पटना (महताब आलम)- बिहार सरकार ने सैलरी के इंतजार में बैठे शिक्षकों को राहत देते हुए वेतन जारी करने का आदेश दे दिया है. शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव आरके महाजन ने सभी डीईओ और डीपीओ को आदेश देते हुए कहा है कि नियोजित और नियमित शिक्षकों को जनवरी और फरवरी माह का वेतन निर्गत किया जाए ,जबकि यह भी आदेश दिया है कि फरवरी माह का वेतन उन्हीं शिक्षकों को दिया जाएगा जो हड़ताल पर नहीं गए और परीक्षा से लेकर मूल्यांकन कार्य में शामिल हुए. मतलब साफ है कि हड़ताली नियोजित और नियमित शिक्षकों को सिर्फ जनवरी यानि एक माह का ही वेतन मिलेगा. मालूम हो कि पिछले 41 दिनों से राज्य के 4 लाख नियोजित शिक्षक समान वेतन की मांग को लेकर हड़ताल पर हैं और इस बीच शिक्षकों को आर्थिक मार भी झेलनी पड़ रही है लेकिन फिलहाल एक माह के वेतन से शिक्षकों को थोड़ी राहत जरूर मिलेगी. शिक्षक संघर्ष समन्वय समिति ने बैठक कर ये फैसला लिया है कि अगर सरकार हड़ताल अवधि के वेतन की कटौती नहीं करती है तो सभी शिक्षक एक दिन का वेतन कोरोना मरीजों के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष में जमा करेंगे. समन्वय समिति के अध्यक्ष ब्रजनंदन शर्मा ने बैठक कर ये बताया कि सरकार शिक्षकों को जानबूझकर परेशान कर रही है जबकि सभी शिक्षक इस महामारी को लेकर भी राज्यभर में जागरूकता अभियान में जुटे हैं.

हवेली खरगपुर के बहिरा पंचायत के भदौरा ग्राम के पोषण मंडल के पुत्र फोन पर शिकायत किया था कि उनके पिताजी को कोरोना का लक्षण है स्वास्थ्य विभाग एवं प्रशासन के गाड़ी 20 मिनट के अंदर पोषण मंडल के घर पर आया उनका जांच-पड़ताल किया लेकिन वह टीवी बीमारी से पीड़ित है अच्छे इलाज के लिए स्वास्थ्य विभाग ने मुंगेर रेफर कर दिया। विस्तृत जानकारी के लिए ऑडियो पर क्लिक करें।

अभियान कोरोना कोई भूखे ना होना के तत्वाधान में आज लगभग 350 से 400 के घरों में साईं इंस्टिट्यूट के निर्देशक एवं राष्ट्रीय विधवा एवं विकलांग संघ के बिहार राज्य सलाहकार संजीव सिंह एवं राष्ट्रीय विधवा दिव्यांग संघ के उपाध्यक्ष राजेश वर्मा समाजसेवी अमित कुमार नीरज कुमार पंडित सौरभ कुमार कार्यपालक सहायक श्वेता सिंह के द्वारा अनाज का वितरण किया गया विस्तारपूर्वक सुनने के लिए ऑडियो पर क्लिक करें। इस खबर को सुनने के लिए ऑडियो पर क्लिक करें।

राष्ट्रीय विधवा दिव्यांग संघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ने कोरोनावायरस से उत्पन्न संकट की घड़ी में केंद्र सरकार एवं राज्य सरकार से अपील की है कि मुद्रा योजना को तखत बेरोजगार युवाओं को अधिक से अधिक काम मिले ताकि वह बेहतर जिंदगी जी सकें। सुनने के लिए ऊपर के ऑडियो पर क्लिक करें।

जिले के तमाम व्हाट्सएप ग्रुप अफवाह को रोकने को लेकर दिख रहे हैं सक्रिय।

हवेली खरगपुर के बहिरा पंचायत के भदौरा गांव में पंचायत के कई गांव के लोगों के बीच जिसमें महिला और पुरुष ने भाग लिया बिहार प्रदेश सचिव लक्ष्मण कुमार सिंह राष्ट्रीय विधवा दिव्यांग संघ एवं जिला अध्यक्ष सुनील कुमार हवेली खरगपुर प्रखंड अध्यक्ष संजीत कुमार के सौजन्य से साबुन का वितरण किया गया। इस खबर को सुनने के लिए ऑडियो पर क्लिक करें।

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पटना (महताब आलम) - वैश्विक महामारी कोरोनावायरस के रोकथाम के लिए राज्य सरकार प्रयत्नशील है। इसको लेकर सभी चिकित्सा कर्मियों की छुट्टी रद्द की गई है। राज्य स्वास्थ्य समिति के निर्देशानुसार सभी चिकित्सा कर्मियों के अध्ययन व मातृत्व अवकाश को छोड़कर शेष अवकाश को रद्द कर दिया गया था। सभी को अपने कर्तव्य पर बने रहने का निर्देश दिया गया था। हालांकि कई चिकित्सक अपने कर्तव्यों से अनुपस्थित पाए जा रहे हैं। जिनके खिलाफ विभाग ने कार्यवाही करना शुरू कर दी है। राज्य स्वास्थ्य समिति ने 198 चिकित्सा पदाधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही शुरू की है। जिसमें 76 चिकित्सा पदाधिकारियों से 3 दिनों के अंदर स्पष्टीकरण मांगा है। स्पष्टीकरण में कहा गया है कि क्यों ना आप लोगों के खिलाफ नियमानुसार प्रशासनिक तथा आपदा अधिनियम एक्ट 2005 एवं महामारी अधिनियम 1897 की सुसंगत धाराओं के तहत कार्रवाई की जाए। पत्र में बताया गया है कि शेष 122 अनाधिकृत अनुपस्थित चिकित्सा पदाधिकारियों पर कार्रवाई की जा रही है। 3 दिनों में मिले 198 चिकित्सा कर्मी अनुपस्थित: राज्य में कोरोना संक्रमण पर प्रभावी रोकथाम के लिए सभी चिकित्सा कर्मियों को कार्य स्थल पर उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए थे. जिसे लेकर राज्य स्वाथ्य समिति द्वारा गंभीरतापूर्वक चिकित्सा कर्मियों की उपस्थिति की मॉनिटरिंग भी की गयी. जिसमें 31 मार्च को 76, 1 अप्रैल को 60 एवं 2 अप्रैल को 62 चिकित्सा पदाधिकारी अपने कर्तव्य से अनधिकृत रूप से अनुपस्थित पाए गए हैं.

पटना (महताब आलम) : राज्य में ए.इ एस मरीजों को बेहतर एम्बुलेंस सुविधा बहाल करने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में सोमवार को स्वास्थ्य मंत्री, बिहार सरकार मंगल पाण्डेय ने राज्य स्वास्थ्य समिति परिसर में सोशल डिस्टेन्सिंग का अनुपालन करते हुए 18 नए एम्बुलेंस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह नए एम्बुलेंस राज्य के कुल 4 जिलों के एइएस मरीजों को बेहतर सुविधा प्रदान करेगी. 11 एईएस प्रभावित जिलों में 379 एम्बुलेंस की सुविधा: इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री मंगल पाण्डेय ने बताया बेहतर स्वास्थ्य सुनिश्चित करने में गुणवत्तापूर्ण एम्बुलेंस सुविधा जरूरी होता है। एइएस मरीजों को बेहतर एम्बुलेंस सुविधा ससमय उपलब्ध हो सके इस दिशा में राज्य सरकार द्वारा निरंतर प्रयास भी किए जाते रहे हैं। अभी राज्य के 11 एइएस प्रभावित जिलों में 379 एम्बुलेंस की सुविधा प्रदान की जा रही है जिनकी संख्या अब बढ़कर 397 हो जाएगी. इनके संचालन का नियंत्रण बिहार सरकार के जिम्मे होगा। इससे बिना अवरोध इनका नियमित संचालन किया जा सकेगा। राज्य के कुल 11 जिलों के लोग नए एम्बुलेंस की सुविधा से लाभान्वित हो सकेंगे। राज्य के 11 एईएस प्रभावित जिलों में कुल 18 नए एम्बुलेंस प्रदान कराए गए हैं. जिसमें मुजफ्फरपुर में 9, पूर्वी चंपारण 4, दरभंगा 3 एवं सारण में 2 एम्बुलेंस की संख्या बढ़ायी गयी है। ए.इ एस मरीजों को 102 एम्बुलेंस सेवा निशुल्क उपलब्ध करायी जा रही है. पूर्व से मुजफ्फरपुर में 34, पूर्वी चंपारण में 33, दरभंगा में 38, सारण में 33, समस्तीपुर में 34, पश्चिमी चंपारण में 29, गोपालगंज में 21, सिवान में 27, वैशाली में 47, सीतामढ़ी में 28 और शिवहर में 11 एम्बुलेंस की सेवा प्रदान की जा रही है. इस अवसर पर राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यकारी निदेशक मनोज कुमार, अपर कार्यपालक निदेशक करुना कुमारी, उप सचिव राज्य स्वास्थ्य समिति रविश किशोर सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

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सौर ऊर्जा से संचालित बैटरी के चोरी होने के आरोप में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया
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April 8, 2020, 11:04 a.m. | Location: 731: BR, Munger | Tags: gov officers   local events   autopub   police   crime  


कोरोना वायरस से बचाव के लिए पंचायत के लोगों को के मध्य साबुन का किया गया वितरण।विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।
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April 8, 2020, 11:47 a.m. | Location: 731: BR, Munger | Tags: PRI   disease   int-DT   health   autopub   coronavirus  

पटना (महताब आलम) - वैश्विक महामारी कोरोनावायरस के रोकथाम के लिए राज्य सरकार प्रयत्नशील है। इसको लेकर सभी चिकित्सा कर्मियों की छुट्टी रद्द की गई है। राज्य स्वास्थ्य समिति के निर्देशानुसार सभी चिकित्सा कर्मियों के अध्ययन व मातृत्व अवकाश को छोड़कर शेष अवकाश को रद्द कर दिया गया था। सभी को अपने कर्तव्य पर बने रहने का निर्देश दिया गया था। हालांकि कई चिकित्सक अपने कर्तव्यों से अनुपस्थित पाए जा रहे हैं। जिनके खिलाफ विभाग ने कार्यवाही करना शुरू कर दी है। राज्य स्वास्थ्य समिति ने 198 चिकित्सा पदाधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही शुरू की है। जिसमें 76 चिकित्सा पदाधिकारियों से 3 दिनों के अंदर स्पष्टीकरण मांगा है। स्पष्टीकरण में कहा गया है कि क्यों ना आप लोगों के खिलाफ नियमानुसार प्रशासनिक तथा आपदा अधिनियम एक्ट 2005 एवं महामारी अधिनियम 1897 की सुसंगत धाराओं के तहत कार्रवाई की जाए। पत्र में बताया गया है कि शेष 122 अनाधिकृत अनुपस्थित चिकित्सा पदाधिकारियों पर कार्रवाई की जा रही है। 3 दिनों में मिले 198 चिकित्सा कर्मी अनुपस्थित: राज्य में कोरोना संक्रमण पर प्रभावी रोकथाम के लिए सभी चिकित्सा कर्मियों को कार्य स्थल पर उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए थे. जिसे लेकर राज्य स्वाथ्य समिति द्वारा गंभीरतापूर्वक चिकित्सा कर्मियों की उपस्थिति की मॉनिटरिंग भी की गयी. जिसमें 31 मार्च को 76, 1 अप्रैल को 60 एवं 2 अप्रैल को 62 चिकित्सा पदाधिकारी अपने कर्तव्य से अनधिकृत रूप से अनुपस्थित पाए गए हैं.