संसद के सदस्यों को बढ़ाई गई पत्तियों से जो शब्द हटाए गए उनका महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है कि वर्तमान में जो डाल सत्ता में है उसकी और उनके वैचारिक संगठन को हमेशा से इन शब्दों से बन रहा है इसका कारण कि वे देश को हिंदू राष्ट्र बनाया ना चाहते हैं उनके इस विचार के फलीभूत होने में यह शब्द गाहे - बगाहे आडे आते रहे हैं।आज हमारे साथ लखनऊ हाईकोर्ट परामर्श केन्द्र के माध्यम एवं उत्तरप्रदेश कांग्रेस पार्टी के विधिविभाग के कोर कमेटी के सदस्य एड. इद्रप्रताप सिंह सर के साथ मोबाइलवाणी पर विशेष बातचीत कर इन विषयों पर अपनी प्रतिक्रिया साझा की।
संसदेतील सदस्यांना पानातून काढून टाकलेल्या शब्दांचे महत्त्वही वाढते कारण सध्या सत्तेत असलेला पक्ष आणि त्यांची वैचारिक संघटना नेहमीच या शब्दांवर आधारित आहे, कारण त्यांना देशाला हिंदु राष्ट्र बनवायचे होते. .'नको' हे शब्द त्यांच्या कल्पनेला प्रत्यक्षात येण्याच्या मार्गात येत राहिले. आज आमच्या सोबत विदर्भ राज्य आंदोलन समिति के महासचिव नरेश निमजे सर सोबत एक अतिशय विशेष विषयावर आपले विचार मोबाइलवाणी वर सोपोले।
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संसद के सदस्यों को बढ़ाई गई पत्तियों से जो शब्द हटाए गए उनका महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है कि वर्तमान में जो डाल सत्ता में है उसकी और उनके वैचारिक संगठन को हमेशा से इन शब्दों से बन रहा है इसका कारण कि वे देश को हिंदू राष्ट्र बनाया ना चाहते हैं उनके इस विचार के फलीभूत होने में यह शब्द गाहे - बगाहे आडे आते रहे हैं।आज हमारे साथ सिविल सर्विसेज ट्यूटोरियल के संचालक एवं एडॅ. मधुकर गायकवाड़ सर के साथ मोबाइलवाणी पर विशेष बातचीत कर कर इन विषयों पर अपनी प्रतिक्रिया साझा की।
कृषक ने खेत में किया छिड़काव हुआ दवाओं का विपरीत असर कृषक रविकांत चुनरिया ने कि शिकायत
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