एनीमिया से बचने के लिए करें प्रोटीन और आयरन युक्त भोजन का सेवन - एनीमिया का लक्षण दिखते ही चिकित्स्कीय परामर्श लेते हुए समय पर कराएं इलाज मुंगेर, 10 मार्च। एनीमिया से बचने के लिए प्रोटीन युक्त भोजन का सेवन करना आवश्यक है। एनीमिया की बीमारी खून की कमी से होती है। इसलिए इससे बचने के लिए आयरन युक्त भोजन का भी सेवन जरूरी है। मालूम हो कि शरीर में पर्याप्त मात्रा में आयरन रहने से इस बीमारी के होने की संभावना ना के बराबर रहती है। इसलिए, खान-पान एवं रहन-सहन का विशेष ख्याल रखें और सकारात्मक बदलाव ही बीमारी से बचाव का बड़ा उपचार है। यह बीमारी खून में पर्याप्त स्वस्थ लाल रक्त कोशिकाएं या हीमोग्लोबिन कम होने से होती है। इसलिए, लक्षण दिखते ही तुरंत इलाज कराएं और चिकित्सक द्वारा दिए गए चिकित्सकीय परामर्श का भी पालन करें। अन्यथा थोड़ी सी लापरवाही भी बड़ी मुसीबत और परेशानी का सबब बन सकती है। इससे घबराने की भी जरूरत नहीं है। ऐसे में समय पर जाँच के लिए अस्पताल जाने एवं चिकित्सकों की सलाह का पालन करना चाहिए। जो आगे की मुसीबत उत्पन्न नहीं होने देगी, आपके लिए फायदेमंद साबित होगा तथा आसानी के साथ आपको बीमारी से छुटकारा मिल सकता है। - आयरनयुक्त खाना का करें सेवन जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. राजेश कुमार रौशन ने बताया कि आयरन की कमी के कारण एनीमिया होती है। इसलिए इस बीमारी से लोगों को आहार बदलने एवं आयरन युक्त आहार का सेवन करने से बचाव होगा। - ये हैं एनीमिया के प्रारंभिक लक्षण : उन्होंने बताया कि एनीमिया बीमारी का शुरुआती लक्षण थकान, कमजोरी, त्वचा का पीला होना, दिल की धड़कन में बदलाव, साँस लेने में तकलीफ, चक्कर आना, सीने में दर्द, हाथों और पैरों का ठंडा होना, सिरदर्द आदि होना है। ऐसा लक्षण होते ही ससमय इलाज कराएं। - प्रोटीन युक्त खाने का करें सेवन : उन्होंने बताया कि एनीमिया के दौरान प्रोटीन युक्त खाने का सेवन करें। जैसे पालक, सोयाबीन, चुकंदर, लाल मांस, मूँगफली का मक्खन, अंडे, टमाटर, अनार, शहद, सेब, खजूर आदि प्रोटीन युक्त आहार का सेवन करें। जो आपके शरीर की कमी को पूरी करता एवं हीमोग्लोबिन जैसी कमी भी दूर होती है । इससे आपको एनीमिया बीमारी से बचाव मिल सकता है। - चिकित्सकों की सलाह का करें पालन : जिला सामुदायिक उत्प्रेरक निखिल राज ने बताया कि एनीमिया के दौरान आप तुरंत किसी अच्छे चिकित्सक से दिखाएं एवं चिकित्सकों के अनुसार आवश्यक जाँच कराएं । जिसके बाद चिकित्सकों द्वारा दी गई आवश्यक चिकित्सा परामर्श का पालन करें, जो आपके लिए फायदेमंद साबित होगा। - गर्भवती महिलाएं रखें विशेष ख्याल : उन्होंने बताया कि गर्भवती महिलाएँ को गर्भस्थ शिशु के विकास के लिए शरीर में रक्त का निर्माण करना पड़ता है। जिसमें कमी होने के कारण एनीमिया होने की प्रबल संभावना हो जाती है। इसलिए गर्भवती महिलाएँ को गर्भ के दौरान लगातार हीमोग्लोबिन समेत अन्य आवश्यक जाँच करानी चाहिए एवं चिकित्सकों के चिकित्सा परामर्श का पालन करना चाहिए। - समय पर खाएं खाना : एनीमिया से बचाव के लिए समय पर खाना भी जरूरी है। इसलिए, इस बात का विशेष ख्याल रखें कि समय पर खाना खाएं और परिवार के अन्य सदस्यों के भी खान-पान का ख्याल रखें। खासकर घर के बच्चे और बुजुर्गों के खान-पान को लेकर विशेष ख्याल रखें।
बुधवार को सदर प्रखंड के प्रांगण में जीविका द्वारा बेरोजगार युवा युवतियों के लिए मेले का आयोजन किया गया मेले का उद्घाटन जीविका के सोमनाथ, रूपेश कुमार, प्रमोद कुमार दत्ता, शैलजा बनर्जी ,यूको आरसीटी के निर्देशक द्वारा संयुक्त रूप से दीप जलाकर किया गया मेले में कुल 15 कंपनियों ने अपना स्टॉल लगाए और प्रतिभागियों को समझा कर निबंधन करवाएं जिसमें कुल 963 प्रतिभागियों ने अपना निबंधन करवाएं निबंधन के बाद युवक युवतियों द्वारा बताया गया कि यह हम लोगों के लिए काफी अच्छी बात है कि जीविका के द्वारा बेरोजगार के प्रति इस तरह की मेले का आयोजन किया गया यह हमें बहुत अच्छा लगा कार्यक्रम में जीविका के कर्मी प्रतिक लाल ,श्रेया कुमारी, राकेश पोद्दार, पंकज कुमार, सनमुन, पिंकी ,प्रियंका ,करिश्मा, इत्यादि जीविका कर्मी मुख्य रूप से उपस्थित रहे
बुधवार को मुंगेर जिले के विभिन्न क्षेत्रों में जांच कराया गया जिसमें कुल 2425 लोगों की जांच हुई पर एक भी व्यक्ति संक्रमित नहीं मिले इसकी जानकारी सिविल सर्जन आनंद शंकर शरण सिंह ने दी उन्होंने बताया कि यह अच्छी बात है लोग संक्रमित नहीं पाए जा रहे हैं और लोगों को सावधान रहने की जरूरत अभी है।
बुधवार को सदर प्रखंड मुंगेर में आयुष्मान भारत हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर का सिविल सर्जन आनंद शंकर शरण सिंह ,डीपीएम नसीम रजी , रचना कुमारी ,एवं प्रखंड विकास पदाधिकारी सदर विकास कुमार द्वारा संयुक्त रूप से फीता काटकर उद्घाटन किया गया मौके पर सिविल सर्जन द्वारा बताया गया यह सेंटर 15 डेट का है इसके उद्घाटन हो जाने से ग्रामीण क्षेत्रों की परेशानी दूर हो गई लोगों को सदर अस्पताल जाने से बचने का सुविधा हो गया मौके पर उपस्थिति प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी सुशील कुमार झा, डॉ मुकेश कुमार, हेल्थ मैनेजर रवि कुमार, लेखापाल कमलेश झा, निशा कुमारी एवं स्वास्थ्य कर्मी एवं दीदी मुख्य रूप से उपस्थित थ
बुधवार को हर माह के भांति इस माफी 9 तारीख को प्रधानमंत्री सुरक्षा योजना के तहत गर्भवती महिलाओं स्वास्थ्य जांच की गई वही मौके पर उपस्थित प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ सुशील कुमार झा ने बताया कि हमारे यहां गर्भवती माताओं को जांच के बाद उन्हें आयरन की टेबलेट दी जाती है इसके अलावा उन्हें खानपान हेतु उचित सलाह दी जाती है ताकि जच्चा और बच्चा सुरक्षित रहे और सही रहे वही मौके पर उपस्थित हेल्थ मैनेजर रवि कुमार, लेखापाल कमलेश झा, डॉक्टर अमित कुमार ,एसएचओ आरती कुमारी, एएनएम रेणु कुमारी ,नीतू कुमारी ,शबनम कुमारी, अलका कुमारी ,खुशबू कुमारी ,प्रमिला कुमारी, के साथ अन्य एएनएम स्वास्थ्य कर्मी एवं आशा दीदी मुख्य रूप से उपस्थित थी
बच्चों को कुपोषण से बचाने के लिए सही और संतुलित आहार के साथ सही देखभाल जरूरी - सही और संतुलित पोषण से बच्चे नहीं होते हैं बौनापन का शिकार - जन्म से छह माह तक बच्चे के लिए मां का स्तनपान ही सम्पूर्ण आहार,इसके बाद स्तनपान के साथ अनुपूरक आहार है जरूरी मुंगेर, 09 मार्च। गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली माताओं और शिशु को संतुलित पोषण सुनिश्चित कराना पहले से ही चुनौतीपूर्ण रहा है। कोरोना महामारी के दौर ने इस समस्या को और भी गति दी है। मातृ एवं शिशुओं को कुपोषण के दंश से बचाने के लिए पोषण पर ध्यान देना उतना ही जरूरी है जितना कि सांस लेने के लिए ऑक्सीजन युक्त शुद्ध हवा । एनआरसी मुंगेर की फीडिंग डिमांस्ट्रेटर रचना भारती ने बताया कि सही और संतुलित पोषण न मिलने से बच्चे बौनेपन के शिकार हो जाते हैं। इसलिए प्रसव के एक घन्टा के भीतर ही शिशु को स्तनपान कराना चाहिए। इससे बच्चे की रोग- प्रतिरोधक क्षमता का विकास होता है। शिशु जन्म के 6 महीने बाद तक बच्चे को सिर्फ और सिर्फ मां का स्तनपान ही कराना चाहिए। इस दौरान ऊपर से पानी भी शिशु को नहीं देना चाहिए । छह माह के बाद स्तनपान के साथ अनुपूरक आहार है जरूरी : उन्होंने बताया कि 6 माह के बाद बच्चों में शारीरिक एवं मानसिक विकास तेजी से शुरू हो जाता है। इसलिए 6 माह के बाद सिर्फ स्तनपान से जरूरी पोषक तत्त्व बच्चे को नहीं मिल पाता है। इसलिए छ्ह माह के उपरान्त अर्ध ठोस आहiर जैसे खिचड़ी, गाढ़ा दलिया, पका हुआ केला एवं मूंग का दाल दिन में तीन से चार बार जरूर देना चाहिए। दो साल तक अनुपूरक आहार के साथ माँ का दूध भी पिलाते रहना चाहिए ताकि शिशु का पूर्ण शारीरिक एवं मानसिक विकास हो पाए। उन्होंने बताया कि उम्र के हिसाब से ऊँचाई में वांछित बढ़ोतरी नहीं होने से शिशु बौनेपन का शिकार हो जाता है। इसे रोकने के लिए शिशु को स्तनपान के साथ अनुपूरक आहार जरूर देना चाहिए। एनआरसी मुंगेर के नोडल अधिकारी विकास कुमार ने बताया कि शुरुआत के 1000 दिन नवजात शिशु के जीवन की सबसे महत्वपूर्ण अवस्था होती है । जो कि महिला के गर्भधारण करने से हीं प्रारम्भ हो जाते हैं। आरंभिक अवस्था में उचित पोषण नहीं मिलने से बच्चों का शारीरिक एवं बौद्धिक विकास अवरुद्ध हो सकता है। जिसकी भरपाई बाद में नहीं हो पाती है। शिशु जन्म के बाद पहले वर्ष का पोषण बच्चों के मस्तिष्क और शरीर के स्वस्थ्य विकास और रोग प्रतिरोधकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। शुरुआती के 1000 दिनों में बेहतर पोषण सुनश्चित होने से मोटापा और जटिल रोगों से भी बचा जा सकता है। उन्होंने बताया कि गर्भावस्था के दौरान महिला को प्रतिदिन के भोजन के साथ आयरन ,फॉलिक एसिड एवं कैल्सियम की गोली लेना भी जरूरी है। इसके साथ ही एक गर्भवती महिला को अधिक से अधिक आहार सेवन में भी विविधता लानी चहिए। गर्भावस्था में बेहतर पोषण शिशु को भी स्वस्थ्य रखने में मदद करता है। गर्भावस्था के दौरान आयरन और फॉलिक एसिड के सेवन से महिला एनीमिया से सुरक्षित रहती एवं इससे प्रसव के दौरान अत्यधिक रक्तस्राव से होने वाली जटिलताओं से भी बचा जा सकता है। वहीँ कैल्सियम का सेवन भी गर्भवती महिलाओं के लिए काफ़ी जरूरी है। इससे गर्भस्थ शिशु के हड्डी का विकास पूर्ण रूप से हो पाता एवं जन्म के बाद हड्डी संबंधित रोगों से शिशु का बचाव भी होता है।
*चौकीदारों को अविलंब मिले एसीपी का लाभ -संजय केशरी* धरहरा अंचल दफादार-चौकीदार पंचायत की बैठक धरहरा शिव मंदिर परिसर में अंचल अध्यक्ष प्रेम प्रकाश की अध्यक्षता में आयोजित की गई जिसमें मुख्य अतिथि मुंगेर प्रमंडलीय अध्यक्ष संजय केशरी एवं विशिष्ट अतिथि जिला अध्यक्ष चौकीदार रावण पासवान, जिला महामंत्री चौकीदार मो० इंसान तथा जिला कोषाध्यक्ष भंगी पासवान थे। बैठक को संबोधित करते हुए मुंगेर प्रमंडलीय अध्यक्ष संजय केशरी ने कहा कि 1990 से ही लंबित एसीपी एवं एम एसीपी का लाभ चौकीदार साथियों को अब तक नहीं मिल पाना दुर्भाग्यपूर्ण है जिससे स्थिति आक्रोशपूर्ण हो रही है। श्री केशरी ने आगे कहा कि चौकीदारों का दूसरे जिलों में स्थानांतरण के किसी भी प्रयास का हमलोग किसी भी हद तक जाकर विरोध करेंगे। जिला अध्यक्ष चौकीदार रावण पासवान ने चौकीदारों का आह्वान किया कि 23 एवं 24 मार्च को गर्दनीबाग पटना में आयोजित धरना-प्रदर्शन में बढ़-चढ़कर भाग लें। जिला महामंत्री चौकीदार मो० इंसान ने कहा कि स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति का लाभ भी चौकीदारों को ससमय मिलना चाहिए। अध्यक्षता करते हुए चौकीदार प्रेम प्रकाश ने कहा कि चौकीदारों को शराबबंदी कानून में बलि का बकरा बनाया जा रहा है जिसका जमकर विरोध किया जाएगा। बैठक में रामविलास पासवान, संटू पासवान, छबीला यादव, सत्यनारायण पासवान, रंधीर पासवान, राजकुमारी देवी, प्रकाश पासवान, अशोक पासवान, सुजीत कुमार, छोटन कुमार, धर्मेंद्र पासवान, राजेंद्र पासवान, राकेश पासवान, रोणित पासवान एवं बबलु सिंह आदि चौकीदार उपस्थित थे।
सोमवार को जिला अधिकारी नवीन कुमार के आयुष्मान भारत प्रचार रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किए वही मौके पर श्री कुमार द्वारा बताया गया कि यह रथ गांव गांव जाकर प्रचार कर लोगों को आयुष्मान भारत कार्ड बनाने हेतु प्रेरित करने का काम करेंगे ताकि लोग शत-प्रतिशत आयुष्मान कार्ड बनाकर योजना का लाभ उठा सके।
सोमवार को सदर अस्पताल परिसर में आशा कार्यकर्ता द्वारा एक दिवसीय हड़ताल किया गया हड़ताल के दौरान आशा संघ की अध्यक्ष उषा देवी ने बताया कि हम लोग का पूर्व से कार्य किए गए प्रोत्साहन राशि अब तक भुगतान नहीं हुआ है एवं अन्य मांग को लेकर हम लोग हड़ताल की है। अगर विभाग द्वारा प्रोत्साहन राशि जल्द से जल्द भुगतान नहीं हुई तो हम लोग आगे और आंदोलन करेंगे।
सोमवार को मुंगेर जिले के विभिन्न क्षेत्रों में 2105 लोगों की कोविड-19 जांच कराई गई नहीं मिले एक भी संक्रमित व्यक्ति इसकी जानकारी सदर अस्पताल के स्वास्थ्य कर्मी द्वारा दिया गया।
