आस वेलफेयर सोसाइटी समस्तीपुर के द्वारा पूसा प्रखंड के मोरसड़ पंचायत के डी टोला के दलित और महादलित बच्चे एवं बच्चियों के लिए शिक्षा केंद्र का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता आस वेलफेयर सोसाइटी के अध्यक्ष चंदन कुमार व नेतृत्व टीम आस के संस्थापक सचिव मनीष कुमार ने किया ।वहीं शिक्षक अमृता कुमारी के द्वारा बच्चे को शिक्षा दिया जाएगा।विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।
फोटो-श्री कृष्ण रुकमणी विवाह के प्रसंग का श्रवण करते हुए भक्तगण प्रतिनिधि-मोहिउद्दीन नगर समस्तीपुर जिला के पटोरी प्रखंड अंतर्गत रुपौली पंचायत के शरहद माधो गांव के निर्माणाधीन फोरलेन के निकट चल रहे दिव्या भव्य विशाल श्री श्री 108 श्री 21 कुण्डात्मक महायज्ञ के छठे वृंदावन धाम से पधारे पूज्या दिव्या देवी के मुखारविंद से श्रीकृष्ण-रुक्मणी विवाह का प्रसंग श्रवण करया गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार समस्तीपुर जिले के शरहद माधव गांव में चल रहे गोमेष्ट महायज्ञ में प्रसंग का रसपान कराते हुए कहा कि विदर्भ के राजा भीष्मक के घर रुक्मिणी का जन्म हुआ। बाल अवस्था से भगवान श्रीकृष्ण को सच्चे हृदय से पति के रूप में चाहती थीं। लेकिन भाई रुक्मिणी का विवाह शिशुपाल के साथ कराना चाहता था। रुक्मिणी ने अपने भाई की इच्छा जानी तो उसे बड़ा दुख हुआ। अत: शुद्धमति के अंतपुर में एक सुदेव नामक ब्राह्मण आता-जाता था। रुक्मिणी ने उस ब्राह्मण से कहा कि वे श्रीकृष्ण से विवाह करना चाहती हैं। सात श्लोकों में लिखा हुआ मेरा पत्र तुम श्रीकृष्ण तक पहुंचा देना। पत्र के माध्यम से रुक्मिणी ने कहा कि मुझे विश्वास है कि आप इस दासी को स्वीकार नहीं करेंगे तो मैं हजारों जन्म लेती रहूंगी। मैं किसी और पुरुष से विवाह नहीं करना चाहती हूं। कथावाचक ने बताया कि पार्वती के पूजन के लिए जब रुक्मिणी आई, उसी समय प्रभु श्रीकृष्ण रुक्मिणी का हरण कर ले गए। अत: रुक्मिणी के पिता ने रीति रिवाज के साथ दोनों का विवाह कर दिया। इंद्र लोक से सभी देवताओं द्वारा पुष्पों की वर्षा की तथा खुशियां लुटाई।इसके बाद सुदामा चरित्र का वर्णन किया गया। इस मौके पर उपस्थित सतेंद्र महतो ,राम प्रवेश , भूषण, राजीव, लड्डू लाल, जयप्रकाश, प्रमोद, चित्तरंजन, आर्यान्द,सोनू, गरीब नाथ, रवीश,मनीष, राजेश, निशांत, अभिषेख इत्यादि थे।
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश ने विद्यापति नगर के मऊ में सामूहिक आत्महत्या की घटना पर दुख जताते हुए अधिकारियों को पूरी जानकारी जुटाने का निर्देश दिया. सोमवार को पटना में मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित जनता दरबार कार्यक्रम में कुल 169 फरियादी पहुंचे थे. इनमें से ज्यादातर लोग जमीनी विवाद की समस्या को लेकर आए थे. जनता दरबार कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पत्रकारों से बातचीत में जनसंख्या नियंत्रण कानून पर विरोध जताया. सीएम ने कहा कि ये अफ़सोस की बात है। समाचार आते ही मैंने व्यक्तिगत रूप से पूछताछ की। इस मामले को पूरा प्रशासन देख रहा है। वे इस बात का आकलन कर रहे हैं कि एक ही परिवार के पांच लोगों ने आत्महत्या क्यों की?जनसंख्या नियंत्रण कानून बनाने और उसे संसद में लाने का सवाल पूछने पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि यह लोगों का अपना अपना व्यू (नजरिया) हो सकता है. जनसंख्या नियंत्रण पर बिहार में लगातार काम किया जा रहा है. प्रजनन दर तीन पर पहुंच गया है, इसको दो पर लाने का लक्ष्य है. सिर्फ कानून बना देने से जनसंख्या नियंत्रण नहीं होगा. चीन ने भी कानून बनाया था, लेकिन इसका क्या हश्र हुआ. सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि मैंने चीन जाकर वहां का हाल देखा है. चीन में लंबे समय तक एक से दो बच्चों का प्रावधान किया गया था. कहीं-कहीं यह तीन है. कानून बनाने से कोई फायदा नहीं होगा. हमारा मानना है कि जनसंख्या नियंत्रण के लिए हमें लोगों को सहमत करना होगा, जागरूक करना होगा. बिहार गरीब राज्य है, यहां हम लोगों ने जनसंख्या दर 4.3 से घटा कर तीन कर दिया है.
समस्तीपुर जिले के विद्यापतिनगर की मऊ धनेशपुर दक्षिण पंचायत के वार्ड चार में रविवार को अहले सुबह एक ही परिवार के सभी पांच सदस्यों के द्वारा फांसी लगाकर आत्महत्या करने का मामला गरमाता ही जा रहा है. केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय मौके पर पहुंचे और घटना की जांच की बात कही. अब इस घटना की जांच की जाएगी और मौत की वजह को सामने लाया जाएगा.
समस्तीपुर जिला के पटोरी प्रखंड अंतर्गत शरहद माधव गांव में कुंड आत्मक श्री श्री 108 गोमेष्ट महायज्ञ के पंचम दिवस पर वृंदावन धाम से पधारे कथावाचक दिव्या देवी ने गोवर्धन लीला के साथ भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का प्रसंग श्रवण करते हुए कहा कि श्री कृष्ण भगवान के द्वारा अपने बाल शखाओं के साथ गायों को चराने गांव की गोपीकाओ के घरों में घुसकर दूध दही एवं माखन खाने तथा माखन से भरी हुई मटकियों को फोड़ने सहित अन्य बाल लीलाओं की कथा सुनाई जिन्हें सुनकर श्रोता श्री कृष्ण भगवान की बाल लीलाओं को सुनकर ताली बजाते हुए हंसने लगे। उन्होंने यह भी कहीं की भगवान श्रीकृष्ण ने अपनी लीलाओं से जहां कंस के भेजे विभिन्न राक्षसों का संहार किया, वहीं ब्रज के लोगों को आनंद प्रदान किया। कथा के दौरान भगवान गिरिराज पर्वत को उठाते हुए सुंदर झांकी सजाई गई। इस दौरान भजनों पर श्रद्धालु देर तक नाचते रहे। प्रसंग में बताया गया कि इंद्र को अपनी सत्ता और शक्ति पर घमंड हो गया था। उसका गर्व दूर करने के लिए भगवान ने ब्रज मंडल में इंद्र की पूजा बंद कर गोवर्धन की पूजा शुरू करा दी।इससे गुस्साए इंद्र ने ब्रज मंडल पर भारी बरसात कराई। प्रलय से लोगों को बचाने के लिए भगवान ने कनिष्ठा उंगली पर गोवर्धन पर्वत को उठा लिया। सात दिनों के बाद इंद्र को अपनी भूल का एहसास हुआ। इस मौके पर सीतल दास,सुदिन कुमार, किशनदेव शर्मा, राहुल कुमार, शिवनाथ कुमार,अमरजीत कुमार, विजय शंकर, चन्दन कुमार, अमरनाथ पाल, रंजन कुमार, धर्मेंद्र महतो, उदय राउत, इंद्रदेव महतो, रमेश कुमार,अंजय कुमार, मनोज महतो,राजीव कुमार,दिलीप महतो,वीरू महतों इत्यादि मौजूद थे।
विद्यापति नगर थाना क्षेत्र अंतर्गत मऊ गांव में एक परिवार के गृह स्वामी, उनकी मां, पत्नी और दो मासूम पुत्रों की सामुहिक खुदकुशी करने के बाद उन शवों का पोस्टमार्टम समस्तीपुर सदर अस्पताल में किया गया। जहां गठित मेडिकल बोर्ड के चिकित्सकों की टीम ने उन शवों का अंत्यपरीक्षण कर रविवार की देर रात स्वजनों को सौंप दिया। गंगा की सहायक नदी वाया के तट पर उन शवों का दाह संस्कार प्रशासनिक देखरेख में रविवार की देर रात स्वजनों, रिश्तेदारों व ग्रामीणों की उपस्थिति में संपन्न हुआ। उधर, एक ही घर से निकली पांच अर्थियों को देख गांव में गमगीन माहौल हो गया। एक घर से परिवार के सभी पांच लोगों की अर्थी एक साथ निकली तो हर किसी का दिल दहल उठा, तो परिजनो और रिश्तेदारों के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे। वहीं, मौजूद लोगों की भी आंखें नम हो गई। हर कोई मनोज के इस फैसले को लेकर अपनी-अपनी दलीलें दे रहे थे। सभी पांचों शवों को मुखाग्नि मनोज के छोटे दामाद खुसरूपुर निवासी आशीष मिश्रा ने दी तो उपस्थित सैकड़ो लोगों की आंखें नम हो गईं। मौके पर सीओ अजय कुमार, एसएचओ प्रसुंजय कुमार सहित अन्य लोग मौजूद रहे। परिवार के पांच लोगों की खुदकुशी में सूदखोरों का आतंक भी सामने आ रहा है। तीन लाख कर्ज का ब्याज के साथ सूदखोर 18 लाख मांग रहे थे। इसे लेकर परिवार को प्रताडि़त किया जा रहा था। मृतक मनोज की बड़ी बेटी काजल ने पुलिस को बताया कि दादा ने मेरी शादी में गांव के एक व्यक्ति से तीन लाख रुपये कर्ज लिए थे। वह ब्याज जोड़कर 18 लाख रुपये की मांग मेरे दादा और पिता से कर रहा था। हर दिन सूदखोर घर आकर गाली-गलौज करता था। इससे तंग आकर दादा ने पहले ही खुदकुशी कर ली थी। कुछ दिन पूर्व एक कर्ज देने वाला पिता जी का आटो लेते गया था। इससे घर की स्थिति पूरी तरह बिगड़ गई थी। पिता के पास दो कमरे की झोपड़ी के अलावा कुछ नहीं था। घर के पास खाली थोड़ी सी जमीन पर भी लोगों ने कब्जा कर रखा है।
गरीब कर्ज ले तो खुदकुशी करें एवं माल्या एवं नीरव ऐसे लोग ऐस करें।
मोहनपुर प्रखंड बचाओ संघर्ष समिति के चुने गए पदधारक
Transcript Unavailable.
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