जनपद पंचायत उपाध्यक्ष को स्कुल की समस्याओं से अवगत कराया
Transcript Unavailable.
गर्ल्स कॉलेज में "लेखन में हिंदी का महत्व, शुध्द लेखन एवं पत्र लेखन कला" विषय पर व्यक्तित्व विकास कार्यशाला संपन्न ====================================== राजमाता सिंधिया शासकीय स्नातकोत्तर कन्या महाविद्यालय छिंदवाड़ा के तत्वाधान में प्राचार्या डॉ.अजरा एजाज के सफल कुशल नेतृत्व में स्वामी विवेकानन्द कैरियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ के अकादमिक उत्कृष्ट गतिविधि सत्र में "लेखन में हिंदी का महत्व, शुध्द लेखन एवं पत्र लेखन कला" विषय पर व्यक्तित्व विकास कार्यशाला संपन्न हुई । कार्यशाला में महाविद्यालय की लगभग 150 छात्राओं ने भाग लेकर मार्गदर्शन प्राप्त किया। प्राचार्या डॉ.एजाज ने कहा कि व्यक्तित्व विकास के माध्यम से अपने व्यवहारिक ज्ञान को विकसित कर सकते हैं । उन्होंने बताया कि कार्यशाला में विषय विशेषज्ञ डॉ.कामाक्षा बिसेन ने कहा कि हिंदी शुध्द लेखन के लिए वर्ण व उनके उच्चारण स्थान का वास्तविक ज्ञान होना चाहिए । उन्होंने पत्र लेखन के महत्व पर भी अपने विचार व्यक्त किए । डॉ.प्रतिभा राजपूत ने कहा कि आज के इंटरनेट के युग में अंग्रेजी भाषा के ज्ञान से अपना कैरियर बना सकते हैं । आभार प्रदर्शन डॉ.मनिन्दर सिंह भाटिया ने किया। कार्यक्रम में विवेकानंद मार्गदर्शन प्रभारी प्रो.बिंदिया महोबिया, वर्ल्ड बैंक प्रभारी डॉ.प्रशांत बेलवंशी, डॉ.सुरेश अहिरवार, डॉ.संकेत चौकसे, डॉ.सुदीश सूर्यवंशी, डॉ.छबिनम श्रीवास्तव, डॉ.जितेन्द्र डेहरिया, डॉ.दीपा परतेती, श्री ढालसिंह गौतम व श्री शोभाराम जम्होरे उपस्थित थे।
जिले की जनपद पंचायत बिछुआ में विकासखंड स्तरीय रोजगार मेले का आयोजन 23 नवंबर को ========================================================= कलेक्टर श्रीमती शीतला पटले द्वारा दिये गये निर्देशों के परिपालन में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री हरेन्द्र नारायण के मार्गदर्शन में म.प्र.डे-राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन द्वारा जारी वित्तीय वर्ष में माह नवंबर में 20 से 26 नवंबर तक और माह दिसंबर में 5 से 8 दिसंबर तक प्रात: 11 से शाम 4 बजे तक जिले की सभी 11 जनपद पंचायतों में विकासखंड स्तरीय रोजगार मेलों का आयोजन किया गया है । इसी कड़ी में जिले की जनपद पंचायत बिछुआ में 23 नवंबर को विकासखंड स्तरीय रोजगार मेले का आयोजन किया गया है । म.प्र.डे-राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की जिला परियोजना प्रबंधक श्रीमती रेखा अहिरवार ने बताया कि इस रोजगार मेले में 50 युवा बेरोजगार युवक-युवती का चयन कर उनका प्राथमिकता से नियोजन कराया जायेगा तथा कम्पनी में चयनित प्रतिभागियों का फॉलोअप कर 3 दिनों के भीतर नियोजन के लिये संबंधित कंपनियों में भेजा जायेगा । रोजगार मेले में कोविड-19 के प्रोटोकॉल का पालन किया जायेगा । संबंधित क्षेत्र के आवेदक इस शिविर का लाभ ले सकते हैं । उन्होंने जनपद पंचायत बिछुआ के मुख्य कार्यपालन अधिकारी और विकासखंड प्रबंधक को निर्देश दिये हैं कि अपने नोडल ग्रामों में रोजगार मेले की तिथि का व्यापक प्रचार-प्रसार करें और ग्राम पंचायत में सचिव/रोजगार सहायक को सूचित कर ग्राम पंचायत स्तर पर मुनादी भी करायें जिससे अधिक से अधिक बेरोजगार युवक-युवतियों को रोजगार के अवसर प्राप्त हो सकें ।
शासकीय महाविद्यालय में नशामुक्ति पर हुआ व्याख्यान
बांध के सर्वे का इंतजार
नवजात शिशु सप्ताह पर जिला अस्पताल छिंदवाड़ा में जनजागरूकता कार्यशाला संपन्न =================================== जिले में 21 से 27 नवंबर तक नवजात शिशु सप्ताह का आयोजन किया गया है जिसकी थीम “समस्त नवजात शिशुओं को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधा” है । इस संबंध में जिला अस्पताल के एस.एन.सी.यू. वार्ड में आज जनजागरूकता कार्यशाला संपन्न हुई । मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.जी.सी.चौरसिया ने बताया कि कार्यशाला में सिविल सर्जन डॉ.एम.के.सोनिया के साथ ही डॉ.अंशु लांबा, डॉ.अल्पना शुक्ला, डॉ.एल.एन.साहू व डॉ.श्वेता पाठक ने शिशु मृत्यु दर को कम करने के लिये नवजात जन्मे शिशु की माताओं व परिजनों को शिशु के स्तनपान, टीकाकरण के महत्व, साफ-सफाई, खतरे के आम चिन्ह, कंगारू मदर केयर व ए.एन.सी. चेकअप, समय पूर्व जन्म व शिशु के स्वास्थ्य संबंधी विस्तृत जानकारी दी और शिशुओं को प्रदान की जाने वाली अन्य आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाओं व सेवाओं के बारे में बताया । उन्होंने बताया कि नवजात शिशु सप्ताह के दौरान प्रत्येक नवजात शिशु को संस्था व समुदाय में गुणवत्तापूर्ण देखभाल के साथ ही विकासात्मक स्वास्थ्य सेवायें प्रदान की जायेंगी। प्रत्येक प्रसव केन्द्र में जन्मे नवजात शिशु की शत-प्रतिशत कॉम्प्रेहेंसिव न्यूबोर्न स्क्रीनिंग कर अनमोल एप में एंट्री की जायेगी। प्रत्येक प्रसव केन्द्र में स्थापित न्यूबोर्न केयर कॉर्नर की मॉनिटरिंग चेक लिस्ट के आधार पर की जाकर पाई गई कमियों को दूर किया जायेगा। एस.एन.सी.यू.से डिस्चार्ज सभी नवजात शिशुओं का संस्था आधारित शत-प्रतिशत फॉलोअप किया जायेगा। इस कार्यक्रम के अंतर्गत सी.एच.ओ., ए.एन.एम., आशा व मैदानी कार्यकर्ताओं द्वारा गृह आधारित भेंट के दौरान नवजात शिशुओं की माताओं व अभिभावकों को स्तनपान, शिशुओं का उम्रानुसार टीकाकरण, खतरे के आम चिन्ह, कंगारू मदर केयर आदि की जानकारी प्रदान की जायेगी और एस.एन.सी.यू/एन.बी.एस.यू.से डिस्चार्ज हुये सभी शिशुओं के संस्थागत फॉलोअप के लिये अभिभावकों को प्रेरित किया जायेगा। साथ ही संस्थाओं में गर्भवती महिलाओं की जाँच व परीक्षण के दौरान उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं का दैनिक स्वास्थ्य परीक्षण किया जायेगा ताकि प्रसव के उपरांत स्वस्थ बच्चे का जन्म हो। कार्यशाला में आर.एम.ओ. डॉ.संजय राय, जिला स्वास्थ्य मीडिया अधिकारी डॉ.प्रमोद वासनिक, सहायक संचालक महिला बाल विकास श्री हेमंत छेकर, उप जिला स्वास्थ्य मीडिया अधिकारी श्रीमती यशोदा बाघमारे, प्रभारी बी.ई.ई. श्री रघुनाथ वर्मा और अन्य विभागीय अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित थे ।
डीडीसी कॉलेज में साहित्यिक व रुपांकन की विश्वविद्यालय स्तरीय स्पर्धाएं आयोजित ======================= राजा शंकर शाह विश्वविद्यालय छिंदवाड़ा के कुलपति डॉ. एम. के. श्रीवास्तव के मार्गदर्शन में डी. डी. सी. महाविद्यालय छिंदवाड़ा में आयोजित विश्वविद्यालय स्तरीय साहित्यिक और रूपांकन पक्ष की स्पर्धाओं को संपन्न कराने हेतु समारोह के मुख्य अतिथि सी.जी.एम. श्री रामा राव ने कहा कि प्रतिस्पर्धियों द्वारा साहित्यिक चिंतन हाशिए पर पड़ी विवशता की पीड़ा की अभिव्यक्ति होती है। साहित्य का दर्शन मानव की अनसुलझी गुत्थी को सुलझाने का विकल्प देता है। प्राचार्य प्रो. स्मृति हाबिल ने कहा कि साहित्य की विधाएं छात्रों को मनुष्यता निर्माण की अनंत विचारशीलता प्रदान करते हैं। कुलसचिव डॉ.धनाराम उइके ने कहा कि रुपांकन की विधाएं छात्रों के चिंतन की परिधि को उड़ान के पंख प्रदान करते हैं। छात्र कल्याण अधिष्ठाता डॉ. जगदीश वाहने ने अपने उद्बोधन में कहा कि साहित्य व रुपांकन की स्पर्धाएं छात्रों में संचित वैचारिक निधि से जीवन के विभिन्न आयामों में व्यवहार में काम आती हैं। विश्वविद्यालय की युवा उत्सव प्रभारी डॉ. श्रीमती अर्चना सुदेश मैथ्यू ने कहा कि युवा सृजनशीलता की शक्ति को हथियार बनाकर सामाजिक समस्याओं को हल करें। साहित्यिक विधाओं की प्रस्तुति की समीक्षा करते हुए प्रख्यात ओजस्वी वक्ता शिक्षक ओ पी शर्मा ने कहा कि भयभीत व्यक्ति समाज में कोई भी रचनात्मक कार्य नहीं कर सकता है। अगर वक्ता में कहने का सलीका और सुनने लायक अवधारणात्मक कथ्य है तो बात अवश्य सुनी जाती है। विश्वविद्यालय पर्यवेक्षकों में प्रो. राजेन्द्र कुमार मिश्रा छिंदवाड़ा, डॉ. सविता मसीह सिवनी, डॉ. निधि ठाकुर बालाघाट एवं डॉ. राजेश शेषकर बैतूल का प्रमुख योगदान रहा। डी.डी.सी. कॉलेज के युवा उत्सव प्रभारी बी. बी. भुजाड़े, श्रीमती स्वाति जैन, अनमोल भारद्वाज , कु.माया पांडे, माया शर्मा, महेश घायवट, गणेश सोनी और सुरेंद्र धुर्वे का सराहनीय योगदान रहा। छिंदवाड़ा विश्वविद्यालय के छात्र कल्याण अधिष्ठाता डॉ. जे. के. वाहने, कुलसचिव डॉ .डी. आर. उइके, शिकायत निवारण समिति के डॉ. नन्दा हल्दे , डॉ. अनिता मिश्रा, डॉ. विनोद माहुरपवार, भोजन व परिवहन समिति के डॉ. सुरेन्द्र झारिया, डॉ.एस सी लाम्बा प्रमुख रहे। पी.जी. कॉलेज के डॉ. लक्ष्मीकान्त चन्देला , डॉ. टीकमणी पटवारी, मीडिया प्रभारी डॉ. अमरसिंह डॉ. सीमा सूर्यवंशी व डॉ. दुर्गेश ठाकुर ने अतुलनीय भूमिका निभाई। रूपांकन पक्ष के निर्णायक दल में प्रशांत गंगणे, रोहित रूसिया, डॉ. प्रतिभा श्रीवास्तव, साहित्यिक पक्ष के डॉ. मनीषा जैन, श्रीमती शैफाली शर्मा और दिनेश भट्ट प्रमुख थे।
राजा शंकरशहा विश्वविद्यालय छिंदवाड़ा में आयोजित विश्वविद्यालय स्तरीय युवा उत्सव कार्यक्रम के तहत एक खास मुलाकात डॉ अमर सिंह सर के साथ
मध्य प्रदेश राज्य के छिंदवाड़ा जिले से योगेश मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे हैं कि, जिले में रबी सीजन में किसान केहू के साथ-साथ चना मटर सरसों सहित अन्य फसलों को होता है। होने के समय किसान डीएपी की पूर्ति कर चुका है। और अब सल्फर की पूर्ति के लिए डीएपी का विकल्प और अन्य उर्वरक उपलब्ध कराए जाएंगे ।इसमें खेतों में अनावश्यक तत्व को संतुलित पूर्ति हो सकेगी। जिसमें एक कृषि उपसंचालक जितेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि जिले में रबी सीजन की फसलों के लिए 16512 टन यूरिया और 9629 टन डीएपी का उठाव कर चुके हैं। वर्तमान में 4244 टन यूरिया और 1871 टन डीएपी का स्टॉक शेष है। क्लिक कर ऑडियो सुन सकते हैं।
