धराहरा प्रखंड के औरा बगीचा पंचायत वार्ड संख्या 10 मैं लगभग डेढ़ लाख पूआल जलकर राख हो गया है मोका पर पहुचे मुखिया प्रतिनिधि सुबोध यादव।
क्षत्रिय वोट के लालच में भाजपा वीर कुंवर सिंह की पुण्यतिथि को विजयोत्सव के रूप में धूमधाम से मनाकर गिनीज वर्ल्ड रिकार्ड बना तो रही है लेकिन उनके प्रपौत्र कुंवर रोहित सिंह के हत्यारों को सजा दिलाने में उपेक्षा और भाजपा के तमाम क्षत्रिय नेताओं को इस कार्यक्रम से दूर रखने से उनके क्षत्रियप्रेम की पोल भी खुल रही है।उपर्युक्त बातें शरद पवार विचार मंच के प्रदेश संयोजक संजय केशरी ने वीर कुंवर सिंह चौक स्थित उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण करते हुए कहा। एनसीपी नेता संजय केशरी ने कहा कि एनडीए में राजपूतों को जान-बूझकर प्रताड़ित किया जा रहा है नहीं तो सजा पूरी होने के बाद भी आनन्द मोहन सलाखों के पीछे नहीं होते। मुख्य अतिथि के रूप में शामिल आम आदमी पार्टी के संस्थापक सदस्य सुनील कुमार सिंह ने कहा कि भाजपा-जदयू को राजपूतों का वोट तो चाहिए लेकिन राजपूतों को अधिकार नहीं देना चाहते हैं। संयुक्ता कुमारी एवं निर्भय सिंह ने कहा कि वीर कुंवर सिंह के प्रपौत्र रोहित सिंह के हत्यारों को अविलंब फांसी दिया जाय नहीं तो हमें सड़कों पर उतरना पड़ेगा. इस अवसर पर अजय प्रसाद सिंह, राजीव कुमार शर्मा, शंकर यादव, सत्यनारायण साह, बबलु गुप्ता, अजय सिन्हा, टन्टू सिंह, ललन बिंद, राजेश सिंह, दीपक सिंह एवं केशव केशरी सहित अनेकों कार्यकर्ता उपस्थित थे।
मुंगेर, विश्व मलेरिया दिवस 25 अप्रैल को है। इसको लेकर बच्चों और शिक्षकों को मलेरिया के लक्षण और उससे बचाव के लिए जागरूक किया जा रहा है। इस दौरान स्वास्थ्य कर्मियों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के द्वारा विभिन्न स्कूलों में पम्पलेट और हैंडबिल वितरित कर मलेरिया के लक्षण और उससे बचाव को बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में जागरूक किया जा रहा है। जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. अरविंद कुमार सिंह ने बताया कि इस वर्ष भी 25 अप्रैल को विश्व मलेरिया दिवस के रूप में मानने का निर्देश प्राप्त हुआ है। इसके साथ ही एंटी मलेरिया माह का भी आयोजन किया जाना है। इस दौरान जिलाभर में विभिन्न प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया जाना है। इसको ले जिलाभर के सभी प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को पत्र जारी किया गया है।
उचित स्वच्छता नहीं बरतने से बच्चे ज्यादा होते हैं कृमि रोग के शिकार : खुशबू गुप्ता 01 से 19 आयु वर्ग के सभी किशोर-किशोरियों को खिलाई जाएगी मुंगेर, 21 अप्रैल। शारीरिक एवं मानसिक विकास बाधित करती है कृमि : प्रभारी सिविल सर्जन डॉ. आनंद शंकर शरण सिंह ने बताया कि बच्चों में कृमि संक्रमण, व्यक्तिगत अस्वच्छता तथा संक्रमित दूषित मिट्टी एवं संपर्क से होता है। कृमि के संक्रमण से बच्चों के पोषण स्तर एवं हीमोग्लोबिन स्तर पर गहरा दुष्प्रभाव पड़ता है। जिससे बच्चों का शारीरिक और बौद्धिक विकास प्रभावित होता है। कृमि ऐसे परजीवी हैं, जो मनुष्य के आंत में रहते हैं। आंतों में रहकर ये परजीवी जीवित रहने के लिए मानव शरीर के आवश्यक पोषक तत्वों पर ही निर्भर रहते हैं। जिससे मानव शरीर आवश्यक पोषक तत्वों की कमी का शिकार हो जाता है और वे कई अन्य प्रकार की बीमारियों के शिकार हो जाते हैं। खासकर बच्चों और किशोर एवं किशोरियों पर कृमि के कई दुष्प्रभाव पड़ते हैं। जैसे- मानसिक और शारीरिक विकास का बाधित होना, कुपोषण का शिकार होने से शरीर के अंगों का विकास अवरूद्ध होना, खून की कमी होना आदि जो आगे चलकर उनकी उत्पादक क्षमता को बुरी तरह प्रभावित करते हैं। कृमि का संचरण चक्र संक्रमित बच्चे के खुले में शौच से आरंभ होता है। खुले में शौच करने से कृमि के अंडे मिट्टी में मिल जाते और विकसित होते हैं। अन्य बच्चे जो नंगे पैर चलते हैं या गंदे हाथों से खाना खाते हैं या बिना ढके हुए भोजन का सेवन करते हैं ,आदि लार्वा के संपर्क में आकर संक्रमित हो जाते हैं। इसके लक्षणों में दस्त, पेट में दर्द, कमजोरी, उल्टी और भूख का न लगना आदि हैं। संक्रमित बच्चों में कृमि की मात्रा जितनी अधिक होगी उनमें उतने ही अधिक लक्षण परिलक्षित होते हैं। हल्के संक्रमण वाले बच्चों व किशोरों में आमतौर पर कोई लक्षण नहीं दिखाई पड़ते हैं।
*मुंगेर जिले के दिव्यांगजनों के विकास के लिए प्रदेश बैठक में हरिमोहन सिंह भाग लेंगे 23 अप्रैल 2022 को बिहार एसोसिएशन ऑफ पर्सन विथ डिसेबिलिटी द्वारा स्काडा बिजनेश सेंटर सोन भवन पटना वार्षिक अधिवेशन 2021-22 में भाग लेने के लिए मुंगेर जिला एसोसिएशन ऑफ पीडब्ल्यूडी मुंगेर के प्रेसिडेंट सह जनकल्याण शिव शक्ति हरिमोहन फाउंडेशन के फाउंडर हरिमोहन सिंह के नेतृत्व में इंडोर स्टेडियम मुंगेर के प्रांगण में सभी प्रखंडों के दिव्यांग जन समूह प्रतिनिधियों के बीच बैठक की गई । इस बैठक में मुंगेर सदर पीडब्ल्यूडी प्रेसिडेंट सुजीत कुमार , सेक्रेट्री मिक्कू कुमार झा , जमालपुर से तरन्नुम बेगम , कटरिया से दिव्यांग मालती , कोषाध्यक्ष दिव्यांग दिवाकर कुमार, सीताकुंड से दिव्यांग मुकेश कुमार , विंदवारा से दिव्यांग मीरा कुमारी , मंगल बाजार से दिव्यांग मनिषिका राज , माधोपुर से दिव्यांग करण शर्मा सहित जिले के विभिन्न प्रखंडों के दर्जनों दिव्यांग भाई-बहनों ने बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया। इस बैठक में दिव्यांग अधिनियम 2016 एक्ट को जमीनी स्तर से जिले के सभी प्रखंडों एवं पंचायत स्तर पर लागू कराने एवं दिव्यांग जनों को रोजगार , कौशल विकास प्रशिक्षण, कला-संस्कृति एवं खेल कूद , राशन कार्ड , इंदिरा आवास सहित सरकार द्वारा चलाए जा रहे विभिन्न योजनाओं का लाभ को लेकर जन जागरूकता फैलाना का निर्णय लिया गया । साथ ही जिन भी दिव्यांग भाई -बहनों का दिव्यांग पेशन बन्द हो गया है , उनको जीवन सत्यापन ब्लॉक या सीएससी सेंटर में जाकर करवाने को लेकर प्रचार प्रसार करने का निर्णय लिया गया , ताकि पूर्व की तरह उन सबों को पुनः पेंशन का लाभ मिल सकें । साथ ही दिव्यांगजन विकास के लिए पीडब्ल्यूडी कमिटी बिहार द्वारा आयोजित वार्षिक बैठक में भाग लेकर जिला के विकास के लिए अपनी बातों को रखेंगे
जिलाधिकारी के निर्देशानुसार गुरुवार को सदर प्रखंड के कटरिया पंचायत में विभिन्न योजनाओं का समीक्षा करने पहुंची एसडीएम खुशबू गुप्ता समीक्षा के दौरान उन्होंने जन वितरण प्रणाली दुकान की समीक्षा की एवं लोगों से जानकारी भी प्राप्त किए वही आंगनवाड़ी में पढ़ने वाले बच्चों से भी आंगनवाड़ी द्वारा दी जा रही लाभ के विषय में जानकारी लिए विद्यालय की बच्ची से विद्यालय द्वारा दी जा रही लाभ के विषय में जानकारी प्राप्त किए एवं अन्य कल्याणकारी योजना का घूम घूम कर समीक्षा किए उनके साथ प्रखंड विकास पदाधिकारी विकास कुमार सदर मुंगेर प्रखंड प्रमुख नरेश कुमार प्रखंड के जेई प्रियंका कुमारी मुख्य रूप से उपस्थित थे।
उचित स्वच्छता नहीं बरतने से बच्चे ज्यादा होते हैं कृमि रोग के शिकार : खुशबू गुप्ता - राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस आज, जिला भर के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों और स्कूलों में बच्चों को खिलायी जाएगी अल्बेंडाजोल की गोली - 01 से 19 आयु वर्ग के सभी किशोर-किशोरियों को खिलाई जाएगी दवाई - सदर प्रखंड के आदर्श मध्य विद्यालय बेकापुर में सदर एसडीओ ने किया कार्यक्रम का उदघाटन मुंगेर, 21 अप्रैल। उचित स्वच्छता नहीं बरतने के कारण बच्चे सबसे ज्यादा कृमि रोग के शिकार होते हैं । उक्त बात गुरुवार को सदर प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत आदर्श मध्य विद्यालय बेकापुर में राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस (22 अप्रैल )कार्यक्रम शुभारंभ करते सदर एसडीओ खुशबू गुप्ता ने कही। उन्होंने बताया कि बच्चे ज्यादातर समय मिट्टी, धूल के बीच खेलते हैं और साफ-सफाई का सही तरीके से ध्यान नहीं रखते हुए गंदे हाथ से खाना खाते और पानी पीते हैं । इसके माध्यम तमाम तरह के हानिकारण बैक्टीरिया भोजन और पानी के जरिये बच्चे के पेट में चले जाते और वो कृमि रोग के शिकार हो जाते हैं। बच्चों को कृमि रोग से बचाने के लिए शुक्रवार 22 अप्रैल को जिलाभर में राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस मनाया जाएगा एवं 26 अप्रैल को माॅप-अप दिवस का आयोजन होगा। उक्त कार्यक्रम के तहत जिले भर में 01 से 19 आयु वर्ग के दायरे में आने वाले सभी किशोर- किशोरियों को अल्बेंडाजोल की दवाई खिलाई जाएगी। अब निर्धारित तिथि के अनुसार 22 अप्रैल से जिले के सभी सरकारी व गैर-सरकारी स्कूलों समेत आंगनबाड़ी केंद्रों पर कार्यक्रम का आयोजन कर 01 से 19 आयु वर्ग के दायरे में आने वाले सभी योग्य लाभार्थियों को दवा का सेवन कराया जाएगा। कार्यक्रम की सफलता को लेकर सारी तैयारियाँ पूरी कर ली गई हैं। ताकि कार्यक्रम का शुभारंभ होने के बाद किसी प्रकार की कोई असुविधा नहीं हो और हर हाल में सफलतापूर्वक कार्यक्रम का समापन सुनिश्चित हो सके। इस अवसर पर मुंगेर के प्रभारी सिविल सर्जन डॉ. आनन्द शंकर शरण सिंह, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (आईसीडीएस) वन्दना पांडेय, डीपीएम जिला स्वास्थ्य समिति नसीम रजि, जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. राजेश कुमार रौशन, जिला सामुदायिक उत्प्रेरक निखिल राज सिहित कई पदाधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे। - 01 से 19 आयु वर्ग के सभी लाभार्थियों को खिलायी जाएगी अल्बेंडाजोल : जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. राजेश कुमार रौशन ने बताया कि शुक्रवार को पूरे जिले में राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस मनाया जाएगा। जिसके तहत जिला के सभी सरकारी व गैर सरकारी विद्यालयों, केंद्रीय विद्यालय, नवोदय विद्यालय, मदरसा, संस्कृत विद्यालय, ऑगनबाड़ी केंद्रों समेत अन्य संस्थानों में कार्यक्रम का आयोजन कर 01 से 19 आयु वर्ग के सभी लाभार्थियों को अल्बेंडाजोल की गोली खिलायी जाएगी। जबकि, 26 अप्रैल को माॅप-अप दिवस के तहत छूटे लाभार्थियों को अल्बेंडाजोल की गोली खिलायी जाएगी। उन्होंने बताया कि मुंगेर जिला में राज्य स्तर से कुल 746015 बच्चों को दवा खिलाने के लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उक्त कार्यक्रम की सफलता को लेकर जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थानों के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। - निर्धारित डोज के अनुसार खिलाई जाएगी दवा : उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के दौरान निर्धारित डोज के अनुसार दवाई खिलाई जाएगी। जिसमें 1 से 2 वर्ष के बच्चों के अल्बेंडाजोल 400 एमजी टैबलेट को आधा चूरकर पानी के साथ खिलाना है। 2 से 3 वर्ष के बच्चों को अल्बेंडाजोल 400 एमजी का एक टैबलेट चूर कर पानी के साथ खिलाना है। इसके साथ ही 3 से 19 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों और किशोरों को एक पूरा टैबलेट चबाकर खिलाना है। इसके बाद ही पानी का सेवन करना है। इस अति महत्वपूर्ण कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए आंगनबाड़ी सेविका-सहायिका,आशा कार्यकर्ता, जीविका दीदी समेत अन्य सहयोगी संगठन के कर्मियों से सहयोग लिया जाएगा। - शारीरिक एवं मानसिक विकास बाधित करती है कृमि : प्रभारी सिविल सर्जन डॉ. आनंद शंकर शरण सिंह ने बताया कि बच्चों में कृमि संक्रमण, व्यक्तिगत अस्वच्छता तथा संक्रमित दूषित मिट्टी एवं संपर्क से होता है। कृमि के संक्रमण से बच्चों के पोषण स्तर एवं हीमोग्लोबिन स्तर पर गहरा दुष्प्रभाव पड़ता है। जिससे बच्चों का शारीरिक और बौद्धिक विकास प्रभावित होता है। कृमि ऐसे परजीवी हैं, जो मनुष्य के आंत में रहते हैं। आंतों में रहकर ये परजीवी जीवित रहने के लिए मानव शरीर के आवश्यक पोषक तत्वों पर ही निर्भर रहते हैं। जिससे मानव शरीर आवश्यक पोषक तत्वों की कमी का शिकार हो जाता है और वे कई अन्य प्रकार की बीमारियों के शिकार हो जाते हैं। खासकर बच्चों और किशोर एवं किशोरियों पर कृमि के कई दुष्प्रभाव पड़ते हैं। जैसे- मानसिक और शारीरिक विकास का बाधित होना, कुपोषण का शिकार होने से शरीर के अंगों का विकास अवरूद्ध होना, खून की कमी होना आदि जो आगे चलकर उनकी उत्पादक क्षमता को बुरी तरह प्रभावित करते हैं। कृमि का संचरण चक्र संक्रमित बच्चे के खुले में शौच से आरंभ होता है। खुले में शौच करने से कृमि के अंडे मिट्टी में मिल जाते और विकसित होते हैं। अन्य बच्चे जो नंगे पैर चलते हैं या गंदे हाथों से खाना खाते हैं या बिना ढके हुए भोजन का सेवन करते हैं ,आदि लार्वा के संपर्क में आकर संक्रमित हो जाते हैं। इसके लक्षणों में दस्त, पेट में दर्द, कमजोरी, उल्टी और भूख का न लगना आदि हैं। संक्रमित बच्चों में कृमि की मात्रा जितनी अधिक होगी उनमें उतने ही अधिक लक्षण परिलक्षित होते हैं। हल्के संक्रमण वाले बच्चों व किशोरों में आमतौर पर कोई लक्षण नहीं दिखाई पड़ते हैं।
बिहार राज्य के मुंगेर जिला के धरहरा पंचायत बंगलबा पंचायत से सुबोध गोस्वामी मोबाइल वाणी के माध्यम से पानी के घोर किल्लत को लेकर सतघरबा विद्यालय के विद्यार्थियों से, शिक्षकों से और रसोईया से साक्षात्कार किया। जिसमे सबसे पहले विद्यार्थियों ने बताया कि विद्यालय का पानी बहुत ही खराब आता है। जिसे पीने में बहुत ही समस्या होती है। इसके लिए विद्यार्थी शिक्षक के द्वारा घर से लाए गए पानी का इस्तेमाल करते हैं। शिक्षक ने भी बताया कि सरकार द्वारा जो नल जल योजना चलाया जा रहा है, वह विद्यालयों में कोई भी व्यवस्था नहीं दी गई है। जिसके कारण बच्चों को कभी कभी गंदा पानी पीने में मजबूर होना पड़ता है। शिक्षक ने बताया कि बच्चों के पीने के लिए पानी वह अपने घर से लेकर आते हैं। इधर रसोईया सुनीता देवी और वीणा देवी ने बताया कि बच्चों के भोजन बनाने के लिए शिक्षक के घर से पानी लाया जाता है।
मुंगेर विश्वविद्यालय में विभिन्न समस्याओं को लेकर छात्र राजद के द्वारा धरना प्रदर्शन किया गया। जिसकी अध्यक्षता विश्वविद्यालय अध्यक्ष करण कुमार ने किया। उन्होंने कहा विश्वविद्यालय में विभिन्न समस्याओं का समाधान 4 साल बीत जाने के बाद भी नहीं हो पाया। छात्र राजद के जिलाध्यक्ष ईशु यादव ने कहा विश्वविद्यालय की शुरू हुए 4 साल हो गए लेकिन विश्वविद्यालय का अपना प्रशासनिक भवन नहीं बन पाया, पीएचडी रिसर्च और पोस्टल में त्रुटि की समस्या अभी तक दूर नहीं हो पाया है। पूर्व वी०वी० अध्यक्ष सरवन यादव ने कहा सत्र नियमित नहीं होने के कारण छात्र-छात्राओं का भविष्य अधर में लटका हुआ है। मीडिया प्रभारी सुमित राज ने कहा अनुकंपा की नियुक्ति नहीं होना से अनुकंपा यों को कई वर्षों से आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कार्यक्रम में वी०वी० उपाध्यक्ष गौरव कुमार, विमल कुमार, कन्हैया दास,मनीष कुमार,सोनू,अनिकेत,रवि, एवं अनेकों कार्यकर्ता उपस्थित थे!
भीषण गर्मी एवं लू से पीड़ित आमजनों को चिकित्सकीय सुविधा उपलब्ध कराने को दिशा-निर्देश जारी - राज्य स्वास्थ्य समिति बिहार के कार्यपालक निदेशक ने मुंगेर सहित सभी जिलों के सिविल सर्जन को जारी किया पत्र - जिला के सभी अस्पतालों में एंटी डायरिया, ओआरएस सहित अन्य आवश्यक दवाइयां और मेडिकल डिवाइस का भण्डारण सुनिश्चित करने का दिया निर्देश मुंगेर,। भीषण गर्मी एवं लू से पीड़ित आमजनों को समुचित चिकित्सकीय सुविधा उपलब्ध कराने को लेकर राज्य स्वास्थ्य समिति बिहार के कार्यपालक निदेशक संजय कुमार सिंह ने दिशा-निर्देश जारी किया है। सभी जिलों के सिविल सर्जन के नाम जारी पत्र में उन्होंने भीषण गर्मी और लू के दौरान सभी सरकारी अस्पतालों में एंटी डायरिया, एंटी एमोबिक, एंटी ईमेटिक, आईवी फ्लूइड/परेंटल्स, ओआरएस सहित अन्य आवश्यक दवाइयां और मेडिकल डिवाइस का भण्डारण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। मुंगेर के प्रभारी सिविल सर्जन डॉ. आनंद शंकर शरण सिंह ने बताया कि इन दिनों भीषण गर्मी के कारण जनजीवन प्रभावित हो रही है। इसके अलावा आने वाले दिनों में तापमान के और भी अधिक बढ़ने की संभावना है। अत्यधिक गर्मी और उससे उत्पन्न लू से आमजनों को स्वास्थ्य संबंधी गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इस दौरान खासकर छोटे बच्चे, स्कूली बच्चे, बुजुर्ग, गर्भवती और धातृ माताएं एवम काम करने के लिए घर से बाहर निकलने वाले लोगों को स्वास्थ्य संबंधी कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इस मौसम में पेयजल संकट की भी स्थिति पैदा हो जाती है। इन सारी परिस्थितियों को देखते हुए जिला के सभी पीएचसी, सीएचसी, रेफरल और अनुमंडल अस्पताल के साथ-साथ सदर अस्पताल में भीषण गर्मी और लू से पीड़ित लोगों के समुचित चिकित्सकीय उपचार और प्रबंधन की विशेष कार्य योजना तैयार की जा रही है। उन्होंने बताया कि जिला के सभी सरकारी अस्पतालों में भीषण गर्मी और लू को लेकर चिकित्सकीय प्रबंधन के लिए डेडिकेटेड वार्ड और बेड के साथ-साथ 24 घन्टे डॉक्टर और पारा मेडिकल स्टाफ, नर्सिंग स्टाफ का रोस्टर बनाकर उनकी प्रतिनियुक्ति की जाएगी। इसके साथ ही यहां पर्याप्त मात्रा में दवाइयां, आवश्यक उपकरण और अन्य मेडिकल डिवाइस उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि जिलान्तर्गत सभी स्वास्थ्य संस्थानों के स्पेशल वार्ड और ओपीडी में मरीजों और उनके परिजनों के बैठने की समुचित ब्यवस्था के साथ ही वहां पर्याप्त रौशनी, पंखा, कूलर, पेयजल, शौचालय के साथ अन्य जनोपयोगी सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इसके साथ ही भीषण गर्मी और लू के दौरान संचालित होने वाले एम्बुलेंस में एयर कंडीशन के साथ-साथ ऑक्सीजन सहित अन्य आवश्यक उपकरण अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराया जाएगा ।
