जिला मधुबनी,प्रखंड खजौली से रामाशीष सिंह जी मोबाईल वाणी के माध्यम से बता रहे हैं कि मधुबनी जिले के खजौली बाजार में दर्जनों चावल विक्रेता हैं। इनके पास खुदरा लाइसेंस है,किन्तु सतह ये है की ये चावल के थोक विक्रेता हैं। ये लोग प्रतिमाह कई हजार क्यूंट्ल चावलों की बिक्री कर हर वर्ष पचासों लाख का व्यवसाय कर रहे हैं। किन्तु एक भी बिक्रेता का वाणिज्य कर विभाग में निबंधन नहीं है। फिर भी न जाने क्यों वाणिज्य के अधिकारी इन्हे छूट दिए हुए हैं। समाहर्ता मधुबनी को अविलम्ब इस ओर ध्यान देना चाहिए

बिहार राज्य के मधुबनी जिले से संवाददाता रामाशीष सिंह मोबाइल वाणी के माध्यम से शिक्षा की महत्ता के विषय में बताते हैं की शिक्षा से ही मनुष्य जीवन को सार्थक बनाया जा सकता है।पशुता से मनुष्यता,असभ्य से सभ्य तथा असंस्कृत से सुसंस्कृत करने वाले मूल तत्व को ही शिक्षा कहते हैं।इस मौलिक अवयव के बिना मनुष्य जीवन अपरिभाषित,अधूरा एवं निरर्थक है।मनुष्य जीवन को सार्थक,सफल तथा उत्कृष्ट बनाने के लिए शिक्षा रुपी अमृत की घूंट अमूल्य है।कहा गया है की शिक्षा से ही मनुष्य अमरत्व को प्राप्त कर सकता है तथा विद्या ही सर्व दृष्टि प्रदान करती है,वह दृष्टि जिसके अनुरूप यह विचार उत्पन्न होता है की विकसित मनुष्य ही परम एवं शास्वत,सुबुद्धित एवं सुसंस्कृत है।अतः इस सुसंस्कृत मष्तिष्क को सुसज्जित करने वाले मूल तत्व शिक्षा की पहचान सर्वविदित है।इस प्रकार शिक्षक का अस्तित्व भी सर्वत्र अविवादित है और इस अविवादित पहचान को सदा मर्यादित एवं प्रशिक्षित रखने का दायित्व भी शिक्षकों पर है।

जिला मधुबनी के खजौली प्रखंड से रामाशीष सिंह जी मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे हैं कि प्रशासनिक खर्च के नाम पर दस हजार रुपये निकासी कर पंचायत सचिव महिंदर पासवान निश्चिंत है। ढाई माह बीत गये हैं पर अब तक टेबल और कुर्सी नहीं खरीदी गई है। स्थानीय मुखिया के द्वारा बार-बार निर्देश देने के बाद भी वे बहाना बाजी करते आ रहे हैं। प्रखंड विकास पदाधिकारी को अविलम्ब इस मामले की जाँच करनी चाहिए

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बिहार राज्य के मधुबनी जिले के खजौली से संवाददाता रामाशीष सिंह ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा की नारी एवं बालिकाओं को समाज में समानता का अधिकार एवं आदर-सम्मान मिलना चाहिए उनका शोषण,दोहन,उत्तपीड़न बंद होना चाहिए और इसके लिए समाज की मानसिकता में परिवर्तन लाने की आवश्यकता है,सोच बदलने की आवश्यकता है।आज समाज में आवश्यकता है नीतिज्ञ एवं साहसी लोगो की जो नारियों के शोषण के खिलाफ आवाज उठा सकें और उनकी स्थिति में सुधार ला सकें साथ ही नारियों एवं बालिकाओं को भी सुशिक्षित,संगठित एवं निर्भीक होकर आत्मरक्षा के लिए कदम उठाना होगा।तथाकथित समाज से जनप्रतिनिधियों को भी अपनी मानसिकता बदल कर क्रांतिकारी निर्णय लेना होगा तभी नारियों एवं बालिकाओं को समान अधिकार एवं आदर-सम्मान मिल सकेगा।

जिला मधुबनी प्रखंड खजौली से रामशीष सिंह जी मधुबनी मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है की जिला मधुबनी के प्रखंड खजौली से ग्राम कन्हौली जिला मधुबनी में पंचायत सचिव महेंद्र पासवान प्रखंड के सभी पंचायत सदस्यों को मधुबनी जिले में चल रही विभिन्न योजनाओ से सम्बंधित अभिलेख ,अभिलेख उपसर्गो के साथ अविलंब प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।उन्होंने कहा की विदित हो की वित्तीय वर्ष 2016-2017 में पंचायत द्वारा चलायी जा रही योजनाओं के आप अभिकर्ता है।पंचायत से सम्बंधित सारे अभिलेख उपसर्गो के साथ उनके सम्मुख अविलम्ब प्रस्तुत करे जिससे योजनाओं की प्रगति की समीक्षा कर उनके आगे की कारवाई की जा सके।

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बिहार राज्य के मधुबनी जिले के खजौली से रामाशीष सिंह ने मोबाइल वाणी के माध्यम से जानकारी दी कि तक़रीबन तीन साल पूर्व सुप्रीम कोर्ट ने व्यवस्था की थी की पीड़ित एवं आरोपी के बीच समझौता होने के बावजूद बलात्कार एवं हत्या जैसे संगीन आरोपों में आपराधिक कर्यवाही निरस्त नहीं की जा सकती है ।सुप्रीम कोर्ट का यह निर्णय प्रशंसनीय था।न्यायालय के अनुसार समाज पर इसका हानिकारक एवं गलत प्रभाव पड़ सकता है।न्यायमूर्ति श्री देसाई एवं न्यायमूर्ति श्री रमण की खंडपीठ ने कहा था की दूसरे अपराध जो दो व्यक्तियों या समूह तक में सीमित हो तो दोनों पक्षों में समझौता होने के बाद निरस्त किया जा सकता है लेकिन जघन्य अपराधों में नहीं।

जिला मधुबनी प्रखंड खजौली से रामाशीष सिंह मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है की स्त्री और पुरुष समाज के दो मुख्य पहिये है।यदि इसका एक भी पहिया कमजोर होगा तो रथ आगे नहीं बढ़ पायेगा।अत: समाज रुपी रथ को आगे विकास के पथ पर ले जाने के लिए स्त्रियों का शिक्षित होना जरुरी है।एक बालक को शिक्षित करने का मतलब है एक वयक्ति को शिक्षित करना लेकिन एक लड़की को शिक्षित करने का मतलब है एक परिवार को शिक्षित करना।क्योंकि बच्चे पर एक पिता की अपेक्षा माता का ज्यादा प्रभाव पड़ता है।उत्तरदायित्व को निभाने में पुरुषों की अपेक्षा महिला ज्यादा समझदार होती है।इसके बाउजूद भी स्त्री शिक्षा को महत्व नहीं दिया जा रहा है।बिटिया हमारी गौरव है। सरकार इसके लिए सरकार किताब ,पोशाक और साइकिले उपलब्ध करा रही है ,जिससे भारत की स्त्रियां शक्तिशाली एवं मजबूत धरोहर बन सके।

जिला मधुबनी के खजौली प्रखंड से रामाशीष सिंह जी मोबाईल वाणी के माध्यम से बताते हैं कि मनरेगा योजना सम्पूर्ण बिहार में विफल रही है,तथा यह भ्रष्ट जन प्रतिनिधियों के लिए कामधेनु बन गया है। इस योजना के बावजूद व्यापक पैमाने पर हरियाणा,पंजाब,दिल्ली,गुजरात के अन्य जगहों पर पलायन नहीं रुक रहा है। नतीजा यह है की आज कृषि कार्य के लिए मजदुरों का घोर आभाव हो गया है ,सरकार को मनरेगा योजना के वास्तविक स्थिति की जांच करनी चाहिए,ताकि मजदूरों का पलायन एवं सरकारी राशि की लूट खसोट बंद हो सके।