थाना क्षेत्र के हरैल पंचायत में डूबने से शनिवार को दो लोगों की मौत हो गई। मृतकों की पहचान हरैल निवासी उमाशंकर सिंह के 40 वर्षीय पुत्र महेश कुमार सिंह जो हरैली स्कूल के निकट स्नान कर रहे थे अचानक गहरे पानी में जाने से डुबकर उनकी मृत्यु हो गई एवं चौपड़ निवासी सुधीर सिंह के 18 वर्षीय पुत्र दीपू कुमार सिंह के रूप में की गई जो सड़क पार करने के क्रम में अचानक गहरे पानी में चले गए। विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।

जिलाधिकारी शशांक शुभंकर समस्तीपुर की अध्यक्षता में आपदा प्रबंधन अंतर्गत बाढ़ की समीक्षात्मक बैठक पंचायत समिति सभागार, विद्यापतिनगर प्रखंड में आहूत की गई।बैठक में अपर समाहर्त्ता, अनुमंडल पदाधिकारी दलसिंहसराय ज्ञानेंद्र कुमार, प्रखंड विकास पदाधिकारी प्रकृति नयनम, अंचल अधिकारी अजय कुमार, सीडीपीओ डॉ0 सुनीता कुमारी व अन्य संबंधित पदाधिकारी एवं स्थानीय जिलापरिषद प्रतिनिधि संजय कुमार सिंह, दिनेश प्रसाद सिंह, बिपिन कुमार राय, पूर्व प्रमुख रामप्रकाश महतो, हरेश सिंह, बलबंत चौधरी, देवेन्द्र प्रसाद महतो जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे।विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।

गंगा के बढ़ते जलस्तर के वजह से उत्पन्न बाढ़ की भीषण समस्या जिससे संपूर्ण दियारा का इलाका बुरी तरह से प्रभावित है में किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए स्थानीय विधायक राजेश कुमार सिंह एवं सांसद नित्यानंद राय के प्रयासों से एनडीआरएफ की 35 सदस्यीय टीम विपिन कुमार के नेतृत्व में 7 मोटर बोट के साथ दियारा क्षेत्र में तैनात कर दी गई है। विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।

प्रखंड के लगभग 11 पंचायतों के दर्जनों गांवों में बाढ़ को लेकर लोगों के समक्ष यातायात एवं जीवन यापन की मूलभूत समस्याएं जो सामने आ रही है जिसे लेकर बीते गुरुवार को जिलाधिकारी शशांक शुभंकर ने स्थानीय प्रशासन को निर्देश दिया था कि बाढ़ प्रभावित पंचायतों में जहां आवागमन की सुविधा बंद हो गई है। विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।

समस्तीपुर जिला के मोहिउद्दीन नगर प्रखंड के लगभग एक दर्जन पंचायतों की अधिकांश सड़कें जलमग्न हो गई है जिस वजह से उनका संपर्क मुख्यधारा से कर चुका है एवं उन पंचायतों के लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।

प्रखंड के 12 पंचायतों के दर्जनों गांव में गंगा के जलस्तर में वृद्धि के वजह से हजारों घर बाढ़ से प्रभावित हो गए हैं। बुरी तरह से जलमग्न होने के कारण लोग अपने अपने मवेशियों को लेकर पलायन करने को मजबूर हो गए हैं। इस बाबत जब ग्रामीणों से बात की गई तो उन्होंने कहा कि अभी तक उनको सरकार के द्वारा किसी तरह की कोई सुविधा मुहैया नहीं करवाई गई है। विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।

समस्तीपुर जिला के मोहिउद्दीन नगर प्रखंड अंतर्गत बोचहा पंचायत में 251 कुमारी कन्याओं की खीर भोजन के साथ संपन्न हुआ दो दिवसीय अष्टयाम यज्ञ।

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के नए प्रभारी के रूप में शुक्रवार को डॉक्टर अमित कुमार ने अपना पदभार ग्रहण करते हुए कहां की सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का सुचारू रूप से संचालन करना उनका मुख्य उद्देश्य होगा एवं अस्पताल में आने वाले मरीजों का समुचित इलाज एवं बेहतर गवर्नेस का आश्वासन उन्होंने दिया। विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।

थाना के हरैल पंचायत से होकर गुजरने वाली वाटर वेज बांध पर चापर गांव में गुरुवार की देर रात अवैध खनन का बालू ढो रहा ट्रक दुर्घटनाग्रस्त हो गया। गनीमत रही की चालक एवं उप चालक ट्रक का शीशा तोड़कर उसमें से कूदकर अपनी जान बचाने में सफल रहे। विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।

बरसात के मौसम में बारिश, जलजमाव, सरकारी सड़क का अतिक्रमण एवं पंचायत प्रतिनिधियों की अकर्मण्यता के वजह से ग्रामीण क्षेत्रों में उत्पन्न होने वाली समस्याओं के बारे में हम आपसे रूबरू हैं। मोहद्दीनगर प्रखंड अंतर्गत कुरसाहा पंचायत के वार्ड 3 जो एक दलित बस्ती है। जिसमें सैकड़ों घरों के चारों तरफ बारिश के मौसम में सालों से जलजमाव के वजह से लोगों को गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ता है। साथ में चारों तरफ पानी से घिरे होने के वजह से महामारी की भी आशंका बनी रहती है। इसी पंचायत के वार्ड 1 में दबंगों के द्वारा सरकारी सड़क का अतिक्रमण करके उस पर सड़क निर्माण नहीं होने दिया जा रहा है। इस वजह से सैकड़ों लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उल्लेखनीय हो कि प्रत्येक वर्ष पंचायत में सरकार के द्वारा विभिन्न योजनाओं के मद्द में करोड़ों रुपयों का फंड आता है। जिसके निकासी पंचायत प्रतिनिधियों के द्वारा संबंधित अधिकारियों के मिलीभगत से जिसमें मनरेगा आदि शामिल है। सरकारी राशि की निकासी कर ली जाती है और उदासी एवं मधुमति के नाम पर गड्ढे का घास छीलकर और मधुमति के नाम पर कुछ ना करते हुए सरकारी राशि की निकासी करते हुए गवन कर ली जाती है। आम आदमी की समस्याएं ज्यों की त्यों वर्षों से बनी हुई है। विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।