*विजेता एवं जिंदल के बाद अब जेएमसी कर रही जलापूर्ति के नाम पर लूट - केशरी* घटिया एवं गुणबत्ताविहीन बालू-गिट्टी का प्रयोग कर जेएमसी प्रोजेक्ट्स द्वारा जलमीनारों का निर्माण कराया जा रहा है जिससे कुछ ही महीनों में इन जलमीनारों का टूटना तय है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी किसी भी कीमत पर ऐसा घटिया निर्माण नहीं होने देगा। उपर्युक्त बातें एनसीपी श्रमिक प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष संजय केशरी ने अपने आवासीय कार्यालय में आयोजित सम्वाददाता-सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा। श्री केशरी ने आक्रोशित शब्दों में कहा कि जलापूर्ति योजना के नाम पर जिस तरह से विजेता कंस्ट्रक्शन और उसके बाद जिंदल ने करोड़ों रुपए की लूट मचाई थी उसी राह पर चलते हुए जेएमसी प्रोजेक्ट्स भी लूट का ताना-बाना बुन चुकी है जिसे सफल नहीं होने दिया जाएगा। एनसीपी श्रमिक नेता श्री केशरी ने इस बात पर भी गंभीर आपत्ति दर्ज कराते हुए कहा कि मजदूर दिवस पर जेएमसी प्रबंधन द्वारा कल्याणकारी घोषणा करना तो दूर छुट्टी मजदूरों को तक नहीं दिया गया। इसके अलावे श्री केशरी ने इस बात पर भी आक्रोश जताया कि प्रतिबंधित गंगा नदी के मिट्टी-बालू का प्रयोग करके बनाए गए फ्लाई ऐश ब्रिक्स का उपयोग जेएमसी प्रबंधन जानकारी के बावजूद कैसे कर रहा है। श्री केशरी ने कहा कि पाइप बिछाने के बाद सड़कों की घटिया बालू-गिटृटी से पीसीसी मरम्मत का परिणाम है कि एक तरफ से मरम्मत हो रहा है तो दूसरी ओर वह टूटता जा रही है। श्री केशरी ने जेएमसी प्रबंधन को आगाह करते हुए कहा कि अविलंब घटिया बालू-गिट्टी से किए गए निर्माण को सुधारते हुए अच्छी क्वालिटी के बालू-गिट्टी का उपयोग कर जलमीनारों एवं पीसीसी मरम्मत सहित अन्य कार्य करावें अन्यथा राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं को जेएमसी कार्यालय में हल्ला-बोल करने को बाध्य होना पड़ेगा। सम्वाददाता सम्मेलन में मनोरंजन सिंह, राजीव शर्मा, रामबिनय कुमार, बलराम गुप्ता एवं शंकर यादव सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित थे।
चल बसे अरुण सिंह फिल्म निर्माता एवं पॉडयू स सर खगड़िया जिला के गोगरी प्रखण्ड के बौरना निवासी अरुण सिंह का हेदराबाद के निजी अस्पताल मे निधन
मृतक सुनील टेंट के कुशल कारीगर था।
यूनिसेफ़ बिहार एवं प्राइवेट स्कूल्स एंड चिल्ड्रन वेलफेयर एसोसिएशन (PSACWA) की संयुक्त अपील “इस कठिन समय में आपके बच्चों को आपकी सबसे अधिक आवश्यकता है — उनकी सुरक्षा, पढ़ाईं और मानसिक स्वास्थ्य पर दें ध्यान” संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए घर में ही रहें; घर के अंदर सुरक्षित, सकारात्मक और सहायक वातावरण बनाएं पटना/ 30 अप्रैल 2021: कोविड की इस दूसरी लहर ने एक सुनामी का रूप धारण कर पूरे भारत को आक्रांत कर रखा है। इस महामारी से निपटने के लिए बिहार सरकार ने आवश्यक कदम उठाए हैं परंतु अब इससे लड़ना सबकी सामूहिक जिम्मेदारी बन गई है। इसी जिम्मेदारी के तहत यूनिसेफ़ बिहार एवं प्राइवेट स्कूल्स एंड चिल्ड्रन वेलफेयर एसोसिएशन (PSACWA) साथ आए हैं एवं उन्होंने एक संयुक्त अपील जारी की है जिसके द्वारा भारत के 650 जिलों और 6.4 लाख गाँवों के लगभग 2 लाख से अधिक प्राइवेट स्कूलों तक कोविड से सुरक्षा, सावधानी और सही जानकारियाँ पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। प्राइवेट स्कूल्स एंड चिल्ड्रन वेलफेयर एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सैयद शमायल अहमद और यूनिसेफ़ बिहार की चीफ नफीसा बिनते शफीक ने इस साझा अपील में सर्वाधिक चिंता बच्चों के मनोवैज्ञानिक स्वास्थ्य के बारे में जाहिर की है। इस संयुक्त अपील द्वारा इस बात पर विशेष बल दिया गया है कि जहां तक संभव हो सभी अपने परिवारों के साथ घर में हीं रहें, जब तक बिल्कुल जरूरी न हो, बाहर ना जाएँ। सुरक्षा प्रोटोकॉल/अनुदेशों और सरकारी दिशानिर्देशों का कड़ाई से पालन करें। प्राइवेट स्कूल एंड चिल्ड्रेन वेलफेयर एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री सैयद शमायल अहमद ने बताया कि बच्चों के लिए घर में एक सुरक्षित, सकारात्मक और सहायक वातावरण बनाया जाए। महामारी के कारण बच्चों के स्कूल बंद हो गए, उनका बाहर खेलने जाना बंद हो गया; उनकी पढ़ाई ऑनलाइन हो गई है; उन्हें दोस्तों, परिवार और मौज-मस्ती से पृथक होना पड़ा है। परिवार के लोग संक्रमित हो रहे हैं, और बच्चे एवं युवा भी संक्रमण की चपेट में आ रहे हैं। बच्चों में मानसिक तनाव, उलझन, भय और चिंता बढ़ रही है। उनमे कई तरह की नकारात्मक मनोवैज्ञानिक प्रवृत्तियाँ भी देखने को मिल रहे हैं। इस महामारी ने बहुत परिवारों के रोजगार और उनकी जीविका की संभावनाओं पर प्रश्नचिंन्ह लगा दिया है। इसी तथ्य को सामने रखते हुऐ राष्ट्रीय अध्यक्ष सैयद शमायल अहमद ने अपने इस अपील में सर्वाधिक चिंता बच्चों के मनोवैज्ञानिक स्वास्थ्य पर जाहिर की है। यूनिसेफ़ बिहार की राज्य प्रमुख सूश्री नफ़िसा बिनते शफीक ने सभी माता-पिता और बच्चों की देखभाल करने वालों से अपील की है कि संकट की इस घड़ी में हम सब को बेहद संवेदनशील होने की आवश्यकता है, “आपके बच्चों को इस समय आपकी सबसे अधिक आवश्यकता है।“ इस महामारी में उनकी शारीरिक, मनोवैज्ञानिक, भावनात्मक भलाई आपके कार्यों और प्रतिक्रियाओं पर निर्भर करती है। लड़कियों, विशेष जरूरतों वाले बच्चों और हाशिये पर खड़े समूहों के लोगों को ऐसे में विशेष ध्यान और देखभाल की आवश्यकता है। माता-पिता खुद भी बहुत परेशान हैं, ऐसे में अपना मनोबल ऊंचा बनाए रखना है, बच्चों को सकारात्मक गतिविधियों में व्यस्त रखना जरूरी है, यूनिसेफ़ और अन्य संस्थाओं द्वारा “पेरेंटिंग” पर बहुत से ऑनलाइन सीखने के संसाधन हैं जिनका इस्तेमाल किया जा सकता है। कैरियर संबंधी जानकारी www.yuwaah.org और www.biharcareerportal.com पर ले सकते हैं। . माता-पिता को तनाव-परामर्शदाता, मनोचिकित्सकीय अथवा मनोवैज्ञानिक परामर्श लेने में झिझक नही करना चाहिए। NIMHANS द्वारा निःशुल्क हेल्पलाइन ( 08046110007)भी चलाई जा रही है। जरूरतमन्द बच्चों के लिए चाइल्डलाइन 1098 पर फोन करें। संकट की इस घड़ी में हम सब की यह जिम्मेदारी है कि हम सभी सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन करें। एक-दूसरे के प्रति करुणा और दया का भाव रखें और जहां तक हो सके एक-दूसरे की मदद करें। मास्क का उपयोग अत्यंत आवश्यक है। जब भी आप बाहर जाएँ, दूसरों से मिलें या किसी कोविड संक्रमित व्यक्ति के पास जाएं, त्रिस्तरिए मास्क का प्रयोग करें। घर से बाहर निकालने की स्थिति में शारीरिक दूरी (कम-से-कम दो गज) का पालन अत्यंत जरूरी है तथा साबुन से कम-से-कम 20 सेकेंड तक अपने हाथों को नियमित धोते रहें। बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं तथा अन्य बीमारियों से ग्रसित लोगों का विशेष ध्यान रखें और सभी पात्र-लाभार्थी समय पर कोविड का टीका अवश्य लें।
हीरो राजन कुमार को सदमा, जीजा राजेश कुमार का निधन कुदरत के फैसले को स्वीकार करके आगे बढ़ना ही ज़िन्दगी है: हीरो राजन कुमार देश मे कोरोना महामारी न जाने कितने परिवार में दुखों का पहाड़ लेकर आई है। एन्टी कोरोना अम्बेसडर हीरो राजन कुमार को भी गहरा सदमा लगा है। उन्होंने आज अपने प्यारे जीजा जी श्री राजेश कुमार को खो दिया। वो कई दिनों से अस्पताल में थे, आज अंतिम सांस ली। यह सुनकर राजन कुमार बेहद दुखी हुए और एकदम शॉक्ड रह गए लेकिन फिर उनके जेहन में यह बात आई कि कुदरत के फैसले को स्वीकार करके आगे बढ़ना ही ज़िन्दगी है। अपनी बहन, भांजे भांजी और परिवार के दुख में शरीक होने के लिए और उन्हें हिम्मत देने के लिए हीरो राजन कुमार उनके पास पहुंचे। राजन कुमार अपने जीजा के यू जाने से बेहद दुखी हैं। उन्होंने कहा कि डियर जीजा जी यह ठीक नहीं किया आपने। "तुम जैसे गए ऐसे भी जाता नहीं कोई।" राजन कुमार ने दुख भरे स्वर में कहा कि मेरे जीजा जी मेरे हीरो थे, वो सिर्फ एक रिश्तेदार नहीं बल्कि मेरे दोस्त थे, मेरे सलाहकार थे। उनके जाने की खबर मुझे अब भी सच्ची नहीं लगती। उनके साथ मेरा लंबा एसोसिएशन रहा। आपने मुझे निःशब्द कर दिया है जीजा जी। आप ने बहुत जल्दी इस दुनिया को अलविदा कह दिया। कोविड अब काल बनकर आया है इसलिए मैं सभी दोस्तों और तमाम लोगों से यह कहना चाहूंगा कि प्लीज़ आप अपने घरों से बाहर न निकलें औऱ सुरक्षित रहें। आपको बता दें कि श्री राजेश कुमार डीवीसी में इंजीनियर के रूप में कार्यरत थे। 56 वर्षीय राजेश कुमार के निधन पर राजन कुमार ने गहरा शोक व्यक्त किया है। आपको बता दें कि राजेश कुमार और राजन कुमार के बीच जीजा साला का प्यारा सा रिश्ता वैसा ही था जैसा फ़िल्म बंधन में था। उस फिल्म में सलमान खान का एक डॉयलॉग काफी पॉपुलर हुआ था "जो जीजा जी बोलेंगे वो मैं करूँगा।" कुछ ऐसा ही रिलेशन इन दोनों के बीच भी था।
रविवार को मुंगेर जिले के विभिन्न क्षेत्रों से विभिन्न प्रखंडों से आए कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या पहुंची 141 इसमें 43 महिला तो 98 पुरुष शामिल है इसकी जानकारी सिविल सर्जन डॉक्टर हरेंद्र कुमार आलोक ने दिए
जिले में 8482 कोरोना संक्रमित मरीजों में 6139 कोरोना संक्रमित मरीज हुए स्वस्थ - जिले में कुल 2270 एक्टीव केस, कोरोना जांच के लिए लिया गया है कुल 457618 लोगों का सैम्पल मुंगेर, 30 अप्रैल| जिले में शुक्रवार तक कुल 8482 कोरोना संक्रमित मरीजों में से 6139 कोरोना संक्रमित मरीज कोरोना संक्रमण को हराकर स्वस्थ्य हो चुके हैं। इसके अलावा जिले के कुल 73 लोग कोरोना से लड़ाई हार चुके हैं| इसके साथ ही मुंगेर से बाहर मुंगेर के कुल 14 लोगों ने भी कोरोना संक्रमण की वजह से अपनी जान गवां दी है। अच्छी खासी संख्या में लोग कोरोना वायरस के संक्रमण से जीतकर स्वस्थ्य भी हो रहे मुंगेर के सिविल सर्जन डॉ. हरेंद्र आलोक ने बताया जिले में लोगों के कोरोना संक्रमित होने की तुलना में अच्छी खासी संख्या में लोग कोरोना वायरस के संक्रमण से जीतकर स्वस्थ्य भी हो रहे हैं। उन्होंने बताया, शुक्रवार को एक बार फिर से जिले में कुल 192 लोग कोरोना संक्रमित हो गए हैं जिसमें 128 पुरुष और 64 महिलाएं हैं। जिले के विभिन्न आइसोलेशन सेंटर में या होम आइसोलेशन में शुक्रवार तक कुल 1312 मरीज भर्ती हुए। इनमें से 46 मरीज मुंगेर के आइसोलेशन में भर्ती हुए जबकि 57 मरीज को दूसरे जगह रेफर भी किया गया है। इसके साथ ही शुक्रवार को 7 मरीज आइसोलेशन सेंटर में भर्ती किए गए हैं। अभी कुल 2270 एक्टिव केस- उन्होंने बताया जिले में शुक्रवार तक कोरोना जांच के लिए कुल 457618 लोगों का सैम्पल लिया गया है। जिसमें से अभी कुल 2270 एक्टिव केस हैं । जिले में एंटीजेन कोरोना जांच के लिए पिछली तिथि तक कुल 1047 लोगों का सैम्पल लिया गया था। इसी तरह पीएमसीएच लैब पटना के लिए कुल 572 लोगों का सैम्पल संग्रहित किया गया। इसके अलावा ट्रूनेट जांच के लिए मुंगेर लैब में कुल 75 सैम्पल लिए गए थे । कोरोना गाइड लाइन का पालन करते हुए मास्क लगाएं, एक दूसरे से दो गज या छह फीट की दूरी रखें - उन्होंने बताया अभी कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के बीच सभी जिले वासी अनिवार्य रूप से कोरोना गाइड लाइन का पालन करते हुए मास्क लगाएं, सामाजिक दूरी के नियम के तहत एक दूसरे से कम से कम दो गज या छह फीट की दूरी बरतें। इसके साथ ही सभी लोग अपने हाथों कि नियमित साफ- सफाई के लिए साबून या हैंड सैनिटाइजर का नियमित इस्तेमाल करें तभी कोरोना वायरस के संक्रमण को पूरी तरीके से हराया जा सकता है।
धरहरा (संवाददाता): शनिवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र धरहरा मे प्रखंड के विभिन्न पंचायतो से आए लोगो की कोरोना जाँच की गई । 88 लोगो की कोरोना जाँच मे 3 ग्रामीणो का कोरोना रिपोर्ट पोजेटिव पाया गया । कोरोना पोजेटिव पाए गए लोगो को कोरोना से छुटकारा पाने हेतु चिकित्सको के अनुसार कार्य करने की सलाह लोगो को हर संभव करने का निर्देश दिया ।सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र धरहरा के स्वास्थ्य प्रबंधक राजेश कुमार सिंह ने बताया कि शनिवार को 88 लोगो के जाँच मे 3 लोग कोरोना पोजेटिव पाए गए हैं । विदित हो कि औडा़बगीचा पंचायत के वार्ड नम्बर एक मे पिता -पुत्री की कोरोना से मृत्यु होने के बाद उस क्षेत्र के 20 घरो को सेनेटाईज किया गया है ताकि अगल - बगल क्षेत्र मे कोरोना संक्रमण को रोका जा सके ।
शनिवार को जन अधिकार पार्टी के प्रदेश महासचिव फैजल अहमद भूमि द्वारा रोजा को देखते हुए ईद के त्यौहार देखते हुए सोमवार को मुंगेर बाजार खोलने की मांग की है उन्होंने कहा अगर सोमवार को दुकान खुली रहती है तो खासकर मुस्लिम परिवार त्यौहार के लिए अपने जरूरत अनुसार सभी सामग्री खरीदेंगे
सरकार द्वारा 1 मई से 18 वर्ष से ऊपर के युवा पीढ़ी को कोरोना का टीका लगना था पर इसकी शुरुआत नहीं हो पाई इसकी जानकारी सिविल सर्जन हरेंद्र कुमार आलोक ने दी उन्होंने कहा अगले आदेश तक लोगों को इंतजार करना होगा
