राजन कुमार मुंगेर (बिहार) लोकप्रिय अभिनेता चार्ली चैपलिन द्वितीय के नाम से पुरी दुनिया में फेमस "राजन कुमार " को भारत के तारीख के चंद बहादुर फिल्म अभिनेता में शूमार किया जाता है और उनको कई समाजिक और सरकारी आवार्ड से भी नवाजा गया था!... याद रखिए! हमारी जिन्दगी मे हमेशा मुश्किलात रहती हैं, चैलेंज रहते हैं, लेकिन जो इस मुश्किलात और चैलेंज का सामना करते हुए भी इन्सानियत की भलाई के लिए कुछ कर जाए उन्हे ही इन्सान और इन्सानियत याद रखती है। 1 मई 2022 को बिहार में जन्में हीरो राजन कुमार को दिल्ली में डॉक्टरेट की डिग्री मानद से सम्मनित किया गया । जय हिन्द। Mb. - 8789021940

संपूर्ण शारीरिक एवं मानसिक विकास के लिए विटामिन, प्रोटीन, वसा एवं कार्बोहाइड्रेट कारगर - विटामिन डी -3 हड्डी एवं ह्रदय रोगों से करता है बचाव - गर्भवती महिलाओं में विटामिन बी-12 की कमी के कारण नवजात शिशुओं पर पड़ता हैं बुरा असर : डॉ नीलू - प्राकृतिक रूप में मिलने वाले खाद्य पदार्थों में विटामिन की रहती हैं प्रचुर मात्रा मुंगेर, 26 मई। मानव के संपूर्ण शारीरिक एवं मानसिक विकास के लिए विटामिन, प्रोटीन, वसा एवं कार्बोहाईड्रेट की मात्रा पर्याप्त होनी चाहिए। ह्रदय, स्नायु, मस्तिष्क एवं हड्डियों से संबंधित व्याधियों में विशेषकर विटामिन बी -12 एवं डी - 3 का अहम योगदान होता है। नियमित रूप से आहार लेने के साथ ही बी-12 एवं डी-3 युक्त खाद्य पदार्थों के सेवन से इनकी कमी को पूरा करते हुए अन्य प्रकार की होने वाली गंभीर समस्याओं या रोगों से बचा जा सकता है। मुंगेर के एसीएमओ सह प्रभारी सिविल सर्जन डॉ. आनंद शंकर शरण सिंह ने बताया कि विटामिन डी-3 हड्डी एवं ह्रदय रोगों से बचाव करता है। इसकी कमी के कारण नवजात शिशु रिकेट्स एवं युवा ओस्टियोमलेसिया नामक हड्डी रोग से पीड़ित हो जाते हैं। इन दोनों रोगों में हड्डी की कठोरता खत्म होने लगती है। इसके साथ ही यह लचीला भी हो जाता है। इससे हड्डी में विभिन्न प्रकार के रोग होने लगते हैं। इसके अलावा विटामिन डी-3 ह्रदय को भी स्वस्थ्य रखने में सहयोग करता है। इससे होने वाली मृत्यु में कमी भी लाता है। उम्र बढ़ने के साथ ही व्यक्ति का शरीर विटामिन डी को इसके सक्रिय अवस्था (डी-3) में परिवर्तित करने में अक्षम होने लगता है। जिसके कारण शरीर में विटामिन डी-3 की कमी होने लगती है। गर्भवती महिलाओं में विटामिन बी-12 की कमी के कारण नवजात शिशुओं पर पड़ता है बुरा असर : डॉ. नीलू केयर इंडिया मुंगेर की डीटीओ ऑफ डॉ. नीलू ने बताया कि गर्भावस्था के दौरान महिलाओं में विटामिन बी - 12 की कमी के कारण धातृ महिलाओं के स्वास्थ्य के साथ ही नवजात शिशुओं के स्वास्थ्य पर भी बुरा असर पड़ता है। स्वास्थ्य विभाग से जुड़े संगठनों के अनुसार गर्भावस्था के दौरान महिलाओं में विटामिन बी-12 की कमी के कारण शिशुओं में स्नायु से संबंधित रोगों की संभावना काफ़ी बढ़ जाती है। गर्भवती महिलाओं के प्रसव के दौरान होने वाली विभिन्न तरह की जटिलताएं जैसे: अचानक गर्भपात, उच्च रक्तचाप एवं पेशाब में प्रोटीन की अधिकता से विटामिन बी-12 माताओं का बचाव करता है। इसके अलावा विटामिन बी-12 स्नायु उत्तम स्वास्थ्य, मस्तिष्क विकास एवं लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण में भी काफ़ी सहयोग करता है। इसकी कमी के कारण स्नायु तंत्रों में कमज़ोरी, शरीर में खून बनाने वाली कोशिकाओं में कमी (एनीमिया) एवं उम्र के मुताबिक मस्तिष्क के विकास में बाधा उत्पन्न करता है। प्राकृतिक रूप में मिलने वाले खाद्य पदार्थों में विटामिन की रहती हैं प्रचुर मात्रा : उन्होंने बताया कि प्राकृतिक रूप से मिलने वाले खाद्य पदार्थों में विटामिन बी-12 एवं डी- 3 की प्रचुर मात्रा होती है। जिसके नियमित सेवन से इसकी कमी को दूर किया जा सकता है। हालांकि मछली, मीट, मुर्गा, अंडा, दूध एवं दूध से बने खाद्द पदार्थों में विटामिन बी-12 अधिक मात्रा में पाया जाता है। सूर्य की पहली किरण विटामिन डी-3 का सर्वेश्रेष्ट प्राकृतिक स्रोत माना जाता है। बेहद कम खाद्य पदार्थ हैं जिनमें विटामिन डी-3 की प्रचुरता होती है। पनीर, अंडे एवं संतरे के जूस में विटामिन डी-3 की थोड़ी ज्यादा मात्रा पाई जाती है।

*जैसा नौकर थानेदार वैसा नौकर चौकीदार - संत सिंह* मुंगेर जिला के दफादारों-चौकीदारों को अब तक एसीपी और एम एसीपी का लाभ नहीं मिलना दुर्भाग्यपूर्ण है क्योंकि प्रत्येक साल राज्य सरकार द्वारा इन्हें एसीपी का लाभ देने के लिए आदेश निर्गत किये जातें हैं। उपर्युक्त बातें बिहार राज्य दफादार-चौकीदार पंचायत के राज्य सचिव डॉ० संत सिंह ने पोलो मैदान में जिला अध्यक्ष चौकीदार रावण पासवान की अध्यक्षता में आयोजित चौकीदारों की बैठक को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए कहा। विशिष्ट अतिथि मुंगेर प्रमंडलीय अध्यक्ष संजय केशरी ने कहा कि चौकीदारों से डाक ड्यूटी, बैंक ड्यूटी, कैदी स्कॉट ड्यूटी आदि बंद कराकर राज्य सरकार द्वारा निर्गत आदेश के आलोक में बीट में ड्यूटी लगाया जाय‌। श्री केशरी ने कहा कि राज्य मानवाधिकार आयोग द्वारा भी दफादारों और चौकीदारों से डाक ड्यूटी, बैंक ड्यूटी एवं कैदी स्कॉट ड्यूटी बंद करने का आदेश निर्गत किया जा चुका है लेकिन मुंगेर जिला में इसका अनुपालन नहीं हो रहा है। जिला महासचिव मो० इंसान ने दफादार चौकीदारों को चुनाव भत्ता देने की मांग करते हुए कहा कि पंचायत चुनाव के दौरान प्रत्येक चरण में दूसरे-दूसरे अंचलों में भेजकर दफादार चौकीदारों से चुनाव ड्यूटी ली गई लेकिन उन्हें अब तक चुनाव भत्ता नहीं दिया गया है जबकि अन्य सभी कर्मचारियों को इसका लाभ दे दिया गया है। अध्यक्षीय संबोधन में जिला अध्यक्ष रावण पासवान ने मांग किया कि वर्ष 2019 के बाद दफादार चौकीदारों का वेतन विवरणी अंचलाधिकारी कार्यालय को पुलिस अधीक्षक कार्यालय से भेजा जाय ताकि दफादार चौकीदारों की सेवा पुस्तिका अद्यतन कर उन्हें एसीपी और एमएसीपी का लाभ दिया जा सके। जिला प्रवक्ता चौकीदार अशोक कुमार के धन्यवाद ज्ञापन के साथ बैठक का समापन किया गया। बैठक में दशरथ पासवान, नन्दन कुमार यादव, समरजीत पासवान, रघुनाथ सिंह, राजन कुमार, उपेन्द्र पासवान, सुधा देवी, रवीन्द्र तांती, फकीरा पासवान, मिथिलेश सिंह, बिहारी पासवान, उज्जवल सिंह एवं प्रयाग पासवान आदि चौकीदार उपस्थित थे।

बिहार राज्य के मुंगेर जिला के ग्राम शेरपुर से विपिन कुमार मोबाइल वाणी के माध्यम से डॉक्टर एस के मेहता से खास बातचीत। डॉक्टर एस के मेहता ने बताया कि गन्दा पानी पीने से बीमारियों के होने का खतरा रहता है। उन्होंने बताया कि स्वच्छ पानी और भोजन का सेवन जरूरी है। गंदा पानी व भोजन के सेवन से कई प्रकार की पेट संबंधी बीमारियां होती हैं। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि ज्यादातर भोजन गर्म खाना चाहिए न की बासी खाना चाहिए

बिहार राज्य के मुंगेर जिला से विपिन कुमार मोबाइल वाणी के माध्यम से यह कहते हैं कि इस मौसम में कई तरह की वेक्टर जनित बीमारियों के होने का खतरा रहता है। डायरिया, डेंगू, चिकनगुनिया से लेकर अभी कोरोना तक का खतरा लोगों पर बना हुआ है, लेकिन टायफाइड को लेकर अभी ज्यादा सतर्क रहते हुए सेहत पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। इसके लिए स्वच्छ पानी और भोजन का सेवन जरूरी है। गंदा पानी व भोजन के सेवन से कई प्रकार की पेट संबंधी बीमारियां होती हैं। उन्होंने बताया कि दूषित पानी व संक्रमित भोजन के सेवन से व्यक्ति मियादी बुखार से ग्रसित हो जाता है। टायफाइड के कारण लिवर में सूजन हो जाती है। ऐसे में साफ पानी और भोजन का ध्यान रखना जरूरी है। सब्जियों का सही से नहीं धोना, शौचालय का इस्तेमाल नहीं होना और खुले में मलमूत्र त्याग करना, खाने से पहले हाथों को नहीं धोना, आदि कई कारणों से टायफाइड हो सकता है। इसके साथ ही तेज बुखार के साथ दस्त व उल्टी का होना, बदन में दर्द रहना, कमजोरी और भूख नहीं लगना टाइफाइड के प्रमुख लक्षण हैं। इसके अलावा इस बीमारी में पेट, सिर और मांसपेशियों में भी दर्द रहता है। पीने के लिए उबाले हुए पानी को ठंडा कर दें। रोगी को मांस-मछली का सेवन नहीं करने दें। इसके लिए अधिक से अधिक तरल पदार्थ लेना बेहतर है। इसके साथ ही भोजन में हरी सब्जियां, दूध और पाचन तंत्र को बेहतर बनाये रखने वाले भोजन लें और ताजे मौसमी फल का सेवन करें। उन्होंने बताया कि चाय कॉफी तथा अन्य कैफिन युक्त पदार्थ, रिफाइंड और प्रोसेस्ड फूड और अधिक तेल मसाले वाले भोजन से दूरी बनायें। इसके अलावा घी, तेल, गरम मसाला व अचार तथा गर्म तासीर वाले भोजन से परहेज करें। सही तरीके से इलाज नहीं होने और अधिक समय तक टायफाइड रहने से व्यक्ति काफी कमजोर हो जाता है। बार-बार टायफाइड का होना गंभीर है। इसलिए जिसे पहले कभी टायफाइड हुआ है, वह खास तौर पर सतर्क रहें।

बच्चों को विभिन्न रोगों से बचाने के लिए उनका टीकाकरण है आवश्यक : डीआईओ - बीसीजी, डीटीपी, रोटा वायरस व दूसरी बीमारियों से होता है बचाव - बच्चों को बीमारी से दूर रखने के लिए जरूर कराएं नियमित टीकाकरण और अनावश्यक परेशानियाँ से रहें दूर मुंगेर, 16 मई। बच्चों के लिए नियमित टीकाकरण बहुत जरूरी है। यह शरीर में बीमारियों के प्रति प्रतिरोधक क्षमता पैदा करता है। इसके साथ ही एंटीबॉडी बनाकर शरीर को सुरक्षित भी रखता है। नियमित टीकाकरण से बच्चों में जानलेवा बीमारियों का खतरा बहुत हद तक कम हो जाता है। शिशुओं की मौत की एक बड़ी वजह उनका सही तरीके से टीकाकरण नहीं होना है। डीआईओ डॉ. राजेश कुमार रौशन ने टीकाकरण की आवश्यकता पर बल देते हुए बताया कि नियमित टीकाकरण विभिन्न बीमारी के संक्रमण के बाद या बीमारी के खिलाफ व्यक्ति की रक्षा करता और शरीर की रोग प्रतिरक्षा प्रणाली को भी सुदृढ़ करता है। शिशुओं को स्तनपान कराने से भी उनकी रोग प्रतिरक्षण प्रणाली तेज होती है। नियमित टीकाकरण से बच्चों को चेचक, हेपेटाइटिस जैसी अन्य बीमारियों से बचाया जा सकता है। उन्होंने बताया कि नियमित टीकाकरण शिशु के लिए बहुत जरूरी है। बच्चों में होने वाली बीमारियों व संक्रमण का असर तेजी से उनके शरीर पर होता और उनके अंगों को प्रभावित करता है। बीसीजी, हेपेटाइटिस ए, हेपेटाइटिस बी, डीटीपी, रोटा वायरस वैक्सीन, इन्फ्लूएंजा व न्यूमोनिया के लिए टीकाकरण किये जाते हैं। मिशन इंद्रधनुष कार्यक्रम इसी उद्देश्य के साथ चलाया गया कि बच्चों का संपूर्ण टीकाकरण किया जा सके। - ये वैक्सीन हैं जरूरी : उन्होंने बताया कि बच्चों के लिए ये वैक्सीन लगवाना आवश्यक है - बी.सी.जी वैक्सीन : टीबी से फेफड़ों, दिमाग और शरीर के अंग प्रभावित होते हैं। यह रोग पीड़ित व्यक्ति के खांसने या छींकने से फैलती है। बीसीजी टीका के जरिये बच्चे को टीबी की बीमारी से बचाया जा सकता है। बच्चों के जन्म लेने के तुरंत बाद उन्हें बैसिले कैल्मेट गुरिन (बीसीजी) के टीके लगाये जाते हैं। यह बच्चों के भविष्य में क्षयरोग, टीबी मेनिनजाइटिस आदि रोगों के संक्रमण की संभावना को कम करता है। - हेपेटाइटिस ए : हेपेटाइटिस ए विषाणु जनित रोग है, जो लीवर को प्रभावित करता है। दूषित भोजन, पानी या संक्रमित व्यक्ति के सीधे संपर्क में आने की वजह से यह रोग फैलता है। बच्चों में यह रोग ज्यादा होता है। बुखार, उल्टी और जांडिस जैसे रोगों से बच्चा प्रभावित होता है। हेपीटाइटिस ए वैक्सीन का पहला टीका बच्चों को जन्म के 1 साल बाद लगाया जाता और दूसरा टीका पहली डोज के 6 महीने बाद लगाया जाता है। - हेपेटाइटिस बी : हेपेटाइटिस बी रोग से बच्चों के लिवर में जलन और सूजन हो जाती है। नवजात शिशुओं को जन्म के बाद पहली डोज, 4 हफ्ते बाद दूसरी डोज और 8 हफ्ते के बाद हेपेटाइटिस बी की तीसरी डोज दी जाती है। - डीटीपी : बच्चों को डिप्थीरिया, टेटनस, काली खांसी जैसी गंभीर बीमारियों की रोकथाम के लिए डीटीपी का टीकाकरण किया जाता है। बच्चों को जन्म के 6 हफ्ते बाद डीटीपी का पहला टीका लगाया जाता है। 4 हफ्ते बाद दूसरा, बाद में 4 हफ्ते के अंतराल पर तीसरा और चौथा टीका 18 महीने और पांचवा टीका 4 साल के बाद लगवाया जाता है। - रोटा वायरस वैक्सीन : रोटा वायरस तीन माह से लेकर दो साल की उम्र के बच्चों को प्रभावित करता है। इस वायरस से संक्रमित बच्चों को बुखार, पेट में दर्द के साथ उल्टी और पतले दस्त होते हैं। - टायफॉइड वैक्सीन : टायफाइड दूषित भोजन, पानी और पेय पदार्थ के सेवन से होता है। बच्चों में होने वाली डायरिया बीमारी दूषित भोजन व पानी के कारण ही होता है। नवजात के लिए मां द्वारा नियमित स्तनपान बच्चों को डायरिया से बचाता है। बच्चों को वैक्सीन का पहला टीका जन्म के 9 महीने बाद और दूसरा टीका इसके 15 महीने बाद लगता है।

दो दिनों में निदान नहीं हुआ तो होगा आमरण-अनशन:- संजय केशरी मुंगेर को स्वर्ग बनाने का वादा कर जनता से वोट तो लिया लेकिन स्वर्ग के बदले लोगों को स्वर्गीय बनाने और मुंगेर को नरक बनाने का काम किया। उपर्युक्त बातें एनसीपी नेता सह मेयर प्रत्याशी संजय केशरी ने कूड़े से बजबजाते दस कूड़ा-स्थलों पर सांसद, महापौर और विधायक का तस्वीर लगाते हुए कहा। श्री केशरी ने कहा कि मुंगेर में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का शहर भ्रमण का कार्यक्रम हो तो एक घंटे में हड़ताल समाप्त कर शहर को चकाचक कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि पिछले तीन महीने से बकाया वेतन की मांग को लेकर हड़ताल कर रहे सफाईकर्मियों के साथ-साथ चौदह दिनों की हड़ताल के कारण शहर की स्थिति नारकीय बनी हुई है और सांसद, महापौर तथा विधायक अपना महिमा मंडन कराने में व्यस्त हैं। जबकि मुंगेर में कभी भी महामारी फैल सकती है तथा प्रदूषण के कारण लोगों का जीना मुहाल हो रहा है। श्री केशरी ने आगे कहा कि अगर दो दिनों में सफाईकर्मियों को बकाया वेतन देते हुए शहर को कूड़ा मुक्त नहीं किया गया तो हम आमरण-अनशन पर बैठने को बाध्य हो जायेंगे। वरीय नेता अजय प्रसाद सिंह ने कहा कि मुंगेर में उच्चस्तरीय राजनीतिक साज़िश के तहत हड़ताल कराया गया है जिसका शीघ्र ही सबूत के साथ भंडाफोड़ किया जाएगा। इस अवसर पर चन्दन गुप्ता, सुजीत कुमार, अजय सिन्हा, रतन शर्मा, शंकर यादव, बबलु गुप्ता, मो० तनवीर अख्तर एवं केशव केशरी सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित थे।

धरहरा प्रखंड के अजीमगंज पंचायत azimganj मध्य विद्यालय में प्रधानाध्यापक प्रभारी प्रधानाध्यापक नवल किशोर दास नहीं बताया छात्रों को दरी वह या नहीं कराया जा सकता है क्योंकि दरि चोरी कर ली गई है इसलिए हाथों को सुविधा हो रहा है विद्यालय मैं कैमरे नहीं है

आज दिनांक 11 मई 2022 को मध्य विद्यालय महद्दीपुर मुंगेर और मध्य विद्यालय वलीपुर जमालपुर में एसपीडब्ल्यू इंडिया प्रोजेक्ट ट्रस्ट की ओर से राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस विद्यालय में मीना मंच के छात्राओं के द्वारा मनाया गया, जिसमें मध्य विद्यालय की मीना मंच की छात्राओं ने साइंस मॉडल स्वयं से बनाया और मध्य विद्यालय के बच्चों को उस मॉडल के विषय में भी बताया साइंस मॉडल में वाटर डिस्पेंसर, सौर परिवार, सोलर पैनल, जल चक्र ,वैक्यूम क्लीनर ,पेपर कप का टेलिफोन, चुंबकीय ट्रेन, ज्वालामुखी, रॉकेट मॉडल, रेन वाटर हार्वेस्टिंग इत्यादि मॉडल को दर्शाया जिसमें मध्य विद्यालय के मीना मंच की छात्राओं ने सभी बच्चों को विभिन्न मॉडलों के बारे में बताया की या मॉडल किस सिद्धांत पर काम करता है। मध्य विद्यालय महद्दीपुर के प्रधानाचार्य शैलेश कुमार शिक्षक वेद प्रकाश सम्राट, शिक्षिका मीरा शर्मा आराधना प्रिया कुमारी नीतू रानी उपस्थित थे। एवं मध्य विद्यालय वलीपुर के प्रधानाचार्य अनिल पांडे, शिक्षक मनीष कुमार सिन्हा, शिक्षिका रीना कुमारी, रिशु कुमारी, नायला फातमी और एसपीडब्ल्यू इंडिया प्रोजेक्ट ट्रस्ट की ओर से कार्यक्रम पदाधिकारी अभीप्सा पडियारी, सुमित कुमार सिंह ,राज नंदनी कुमारी आयुषी भारती, रवि रंजन, सुमित कुमार एवं निभा कुमारी उपस्थित थे।

*उपमुख्यमंत्री के रिश्तेदार हरिनारायण की हत्या कर भू-माफिया ने सुशासन को दी खुली चुनौती - केशरी* (अपराधियों के विशेष निशाने पर है वैश्य समाज) उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद के मुंगेर आगमन के ठीक पहले भू-माफिया ने उनके नजदीकी रिश्तेदार हरिनारायण जायसवाल का घर हड़पने की मंशा से उनकी हत्या कर सुशासन को खुली चुनौती दी है। उपर्युक्त बातें एनसीपी नेता सह शरद पवार विचार मंच के प्रदेश अध्यक्ष संजय केशरी ने स्व. हरिनारायण जायसवाल के घर के समक्ष आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा। श्री केशरी ने कहा कि कथित जंगलराज के सभी अपराधी तथाकथित सुशासन का चोला ओढ़कर आपराधिक कृत्य में लगे हुए हैं जिससे वैश्य समाज काफी आक्रोशित है। श्री केशरी ने पुलिस प्रशासन को आगाह करते हुए कहा कि अगर हरिनारायण जायसवाल के हत्यारों को अविलंब नहीं पकड़ा गया तो एनसीपी कार्यकर्ता को सड़कों पर उतरना पड़ेगा जिसकी सारी जिम्मेदारी पुलिस प्रशासन की होगी। श्री केशरी ने उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद जायसवाल पर तंज कसते हुए कहा कि अपने नजदीकी रिश्तेदार स्व. हरिनारायण जायसवाल को इंसाफ नहीं दिला पाएंगे तो फिर पूरे वैश्य समाज की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित कर सकेंगे।