Transcript Unavailable.

इस आख़िरी कड़ी में पानी बचाने और ज़मीन को सँभालने के आसान तरीकों पर बात होती है। खेती और पर्यावरण को सुरक्षित रखने की समझ इस एपिसोड का मुख्य संदेश है |

इस एपिसोड में बारिश न होने और फिर अचानक ज़्यादा होने से फसल को होने वाले नुकसान की बात है। मौसम की मार और उससे जूझते किसान की असली परेशानी यहाँ दिखाई देती है।

इस कड़ी में बदलते मौसम की बात होती है और उसका खेती पर पड़ने वाला असर सामने आता है। किसान नई परिस्थितियों में अपनी फसल को कैसे सँभालने की कोशिश कर रहे हैं, यही इस कहानी की शुरुआत है।

झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग़ जिला से राज कुमार मेहता मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहते हैं कि देश में लगभग 80 परसेंट लोग कृषि पर निर्भर हैं।किसानों को फसल उगाने में जितना पूंजी लगता है उतना बेचने पर भी मूल्य नहीं निकल पाता है।किसानों का कहना है कि फसल उगाने में कई तरह परेशानियां आती हैं। कई जगह फसल में सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी नहीं मिल पाता है। फसल में पानी के कमी होने के कारण वह अच्छी तरह से तैयार नहीं हो पाता है और कभी कभी जरूरत से अधिक बारिश होने पर भी फसल खराब हो जाता है

यह ऑडियो श्रृंखला पानी, मौसम और खेती से जुड़ी रोज़मर्रा की सच्ची बातों पर आधारित है। इसमें बदलते मौसम का खेती और ज़मीन पर असर, पानी की कमी और उसे बचाने के आसान तरीकों की चर्चा है।

Transcript Unavailable.

Transcript Unavailable.

Transcript Unavailable.

Transcript Unavailable.