झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग़ जिले से सुभास कुमार मोबाइल वाणी के माध्यम से यह जानना चाहते हैं कि क्या शराब और मानसिक स्वास्थ्य के लिए उपचार योजना में क्या शामिल होता है?

Comments


Transcript Unavailable.
Download | Get Embed Code

Nov. 6, 2025, 2:18 p.m. | Tags: mentalhealth   expert  

Transcript Unavailable.

विष्णुगढ़ प्रखंड के चेडरा हॉस्पिटल चौक के नजदीक सरकारी शराब दुकान का संचालन बीते कई वर्षों से किया जा रहा था इसी बीच हजारीबाग उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह के निर्देश पर बीते दिन जिले के सभी शराब दुकानों का अपडेट मांगा गया इसी क्रम में विष्णुगढ़ सीओ नित्यानंद दास ने शराब दुकान का निरीक्षण किया जिसमें कई गड़बड़ियां पाई गई कई अभिलेख एवं रजिस्टर तक नहीं मिल पाया इसे ध्यान में रखते हुए उत्पाद विभाग में टीम गठित कर दुकान को सील कर दिया गया।

झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग़ जिला से राहुल कुमार मोबाइल वाणी के माध्यम से जानना चाहते हैं कि साइकोसिस से व्यक्ति की सोच पर क्या असर पड़ता है ?

झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग़ जिला से सतीश मुर्मा मोबाइल वाणी के माध्यम से जानना चाहते हैं कि क्या अवसाद से उबरने में समय लगता है ?

झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग़ जिला से विनोद मिश्रा मोबाइल वाणी के माध्यम से जानना चाहते हैं कि मानसिक स्वास्थ्य का फायदा क्या है ?

झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग़ जिला से सोनू कुमार मोबाइल वाणी के माध्यम से जानना चाहते हैं कि मानसिक स्वास्थ्य का नुकसान क्या है ?

झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग़ जिला से धीरज यादव मोबाइल वाणी के माध्यम से जानना चाहते हैं कि मानसिक स्वास्थ्य पर किन चीजों का प्रभाव पड़ता है ?

झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग जिला से मोबाइल वाणी संवाददाता गीता सिंह ने 11 -09 -2025 को एक सन्देश रिकॉर्ड करवाया था। जिसमें बताया गया था कि हजारीबाग सदर हॉस्पिटल में पर्ची कटवाने को लेकर समस्या हो रही थी।बड़े मोबाइल से ही पर्ची कटवाया जा रहा था।जिनके पास छोटा मोबाइल था वो लोग पर्ची नही कटवा पा रहे थे।क्योंकि पर्ची कटवाने के लिए खुद का ही बड़ा मोबाइल होना जरुरी था। इस सन्देश को मोबाइल वाणी पर प्रसारित किया गया और सिविलसर्जन,उच्च अधिकारीयों एवं शेख भिखारी मेडिकल के सुपरिटेंडेंट तक यह बात पहुंचाई गई।जिसका परिणाम यह हुआ कि अब अस्पताल में छोटे मोबाइल रखने वाले व्यक्ति दूसरे के मोबाइल से खुद का पर्ची कटवा रहे हैं।

बुलिंग का सामना करना कोई आसान काम नहीं होता हमारे समाज में कई ऐसे लोग हैं जो इसका शिकार है क्या आपने या आपके किसी जानने वाले ने कभी अपने जीवन में बुलिंग का सामना किया है ? आखिर क्या वजह है कि हमारे समाज में बुलिंग जैसी समस्या मौजूद है और लोग इस समस्या से जूझने के लिए मजबूर होते हैं ? अगर कोई व्यक्ति इस समस्या से जूझ रहा है तो ऐसी स्थिति में वह खुद को इससे बाहर निकालने के लिए क्या कर सकते हैं ? और बुलिंग जैसी समस्या को समाज से मिटाने के लिए सामुदायिक स्तर पर किस तरह की पहल की जा सकती ?