बिहार राज्य के जिला मुंगेर से विपिन कुमार मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे है कि मुंगेर के उपेन्द्र ट्रेनिंग स्कूल में सेकेंड डोज डेडिकेटेड कोविड वैक्सीनेशन सेंटर बनाया गया। जिला स्वास्थ्य समिति के जिला कार्यक्रम प्रबंधक (डीपीएम) नसीम रजि ने बताया कि जिला मुख्यालय मुंगेर स्थित उपेन्द्र ट्रेनिंग स्कूल में सेकेंड डोज डेडिकेटेड कोविड वैक्सीनेशन सेंटर बनाया गया है। इसके साथ ही मुंगेर शहरी क्षेत्र नोलक्खा दुर्गा मंदिर और मुंगेर जेल में भी लोगों को सिर्फ कोरोना वैक्सीन की दूसरी खुराक ही दी या जा रही है। इसके साथ ही मुंगेर जिला के असरगंज प्रखण्ड में असरगंज प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, बरियारपुर प्रखण्ड में फिलिप हाई स्कूल, धरहरा प्रखण्ड में मिडिल स्कूल धरहरा, जमालपुर प्रखण्ड में मिडिल स्कूल मंगरौरा, हवेली खड़गपुर प्रखण्ड में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हवेली खड़गपुर में सेकेंड डोज डेडिकेटेड कोविड वैक्सीनेशन सेंटर बनाया गया है। उन्होंने बताया कि मुंगेर सदर प्रखंड के मुंगेर सदर पीएचसी, संग्रामपुर प्रखण्ड में संग्रामपुर पीएचसी, तारापुर प्रखंड में तारापुर पीएचसी और टेटिया बम्बर के टेटिया बम्बर छात्रावास में भी 2 सेकेंड डोज डेडिकेटेड कोविड वैक्सीनेशन सेंटर बनाया गया है।

मुंगेर जिले के स्वास्थ्य व्यवस्था को और सुदृढ़ करने को लेकर मुंगेर के स्थानीय सांसद सह जदयू के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष राजीव रंजन उर्फ ललन सिंह का बयान हास्यपद तथा मुंगेर के लोगों को दिग्भ्रमित करने जैसा है:-मुंगेर के स्थानीय सांसद राजीव रंजन उर्फ ललन सिंह एवँ जिला प्रशासन पर जोरदार हमला बोला। राजद नेताओं ने कहा कि जिस तरह 16 वर्षों से सत्ता पर काबिज नीतीश कुमार जी के नेतृत्व वाली डबल इंजन NDA सरकार में स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर बिहार राज्य राष्ट्रीय स्तर पर सबसे निचले पायदान पर खड़ी है ठीक उसी प्रकार मुंगेर जिला सह मुंगेर प्रमंडलीय मुख्यालय भी स्वास्थ्य व्यवस्था के मामले में अपनी बदहाली पर आँसू बहा रहे हैं।अंग्रेज जमाने का बना हुआ मुंगेर सदर अस्पताल प्रमंडलीय मुख्यालय होने के बाबजूद भी बदहाल स्थिति में है।जिला मुंगेर सदर अस्पताल को सांसद महोदय तथा जिला प्रशासन हाईटेक अस्पताल बनाने की बात कर रहे हैं उस सदर अस्पताल में तो आज के डेट में एक भी सर्जन डॉक्टर की पोस्टिंग तक नहीं है।और न हीं पर्याप्त संख्या में विशेषज्ञ डॉक्टर, नर्स,कॉमपौंडर तथा लेव टेक्नीशियन स्टॉप हैं।आइश्यू कि स्थिति और या इमरजेंसी सेवा या अस्पताल के वार्डों एवँ बेडों की स्थिति सब के सब भगवान भरोसे है। मुंगेर सदर अस्पताल में अपनी इलाज कराने के लिए बड़ी बड़ी बीमारियों तो दूर छोटी छोटी बीमारियों एवँ मेजर एक्सीडेंट तो दूर हल्की फुल्की चोट व घायल अवस्था वाले मरीजों को फट से यहाँ के डॉक्टर भागलपुर या पटना रेफर कर देते हैं। यहाँ जब जिला मुख्यालय के अस्पताल की यह स्थिति है तो आप सोचिए अनुमंडल एवँ प्रखंड स्वास्थ्य उप केंद्रों की क्या स्थिति होगी।

गुरुवार को निवासी मुन्नी देवी ने मोबाइल वाणी कम्युनिटी मीडिया चैनल के साथ जुड़े और उन्होंने बताया कि बेटी को क्यों पढ़ाना चाहिए बेटी घर की लक्ष्मी होती है बेटी दूसरे के घर जाती है इसलिए बेटी को पढ़ी-लिखी होना चाहिए किसी की आश्रित ना हो साथ ही साथ उन्होंने यह भी बताया कि सरकार के द्वारा प्रधानमंत्री सुकन्या योजना चलाया गया है ताकि बेटी पढ़ें और आगे बढ़े

जिले में जहां इस बार बाढ़ ने बुरी तरह तबाही मचाई हैं वहीं जमालपुर प्रखंड के ईटहरी पंचायत के बाढ़ प्रभावित क्षेत्र शिवटोला इंग्लिश गांव में बाढ़ पीड़ित परिवरों ने कोई सरकारी सुविधा नहीं मिलने का आरोप पंचायत की मुखिया जोयती भारती पर लगाया। पंचायत की मुखिया ने जोयती भारती ने बताया------ इस संबंध में पंचायत की मुखिया ज्योति भारती से पूछने पर उन्होंने बताया कि अंचलाधिकारी जमालपुर जयप्रकाश द्वारा हमें एक हजार पैकेट चूड़ा, एक हजार पैकेट चना,एक हाजर पैकेट चीनी व 1680 पॉलिथीन सीट बाढ़ पीड़ितों में वितरण कराने के लिए उपलब्ध कराई गई थी।जिसे हमने पंचायत के 8,9,10,11,12,13,14,15,16,17 व 18 के बाढ़ पीड़ित परिवारों के बीच वितरण किया।उन्होंने बताया कि राहत सामग्री वितरण के दौरान पंचायत में कुछ बाढ़ पीड़ितों के बीच राहत सामग्री की भरपाई नहीं हो पाई।जिससे ग्रामीणों ने मुझपर नाराजगी जताई। जहां हम ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि राहत सामग्री जैसे ही उपलब्ध होती है उनके बीच वितरण कर दी जाएगी।उक्त बातों की सूचना मैंने अंचलाधिकारी जमालपुर को दिया और निवेदन किया कि मेरे पंचायत में कुछ बाढ़ पीड़ित परिवार जो राहत सामग्री से वंचित रह गए हैं मुझे और राहत सामग्री उपलब्ध कराई जाए जिससे कि मैं अपने पंचायत के बचें बाढ़ पीड़ित परिवारों के बीच वितरण कर सकूं। कहते हैं जमालपुर अंचलाधिकारी----------- अंचलाधिकारी जमालपुर जयप्रकाश ने बताया कि जिले में पॉलिथीन सीट की अनुपलब्धता के कारण अभी आपको पॉलिथीन सीट उपलब्ध नहीं कराई जा रही है जिले में पॉलिथीन सीट उपलब्ध होते ही आपको पॉलिथीन सीट उपलब्ध कराई जाएगी। वार्ड 10 के सदस्य ने बताया----------- इस संबंध में वार्ड 10 के सदस्य हरिचंद्र मंडल से पूछने पर उन्होंने बताया कि पंचायत की मुखिया ज्योति भारती द्वारा मुझे चूड़ा,चीनी,चना के एक सौ पैकेट व 200 पॉलिथीन सीट बाढ़ पीड़ितों को वितरण के लिए प्राप्त हुआ था।लेकिन एनएच पर बाढ़ पीड़ितों के बढ़ते दबाव को देखते हुए हमने पॉलिथीन सीट व खाद्य पदार्थों का वितरण एनएच पर गुजर-बसर कर रहे बाढ़ पीड़ितों के बीच कर दिया।अब मेरे पास राहत सामग्री के कुछ भी अवशेष नहीं बचा हुआ है,जिसके कारण मैं ग्रामीणों की सेवा नहीं कर पाया।

बिहार राज्य के मुंगेर जिला से मोबाइल वाणी के माध्यम से विजय कुमार बता रहें हैं की गुरुवार को 3557 लोगों का जांच कराया गया नहीं पाए गए एक भी व्यक्ति संक्रमित पर लोगों को टीका लगाना अनिवार्य है ताकि इस महामारी से बचे रहें।

लड़ाइयां टांड क्षेत्र के मध्य विद्यालय से बूथ हटाने से नाराज जनता ने मुखिया ,सरपंच से अपील किया हमारा बूथ वापस लाया जाय ।इनसमस्या को लेकर उमेश यादव,चंद्र देव प्रसाद यादव ,singheshwer यादव विनय यादव ,रामविलास saw ,manjay saw ने अपनी बात रखा

बिहार राज्य के मुंगेर जिले से संवाददाता विपिन कुमार मोबाइल वाणी के माध्यम से नीलम बाला से लड़कियों की शिक्षा पर साक्षात्कार लिया । उन्होंने बताया कि क्या लड़कियाँ सुरक्षित हैं ? हमारे सरकार को सबसे पहले लड़कियों की सुरक्षा पर ध्यान देना चाहिए। जिससे की वह अपने आपको सुरक्षित महसूस कर सके और अपने घर से बाहर निकलकर शिक्षा ग्रहण कर सके

बिहार राज्य के मुंगेर जिला से विजय कुमार मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे है कि बुधवार को बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के तहत चंदा देवी से साक्षात्कार लिया है ,जो नौवागढ़ी बजरंगबली नगर की गृहिणी महिला है उन्होंने बताया कि बेटी को इसलिए पढ़ाना चाहिए ताकि बेटी अपने पैर पर खड़ी हो सके किसी की आश्रित ना हो अभी के समय को देखते हुए बेटी को उचित शिक्षा देना जरूरी है

घरता पानी बढ़ती परेशानी को सुनने के लिए मुंगेर की आवाज का टोल फ्री नंबर 092787 01369 पर मिस कॉल कर जिले का हर छोटी बड़ी खबर को सुनें और तीन नंबर का बटन दबाकर अपनी समस्या या प्रतिक्रिया साझा करें यदि आप स्मार्टफोन उपयोग करता है तो मोबाइल वाणी ऐप प्ले स्टोर से डाउनलोड कर जिले से संबंधित हर छोटी बड़ी खबर को ऐप पर सुने और लाल वाली माइक बटन दबाकर अपनी समस्या या प्रतिक्रिया रिकॉर्ड करें धन्यवाद

चिकित्सा संस्थानों में हर महीने के 21 तारीख को मनाया जाएगा परिवार नियोजन दिवस -राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक ने सभी जिलों के सिविल सर्जन को पत्र जारी कर दिया निर्देश - लोगों को परिवार नियोजन संबंधी सेवाओं के प्रति जागरूक करते हुए नियोजन संबंधी सेवाओं तक आसान पहुंच सुनिश्चित कराने का होगा प्रयास - प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के दिन प्रत्येक महीने के 9 तारीख को परिवार नियोजन संबंधी परामर्श व पंजीकरण का होगा इंतजाम मुंगेर, 25 अगस्त| कोरोना महामारी के इस दौर में प्रजनन स्वास्थ्य सेवाओं पर इसका विपरित प्रभाव पड़ा है। इसकी वजह से मातृ-शिशु मृत्यु दर के प्रभावित होने की चुनौतियों को देखते राज्य स्वास्थ्य समिति आम जनों को बेहतर मातृत्व-शिशु स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने के प्रति प्रतिबद्ध है। इसके लिए परिवार नियोजन की भूमिका को महत्वपूर्ण मानते हुए नियोजन संबंधी विभिन्न उपायों के प्रति लोगों को जागरूक करने व योग्य दंपतियों को तत्काल परिवार नियोजन की सेवा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राज्य के सभी चिकित्सा संस्थानों में प्रत्येक महीने की 21 तारीख को परिवार नियोजन दिवस के आयोजन का निर्देश दिया है। इसके साथ ही प्रत्येक महीने के 09 तारीख को प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के दिन एएनसी जांच के लिये आने वाली महिलाओं को प्रसव के बाद अगले बच्चे के जन्म में कम से तीन साल का अंतराल व अनचाहे गर्भ से बचने के लिये गर्भनिरोध से जुड़े विभिन्न संसाधनों के बारे में जरूरी परामर्श उपलब्ध कराया जाएगा। इसको लेकर राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक संजय कुमार सिंह ने राज्य के सभी सिविल सर्जन को पत्र जारी कर जरूरी दिशा- निर्देश दिए हैं। प्रत्येक महीने के 21 तारीख को मनाया जायेगा परिवार नियोजन दिवस : राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक संजय कुमार सिंह द्वारा जारी पत्र का हवाला देते हुए सिविल सर्जन डॉ हरेन्द्र आलोक ने बताया कि परिवार नियोजन संबंधी उपायों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से प्रत्येक महीने की 21 तारीख को परिवार नियोजन दिवस के रूप में मनाया जायेगा। इस विशेष दिन जिला से लेकर सुदूरवर्ती ग्रामीण इलाकों में स्थित विभिन्न चिकित्सा संस्थानों में परिवार नियोजन सेवा से संबंधित विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जायेगा। सिविल सर्जन ने हाल ही में जारी किए गए रिसर्च रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया कि परिवार नियोजन सेवाओं को सुलभ बनाकर अनचाहे गर्भ के मामले में 70 फीसदी, मातृत्व मृत्यु दर में 67 फीसदी नवजात मृत्यु दर में 77 फीसदी व प्रसव संबंधी जटिलता के मामलों में दो तिहाई तक कमी लाई जा सकती है। सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में आम लोगों तक परिवार नियोजन संबंधी सेवाओं की आसान पहुंच से ही असुरक्षित गर्भपात के मामलों में कमी आयेगी । इसके साथ ही मातृत्व व शिशु मृत्यु दर में गिरावट, एचआईवी संक्रमण से बचाव, महिला सशक्तिकरण के साथ- साथ सामाजिक व आर्थिक विकास को भी तेज करने में मदद मिलेगी। उन्होंने बताया कि विशेष दिवस के अलावा प्रत्येक दिन नियोजन संबंधी सेवाओं का संचालन पूर्व की तरह ही संचालित होगा। 21 तारीख के दिन नियोजन संबंधी विभिन्न विकल्पों में से ही यदि इच्छुक दंपति किसी एक का चयन करते हैं तो तत्काल उन्हें ये सुविधा उपलब्ध कराने का सारा इंतजाम होगा । सरकारी अवकाश होने की स्थिति में नियोजन दिवस का आयोजन इसके अगले दिन किया जायेगा। परिवार नियोजन दिवस के सफल आयोजन के लिये हर स्तर पर अनुश्रवण व मूल्याकंन का होगा इंतजाम : जिला स्वास्थ्य समिति के डीपीएम नसीम रजि ने इस संबंध में और भी जानकारी देते हुए बताया कि जिला के सभी चिकित्सा संस्थानों पर आयोजित होने वाले परिवार नियोजन दिवस का क्षेत्र में व्यापक प्रचार प्रसार कराया जायेगा| इसके साथ ही सभी स्थानों पर आम लोगों के उचित परामर्श का भी इंतजाम होगा। आयोजन की सफलता को लेकर हर स्तर पर अनुश्रवण व मूल्याकंन का इंतजाम सुनिश्चित कराया जायेगा। जिला, अनुमंडल व रेफरल अस्पताल का क्षेत्रीय अपर निदेशक के माध्यम से अनुश्रवण किया जाना है तो सिविल सर्जन, एसीएमओ पीएचसी व एचडब्ल्यूसी का सपोर्टिव सुपरविजन किया जाना है। नियोजन दिवस से संबंधित गतिविधियों को संकलित कर 22 तारीख को निर्धारित प्रपत्र के माध्यम से क्षेत्रीय कार्यक्रम प्रबंधन व उनके माध्यम से 23 तारीख को राज्य स्तर पर भेजा जाना है। इसके साथ ही बेहतर सेवा प्रदाता कर्मियों को प्रोत्साहित करने के लिये उन्हें पुरस्कृत भी किया जायेगा। इसी तरह प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत प्रत्येक महीने के 09 तारीख को जिला के सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर गर्भवती महिलाओं के काउंसिलिंग का इंतजाम सुनिश्चित कराया जायेगा। यहां एएनसी जांच के लिये आने वाली गर्भवती महिला व उनके परिजनों को परिवार नियोजन संबंधी उपायों के प्रति जागरूक करते हुए उनका पंजीकरण किया जायेगा। इस दौरान इच्छुक लोगों को आवश्यक सेवाएं भी प्रदान की जायेगी।