मध्यप्रदेश राज्य से सुरेंद्र पाल मोबाइल वाणी के माध्यम से उत्तरप्रदेश के लॉकडाउन की स्थिति क्या है इसकी जानकारी चाहते है
बिहार राज्य के जिला छिंदवाड़ा से मोहम्मद शैयद मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि सरकार जो ये दोनों टीकाकरण करवा रही है उसमे लोगो को पंजीकरण करवाने में परेशानी आ रही है। इसके लोग छिंदवाड़ा मोबाइल वाणी पर संपर्क कर सकते है
मध्यप्रदेश राज्य के छिंदवाड़ा जिला से योगेश गौतम मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे है कि जिले में कोरोना कर्फ्यू के कारण इस साल लोगों की गर्मी घरों में ही बीत गई और गर्मी का एहसास ज्यादा नहीं हुआ। नौतपा की भी 40 डिग्री से नीचे तापमान में ही बना गया। बुधवार के नौतपा का आखिरी दिन भी बारिश के साथ समाप्त हुआ । 25 मई से लगे नौतपा में शुरुआती गर्मी के बाद पूरे 9 दिन तापमान 35 डिग्री से 40 डिग्री के बीच रह गया। इस दौरान लगातार बादल छाए रहे और कई इस दौरान अलग-अलग दिनों में 3 दिन हल्की बारिश मध्यम बारिश हुई। वहीं बुधवार को सुबह तापमान ज्यादा रहा लेकिन दोपहर के बाद में मौसम बदला और बादल छाए रहे।
मध्यप्रदेश राज्य के छिंदवाड़ा जिला से योगेश गौतम मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे है कि कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए वैक्सीनेशन आवश्यक है । लेकिन इस बचाव के बीच कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करना लोग भूल गए हैं। ऐसा ही कुछ छिन्दवाडा रेलवे स्टेशन में देखने को मिला है। यहां पर महाराष्ट्र से स्पेशल ट्रेन में रेलवे कर्मचारियों और उनके परिजन छिन्दवाडा स्टेशन आए थे। जहां इन्हें वैक्सीन लगाई गई । यहां पर कुल 361 कर्मचारी और उनके परिजनों को वैक्सीनेशन लगाई गई। गोंदिया से चलकर 10 बोगी की इस ट्रेन में कर्मचारी और उनके परिजनों भी आए थे।
जिले के निजी अस्पतालों में भर्ती नैनपुर के एक कोणासन लीग में मरीज की बुधवार को इलाज के दौरान मृत्यु हो गई है कोरोना प्रोटोकॉल के तहत पर परतला मोक्ष धाम में उनका अंतिम संस्कार किया गया है। वहीं बुधवार को सिम लैब से जारी रिपोर्ट में 8 नए कोरोना संक्रमित की पुष्टि हुई है। जबकि 13 मरीजों ने कोरोना को मात देकर स्वस्थ हुए हैं। जिले में अभी सिर्फ 62 एक्टिव के शेष बचे हैं।
मानव ने बड़ी-बड़ी आपदाओं पर विजय प्राप्त की है, कोरोना संक्रमण पर भी निश्चित ही विजय प्राप्त करेंगे: सुश्री उइके राज्यपाल युवा चेतना संस्था द्वारा ‘‘कोरोना और ग्रामीण भारत’’ विषय पर आयोजित वेबिनार में हुई शामिल हमें इस समय आत्मबल और संयम की आवश्यकता है। लोगों के मन में कोरोना को लेकर भय की स्थिति है। लोगों को भयमुक्त करें और जागरूक करें। यह याद रखें कि मानव ने बड़ी-बड़ी बीमारियों और विपदा का सामना किया है और विजय भी प्राप्त की है। अभी मानसिक स्वास्थ्य बेहतर करने की ज्यादा आवश्यकता है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने एकजुटता और दृढ़ इच्छाशक्ति से इसका सामना करते हुए कोरोना संक्रमण को हराने का आह्वान किया है। निश्चित ही इस बीमारी पर हम विजय प्राप्त कर सकेंगे। यह बात राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके ने आज युवा चेतना संस्था द्वारा ‘‘कोरोना और ग्रामीण भारत’’ विषय पर आयोजित वेबिनार को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में शुरूआत में स्थिति गंभीर थी। उस समय शासन प्रशासन ने एकजुट होकर प्रयास किया और आज प्रदेश में कोरोना संक्रमण की द्वितीय लहर पर नियंत्रण की स्थिति में आ रही है। राज्यपाल ने युवा चेतना संस्था के संयोजक श्री रोहित सिंह एवं संस्था के सदस्यों द्वारा कोरोना संक्रमण के दौरान किए गए कल्याणकारी कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रथम चरण के कमजोर होने के बाद सभी निश्चिंत हो गये थे कि कोरोना चला गया। परन्तु धीरे-धीरे कोरोना संक्रमण ने फिर से पैर पसारना शुरू किया और संक्रमण एक झंझावत के रूप में सामने आया। यह शहरों में अपना भयानक रूप दिखाया। धीरे-धीरे यह गांव की ओर बढ़ना शुरू किया और कई गांवों में फैल गया। चूंकि गांवों में जागरूकता के अभाव में इस संक्रमण के प्रति ग्रामीण अनभिज्ञ थे और कोरोना से बचाव के नियमों को अनदेखी करते रहे। शुरूआत में इसके लक्षणों को गंभीरता से नहीं लिया और संक्रमण फैलता गया। सुश्री उइके ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने भी पिछले दिनों हुई बैठक में इसे अदृश्य दुश्मन करार देते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक से अधिक जांच करने और स्वास्थ्य संबंधी सुविधाओं को बढ़ाने पर जोर दिया था। देश के आधे से अधिक जनसंख्या ग्रामीण क्षेत्रों में निवास करती है। अतः हमें गांवों में अधिक सावधानी बरतने की जरूरत है। हालांकि कई गांव ऐसे भी हैं जहां पर संक्रमण पहुंच नहीं पाया क्योंकि वहां के लोग इतने जागरूक हैं कि उन्होंने बेरिकेट लगाकर बाहरी लोगों की आवाजाही रोकी और पर्याप्त सावधानी बरती। राज्यपाल ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र के लोग प्राकृतिक जीवन जीते हैं। अतः संक्रमण से वहां के लोग को अधिक प्रभावित करने की संभावना कम रहती है। लेकिन दूसरे चरण में कोरोना वायरस के बदलते स्वरूप के कारण कई लोग प्रभावित हुए। इसलिए सबसे अधिक आवश्यकता है कि हम कोरोना के प्रति अधिक से अधिक जागरूक हों, मास्क का निरंतर उपयोग करें, मास्क थ्री लेयर हो और उसे उचित ढंग से पहने जिससे नाक और मुंह ढंके रहे। कपड़े के तीन-चार मास्क रखें और उसे अच्छी तरह धोकर दोबारा उपयोग करें, हाथों को बार-बार धोते रहें। सामाजिक दूरी का पालन करें, किसी कार्यक्रम-आयोजनों से परहेज करें। उन्होंने पंच-सरपंचों, समाज प्रमुखों से आग्रह किया कि ग्रामीण क्षेत्रों में टीके को लेकर एक भ्रम की स्थिति है। अपने क्षेत्र के लोगों को जागरूक करें और टीके के उस भ्रम को दूर करें और उन्हें बताएं कि कोरोना से बचने का कारगर उपाय वैक्सीन ही है। वैक्सीन लगाने के बाद भी कोरोना से बचने के उपायों का पालन करें। राज्यपाल ने कहा कि कोरोना की दूसरी लहर कमजोर पड़ रही है लेकिन विशेषज्ञों द्वारा तीसरी लहर की संभावना जताई जा रही है, जिसमें बच्चों को प्रभावित करने की आशंका जताई है। बच्चों को हाथ धोने और मास्क के उपयोग की जानकारी दें। यह याद रखें कि दवाई भी और कड़ाई भी’’ इस मंत्र को अपनाकर हम कोरोना संक्रमण से निजात पा सकते हैं। अब तेजी से वैक्सीन का उत्पादन किया जा रहा है। आने वाले समय में अधिक में अधिक लोगों को वैक्सीन लगाया जा सकेगा। कार्यक्रम को संत श्री स्वामी अभिषेक ब्रम्हचारी, गुजरात केन्द्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. आर.एस. दुबे, हरिभूमि के प्रधान संपादक श्री हिमांशु द्विवेदी, पूर्व सांसद श्री गिरीश सांघी, एम्स कल्याण के निदेशक डॉ. रामजी सिंह, डॉ. युगल मिश्रा, एम्स देवघर के निदेशक डॉ. सौरभ वार्ष्णेय, डॉ. जिगणेश रेड्डी, डॉ. अजय सिंह, श्री मनोज गोयल, ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर युवा चेतना संस्था के संयोजक श्री रोहित सिंह एवं अन्य उपस्थित थे।
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जिले की कृषि उपज मंडी में एक बार फिर कामकाज शुरू हो गया है ।पूरे 2 माह बाद से कृषि उपज मंडी में खरीदी का कार्य शुरू हुआ है। पिछले तकरीबन 3070 क्विंटल का आवक रही है। जिसमें 53 सौदा पत्र से खरीदी शामिल की गई। पिछले 2 माह से बंद होने के कारण कृषि उपज मंडी में कामकाज बंद होने के कारण आवक कम रही है।
एक साथ तीन वेदर सिस्टम सक्रिय होने से मौसम का मिजाज बदला हुआ है। इससे पहले 2 दिन चक्रवाती तूफान ने नौतपा को अपने नहीं दिया है। वही नौतपा के आठवें दिन अधिकतम पारा 36.1 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं सोमवार को न्यूनतम पारा 24. 1 डिग्री दर्ज किया गया है। मंगलवार की सुबह से ही बादलों की आवाजाही जारी रही। जिसके चलते दिन में सूरज की तपन से ज्यादा राहत मिली। वहीं से लोगों को उमस से परेशानी का सामना करना पड़ा।
जिला अस्पताल की कोविड यूनिट में भर्ती एक कोरोना संध्दिग्ध मरिज की मंगलवार को इलाज के दौरान मृत्यु हो गई है। वहीं जिले में कोरोना के छह नए कोरोना संक्रमित की पुष्टि हुई है । वही 18 मरीजों ने कोरोना को मात देकर स्वस्थ हुए और उन्हें जिला अस्पताल से छुट्टी लेकर घर भेज दिया गया है। जिला अस्पताल में अब 67 एक्टिव के बचे हुए हैं। बताया जा रहा है कि तामिया की 72 वर्षीय बुजुर्ग की कोविड यूनिट में इलाज के दौरान मृत्यु हो गई हैं। कोरोना प्रोटोकॉल के तहत उनका अंतिम संस्कार किया गया।
