ चिकित्सकीय सलाह उपलब्ध कराई जाएगी। मुंगेर के डिस्ट्रिक्ट वेक्टर बोर्न डिजिज कंट्रोल ऑफिसर डॉ. अरविंद कुमार सिंह ने बताया कि राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत विगत 7 से 21 जुलाई तक राज्य के छह ज़िलों दरभंगा, लखीसराय, नवादा, नालंदा, रोहतास और समस्तीपुर में सर्वजन दवा सेवन कार्यक्रम (एमडीए) चलाया गया। पिछले दिनों राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक संजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में जिला स्तर पर एमएमडीपी क्लीनिक बनाए जाने के साथ ही कई आवश्यक निर्देश दिए गए। उन्होंने बताया कि कार्यपालक निदेशक के निर्देशानुसार मुंगेर सहित सभी जिलों में हैड्रोसेलेक्टोनोमी को प्रमुखता से लागू करने और लाइन लिस्टिंग एवम बैकलॉग केस को जल्द से जल्द से पूरा किया जाएगा। इसके साथ ही अगले छह महीने में कैम्प लगाकर मिशन मोड़ में कम से कम 70 फीसदी लाभार्थियों का ऑपरेशन कराकर उन्हें हाइड्रोसील की परेशानी से मुक्त किया जाएगा। मुंगेर के वेक्टर डिजीज कंट्रोल ऑफिसर संजय कुमार विश्वकर्मा ने बताया कि नेशनल सेंटर फ़ॉर वेक्टर बोर्न डिजिज कंट्रोल (एनसीवीबीडीसी) नई दिल्ली के द्वारा दिये गए गाइड लाइन के आधार पर तत्काल नाइट ब्लड सर्वे की गतिविधि प्रारम्भ की जाएगी। इसके साथ ही फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के सन्दर्भ सही जानकारी पहुंचाने के लिए बिहार के ही सुप्रसिद्ध अभिनेता मनोज वाजपेयी के साथ विकसित वीडियो मैसेज सहित अन्य आईईसी मैटेरियल की मदद से जनमानस में फाइलेरिया बीमारी के संक्रमण से बचने और उसके उपचार के लिए किए जाने वाले उपाय के बारे में जागरूक किया जाएगा। शुक्रवार को डब्ल्यूएचओ के जोनल कॉर्डिनेटर डॉ. एस, एजहिलारसर ने एमएमडीपी से जुड़ी तमाम तकनीकी पहलुओं की दी जानकारी : डिस्ट्रिक्ट वेक्टर बोर्न डिजीज कंसलटेंट पंकज कुमार प्रणव ने बताया कि शुक्रवार को जिला फाइलेरिया कार्यालय में डब्ल्यूएचओ के जोनल कॉर्डिनेटर डॉ. एस, एजहिलारसर ने डॉ. संतोष कुमार सहित धरहरा और बरियारपुर से आये वेक्टर बोर्न डिजीज ऑफिसर व फाइलेरिया विभाग के स्टाफ और अन्य फील्ड स्टाफ को एमएमडीपी क्लीनिक में आने वाले फाइलेरिया रोगियों की जांच के लिए फाइलेरिया के विभिन्न सात स्टेज, उपचार की प्रकिया, एक्सरसाइज सहित कई महत्वपूर्ण तकनीकी जानकारियों के साथ एक्सरसाइज का डेमो भी दिया। इस दौरान उन्होंने लिम्फेटिक फ्लेरिसिस (एलएफ), प्रीडोमिनिएटली लिम्फेडेमा, एलिफिएंटीएसिस (हाथी पांव) और हाइड्रोसील के बारे में विस्तार से सभी तकनीकी पहलुओं और एमएमडीपी किट में होने वाले दवा सहित अन्य सामग्री और उसके इस्तेमाल के बारे में विस्तार पूर्वक डेमो के साथ जानकारी दी। इस अवसर पर केयर इंडिया के डिस्ट्रिक्ट प्रोग्रामिंग ऑफिसर (वीएल) ओम प्रकार नायक, सीफार के डिवीजन कोऑर्डिनेटर मीडिया जय प्रकाश कुमार, डॉ. सन्तोष कुमार, डिस्ट्रिक्ट फाइलेरिया ऑफिस के कई स्टाफ और फील्ड वर्कर उपस्थित थे।
बिहार राज्य के मुंगेर जिला के नौवागढ़ी से सीता कुमारी मोबाइल वाणी के माध्यम से यह जानना चाहती हैं कि कोरोना का तीसरा टीकाकरण कब मिलेगा
बिहार राज्य के मुंगेर जिला से श्रोता मोबाइल वाणी के माध्यम से यह जानना चाहते हैं कि उन्हें कोरोना का दूसरा टीका कहाँ मिलेगा
