*कृषि को मिले उद्योग का दर्जा एवं एमएसपी को कानूनी मान्यता - केशरी* (किसान विजय दिवस के रूप में मनाया गया शरद पवार का 81वां जन्मदिन) कृषि प्रधान देश में कृषि को उद्योग का दर्जा एवं एमएसपी को कानूनी मान्यता दिलाने के संघर्ष के साथ-साथ तीनों काले कृषि कानूनों को वापस कराने में सात सौ किसानों को शहादत देना काफी पीड़ादायक है। उपर्युक्त बातें एनसीपी श्रमिक प्रकोष्ठ के निवर्तमान प्रदेश अध्यक्ष संजय केशरी ने एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार के 81वें जन्मदिन केक काटकर मनाते हुए कहा। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश महासचिव इन्द्र देव दास भी उपस्थित थे। श्री केशरी ने कहा कि किसानों के मसीहा शरद पवार के मार्गदर्शन एवं संयुक्त किसान मोर्चा के लगातार संघर्षों के कारण कृषि अर्थव्यवस्था पर अडानी-अंबानी को कब्जा दिलाने का मोदी-षडयंत्र विफल हो गया और अब एमएसपी को कानूनी मान्यता दिलाने के साथ-साथ किसानों को सिंचाई-खाद-बीज की लड़ाई लड़नी है। प्रदेश महासचिव इन्द्र देव दास ने कहा कि कृषि मंत्री के रूप में शरद पवार ने करोड़ों रुपए का कृषि ऋण माफ किया था लेकिन मोदी सरकार किसानों का खून चूसकर उद्योगपतियों का ऋण माफ कर रही है। महिला नेत्री संयुक्ता कुमारी एवं राजीव शर्मा ने कहा कि किसान आंदोलन में मारे गए किसानों को शहीद का दर्जा देते हुए उनके आश्रितों को सरकारी नौकरी दिया जाय। सत्यनारायण साह एवं शंकर यादव ने कहा कि तीनों काले कृषि कानून निरस्त होने से किसानों को देशद्रोही घोषित करने की साज़िश नाकाम हो गई है। इस अवसर पर वरीय नेता अजय प्रसाद सिंह, आजाद शर्मा, बबलु गुप्ता, सखीचंद यादव, मो० निशात आलम, अजय सिन्हा, चन्दन गुप्ता, ललन बिंद, रामबिनय कुमार एवं केशव राज समेत अनेकों कार्यकर्ता उपस्थित थे।