बिहार राज्य के हवेली खड़गपुर के रघुनाथपुर से संवाददाता लक्ष्मण कुमार सिंह मोबाइल वाणी के माध्यम से सुरेश यादव से साक्षात्कार किया। सुरेश यादव ने रोजगार के संबंध में बताया कि सरकार को महँगाई को लेकर विचार करनी चाहिए और साथ ही रोजगार के अवसर भी देनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि दो धर्मों के बीच में विवाद यह सही नहीं है। सरकार को महंगाई बेरोजगारी पर ध्यान देना चाहिए और सुधार करना चाहिए। जिससे कि गरीब और बेरोजगार युवकों की भलाई हो सके

धरहरा प्रखंड क्षेत्र में चिलचिलाती धूप पर बातचीत करने के लिए डॉ विक्रांत कुमार सिंह से की गई डॉ विक्रांत सिंह ने चिलचिलाती धूप में निकलने का परिभाषा बताएं एवं बचाव भी बताएं समस्या को समाधान करने के लिए कई दवाइयों का नाम बताएं स्किन चिल्लाती धूप से बचा जा सके

धरहरा (संवाददाता):- जिला बंदोवस्त पदाधिकारी अतुल कुमार वर्मण ने सरकार द्वारा संचालित धरहरा अंचल के सभी दस्तावेज का जाँच किया। जिला बंदोवस्त पदाधिकारी ने जमीनी हकीकत से भी रूबरू हुए और अंचल कार्यालय मे अपने कार्य को लेकर पहुँचे लोगो से भी पुछताछ कर अंचल कार्यालय के कर्मियों के फिड बैक लिया जहाँ नक्सल प्रभावित क्षेत्र आजीमगंज पंचायत के कुमारपु से पहुँचे रंजीत कुमार ने जनवरी माह मे आश्रित प्रमाण पत्र के आवेदन दिया परंतु आज तक आश्रित प्रमाण पत्र बनाने के लिए अंचल कार्यालय के चक्कर काटने के बावजूद प्रमाण -पत्र आज तक निर्गत नही होने पर अंचल कर्मी के कार्यप्रणाली से असंतुष्ट होने की बात कही वही बाहाँचोकी पंचायत के सुन्दरपुर के अमित कुमार ने बताया कि सीओ पुजा कुमारी द्वारा 2021 से अतिक्रमण वाद संख्या 04 /21-22 मे नापी हुआ परंतु आज तक अतिक्रमण नही हटा। अंचल कार्यालय मे व्याप्त कुव्यवस्था को लेकर बंदोवस्त पदाधिकारी को ग्रामीणो ने बताया जिसे जिला बंदोवस्त के कर्मचारी ने सूचीबद्ध कर संबंधित विभाग को सूचित करने की बात कही। जिला बंदोवस्त पदाधिकारी अतुल कुमार वर्मण ने साफ शब्दो मे मीडिया प्रतिनिधि को बताया कि अंचल के सभी अभिलेखो की जाँच की गई। जाँच रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौपा जाएगा।

हीरो राजन कुमार अब "डॉक्टर राजन कुमार" कहलाएंगे दिल्ली की यूनिवर्सिटी द्वारा 1 मई को नोएडा फ़िल्म सिटी में राजन कुमार को डॉक्टरेट की मानद उपाधि से नवाजा जाएगा गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज करवा चुके हीरो राजन कुमार अब "डॉक्टर राजन कुमार" कहलाएंगे। जी हाँ, उन्हें उनकी तमाम उपलब्धियों को देखते हुए डॉक्टरेट की मानद उपाधि से नवाजा जा रहा है। 1 मई 2022 को नोएडा फ़िल्म सिटी में होने जा रहे एक भव्य समारोह में राजन कुमार को एआईआईपीपीएचएस स्टेट गवर्मेंट यूनिवर्सिटी दिल्ली द्वारा ऑनरेरी डॉक्टरेट की डिग्री दी जा रही है। परफार्मिंग आर्ट के क्षेत्र में पिछले 25 साल में उनके विशेष योगदान हेतु यह सम्मान दिया जा रहा है। अनिल काशी मुरारका, पद्मश्री विमल जैन, डॉ पवन अग्रवाल ने राजन कुमार को शुभकामनाएं दी हैं और इन्हें एक डीज़रविंग कैंडिडेट बताया है। राजन कुमार ने यूनिवर्सिटी और इसकी वाइस चांसलर डॉक्टर अनु भंडारी का आभार व्यक्त किया है। एक कलाकार को डॉक्टरेट की मानद उपाधि से नवाजा जाना तमाम कलाकारों के लिए खुशी और गर्व की बात है। अब जबकि पूरे विश्व मे अजीब सा माहौल है मगर राजन कुमार ने चार्ली चैपलिन 2 के रूप में लोगों को लगातार हंसाने का काम जारी रखा है। मुम्बई से अनिल काशी मुरारका ने अपने खास शब्दो मे राजन कुमार को इस उपाधि के लिए बधाई दी और राजन कुमार की उपलब्धियों की चर्चा की क्योंकि राजन उनके कई प्रोग्रामों का हिस्सा रहे हैं। वहीं डॉ पवन अग्रवाल का खुशी का ठिकाना नहीं है, उन्होंने अभी से ऐलान कर दिया है कि राजन कुमार जब दिल्ली से डॉक्टरेट की डिग्री लेकर लौटेंगे तो यहां मायानगरी में एक भव्य कार्यक्रम करके उन्हें एजीआई (अग्रवाल ग्रुप ऑफ इंस्टिट्यूट) द्वारा सम्मानित किया जाएगा। पटना के विमल जैन, जिन्हें इस साल पद्मश्री से सम्मानित किया गया है, ने कहा कि राजन कुमार ने एक ऐतिहासिक कार्य कर दिया है। उन्हें डॉक्टरेट की डिग्री मिलना दरअसल कला, साहित्य का सम्मान करना है। एक्शन डायरेक्टर टीनू वर्मा ने बताया कि राजन कुमार को डॉक्टरेट की मानद उपाधि दी जा रही है, यह उनके योगदान और उनकी उपलब्धियों का सम्मान है। अफसाना प्रवीन ने भी राजन कुमार को बधाई दी। सेलिब्रेटी जर्नलिस्ट और गीतकार गाज़ी मोईन ने कहा कि राजन कुमार जैसे कलाकार ज़माने में चमकने के लिए ही जन्म लेते हैं। उनके ढेरों कारनामे हैं, बेशुमार अवार्ड्स और रिकार्ड्स हैं मगर किसी यूनिवर्सिटी द्वारा डॉक्टरेट की ऑनरेरी डिग्री देना एक बड़ा अचीवमेंट है। राजन कुमार ने अपनी डॉक्टरेट की डिग्री को अपने जीजा जी को समर्पित किया है, 30 अप्रैल को उनके जीजा जी की पहली बरसी है। कोरोना काल मे हंसते खेलते परिवार के अग्रज उनके जीजा जी का निधन हो गया था। यह उपाधि राजन कुमार के लिए बहुत ही स्पेशल है क्योंकि कहीं न कहीं उनके जीजा जी उन्हें बुलंदियों को छूते देखना चाहते थे, उनकी कला को जग जाहिर होते हुए देखना चाहते थे। अपने प्यारे जीजा जी को नम आंखों से याद करते हुए हीरो राजन कुमार ने डॉक्टरेट की डिग्री के लिए अपने परिवार के लोगों को विशेष धन्यवाद दिया।

लू व गर्म हवाओं से बचने के विभिन्न उपायों को अपनाना जरूरी - राज्य सरकार के आपदा प्रबंधन विभाग ने जारी की एडवाइजरी मुंगेर, 27 अप्रैल। इन दिनों बढ़ती गर्मी के साथ गर्म हवाओं का चलना काफी कष्टकारक होने के साथ ही नुकसानदेह भी है। इस स्थिति में बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, आपदा एवं प्रबंधन विभाग, बिहार सरकार के द्वारा राज्य के गर्मी प्रभावित इलाकों में लू व गर्म हवाओं से बचने के लिए आवश्यक एडवाइजरी जारी की गई है। विभाग के द्वारा जिलों से प्रत्येक दिन लू व गर्म हवाओं से प्रभावित मरीजों के आंकड़ों की मांग भी की गई है। सामान्यतः गर्मी के दिनों में तेज धूप और लू के थपेड़ों से लोग परेशान होते हैं। इसका प्रतिकूल प्रभाव मानव शरीर पर भी पड़ता जो कभी- कभी जानलेवा भी साबित हो सकता है। इस संबंध में सरकार द्वारा जारी की गई एडवाइजरी में बताए गए विभिन्न उपायों का पालन कर गर्म हवाओं व लू के प्रतिकूल प्रभावों से काफी हद तक बचा जा सकता है। गर्म हवाएं/लू से बचने के लिए क्या करें- प्रभारी सिविल र्सजन डा. आनंद शंकर शरण सिंह ने बताया कि मुंगेर में लू व गर्म हवाओं का चलना जारी है। ऐसे में गर्म हवाओं व लू से बचने के लिए सभी लोगों के द्वारा निम्न उपायों का किया जाना आवश्यक है : - जहां तक संभव हो कड़ी घूप में बाहर न निकलें । - जितनी बार हो सके पानी पीयें, बार-बार पानी पीयें। - सफर कर रहे हों तो अपने साथ पीने का पानी हमेशा रखें। - घरों से बाहर खाली पेट न निकलें। - ढीले-ढाले व सूती कपड़ों का उपयोग करें। - सिर ढकने के लिए गीले गमछे का प्रयोग करें। - अधिक तापमान में परिश्रमी कामों से बचें। - आसानी से पचने वाले खाद्य पदार्थों का सेवन करें। - मौसमी फलों यथा- तरबूज, खीरा, ककड़ी, खरबूजा, संतरा आदि के सेवन को प्राथमिकता दें। - शरीर में तरल की मात्रा बनाये रखने के लिए घर में बने पेय पदार्थों जैसे- लस्सी, छाछ, नमक-चीनी का घोल, नींबू-पानी, आम का पन्ना, शर्बत आदि का उपयोग करें। - गर्म पेय पदार्थों एवं प्रोटीनयुक्त भोजनों के सेवन से बचें। - विश्वसीनय सूत्रों से मौसम पूर्वानुमान एवं तापमान परिवर्त्तन संबंधी अद्यतन जानकारियों से अवगत होते रहें। - रात्रि विश्राम के लिए हवादार कमरों का उपयोग करें। - तबीयत ठीक न लगे या चक्कर आये तो नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्रों पर जाकर या निकटम उपलब्ध चिकित्सकों से सम्पर्क करें। लू लगने पर क्या करें- उन्होंने बताया कि लू से प्रभावित व्यक्ति के प्राथमिक तौर पर बचाव के निम्न उपाय करें- - लू से प्रभावित व्यक्ति को छांव में लिटायें, हो सके तो शरीर पर तंग कपड़ों को ढीला करें या हटा दें। - ठंडे गीले कपड़ों से शरीर को पोछें या ठंडे पानी से नहलायें। - शरीर का तापमान कम करने के लिए कूलर, पंखे आदि का प्रयोग करें। - गर्दन, पेट एवं सिर पर बार-बार गीला तथा ठंडा कपड़ा रखें। - प्रभावित व्यक्ति को ओ.आर.एस./नींबू-पानी नमक चीन का घोल, छाछ या शर्बत पीने को दें, जिससे शरीर में जल की मात्रा को बढ़ा सकें। - प्रभावित व्यक्ति यदि पानी की उल्टियां करें या बेहोश हो तो उसे कुछ भी खाने-पीने को न दें। - हालात में आवश्यक सुधार न आये तो उसे तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्रों पर ले जायें। उन्होंने बताया कि गर्म हवायें व लू न केवल आदमियों के लिए बल्कि जानवरों पर भी प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है। ऐसे में अपने पालतू जानवरों का भी ख्याल रखें। उन्हें छायेदार स्थानों पर रखें, समय-समय पर पानी पिलाते रहें।

सुरक्षित प्रसव एप और हाई रिस्क प्रेग्नेंसी को ले हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के सीएचओ की होगी ऑनलाइन ट्रेनिंग - 28 अप्रैल को दोपहर 3 से 6 बजे के बीच ज़ूम एप की मदद से होगी ट्रेनिंग - राज्य स्वास्थ्य समिति मातृ स्वास्थ्य संकाय की राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी ने सिविल सर्जन को जारी की चिट्ठी मुंगेर, 25 अप्रैल। मातृ स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत आगामी 28 अप्रैल को दोपहर 3 से 6 बजे के दौरान ज़ूम एप की मदद से सेफ डिलीवरी एप और हाई रिस्क प्रेग्नेंसी को लेकर जिला के सभी हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के सामुदायिक स्वास्थ्य पदाधिकारी (सीएचओ) की एकदिवसीय ट्रेनिंग होगी। इसको ले राज्य स्वास्थ्य समिति बिहार (मातृ ) की राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ सरिता ने सभी जिलों के सिविल सर्जन को चिट्ठी जारी की है। मुंगेर के प्रभारी सिविल सर्जन डॉ. आनंद शंकर शरण सिंह ने बताया कि राज्य स्वास्थ्य समिति से प्राप्त निर्देश के अनुसार जिला के सभी हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के सामुदायिक स्वास्थ्य पदाधिकारी को मातृ स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत सेफ डिलीवरी एप एवं हाई रिस्क प्रेग्नेंसी (एचआरपी) पर राज्य स्वास्थ्य समिति और जपाइगो की मदद से ऑनलाइन ट्रेनिंग दी जाएगी। स्टेट हेल्थ सोसाइटी में मातृ स्वास्थ्य कार्यक्रम की स्टेट प्रोगमिंग ऑफिसर डॉ. सरिता और हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के स्टेट प्रोग्रामिंग ऑफिसर डॉ. अजय शशि, जपाइगो के प्रतिनिधि के अलावा मैटरनल हेल्थ के एक्सपर्ट सभी सीएचओ को ट्रेनिंग देंगे। इस दौरान ट्रेनिंग में उपस्थित सभी सीएचओ को नार्मल लेबर और बर्थ, न्यू नेटल रेस्युसीएशन, इनिशियल मैनेजमेंट ऑफ कॉम्प्लिकेशन, आइडेंटिफिकेशन ऑफ डेंजर साइन ऑफ न्यू बोर्न और हाई रिस्क प्रेग्नेंसी एंड पीएमएसएमए सहित कई तकनीकी पहलुओं की जानकारी दी जाएगी। उन्होंने बताया कि 28 अप्रैल को मुंगेर जिला के अलावा मुंगेर प्रमंडल के लखीसराय, जमुई और खगड़िया सहित कुल 13 जिला के कुल 868 सीएचओ को सेफ डिलीवरी एप और हाई रिस्क प्रेग्नेंसी विषय पर ट्रेनिंग दी जाएगी। वहीं मुंगेर प्रमंडल के बेगूसराय जिला के सीएचओ को 27 अप्रैल और शेखपुरा जिला के सीएचओ को 29 अप्रैल को ऑनलाइन ट्रेनिंग दी जाएगी।

*कब होगी कुंवर रोहित सिंह के हत्यारों की गिरफ्तारी - केशरी* (शरद पवार विचार मंच ने किया धिक्कार सत्याग्रह) वीर कुंवर सिंह के प्रपौत्र कुंवर रोहित सिंह की हत्या तथा गृहमंत्री अमित शाह के कार्यक्रम के दौरान वीर कुंवर सिंह की पौत्रवधू पुष्पा सिंह को नजरबंद करने के मुद्दे पर शरद पवार विचार मंच ने *धिक्कार सत्याग्रह* करके आक्रोश जताया। वीर कुंवर सिंह कॉलोनी चौक पर धिक्कार सत्याग्रह कार्यक्रम का नेतृत्व करते हुए शरद पवार विचार मंच के प्रदेश संयोजक संजय केशरी ने कहा कि गोरे अंग्रेजों से लोहा लेने वाले वीर कुंवर सिंह के प्रपौत्र कुंवर रोहित सिंह की जान काले अंग्रेजों ने ले ली लेकिन हत्यारों की गिरफ्तारी नहीं कर उल्टे इंसाफ मांगने वाली उसकी मां पुष्पा सिंह को ही नजरबंद कर दिया गया। तो दूसरी ओर राजपूत नेतृत्व को कुचलने की मंशा से एनडीए सरकार आनन्द मोहन सिंह को सजा पूरी होने के बाद भी सीखचों में कैद रखे हुई है। मुख्य अतिथि आम आदमी पार्टी के संस्थापक सदस्य सुनील कुमार सिंह ने कहा कि क्षत्रिय समाज के प्रति एनडीए सरकार की नफरत की पोल खुल चुकी है। विशिष्ट अतिथि श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के प्रदेश महासचिव रामकुमार सिंह ने कहा कि कुंवर रोहित सिंह के हत्यारों की अविलंब गिरफ्तारी हो। इसके अलावा धिक्कार सत्याग्रह को अजय प्रसाद सिंह, शंकर यादव, चन्दन गुप्ता, राजीव शर्मा एवं निर्भर सिंह आदि ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर नरेश कुमार गुप्ता, संयुक्ता कुमारी, सोनी सिन्हा, सत्यनारायण साह, बबलु गुप्ता, अजय सिन्हा, सदानंद मालाकार, अनिल सिन्हा, प्रदीप गुप्ता, टन्टू सिंह एवं केशव केशरी सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित थे।

धरहरा (संवाददाता):- धरहरा प्रखंड के नक्सल प्रभावित क्षेत्र ईटवा पंचायत की जनता भगवान भरोसे जी रही है क्योंकि यहां स्वास्थ्य व्यवस्था सिर्फ हाथी का दांत बनकर रह गई है। ईटवा पंचायत दर्जनों गांव से घिरा हुआ है फिर भी यहां स्वास्थ्य केन्द्र नहीं है अगर कभी किसी के साथ दुर्घटना हो जाती है तो ईटवा में स्वास्थ्य केंद्र ना रहने के कारण घायल को धरहरा पीएचसी या मुंगेर सदर अस्पताल जाना पड़ता है स्वास्थ्य केंद्र दूर रहने के कारण कभी-कभी घायल की मौत रास्ते में ही हो जाती है वहीं गर्भवती महिलाओं को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है उन्हें भी प्रसव के लिए धरहरा या सदर अस्पताल मुंगेर जाना पड़ता है।अगर दशरथपुर में स्वास्थ्य केंद्र हो जाता है तो ईटवा, पचरुखी, भलार,दशरथी, कुदरताबाद, बाड़ीचक सहित नक्सल प्रभावित दर्जनों गांव के लोगों को सुगमता से स्वास्थ्य व्यवस्था उपलब्ध हो पाएगा।

गुरूवार को मुँगेंर सदर प्रखंड परिसर डाँ अम्बेदकर सभागार मे आजादी के अमृत महोत्सव के तहत मेगा स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का विधिवत उदधाटन सदर प्रखंड प्रमुख नरेश प्रसाद ने फीताकाट कर किया। शिविर मे प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र मुँगेर सदर के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डां सुशील झा के नेतृत्व मे 24 प्रकार के स्वास्थय संबंधित काउन्टर लगाऐ गए, वहीं मुँगेर ग्रामीण के सीडीपीओ सुस्मिता के नेतृत्व मे आईसीडीएस की पर्यवेक्षिका अनुपम कुमारी,करूणा कुमारी, सोनी कुमारी ने पोष्टिक आहार की स्टोल लगाकर कुपोषण मुक्त समाज बनाने हेतु शिविर मे आए महिलाओ को जागरुक करते दिखे। पीएचसी के चिकित्सक डाँ अल्का सिन्हा, दन्त चिकित्सक डाँ माहिद,डाँ अमीत,डाँ फैज,डाँ एस एन महतो, डाँ मुकेश सहित अन्य चिकित्सको ने मुँगेंर सदर सहित विभिन्न जगहो से आए आठ सौ से अधिक मरीजो का ईलाज किया। ईलाज के बाद दवाई काउन्टर पर दवाई लेने पहुँचे मरीजो को दवाई लेने मे मुश्किल का सामना करना पडा़ क्योकि कुशल दवाई वितरक नही होने के कारण एएनएम को चिकित्सक द्वारा लिखे पुर्जा पढ़ने मे कठिनाई हो रही थी तब स्वास्थ्य प्रबंधक रवि कुमार ने कुशल फरमाशिस्ट को दवाई वितरित करने मे लगाया गया तब जाकर दवाई वितरण हो पाया। कैम्प मे प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र सदर के कमलेश कुमार झा, राहुल कुमार सहित अन्य स्वास्थ्य कर्मी मौजूद थे।

बढ़ते तापमान व गर्म तेज हवाओं से शरीर को सुरक्षित रखना जरूरी - गर्म हवाओं के कारण लू लगने की बढ़ जाती है संभावना, चिकित्सीय परामर्श जरूरी - ओआरएस का घोल पिलाने से होता है डिहाइड्रेशन से बचाव मुंगेर, 20 अप्रैल। जिला में पिछले कुछ दिनों से लगातार तापमान में बढ़ोत्तरी हो रही है। वहीं, गर्म हवाओं के थपेड़ों के कारण दोपहर में सड़क पर लोगों का चलना मुश्किल हो गया है। ऐसे मौसम में गर्म हवाओं के कारण लू लगने की संभावनाएं काफी बढ़ जाती है। बढ़ते तापमान के साथ चलने वाली गर्म तेज हवाओं से शरीर को सुरक्षित रखना आवश्यक है । इसके साथ ही मौसम के अनुकूल शरीर को ढालने के लिए सही और संतुलित खान-पान के साथ दैनिक दिनचर्या में भी बदलाव करना जरूरी है। नवजात शिशुओं एवं गर्भवती महिलाओं के पोषण में सुधार कर गर्मी के दुष्परिणामों से सुरक्षा प्रदान की जा सकती है। दैनिक दिनचर्या एवं आहार परिवर्तन जरुरी : अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी सह प्रभारी सिविल सर्जन डॉ. आनंद शंकर शरण सिंह ने बताया कि गर्मी के बढ़ने से पसीना चलना शुरू होता है । जिससे शरीर में पानी की मात्रा में तेजी से कमी आती है। इसलिए इस मौसम में प्रचुर मात्रा में पानी का सेवन करना फायदेमंद है। इसके साथ ही रसदार मौसमी फलों का सेवन भी शरीर में पानी की मात्रा को संतुलित करने में सहायक होता है। नमक-चीनी का घोल, छाछ, नींबू पानी, आम का शर्बत, लस्सी, तरबूज, खरबूज, खीरा, ककड़ी, कच्चे प्याज सत्तु, पुदीना, सौंफ आदि के सेवन के साथ मौसमी फल भी खाना चाहिए। इसके साथ ही हमें अपने शरीर की रक्षा के लिए दैनिक दिनचर्या में भी बदलाव करना जरूरी है। इसके लिए इन बातों का ध्यान रखना जरूरी है : - खाली पेट घर से बाहर नहीं निकलें । - सुपाच्य व हल्के भोजन का करें सेवन एवं खूब पानी पीयें । - अत्यधिक शीतल पेय पदार्थों के सेवन करने से बचें । - रात्रि में देर रात तक नहीं जागें एवं कम से कम 8 घन्टे की नींद जरूर लें । - अत्यधिक वजन वाले लोग गर्मी के दिनों में वसा युक्त भोजन सेवन करने से बचें । - हल्के रंग के ढीले ढाले सूती कपड़े पहनें । - धूप के चश्मा के साथ तौलिया/गमछा या छतरी का उपयोग करें। - खाली पैर न घूमें, जूते या चप्पल जरूर पहनें । लू लगे व्यक्ति को ठंडे स्थान पर रखा जाना चाहिए : उन्होंने बताया कि लू लगने के कारण मरीज को मांसपेशियों और मस्तिष्क से जुड़ी समस्या होती है। मस्तिष्क तापमान कंट्रोल नहीं कर पाता है। पसीना चलना बंद हो जाता और शरीर की गर्मी शरीर में ही रहती है। लू लगने पर शरीर को नमक व पानी की जरूरत होती है। लू लगने पर मांसपेशियों में तनाव महसूस होता है। लू लगे व्यक्ति को सबसे पहले ठंंडे स्थान पर रखा जाना चाहिए। मरीज यदि बेहोश नहीं है तो उसे ओरआरएस पिलाना चाहिए। वहीं, मरीज बेहोश हो गया है, तो नॉर्मल स्लाइन देना है। उन्होंने बताया, लू लगने की स्थिति में चिकित्सकीय परामर्श जरुरी है। ऐसे प्राथमिक उपचार के तौर पर लू लगने पर ओआरएस का घोल पीना चाहिए। ताकि डिहाइड्रेशन से बचा जा सके। इसके इलाज के लिए जिले के सभी स्वास्थ्य केन्द्रों में पर्याप्त सुविधा भी उपलब्ध करायी गयी है।