ऑगनबाड़ी सेविका को सुरक्षित गर्भ समापन और परिवार नियोजन से संबंधित दी गई जानकारी - तारापुर बाल विकास परियोजना कार्यालय में सुरक्षित गर्भ समापन और परिवार नियोजन पर एक दिवसीय प्रशिक्षण - आई पास डेवलपमेंट फाउंडेशन एवं स्थानीय संस्था सेवायतन द्वारा संयुक्त रूप से आयोजन मुंगेर जिले के तारापुर बाल विकास परियोजना कार्यालय (सीडीपीओ ऑफिस) में आई पास डेवलपमेंट फाउंडेशन के सौजन्य से स्थानीय संस्था सेवायतन द्वारा संयुक्त रूप से सुरक्षित गर्भ समापन और परिवार नियोजन से संबंधित विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। जिसमें प्रखंड के विभिन्न पंचायतों की ऑगनबाड़ी सेविकाओं ने भाग लिया। वहीं, प्रशिक्षण के दौरान अर्पणा कुमारी ने मौजूद सभी सेविकाओं को सुरक्षित गर्भ समापन और परिवार नियोजन से संबंधित विस्तृत जानकारी दी। जिसमें सुरक्षित गर्भपात और असुरक्षित गर्भपात, माहवारी के वक्त बरती जाने वाली सतर्कता व सावधानी, परिवार नियोजन को अपनाने से होने वाली लाभ आदि की जानकारी दी गई। साथ ही प्रशिक्षण में मौजूद सेविकाओं को अपने माध्यम से अपने-अपने पोषक क्षेत्र की महिलाओं को जागरूक करने के लिए प्रेरित किया गया। बता दें कि आई पास डेवलपमेंट फाउंडेशन बिहार और उतरप्रदेश के 10-10 जिलों में 10-10 स्थानीय संस्था के साथ यौन और प्रजनन अधिकार, परिवार नियोजन एवं सुरक्षित गर्भपात पर कार्य कर रही है। - 20 सप्ताह तक गर्भपात कराना वैध, पर चिकित्सकों की सलाह लेना जरूरी : प्रशिक्षक अर्पणा कुमार ने प्रशिक्षण के दौरान मौजूद सेविकाओं को एमटीपी एक्ट की जानकारी देते हुए बताया, गर्भधारण के बाद 20 सप्ताह तक गर्भपात कराना वैध है। किन्तु, सुरक्षित गर्भपात को बढ़ावा देने एवं कानूनन भी चिकित्सकों का सलाह लेना जरूरी है। इसलिए, ऐसी स्थिति में 12 सप्ताह के अंदर गर्भपात कराने के लिए एक और 12 सप्ताह से ऊपर 20 सप्ताह के अंदर गर्भपात कराने के दौरान दो योग्य चिकित्सकों से सलाह लेना जरूरी है। यह सुरक्षित गर्भपात के लिए भी जरूरी है और कानूनन भी जरूरी है। इससे सुरक्षित गर्भपात के साथ-साथ पीड़ित महिला भी सुरक्षित रहेंगी और कानून का पालन भी सुनिश्चित होगा। इसलिए, ऐसी स्थिति में नियमानुसार ही कदम उठाएं। ताकि किसी प्रकार की कोई अनावश्यक परेशानियों का सामना नहीं करना पड़े।

सोमवार को मुंगेर जिले के विभिन्न क्षेत्रों में 2950 लोगों की कोविड-19 जांच कराई गई नहीं मिले एक भी व्यक्ति संक्रमित इसकी जानकारी सिविल सर्जन डॉक्टर हरेंद्र कुमार आलोक ने दिए

मुंगेर रत्न से सम्मानित हुए जगदीश प्रसाद अग्रवाल मुंगेर मुंगेर चैंबर के पूर्व अध्यक्ष जगदीश प्रसाद अग्रवाल को एक भव्य कार्यक्रम में मुंगेर रत्न से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मेयर मुंगेर रूमा राज एवं भारत के राष्ट्रपति से सम्मानित मशरूम लेडी बीना देवी ने जगदीश प्रसाद अग्रवाल को शॉल , मूमेंटो एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। बीना देवी ने कहा मैं सीनियर सिटीजन जगदीश जी का बहुत आभार मानती हूं उन्होंने मुंगेर को हेमशा से सजाने का काम किया है । सम्मान समारोह में पहुंचे अब्दुला बुखारी ने कहा इस शख्स को नेक कार्य के लिए अल्लाह ताला ने जमीन पे भेजा है मुंगेर का औलाद है मुंगेर के लोगों के तरक्की के लिए मरता है। कार्यक्रम के सूत्रधार हीरो राजन कुमार इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया के आइकॉन ने अपने अभिनय एवं अनोखे अंदाज से लोगो को गुदगुदाया और अपने शब्दों में कहा मुंगेर पुत्र जगदीश प्रसाद अग्रवाल जी का सम्मान करके बफ्टा मुंगेर धन्य हुआ। यह सब देख कर दिल खुश हो गया है ! सम्मान समारोह का हिस्सा बने पुलिस,पब्लिक, साहित्यकार,पत्रकार,डॉक्टर,जमालपुर,मुंगेर के बिजनेसमैन,वकील एवम कलाकार सभी ने मुंगेर रत्न से सम्मानित जगदीश प्रसाद अग्रवाल जी के साथ सेल्फी ले और कहा ऐसे ही नेक लोगों की ज़रूरत है मुंगेर को।

*कृषि को मिले उद्योग का दर्जा एवं एमएसपी को कानूनी मान्यता - केशरी* (किसान विजय दिवस के रूप में मनाया गया शरद पवार का 81वां जन्मदिन) कृषि प्रधान देश में कृषि को उद्योग का दर्जा एवं एमएसपी को कानूनी मान्यता दिलाने के संघर्ष के साथ-साथ तीनों काले कृषि कानूनों को वापस कराने में सात सौ किसानों को शहादत देना काफी पीड़ादायक है। उपर्युक्त बातें एनसीपी श्रमिक प्रकोष्ठ के निवर्तमान प्रदेश अध्यक्ष संजय केशरी ने एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार के 81वें जन्मदिन केक काटकर मनाते हुए कहा। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश महासचिव इन्द्र देव दास भी उपस्थित थे। श्री केशरी ने कहा कि किसानों के मसीहा शरद पवार के मार्गदर्शन एवं संयुक्त किसान मोर्चा के लगातार संघर्षों के कारण कृषि अर्थव्यवस्था पर अडानी-अंबानी को कब्जा दिलाने का मोदी-षडयंत्र विफल हो गया और अब एमएसपी को कानूनी मान्यता दिलाने के साथ-साथ किसानों को सिंचाई-खाद-बीज की लड़ाई लड़नी है। प्रदेश महासचिव इन्द्र देव दास ने कहा कि कृषि मंत्री के रूप में शरद पवार ने करोड़ों रुपए का कृषि ऋण माफ किया था लेकिन मोदी सरकार किसानों का खून चूसकर उद्योगपतियों का ऋण माफ कर रही है। महिला नेत्री संयुक्ता कुमारी एवं राजीव शर्मा ने कहा कि किसान आंदोलन में मारे गए किसानों को शहीद का दर्जा देते हुए उनके आश्रितों को सरकारी नौकरी दिया जाय। सत्यनारायण साह एवं शंकर यादव ने कहा कि तीनों काले कृषि कानून निरस्त होने से किसानों को देशद्रोही घोषित करने की साज़िश नाकाम हो गई है। इस अवसर पर वरीय नेता अजय प्रसाद सिंह, आजाद शर्मा, बबलु गुप्ता, सखीचंद यादव, मो० निशात आलम, अजय सिन्हा, चन्दन गुप्ता, ललन बिंद, रामबिनय कुमार एवं केशव राज समेत अनेकों कार्यकर्ता उपस्थित थे।

शनिवार को राजन छात्र अध्यक्ष द्वारा बताया गया कि मुंगेर विश्वविद्यालय के पीएल खाते एवं अन्य खाते में 1 वर्ष से अधिक 50 करोड़ से अधिक रूपए बेकार पड़े हैं जिसका अब तक कोई उपयोग नहीं हो पाय

कन्टेनर ट्रक ने 12 वर्षीय बालक को मारा धक्का घटनास्थल पर हुई मौत।घटना के बाद गुस्साए ग्रामीणों ने सड़क पर बालक का शव रखकर मुंगेर -बरियारपुर मुख्य मार्ग एनएच 80 को 2 घंटे किया जाम। प्रशासनिक आश्वासन के बाद टूटा जाम।दरअसल मामला यह है कि आज सुबह इटहरी पंचायत के विजयनगर निवासी बोनी मंडल का 12 वर्षीय पुत्र दिलखुश कुमार अपनी बहन को साईकिल से चाय पहुंचाने के लिए बरियारपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जा रहा था तभी तेज रफ्तार से आ रही कंटेनर ट्रक ने उसे विषहरी मंदिर ब्रह्मस्थान गांव के पास रोंधते हुए भाग गया। लेकिन घटनास्थल पर ही दिलखुश की मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही परिजन मौके पे पहुंचे जिसके बाद आसपास के ग्रामीणों के सहयोग से शव को सड़क पर रखकर जाम कर दिया है। घटना की जानकारी मिलते ही बरियारपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची लेकिन ग्रामीणों ने उचित मुआवजे की मांग को लेकर हंगामा कर रहे थे और ट्रक चालक की गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे। जिसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ट्रक को नया रामनगर थाना के पास पकड़ा लेकिन खलासी और चालक फरार हो गए। पुलिस द्वारा काफी मशक्कत के बाद ग्रामीणों ने जाम को हटाया जिसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मुंगेर सदर अस्पताल भेज दिया। बताया जाता है कि मृतक दिलखुश कुमार आठवीं का छात्र था और 6 बहन के बाद सातवां में सबसे छोटा भाई था। वही इस घटना से परिजनों का रो रो के बुरा हाल है।

मातृ- शिशु मृत्यु की सही रिपोर्टिंग, कारणों की पड़ताल व कार्रवाई कर रोक सकते हैं मातृ- शिशु की असामयिक मृत्यु : जय कृष्ण - एमडीएसआर/ सीडीआर पर कार्यशाला का डीएम, सिविल सर्जन ने किया उद्धघाटन - एक दिवसीय प्रशिक्षण में शामिल हुए जिला के सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी व अन्य स्वास्थ्य पदाधिकारी मुंगेर, 10 दिसम्बर । एक दिवसीय प्रशिक्षण में शामिल हुए जिला के सभी पदाधिकारी एवं अन्य स्वास्थ पदाधिकारी को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य समिति के प्रतिनिधि जयकृष्ण ने बताया कि इस कार्यशाला को आयोजित करने का मुख्य उद्देश्य राज्य और जिलों में होने वाली मातृ और शिशु मृत्यु की समीक्षा करना है । क्योंकि सही रिपोर्टिंग नहीं होने की वजह से मातृ-शिशु मृत्यु के सही कारणों का पता नहीं चल पाता है। ये मृत्य अस्पताल या घर अर्थात फैसिलिटी या कम्युनिटी दोनों जगहों पर हो सकती है। मातृ-शिशु मृत्यु समीक्षा राज्य और जिले में होने वाली अधिकांश मृत्यु को रोकने में कारगर हो सकती है। यह एक ऐसा माध्यम है जिसकी मदद से मातृ -शिशु स्वास्थ्य सेवाओं में होने वाली कमियों को जानकर इनके मृत्यु के सही कारणों को पता लगाया जा सकता है। मृत्यु के सही कारणों का पता चलने के बाद पदाधिकारियों को किस स्तर पर हस्तक्षेप करना है इसका निर्णय लेने में मदद मिलेगी और सही समय पर सुधारात्मक कदम उठाने पर संस्थानों के प्रबंधकों को मार्गदर्शन मिलेगा। इसके साथ ही उन्होंने सभी तकनीकी पहलूओं से अधिकारियों को अवगत कराया ताकि मातृ-शिशु मृत्यु को समाप्त किया जा सके।

- एमडीएसआर/ सीडीआर पर कार्यशाला का डीएम, सिविल सर्जन ने किया उद्धघाटन - एक दिवसीय प्रशिक्षण में शामिल हुए जिला के सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी व अन्य स्वास्थ्य पदाधिकारी मुंगेर, 10 दिसम्बर । मातृ- शिशु मृत्यु की सही रिपोर्टिंग, कारणों की पड़ताल के बाद उचित कार्रवाई कर हम भविष्य में मातृ- शिशु की असामयिक मृत्यु को रोक सकते हैं । इससे हम हेल्थ के इंडिकेटर को अचीव कर सकते हैं। उक्त बातें शुक्रवार को जिला परिषद के सभागार में मैटरनल डेथ सर्विलांस एंड रिस्पांस (एमडीएसआर) और चाइल्ड डेथ रिव्यु (सीडीआर) विषय पर आयोजित कार्यशाला में शामिल स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और स्वास्थ्य कर्मियों को सम्बोधित करते हुए राज्य स्वास्थ्य समिति पटना के प्रतिनिधि केयर इंडिया के स्टेट रिसोर्स पर्सन जयकृष्ण ने कही। उन्होंने बताया कि राज्य और जिलास्तर पर एमडीएसआर और सीडीआर सही रिपोर्टिंग, तदनुसार समीक्षा और क्रियान्वयन के प्रति जिले के स्वास्थ्य विभाग के पदाधिकारियों को जागरूक करने के उद्देश्य से राज्य स्वास्थ्य समिति के निर्देशानुसार एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया है। यह कार्यशाला शुक्रवार को मुंगेर सहित मुंगेर प्रमंडल के सभी जिलों यथा बेगूसराय, खगड़िया, लखीसराय, जमुई, शेखपुरा में आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि अभी पूरे राज्य में मैटरनल और चाइल्ड डेथ का आंकड़ा 149 अर्थात तीन डिजिट में है जिसे अगले दो वर्षों में दो डिजिट अर्थात 100 के नीचे लाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके पूर्व कार्यशाला का उद्घाटन जिलाधिकारी नवीन कुमार, सिविल सर्जन डॉ. हरेन्द्र आलोक, डीपीएम नसीम रजि, डीआईओ डॉ. राजेश कुमार रौशन और केयर इंडिया मुंगेर की डीटीओ ऑफ डा नीलू ने सयुंक्त रूप से किया। इस अवसर पर जिला स्वास्थ्य समिति के डीसीएम निखिल राज, डीपीसी विकास कुमार, डिस्ट्रिक्ट एम &ई रचना कुमारी, स्वास्थ्य प्रशिक्षक राजीव कुमार, एसएनसीयू के इंचार्ज डॉ. पंकज सागर, डॉ. बिंदु, सदर अस्पताल मुंगेर के अस्पताल प्रबंधक तौसिफ हसनैन, मनोवैज्ञानिक सलाहकार नितिन कुमार के साथ जिला के सभी पीएचसी सीएचसी के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी और प्रखण्ड सामुदायिक उत्प्रेरक सहित कई अन्य स्वास्थ्य कर्मी उपस्थित थे।

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*जनता से इतना डरते क्यों हैं नीतीश - केशरी* (जनता के टैक्स के पैसों से उच्चाधिकारियों की उपस्थिति में हुए कार्यकर्ता सम्मेलन की जांच करेगा एनसीपी का शिष्टमंडल) जनसंवाद कार्यक्रम को कार्यकर्ता सम्मेलन में बदलना ना सिर्फ सरकारी पैसों की घोर बर्बादी है बल्कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के आम जनता से नफ़रत को भी उजागर करता है। उपर्युक्त बातें एनसीपी श्रमिक प्रकोष्ठ के निवर्तमान प्रदेश अध्यक्ष संजय केशरी ने बयान जारी करते हुए कहा। उन्होंने कहा कि सिंचाई के लिए महत्त्वाकांक्षी परियोजना चानकेन गेटेड बीयर का निरीक्षण नहीं कर उन्होंने साबित कर दिया कि किसानों के प्रति उन्हें कितनी नफ़रत है। एनसीपी नेता संजय केशरी ने कहा कि कार्यकर्ता सम्मेलन में बदल दिए गए जनसंवाद कार्यक्रम से पत्रकारों को भी दूर रखना कई सवाल खड़े करता है क्योंकि अन्य दलों के कार्यक्रम में पत्रकारों को ससम्मान बुलाया जाता है तो नीतीश जी पत्रकारों से डर क्यों रहे हैं। श्री केशरी ने कहा कि *एनसीपी का एक शिष्टमंडल इस बात की जांच करेगा कि जनता के टैक्स के पैसों से उच्चाधिकारियों की उपस्थिति में कार्यकर्त्ता सम्मेलन कैसे आयोजित किया गया*