मध्यप्रदेश राज्य के छिंदवाड़ा जिले से योगेश गौतम मोबाइल वाणी के माध्यम से मेरे भी आवाज सुनो कार्यक्रम के द्वारा ई- श्रम कार्ड के तहत गोपाल कुठे से साक्षात्कार किया । जिसमे गोपाल कुठे ने बताया कि ई-श्रमिक कार्ड यह एक ऐसी योजना है, जिसमे असंगठित क्षेत्र के मजदूरों को फायदा होगा। इस योजना से देश के ज्यादा श्रमिक संगठित हो सकेंगे। इस कार्ड की खास बात ये है कि आने वाले समय में सरकार की सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी जो भी योजनाएं होंगी, श्रमिकों को इसका फायदा दिया जाएगा। उन्हें एक कार्ड भी दिया जाएगा, जिसके जरिए मजदूर अगर दूसरे राज्यों में काम करने जाते हैं, तो उन्हें अपनी स्किल के आधार पर काम करने का मौका मिलेगा।
मध्यप्रदेश राज्य के छिंदवाड़ा जिला से योगेश गौतम मोबाइल वाणी के माध्यम से "मेरी भी आवाज सुनो" इस कार्यक्रम के माध्यम से इस ई- श्रम कार्ड किस तरह बनाएं। इसे बनाने में क्या कठिनाई है? गांवों में इस योजना की जानकारी कैसे पहुंचे, लोगों को जानकारी किस तरह उपलब्ध हो सके। इसी को लेकर युथ आफ सौंसर संघटन के सदस्य भीमरावजी बडवाईक से साक्षात्कार लिया है। जिसमें उन्होंने बताया कि ई- श्रम कार्ड बहुत उपयोगी है जिसे भारत सरकार ने लागु किया है जिसे कोई भी कामगार रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। ई- श्रम कार्ड ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करा सकते है खुद से इसके वेबसाइट में जाकर आवेदन कर सकते है। ई- श्रम कार्ड ग्रामीण क्षेत्र पर भी इसकी व्यवस्था होनी चाहिए ताकि जो ग्रामीण क्षेत्र से आने वाले जो कामगार है उन्हें जानकारी के लिए पंचायत के माध्यम से एक सुचना दी जाती है जो गांव में दावंडी है उसके माध्यम से गांव गांव में इसकी व्यवस्था करानी चाहिए। उन्होंने बताया की 16 वर्ष से ऊपर के आयु के कामगार और 60 वर्ष से निचे के कामगार ई- श्रम कार्ड के लिए अपना रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। इससे बहुत सरे फायदे भी है क्यूंकि आने वाले समय में भारत सरकार पेंशन,स्वास्थ उपचार हेतु प्रयोग राशि ,दुर्घटना के मामले में सहायता राशि ,घर निर्माण हेतु राशि ,शिक्षा सहायता राशि इस योजना के अन्तर्गत प्रदान करेगी
मध्यप्रदेश राज्य के छिंदवाड़ा जिला से योगेश गौतम ने युथ ऑफ सौंसर संघटन के अध्यक्ष योगेश सोमकुवर जी से सक्षात्कार लिया है। "मेरी भी आवाज सुनो" इस कार्यक्रम में ई-श्रम कार्ड क्या है? इसे कैसे बनाया जा सकता है? और इसके उपयोग के साथ-साथ शासन द्वारा किन-किन योजनाओं का लाभ श्रमिक, हितग्राही को कैसे मिल सकता है। इसके लिए ई- श्रम कार्ड शासन ने लॉन्च किया है। असंगठित कामगारों का डाटा एकत्रित कर उन्हें सुविधा को योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने के लिए श्रम कार्ड बनाया जा रहा है। पहले किसी एक व्यक्ति के जानकारी को इकट्ठा करने के लिए आधार कार्ड की विचारधारा रखी गयी थी जिससे बहुत लाभ हुआ
मातेश्वरी मन्दिर जगतदेव की कलशों के साथ नगर की मूर्तियों की निकलती है भव्य शोभायात्रा
47 खातों में हुई हेराफेरी
असत्य पर सत्य का प्रतीक दशहरा
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विजयादशमी पर विशेष जानिए विजयादशमी दशहरा की खास बात आश्विन शुक्ल दशमी को मनाया जाने वाला यह त्योहार वर्षाऋतु के समाप्ति का सुचक है । इस त्यौहार को लेकर कई पंरपरा आज भी जिवित है । यह पर्व संपूर्ण भारत वर्ष में बड़े हि धुमधाम से मनाया जाता है । छिंदवाड़ा जिले में भी इस पर्व को पंरपरागत रुप से मनाया जाता है । विजयादशमी पर चंडी माता के पूजन की भी कहानी जिले के हिरदागड क्षेत्र में सुनने को मिलती है । विचार यात्री पेज के अनुसार लेखक नरेंद्र बांगरे सर के द्वारा लिखे गये लेख में यह स्पष्ट वर्णन है की छिंदवाड़ा जिले के हिरदागड क्षेत्र में हरिया गड़ किला था जिसके दोनों ओर से कुछ हि दुरी पर कन्हान एवं तवा नदी उद्गम स्थल है साथ हि चंडी माता मंदिर भी । इस चंडी माता मंदिर में विजयदशमी पर पूजन एवं भैसे की बली की कहानी प्रचलित है ।
"बेटियों की पढ़ाई इसी में सबकी भलाई" इस विषय को लेकर डॉ अनूप सिंह ने बेटियों की पढ़ाई को लेकर आ रही जिन समस्याओं के समाधान और उनसे जोड़ी कई बाधाओं को दूर किया जा सकता है ।इस हेतु उन्होंने मोबाइल वाणी के माध्यम से जानकारी साझा की।
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