विष्णुगढ़ प्रखंड के मडमो पंचायत समिति सदस्य बहाराम हांसदा के द्वारा नए वर्ष की उपलक्ष पर 1 जनवरी को पंचायत के बड़े बुजुर्गों के बीच वन भोज किया साथ ही कम्बल वितरण किया।

झारखंड आंदोलनकारी एवं पूर्व विधायक टेकलाल महतो के बड़े पुत्र स्वर्गीय राम प्रकाश भाई पटेल का तृतीय पुण्यतिथि विष्णुगढ़ प्रखंड के चानो पंचायत में मनाया गया इस पुण्यतिथि के अवसर पर उनके बड़े पुत्र गौरव पटेल के द्वारा लोगों को शाॅल देकर सम्मानित किया गया कार्यक्रम का अध्यक्षता कपिल देव चौधरी प्रखंड अध्यक्ष के द्वारा किया गया एवं संचालन टीपू लाल महतो ने किया इस अवसर पर गौरव पटेल ने कहा कि राम प्रकाश भाई पटेल एक निर्भीक सादगी पूर्ण संघर्षशील नेता थे झारखंड आंदोलनकारी में उनका अहम योगदान रहा इस अवसर पर विष्णुगढ़ मध्य जिला परिषद सदस्य पूर्व यशोदा देवी 20 सूत्री सदस्य देवी राम हेमराम प्रखंड उपाध्यक्ष रामकिशोर महतो रतन पटेल महादेव मुर्मू मुखिया दुलारचंद पटेल विजय महतो छोटू हांसदा मनोवर आलम समेत बड़ी संख्या में झारखंड मुक्ति मोर्चा के कार्यकर्ता मौजूद थे।

विष्णुगढ़ प्रखंड के सिरैय पंचायत भवन परिसर में सरकार के द्वारा उपलब्ध कराए गए 120 कंबल का वितरण लाभुकों के बीच किया गया। पंचायत के मुखिया हेमंती देवी पंचायत समिति सदस्य अंजनी देवी पूर्व प्रमुख सुशील कुमार मंडल समाजसेवी दीपक कुमार उप मुखिया द्वारका प्रजापति वार्ड सदस्य धर्मी देवी लक्ष्मी देवी तेजवंती देवी दशरथ महतो उर्मिला देवी सुकरी देवी जलील अंसारी समेत पंचायत सचिव बसंत कुमार बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।

झारखंड राज्य को अलग करने में अपने प्राण त्याग करने वाले विष्णुगढ़ प्रखंड के खरकी पंचायत अंतर्गत बलकमक्का शहीद स्थल पर शहादत दिवस मनाया गया। समाधि स्थल पर स्वर्गीय साधु महतो शनिचर महतो सैनाथ महतो सोहर महतो मोहर महतो बोधराम महतो 42 वां शहादत दिवस मनाया गया। इस अवसर पर जेल के मांडव पूर्व प्रत्याशी बिहारी महतो विष्णुगढ़ पश्चिम पूर्व जिला परिषद सदस्य जयप्रकाश सिंह पटेल जिला सदस्य रामटहल महतो प्रखंड अध्यक्ष कौलेशवर महतो माही पटेल समेत बड़ी संख्या में जेएलकेएम के सक्रिय सदस्य मौजूद थे।

झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग जिला से राजकुमार मेहता ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि महिलाओं को भूमि अधिकार दिलाने के लिए काम कर रही है समाज सेवी संस्थाओ के लिए यह जानना जरुरी है कि लड़ाई पुरुषों से नही बल्कि पितृसत्तात्मक समाज से है।इसमें भूमि स्वामित्व महिला सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण भूमि निभा सकता है।लेकिन भारत में महिलाओं की भूमि पर लिंग आधारित डेटा की कमी है।ऐसे में क्या इस बात पर भरोसा किया जा सकता है की हिंदू उत्तराधिकारी अधिनियम 2005 जैसे प्रगतिशील कानूनों के चलते देश में भूमि के संयुक्त स्वामित्व में वृद्धि हुई है।महिलाओं के भूमि अधिकार के मुद्दे को आगे बढ़ाने में यह कानून केवल पहला कदम है। क्योंकि भारत में महिलाओं को भूमि और संपत्ति पर अपने अधिकारों को प्राप्त करने और उनका प्रयोग करने में महत्वपूर्ण सामाजिकऔर सांस्कृतिक चुनौतियों का सामना करना पड़ता है।

झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग जिला से राजकुमार मेहता ने मोबाइल वाणी के माध्यम से महिला भूमि अधिकार पर अपनी राय साझा किया। राजकुमार ने बताया कि महिलाओं के भूमि अधिकारों पर बातचीत में पुरुषों को शामिल करने का कारण हिंसा को रोकना है। महिलाओं को अक्सर ही बल पूर्वक और आक्रामक तरीके से उनकी भूमि से बेदखल कर दिया जाता है।कभी कभी उनकी जान को भी खतरा होता है। भूमि का अधिक्रण मिलने के बावजूद महिलाओं को पुरुषों द्वारा किए जाने वाले उत्पीड़न का शिकार होना पड़ता है। कई महिलाओं के पास भूमि है लेकिन इन फिर भी उन्हें अपनी भूमि एक बोझ जैसी लगती है।

झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग जिला से राजकुमार मेहता ने मोबाइल वाणी के माध्यम से महिला भूमि अधिकार पर अपनी राय साझा किया। राजकुमार ने बताया कि महिलाओं की भूमि अधिकारों में भागीदारी उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाती है।बेहतर पोषण,शिक्षा और स्वास्थ्य तक पहुंच देती है। जिससे घर और समुदाय में उनकी शक्ति भी बढ़ती है।यह भागीदारी कानूनी और सामाजिक बधाओं को दूर करके संयुक्त स्वामित्व को बढ़ावा देकर और भूमि प्रशासन में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करके प्राप्त की जाती है। जो उनके जीवन की गुणवत्ता और सामुदायिक निर्णयों में उनकी आवाज को मजबूत करती है

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