जिले में पीडीएफ उपभोक्ताओं को 3 माह का राशन मुफ्त देने के बाद अब 17 मई से प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत 5 किलो गेहू प्रति व्यक्ति दिया जाएगा। इस योजनाओं के तहत आवंटन गेहूं राशन दुकानों में पहुंचा दिया गया है। कोरोना काल में पीडीएस उपभोक्ताओं योजनाओं के पात्र परिवारों को राहत देने के लिए शुरू की गई है। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना में इस साल फिर से 2 माह का गेहूं पीडीएस पात्र परिवारों को देने के निर्देश शासन ने दिए हैं। 2 माह के लिए लगभग 1 लाख 49 हजार क्विंटल गेहूं का आवंटन भेजा गया है। यह गेहू राशन दुकानों में सप्लाई किया जा रहा है।
जिले में नए संकट में तो का आकार लगभग स्थिर बना हुआ है। हर दिन 35 से 40 के बीच में संक्रमित की पुष्टि हो रही है। वहीं शुक्रवार को जिले में 36 नए कोरोना संक्रमित की पुष्टि हुई है। वहीं मौत के आंकड़े में तेजी से गिरावट सुधार हुआ है। और शुक्रवार को जिले में 15 कोरोना संदिग्धो लिखने की मृत्यु हो गई है।
उज्जयायी प्राणायाम से सर्दी, खांसी, थायराइड, बुखार, गले की समस्या में लाभ मिलता है
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इस बार तेंदूपत्ता संग्रहण में वन विभाग को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पहले से ही करीबन 12 दिन देर से शुरू हुए तेंदूपत्ता संग्रहण के काम में मजदूर नहीं पहुंच रहे हैं। नतीजन अब तीनों ही वन मंडल के आधे से ज्यादा समिति में अब तक तेंदूपत्ता संग्रहण का काम शुरू नहीं हो पाया है। पहले से कोरोना संक्रमण के कारण गांव में दहशत का माहौल बना हुआ है। वहीं पिछले दिनों मौसम में आए बदलाव के कारण तेंदूपत्ता तोड़ने का काम देरी से शुरू हुआ है।
मध्यप्रदेश राज्य के जिला छिंदवाड़ा से योगेश गौतम, मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि बढ़ती महंगाई ,बीज की कीमतों में भारी बढ़ोतरी और कोरोना कर्फ्यू के बिगड़ते हालात के बीच में किसानों पर अब दोहरी मार पड़ रही है। सरकार ने पिछले 1 सप्ताह में डीएपी खाद की कीमत दो बार बढ़ा दी है। पहले डीएपी की कीमत में 500 रूपये बढ़ोतरी कर इसे 50 किलो की बोरी की कीमत 1200 रुपये से बढ़ाकर 1700 रूपये कर दी थी। वहीं 1 सप्ताह के भीतर ही डीएपी की कीमत फिर से 200 रूपये की वृद्धि के साथ ही 1900 रूपये कर दी गई है। किसानों पर यह दोहरी मार है । किसानों के लिए खेती करना लगभग मुश्किल होता जा रहा है।
जिले में सुबह से मौसम साफ रहने के साथ ही सूरज के तेवर तीखे होने लगे हैं ।हालांकि अधिकतम तापमान में ज्यादा उछाल नहीं देखने को मिला है। लेकिन कड़ाके की धूप एवं उमस से लोग हताहत हुए हैं। वही कोरोना संक्रमण के चलते अधिकांश घरों में इस साल मई महीने में एसी व कुलर का उपयोग नहीं हो पाया है। ऐसे में गर्मी का एहसास होना लाजमी है।
