बिहार राज्य के खड़गपुर जिला मुंगेर से अंकित राज मोबाइल वाणी के माध्यम से मुकेश कुमार से किया गया साक्षात्कार। उन्होंने बताया कि उनका साइकिल दुकान है और वह पंचर बनाने का काम करते हैं। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन लगने के बाद उनकी दुकान बंद हो गई। साथ ही सरकार के तरफ से कोई मदद भी नहीं मिले है। वह कहते हैं कि राशन न होने खाने में दिक्कत हो रही है। साथ ही उनके पास पैसे की कमी है। .

नगर निगम द्वारा बारिश मौसम की बड़े नाले की सफाई करवाई जा रही है। बड़े नाले में शहरवासियों के द्वारा कचरा फेंक देने से जाम की स्थिति उत्पन्न हो जाया करती है ।जिससे बारिश के मौसम में जल की निकासी सही तरीके से नहीं हो पाती है और ओवरफ्लो हो जाने से सड़क पर गंदे पानी का बहाव हो जाया करता है।

साफ-सफाई का भी रखें विशेष ख्याल :- नवजात के लालन-पालन के दौरान साफ-सफाई का भी विशेष ख्याल रखें। जैसे कि बच्चों को गोद लेने के पहले खुद अपने हाथों को अच्छी तरह से धो लें, बच्चों को हमेशा साफ कपड़ा पहनाएं, गीला व गंदा कपड़ा से बच्चे को हमेशा दूर रखें। इससे बच्चे संक्रामक बीमारी से दूर रहेगा। संम्पूर्ण टीकाकरण पर दें बल :- उन्होंने बताया कि संम्पूर्ण टीकाकरण बच्चे को कई तरह की बीमारियों से दूर रखता है और बच्चे की रोग-प्रतिरोधक क्षमता भी मजबूत होती है। इसलिए, बच्चे का संम्पूर्ण टीकाकरण कराएं। इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बिलकुल नहीं करें। कोरोना काल में इन मानकों का करें पालन, कोविड 19 के संक्रमण से रहें दूर :- - मास्क और सैनीटाइजर का नियमित रूप से करें उपयोग । - लगातार साबुन या अल्कोहल युक्त पदार्थों से धोएं हाथ। - यात्रा के दौरान हमेशा सैनिटाइजर को रखें अपने पास । - घर से बाहर लोगों से बातचीत के दौरान हमेशा शारीरिक दूरी के नियम का करें पालन। - भीड़-भाड़ वाले जगहों पर जाने से करें परहेज । - मुँह, नाक, ऑख को अनावश्यक छूने से बचें। - साफ-सफाई का विशेष ख्याल रखें।

मुंगेर के विधायक प्रणव कुमार यादव शुक्रवार को बरियारपुर प्रखंड के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का औचक निरीक्षण के लिए पहुंचे।जहाँ ग्रामीणों द्वारा उनका स्वागत किया गया।जहाँ उनके साथ चैंबर ऑफ कॉमर्स के शाखा बरियारपुर के अध्यक्ष बिन्देसरी प्रसाद वर्मा,सचिव मनोज छापड़िया,रवि कुमार सिंह, पीताम्बर चौधरी,पवन दुबे,राजेश सुबंधु,डॉ शाहिद मौशिन,प्रखंड विकास पदाधिकारी राकेश कुमार,अंचलाधिकारी जयप्रकाश स्वर्णकार आदि गणमान्य लोग उपस्थित रहे।इस अवसर पर विधायक प्रणव कुमार यादव ने बताया कि पहले तो प्राथमिक स्वास्थ्य केंद बरियारपुर को एक एम्बुलेंस उपलब्ध कराई जाएगी।वही कार्यकर्ता के ने अनुरोध पर एक महिला चिकित्सा व डेंटिस्ट का मांग रखा गया।जिस पर उन्होंने कहा डेंटिस्ट तक्षण मै खड़गपुर से उपलब्ध करा दूँगा।वही आज दो महिला चिकित्सक प्रतिनियुक्त किये गए हैं जिसें मैं यहाँ के लिए प्रस्तावित कर दूँगा।इस अवसर पर ग्रामीणों ने कहा हमारे स्वास्थ्य केंद्र की लचर व्यवस्था दैनीय हैं।

मुंगेर शहर में शुक्रवार को तीनों दुकान के खुले रहने से उसे सील किया गया एवं ₹3000 की जुर्माना वसूली गई। सील कोतवाली थाना, बासुदेवपुर ओपी एवं पूरबसराय ओपी के थाना प्रभारी के उपस्थिति में निगम अधिकारी अवधेश कुमार एवं संजय सिन्हा ने किया।

सिविल कोर्ट मुंगेर में अनुराग हत्या मामले को देख रहे अधिवक्ता ओम प्रकाश पोद्दार ने बताया कि 19 मई को न्यायमूर्ति राजीव रंजन प्रसाद के एकल पीठ में सुनवाई हुई जिसमें सीआईडी के एडीजी विनय कुमार ने पीठ को बताया कि बीते कई माह से पुलिस पदाधिकारी बृजेश कुमार सिंह सर्विस पिस्टल के साथ फरार है और उसके लोकेशन का पता नहीं चल रहा है इस वजह से बृजेश सिंह की पिस्टल को फॉरेंसिक लैब में जांच के लिए नहीं भेजा जा सका है और जांच में विलंब हुआ है

बिहार राज्य के मुंगेर जिले के सदर प्रखंड के तारापुर दियारा पंचायत के दीवानी गांव निवासी अरविंद कुमार जी से सरकार के द्वारा लगाए गए लॉकडाउन पर मोबाइल वाणी के माध्यम से संवाददाता अंकित चौधरी ने बातचीत की।अरविंद जी एक झालमुड़ी विक्रेता हैं।उन्होंने बताया कि वह विगत 10 वर्षों से बरियारपुर में अपनी दुकान चला कर अपने परिवार का भरणपोषण करते थे।लेकिन सरकार द्वारा लगाए गए इस लॉकडाउन से उनकी दुकान कई दिनों से बंद पड़ी हैं।जिससे काफ़ी कठनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

जिला राजद अध्यक्ष डॉ देवकीनन्दन सिंह के अध्यक्षता में राजद का पाँच सदस्य शिष्टम मुंगेर के पुलिस अधीक्षक से मिला। लोकडॉन के नाम पर पुलिस प्रशासन के द्वारा आम लोगों राजनीतिक समाजिक कार्यकर्ताओं नेताओं के साथ दुर्व्यवहार तथा मनमाना जुर्माना वसूलने,छोटे दुकानदारों, ठेला पर फल सब्जी बेचने वाले गरीब बिक्रेताओं के साथ दुर्व्यवहार करने सहित गत दिनों राजद नेता मुकेश यादव के साथ पुलिस के लोग एवँ प्रतियुक्त मजिस्ट्रेट के द्वारा वरवर्ता पूर्ण करवाई को लेकर विस्तार पूर्व चर्चा किया गया।शिष्टम में जिला अध्यक्ष के साथ मुख्य रूप से जिला उपाध्यक्ष प्रो विनय सुमन,प्रवक्ता मंटू शर्मा ,जिला महासचिव सह मीडिया प्रभारी गजेंद्र कु हिमांशु उर्फ अरविंद एवँ बमबम राह उपस्थित थे। वार्तालाप के क्रम में जिला डॉ देवक़ीननदन सिंह एवँ उपाध्यक्ष विनय सुमन ने पुलिस अधीक्षक से राजद नेता मुकेश यादव के मुद्दे पर अपनी बात रखते हुए कहा कि जब राजद नेता अपने इलाज के लिए अस्पताल जा रहे थे तो पुलिस एवँ तैनात महिला मजिस्ट्रेट ने दुर्भावना से ग्रसित हो कर न सिर्फ उनके साथ बदसलूकी किये बल्कि मनमाना जुर्माना 10000 हजार रुपये भी जबरन वसूल लिया तथा रशीद में जुर्माने की राशि का जिक्र तक नहीं किया गया,जिसकी हमारी पार्टी घोर निंदा करती है तथा इस विषय पर आप दोषी पुलिसकर्मियों एवँ तैनात मजिस्ट्रेट पर तत्काल कार्रवाई की अनुसंशा करें।वहीँ प्रवक्ता मंटू शर्मा एवं महासचिव गजेंद्र कु हिमांशु उर्फ अरविंद ने पुलिस अधीक्षक को बताया कि जिले के पुलिस के द्वारा अक्सर लोकडॉन के नाम पर रिक्सा वाला,ढेला वाला एवँ छोटे दुकानदार जो रोज कमाने वालों के साथ गली गलौज एवँ जुर्माना के नाम पर भयादोहन करते हैं इसको भी अपने स्तर से जाँच करवा कर उचित करवाई करने की जरुरत पे जोड़ दिया। अंत में पुलिस अधीक्षक श्री रेड्डी ने शिष्टम के द्वारा रखी सारी बातों को ध्यान पूर्वक सुनने के पश्चात काफी सकारात्मक आश्वासन देते हुए कहा कि आपलोगों के द्वारा रखी गई बातों पर में जाँच कराकर तुरंत करवाई करूँगा एवँ किये गए करवाई से आपको अवगत भी कराया जाएगा। साथ हीं उन्होंने आश्वासन दिया कि मैंने अपने पुलिस कर्मियों एवँ SI, ASI इंस्पेक्टर को शक्त निर्देश भी जारी कर दिया है कि किसी भी परिस्थिति में लोकडॉन के उल्लंघन के नियमों का पालन कराने में शक्ति का या अभद्र व्यवहार एवँ गलत भाषा के प्रयोग नहीं करेंगे। अन्यथा शिकायत मिलने पर जाँच कर सबों के विरुद्ध शख्त कारवाई किया जाएगा।

कोरोना की तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए नवजात शिशु सहित छोटे बच्चों की रोग-प्रतिरोधक क्षमता को ले रहें सजग - नवजात शिशु सहित अन्य बच्चों में मजबूत रोग प्रतिरोधक क्षमता कई संक्रामक बीमारियों से भी रखता है दूर - शिशु के जन्म के एक घंटा बाद से कम से कम छह महीने तक माताएं नवजात शिशु को कराएं सिर्फ स्तनपान - लगातार स्तनपान से ही नवजात बच्चों में विकसित होती है रोग प्रतिरोधक क्षमता मुंगेर, 21 मई । नवजात शिशु सहित अन्य बच्चों के स्वस्थ शरीर के निर्माण और विकास के लिए उचित देखभाल सबसे महत्वपूर्ण है। इसे सुनिश्चित करने में सबसे बड़ा योगदान शिशु के माँ की ही होती है। किन्तु, इसमें थोड़ी सी लापरवाही से नवजात बार-बार बीमार होने लगता है। जिससे वो शारीरिक रूप से भी बेहद कमजोर होने लगता है। उसका बार-बार बीमार होना उसकी कमजोर रोग-प्रतिरोधक क्षमता का भी बड़ा संकेत है। इसीलिए, जन्म के बाद नवजात की रोग-प्रतिरोधक क्षमता सहित अन्य देखभाल को लेकर पूरी सजगता आवश्यक है। ताकि नवजात को स्वस्थ रखा जा सके ।जिससे उसके स्वस्थ शरीर का निर्माण हो सके। इसके लिए नवजात के उचित देखभाल के साथ-साथ जन्म के बाद छह माह तक सिर्फ माँ का ही स्तनपान कराएं। इससे ना सिर्फ बच्चे स्वस्थ रहते हैं, बल्कि, उसकी रोग-प्रतिरोधक क्षमता भी मजबूत होती है। माँ के दूध से बच्चों की विकसित होती रोग-प्रतिरोधक क्षमता :- सदर अस्पताल मुंगेर के शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. रौशन कुमार ने बताया, जिले में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामले और संक्रमण की तीसरी लहर की आशंका के बीच उचित पोषण से ही बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास के साथ- साथ सर्वांगीण विकास संभव है। इसलिए, शिशु को पूरी तरह से स्वस्थ्य रखने के लिए जन्म के पश्चात छह महीने तक सिर्फ और सिर्फ माँ का ही दूध सेवन कराएं। माँ का दूध बच्चों के लिए अमृत के समान होता है और स्वस्थ शरीर के निर्माण के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। माँ के दूध में मौजूद पोषक तत्व जैसे पानी, प्रोटीन, विटामिन, कार्बोहाइड्रेट मिनरल्स, वसा, कैलोरी शिशु को न सिर्फ बीमारियों से बचाते हैं, बल्कि उनमें रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी बढ़ाते हैं। इसके साथ ही बच्चे की पाचन क्रिया भी मजबूत होती है। इसलिए, मां के दूध को शिशु का प्रथम टीका भी कहा गया है। जो छह माह तक के बच्चे के लिए बेहद जरूरी है। वहीं, छह माह के बाद बच्चे के सतत विकास के लिए ऊपरी आहार की जरूरत पड़ती है। लेकिन इस दौरान यह ध्यान रखना सबसे ज्यादा जरूरी हो जाता है कि उसे कैसा आहार दें। मजबूत रोग-प्रतिरोधक क्षमता शिशु को कई संक्रामक बीमारियों से भी रखता है दूर :- उन्होंने बताया मजबूत रोग-प्रतिरोधक क्षमता कोरोना सहित अन्य संक्रामक बीमारी से भी दूर रखता है। इसलिए, बच्चों की रोग-प्रतिरोधक क्षमता को लेकर शुरुआती दौर से ही सजग रहें। दरअसल, अगर शुरूआती दौर से ही बच्चे की रोग-प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होगी तो नवजात के स्वस्थ शरीर का निर्माण होगा और वह आगे भी शारीरिक रूप से मजबूत होगा। इसके लिए बच्चे का उचित पोषण बेहद जरूरी है। जन्म के बाद एक घंटे के अंदर नवजात को पिलाएं माँ का दूध :- केयर इंडिया मुंगेर की डीटीओएफ डॉ. नीलू ने बताया, नवजात शिशु के स्वस्थ शरीर निर्माण के लिए जन्म के बाद एक घंटे के अंदर माँ का दूध पिलाएं। इसके सेवन से नवजात की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है। किन्तु, जानकारी के अभाव में कुछ लोग इसे गंदा या बेकार दूध समझकर नवजात को नहीं पिलाते है। जो महज एक अवधारणा है। जबकि, सच यह है कि माँ का पहला गाढ़ा-पीला दूध ही नवजात शिशु के लिए काफी फायदेमंद होता है। छह माह के बाद ही नवजात को दें ऊपरी आहार :- उन्होंने बताया, नवजात को छह माह के बाद ही किसी प्रकार का बाहरी या ऊपरी आहार दें। छह माह तक सिर्फ और सिर्फ माँ का ही स्तनपान कराएं। इसके बाद अगले कम से कम दो वर्षों तक ऊपरी आहार के साथ माँ का स्तनपान भी जारी रखें। ताकि बच्चे का पूरी तरह से सर्वांगीण विकास होने में मदद मिल सकें।

कोरोना की तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए नवजात शिशु सहित छोटे बच्चों की रोग-प्रतिरोधक क्षमता को ले रहें सजग - नवजात शिशु सहित अन्य बच्चों में मजबूत रोग प्रतिरोधक क्षमता कई संक्रामक बीमारियों से भी रखता है दूर - शिशु के जन्म के एक घंटा बाद से कम से कम छह महीने तक माताएं नवजात शिशु को कराएं सिर्फ स्तनपान - लगातार स्तनपान से ही नवजात बच्चों में विकसित होती है रोग प्रतिरोधक क्षमता मुंगेर, 21 मई । नवजात शिशु सहित अन्य बच्चों के स्वस्थ शरीर के निर्माण और विकास के लिए उचित देखभाल सबसे महत्वपूर्ण है। इसे सुनिश्चित करने में सबसे बड़ा योगदान शिशु के माँ की ही होती है। किन्तु, इसमें थोड़ी सी लापरवाही से नवजात बार-बार बीमार होने लगता है। जिससे वो शारीरिक रूप से भी बेहद कमजोर होने लगता है। उसका बार-बार बीमार होना उसकी कमजोर रोग-प्रतिरोधक क्षमता का भी बड़ा संकेत है। इसीलिए, जन्म के बाद नवजात की रोग-प्रतिरोधक क्षमता सहित अन्य देखभाल को लेकर पूरी सजगता आवश्यक है। ताकि नवजात को स्वस्थ रखा जा सके ।जिससे उसके स्वस्थ शरीर का निर्माण हो सके। इसके लिए नवजात के उचित देखभाल के साथ-साथ जन्म के बाद छह माह तक सिर्फ माँ का ही स्तनपान कराएं। इससे ना सिर्फ बच्चे स्वस्थ रहते हैं, बल्कि, उसकी रोग-प्रतिरोधक क्षमता भी मजबूत होती है। माँ के दूध से बच्चों की विकसित होती रोग-प्रतिरोधक क्षमता :- सदर अस्पताल मुंगेर के शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. रौशन कुमार ने बताया, जिले में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामले और संक्रमण की तीसरी लहर की आशंका के बीच उचित पोषण से ही बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास के साथ- साथ सर्वांगीण विकास संभव है। इसलिए, शिशु को पूरी तरह से स्वस्थ्य रखने के लिए जन्म के पश्चात छह महीने तक सिर्फ और सिर्फ माँ का ही दूध सेवन कराएं। माँ का दूध बच्चों के लिए अमृत के समान होता है और स्वस्थ शरीर के निर्माण के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। माँ के दूध में मौजूद पोषक तत्व जैसे पानी, प्रोटीन, विटामिन, कार्बोहाइड्रेट मिनरल्स, वसा, कैलोरी शिशु को न सिर्फ बीमारियों से बचाते हैं, बल्कि उनमें रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी बढ़ाते हैं। इसके साथ ही बच्चे की पाचन क्रिया भी मजबूत होती है। इसलिए, मां के दूध को शिशु का प्रथम टीका भी कहा गया है। जो छह माह तक के बच्चे के लिए बेहद जरूरी है। वहीं, छह माह के बाद बच्चे के सतत विकास के लिए ऊपरी आहार की जरूरत पड़ती है। लेकिन इस दौरान यह ध्यान रखना सबसे ज्यादा जरूरी हो जाता है कि उसे कैसा आहार दें। मजबूत रोग-प्रतिरोधक क्षमता शिशु को कई संक्रामक बीमारियों से भी रखता है दूर :- उन्होंने बताया मजबूत रोग-प्रतिरोधक क्षमता कोरोना सहित अन्य संक्रामक बीमारी से भी दूर रखता है। इसलिए, बच्चों की रोग-प्रतिरोधक क्षमता को लेकर शुरुआती दौर से ही सजग रहें। दरअसल, अगर शुरूआती दौर से ही बच्चे की रोग-प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होगी तो नवजात के स्वस्थ शरीर का निर्माण होगा और वह आगे भी शारीरिक रूप से मजबूत होगा। इसके लिए बच्चे का उचित पोषण बेहद जरूरी है। जन्म के बाद एक घंटे के अंदर नवजात को पिलाएं माँ का दूध :- केयर इंडिया मुंगेर की डीटीओएफ डॉ. नीलू ने बताया, नवजात शिशु के स्वस्थ शरीर निर्माण के लिए जन्म के बाद एक घंटे के अंदर माँ का दूध पिलाएं। इसके सेवन से नवजात की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है। किन्तु, जानकारी के अभाव में कुछ लोग इसे गंदा या बेकार दूध समझकर नवजात को नहीं पिलाते है। जो महज एक अवधारणा है। जबकि, सच यह है कि माँ का पहला गाढ़ा-पीला दूध ही नवजात शिशु के लिए काफी फायदेमंद होता है। छह माह के बाद ही नवजात को दें ऊपरी आहार :- उन्होंने बताया, नवजात को छह माह के बाद ही किसी प्रकार का बाहरी या ऊपरी आहार दें। छह माह तक सिर्फ और सिर्फ माँ का ही स्तनपान कराएं। इसके बाद अगले कम से कम दो वर्षों तक ऊपरी आहार के साथ माँ का स्तनपान भी जारी रखें। ताकि बच्चे का पूरी तरह से सर्वांगीण विकास होने में मदद मिल सकें।