गहरे पानी के नाले में डूबने से चितरंजन सिंह के पुत्र भास्कर कुमार की मौत हो गई सुनने के लिए क्लिक करें
अखिल भारतीय मजदूर संघ ने किया पौधारोपण मुंगेर:शुक्रवार 28 अगस्त को भारतवर्ष के सबसे बड़े श्रम संगठन भारतीय मजदूर संघ की ओर से विश्व पर्यावरण दिवस मनाई गई । भारत के सभी राज्य एवं जिला संगठनों ने इस कार्यक्रम के तहत पौधरोपण कार्य को संपन्न किया। इस मौके पर भारतीय मजदूर संघ जिला मुंगेर के अध्यक्ष रविंद्र प्रसाद यादव ने अपने जिला इकाई संगठन के साथ पौधरोपण एवं वन संरक्षण को पर्यावरण के लिए और मनुष्य जीवन के लिए सुरक्षित बताया एवं कार्यालय परिसर में चार पौधों का प्रत्यारोपण किया गया। संगठन के साथियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि यह एक सुरक्षा कवच है। उन्होंने मजदूर साथियों से अपील करते हुए कहा कि हर कोई कम से कम एक पौधा अवश्य लगाएं । इस मौके पर पौधा वितरण एवं मास्क वितरण भी किया गया । भारतीय मजदूर संघ के वित्त प्रमुख जय कांत शर्मा कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए कार्यरत थे। इस कार्यक्रम में गोपाल प्रसाद , राम प्रवेश यादव , लल्लन गुप्ता योगेंद्र गुप्ता आदि उपस्थित थे।
मुंगेर: विधानसभा चुनाव की तैयारी को लेकर गुरुवार को जिले के सभी मास्टर ट्रेनर को दो दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण में चुनाव से संबंधित तैयारियों पर विस्तार से जानकारी दी गई। इसे सुनने के लिए मोबाइल वाणी मुंगेर की आवाज पर क्लिक करें।
मुंगेर: मुंगेर में बाढ़ पीड़ितों की परेशानी कम होने का नाम नहीं ले रहा है । बाढ़ के कारण पानी की थपेड़ों से कई जगह कटाव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। प्रभावित लोगों को मवेशियों के लिए चारा उपलब्ध कराना भी मुश्किल हो गयाहै। इसे सुनने के लिए मोबाइल वाणी मुंगेर की आवाज को क्लिक करें।
धरहरा (संवाददाता):मुकेश कुमार पान बने पान स्वासी बुनकर महादलित संघ के प्रदेश अध्यक्ष।प्रदेश महासचिव गोपाल प्रसाद तांती ने बताया कि पूर्व विधान पार्षद व पूर्व अतिपिछङा वर्ग आयोग के अध्यक्ष स्वर्गीय रवीन्द्र प्रसाद तांती के कोरोना से मौत हो गई थी जिनका श्राद्धकर्म बुधवार को सम्पन्न हुआ।श्राधकर्म सम्पन्न होने के बाद पान बुनकर महादलित संघ की आपातकालीन बैठक आयोजित की गई।इस आपातकालीन बैठक मे स्वर्गीय रवीन्द्र तांती के बङे पुत्र मुकेश कुमार तांती को सर्वसम्मति से प्रदेश अध्यक्ष मनोनीत किया गया तथा आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर एक रणनीति बनाई गई।इस बैठक में मुख्य रूप से पान बुनकर महादलित संघ के प्रधान महासचिव डां राजीव कुमार पान,प्रदेश महासचिव गोपाल प्रसाद तांती,पंकज कुमार तांती,संजीत कुमार तांती,सभी जिले के सचिव व जिला अध्यक्ष तथा कुछ बुद्धिजीवी लोग मौजूद थे।सुनने के लिए ऊपर के ऑडियो पर क्लिक करें।
किसानों के लिए खुशखबरी, पशुओं को ईयर टैग लगवा कर पहचान बनाए और सरकारी योजनाओं का उठाएं लाभ ,मुंगेर: पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग की ओर से अच्छी पहल की शुरुआत की गई है। अब सभी पशुओं का टीकाकरण के पूर्व ईयर टैग कनैली लगाकर रजिस्ट्रेशन करवाना अनिवार्य है। टैगिंग पूर्णता नि:शुल्क है । यह पशुओं के लिए आधार कार्ड की तरह है। इसके साथ पशुओं को हेल्थ कार्ड भी वितरित किया जाएगा। जिसे सुरक्षित संधारित रखना पशुपालकों की जिम्मेवारी होगी। इस योजना के तहत कई फायदे हैं अटैक के माध्यम से पशुओं एवं उनके मालिकों की पहचान कर उसके आंकड़े का रिकॉर्ड रखा जाता है । जिससे सरकार द्वारा चलाई जाने वाली टीकाकरण अभियान का लाभ सुगमता पूर्वक एवं समय पर उपलब्ध होगा। पशुओं के बीमा के लिए भी टैगिंग अनिवार्य और लाभदायक है। टैग लगने से खो गए अथवा चोरी हुए पशुओं का पता लगाना आसान हो जाएगा । भविष्य में पशुओं के ऑनलाइन क्रय-विक्रय प्रक्रिया में भी टैग तथा पशु स्वास्थ्य कार्ड लाभदायक होगा। किए गए टीकाकरण एवं कृमि नाशक दवाओं से डीवर्मिंग के ब्योरे के साथ नस्ल एवं दुग्ध उत्पादक क्षमता की जानकारी लेना भी टैगिंग से संभव है। पशुओं के कार्य की प्रगति ऑनलाइन अपडेट करने, नस्ल सुधार को नियंत्रित करने तथा कई बीमारियों के उन्मूलन में मददगार एवं पशुओं के वंशावली का रिकॉर्ड रखने में सहायक होती है । रीग के दौरान टीकाकरण प्रमाण पत्र नि:शुल्क उपलब्ध कराया जा रहा है। जिससे पशुओं को टीकाकरण एवं कृमि नाशक दवा की पूर्ण विवरण के साथ आगामी तिथि का निर्धारण अंकित रहेगा। इसके लिए पशुपालकों को कुछ सावधानी बरतनी होगी । जैसे टैगिंग को एंटीसेप्टिक लोशन, बेटाडीन, सेवलॉन, से अच्छी तरह साफ करें। खून निकलने की स्थिति में दो से तीन बूंद या बीटाडीन डालें, लगाने के उपरांत 2 से 4 दिनों तक टैग वाले कान का गंदगी गंदगी से बचाव करें। कान में सूजन या घाव होने की स्थिति में घाव को एंटीसेप्टिक से साफ कर हायमैक्स या टोपीक्युर मलहम लगाएं। तथा अन्य आवश्यक उपचार भी यदि जरूरी समझे तो करें। इसके तहत पशु को बिना काबू में लिए टैग नहीं लगाएं , कान के ऊपरी हिस्से में टैक्लैब को नहीं लगाना है। एप्लीकेटर में टैग लगाकर मेटल वाले भाग में एंटीसेप्टिक लोशन लगाए बिना टैग न लगाएं । एप्लीकेटर को अच्छी तरह बिना टाइप किए हुए न लगाएं। एप्लीकेटर को मेटल भाग टूटने पर बिना बदले टैग न लगाएं। पूर्व से 12 डिजिट का टैग लगा हो तो दोबारा टैग ना लगाएं । इस संबंध में किसी भी प्रकार की कोई कंफ्यूजन हो तो अपने नजदीकी पशु चिकित्सक से जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
मोरल ग्रुप ऑफ कंपनीज के सीएमडी का हुआ भव्य स्वागत गुरुवार को मुंगेर स्थित मोरल ऑफिस में मोरल ग्रुप ऑफ कंपनीज के सीएमडी अरूण शर्मा का जेडएम एन के सिंह, सीनियर एजेंट जय किशोर कुमार , दिव्य मूर्ति , मनमोहन कृष्ण सिन्हा , अमित कुमार एवं अन्य वरिष्ठ मेम्बर्स का गर्म जोशी से स्वागत किया गया। सीनियर एजेंट जय किशोर ने अपने संबोधन में कहा कि इतने कम समय में शार्ट नोटिस पर इतना संक्षिप्त कार्यक्रम पर पुर्ण प्रभावी शानदार प्रस्तुति के लिए स्थानीय व्यवस्थापक का जितनी भी प्रशंशा की जाय वो कम होगा।सबों का हृदय में बसने वाले मोरल कंपनी के सीएमडी ने मोरल की कहानी रियल एस्टेट सेग्मेंट के साथ शानदार तरीके से पेश की। कंपनी के सभी सदस्यों ने सुनकर भाव विभोर हो गये।पूरी उर्जा से अपने लक्ष्य की ओर बढ़ने का संकल्प लिया। सीएमडी ने अपने संबोधन में कहा कि पुराने और नये साथियों की शानदार उपस्थिति से स्पष्ट हो गया कि मुंगेर पुन: रिकॉर्ड बनाएगा। ऐसा लग रहा था कि कोरोना संक्रमण काल में मिटिंग नहीं हो पाएगी। लेकिन कंपनी से जुड़े साथियों ने अपने सीएमडी से रूबरू होने के लिए व्याकुलता के कारण अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।उनके संबोधन को सुनने के लिए इस विकट परिस्थिति में भी इन लोगों ने मीटिंग में शामिल हुए। इसके लिए तमाम साथियों को दिल से धन्यवाद। सीएमडी ने मैन टू मैन बातचीत किए। उनके हर सबाल के जबाव देकर उन्हें गदगद कर दिया। रजनी अहमद ने आज के कार्यक्रम को देखकर कहा कि आज सीएमडी साहब के उपस्थिति और सम्बोधन से मुंगेर ब्रांच धन्य हो गया। उपस्थित कार्यकर्ताओं ने सीएमडी को वचन दिया कि मुंगेर जिला अपने कार्य में प्रथम स्थान प्राप्त करेगा। मौक़े पर डॉ• रिजवान आलम, रजी अहमद, शमा अंजुम, रितिका कुमारी, अंजलि कुमारी आदि उपस्थित थे ।
दो मिनट खड़े हो जाओ तस्वीर देख लो फाटक पर । कोई लौटा दें कवि मुकुर के बीते हुए वो दिन। मामला जमालपुर कारखाना का। गंगा रजक मुंगेर। प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेई के समकक्ष कवि दुर्गा मुकुर की कविता और जमालपुर रेल कारखाना में घटते मजदूर आज सरकार के लिए झंझावात बन पड़ी है। प्रख्यात साहित्यकार भाजपाई जी रचना के लिए प्रसिद्ध थे। उसी तरह दुर्गा मुकुर अंग प्रदेश में अपनी रचना के लिए प्रसिद्ध थे और मिट्टी की सोंधी खुशबू बिखेरते थे। उनकी कविताओं में जीवंत था, लेकिन सरकार की जो स्थिति है वह जीवंत कविता अखबार के पन्नों में साहित्यकार के बीच गुम होने लगा है। आज प्रसिद्ध रचना को संवारने वाला भी कोई नहीं है। कारखाना ने पूरे शहर को धुंंआ दिया, बदले में बिजली और पानी नहीं दी। अंग्रेजों ने जिस शहर को बसाया आज वह शहर टिस टिस कर दम तोड़ने को बेताब है। जो बिहार से भाजपा मुखर हुई और लालू यादव जेल गए । आज वो भाजपा के दो-दो प्रधानमंत्री रेल नगर जमालपुर को भूल गए। विडंबना है कि दुर्गा मुकुर जैसे लोक कवि की रचना तो नहीं संवर पाई। लेकिन केंद्र में भाजपा की सरकार मिली और जब मुंगेर में ओभरव्रिज उद्घांंटन की बारी थी उसमें रेल सह सड़क पुल की योजना थी। जिसे तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई ने शिल्यानास किया और आज तक उसका कार्य अधूरा है। रेल पटरी पर ट्रेनें तो दौड़ रही है लेकिन रोड नहीं बन पाया हैंं। वहीं वर्तमान प्रधानमंत्री मुंगेर आए और उन्होंने मुंगेर के जवानी और पानी को सराहा था। जो सच था।लेकिन उस जवानी का होंठ सूख रहा हैं और उस पानी का तासीर कम हो रहा हैं। जानकारी के मुताबिक दिनकर ने राष्ट्र को संदेश दिया और सभी प्रधानमंत्री मुंगेर के दिनकर को जानते हैं। लेकिन मुंगेर की विकास की बात होगी तो मुंगेर याद भी नहीं आता है। दुर्गा मुकुर की कविताओं पर ध्यान दें तो उन्होंने छः नंबर गेट पर गंभीर कविता लिखा है । जो व्यंग्य भी हैं और प्रेरणादाई भी। उन्होंने कहा " दो मिनट खड़े हो जाओ तस्वीर देख लो फाटक पर, जीवन पर हर तकदीर देख लो फाटक पर। इनकी कविता में जमालपुर कारखाना के छः नंबर गेट की भरपूर जिक्र है और जीवंत भी क्योंकि 6 नंबर गेट पर भाजपाई को प्रधानमंत्री बनने के पूर्व भारी भीड़ होती थी और पूरा दिन के दो समय सुबह 7 बजे और शाम 4 बजे जब रेलकर्मी निकलते थे । इस छोटे से मोड़ पर कम से कम एक लाख की बिक्री होती थी। स्थानीय व्यवसायी सहित आसपास के ठेला व हॉकर दुकानदार मालामाल हो कर जाते थे और चेहरे पर मुस्कान की फुलझड़ियां छुटती थी। क्योंकि इसी छः नंबर गेट से तीन श्रमिक ट्रेन तीन दिशा में प्रस्थान करती थी। जिसमें अनेकों भेंडर यहां अपना व्यवसाय करते थे और यह ट्रेन तीन दिशा में जाने के साथ भेंडर भी अपना व्यवसाय तीन दिशा में करते थे। यह ट्रेन जमालपुर से मुंगेर, जमालपुर से सुल्तानगंज तथा जमालपुर से उड़ैन । जो 80 किलोमीटर परिधि के दायरे में फैला था। इस ट्रेन को यूनियन के आंदोलन के बावजूद बंद कर दिया गया और ट्रेन बंद होते ही हजारों हजार युवकों, व्यवसायियों के पेट में लूरा बन कर ताला लग गया। रेल कारखाना के तमाम अधिकारी दुर्गा मुकुर से वाकिफ है और आज भी उनके कायल है। उन्होंने मुंगेरिया,श्रमिक ट्रेन,बिजुरिया जैसे अनेक कविता को लिखा। " कईसन कलेजवा में लग जाए धक से, मार दूर हो बतिया बुता जाय भक से " । इस कविता का सार तत्कालिक सरकार से था। जो बिजली के जगह अंधेरा दिया लेकिन नीतीश सरकार में बिजली की खामियां दूर हुई और कविता का सार भी पूरा हुआ। लेकिन दुर्गा मुकुर का तमाम व्यंग केंद्र सरकार ने आज तक पूरा नहीं कर पाई है। 12 वर्षों की भाजपा सरकार को लोगों ने बहुत ही उम्मीद से देखा था और बिहार में भाजपा के 17 सांसदों को दिया। जबकि जदयू को 16 वहीं लोजपा के 6 सांसद सहित कुल 39 सांसद दी हैं। अब तो प्रश्नचिन्ह उठने लगा है कि बिहार के सांसद को यह भी पता है कि नहीं बिहार में एशिया प्रसिद्ध जमालपुर कारखाना है कि नहीं ? जो गंभीर सवाल हो गए हैं कि संसद में जाकर बिहार के परिदृश्य को रखते हैं या नहीं या सांसद निधि भझाने में व्यस्त रहते हैं। बात निकलेगी तो दूर तलक जाएगी। लोग पूछेंगे जुदाई का सबब । अब देखना है कारखाना का राष्ट्रीय मुद्दे और मुंगेर पुल के नाम पर विधानसभा चुनाव में भाजपा जदयू गठबंधन कितना खरा उतर पाती है।
