धरहरा (संवाददाता):- धरहरा प्रखंड के नक्सल प्रभावित क्षेत्र ईटवा पंचायत की जनता भगवान भरोसे जी रही है क्योंकि यहां स्वास्थ्य व्यवस्था सिर्फ हाथी का दांत बनकर रह गई है। ईटवा पंचायत दर्जनों गांव से घिरा हुआ है फिर भी यहां स्वास्थ्य केन्द्र नहीं है अगर कभी किसी के साथ दुर्घटना हो जाती है तो ईटवा में स्वास्थ्य केंद्र ना रहने के कारण घायल को धरहरा पीएचसी या मुंगेर सदर अस्पताल जाना पड़ता है स्वास्थ्य केंद्र दूर रहने के कारण कभी-कभी घायल की मौत रास्ते में ही हो जाती है वहीं गर्भवती महिलाओं को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है उन्हें भी प्रसव के लिए धरहरा या सदर अस्पताल मुंगेर जाना पड़ता है।अगर दशरथपुर में स्वास्थ्य केंद्र हो जाता है तो ईटवा, पचरुखी, भलार,दशरथी, कुदरताबाद, बाड़ीचक सहित नक्सल प्रभावित दर्जनों गांव के लोगों को सुगमता से स्वास्थ्य व्यवस्था उपलब्ध हो पाएगा।
