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प्रखंड खजौली, जिला मधुबनी से रामाशीष सिंह जी मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते हैं कि मधुबनी जिले में मत्स्य पालन की अपार संभावनाएं है जहां पर किसान मत्स्य पालन कर आर्थिक रूप से समृद्धि हांसिल कर सकते हैं।इसके लिए जिले में तालाब का निर्माण की आवश्यकता है लेकिन लोग आर्थिक कठिनाइयों के कारण तालाब का निर्माण नहीं करा पाते हैं। वे बताते हैं कि मनरेगा योजना अंतर्गत निजी तालाब निर्माण कराने का प्रावधान है किन्तु पंचायत रोजगार सेवक द्वारा निजी तालाब निर्माण कराने में अपने निजी स्वार्थ के चलते उदासीनता बरती जाती है ,जो खेद जनक है। अत : वे कहते हैं कि बिहार के मुख्य मंत्री को इस ओर ध्यान देकर बिहार के प्रत्येक पंचायत में कम-से-कम 25 निजी तालाब का निर्माण मनरेगा योजना के अंतर्गत कराने की निर्देश जारी करना चाहिए।
प्रखंड खजौली, जिला मधुबनी से रामाशीष सिंह जी ने मोबाइल वाणी को बताया कि खजौली प्रखंड अंतर्गत कन्हौली पंचायत में 2014-15 वित्तीय वर्ष में 21,400 रूपए की लागत से कन्हौली पंचायत के गढ़ी वार्ड नंबर -4 में प्रयाग महतो के घर के समीप एक चापाकल लगाया गया है।लेकिन गौर करने वाली बात है कि इस नाम के व्यक्ति न तो इस पंचायत में है और न ही पहले कभी थे बावजूद इसके उक्त व्यक्ति के नाम से चापाकल का निर्माण कराया गया है। इसी तरह से कन्हौली पंचायत अंतर्गत मस्ज़िद प्रांगण में भी एक चापाकल का निर्माण दिखाया गया है जबकि वहां पर एक चापाकल पहले से ही चालू है। इस चापाकल को तत्कालीन मुखिया एवं पंचायत सचिव द्वारा चतुर्थ राज्य वित् आयोग योजना अंतर्गत दिखाया गया है।अत: प्रखंड विकास पदाधिकारी को इस मामले की जाँच कर अविलम्ब कार्रवाई करनी चाहिए
प्रखंड खजौली, जिला मधुबनी से रामाशीष सिंह जी मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते हैं कि 10 महीनों से कन्हौली पंचायत के नव निर्वाचित मुखिया किंकर्तव्यविमूढ हो गए है । पंचायत कार्यों का निष्पादन कहां जाकर करें यह एक गंभीर विषय है ? पंचायत भवन खंडहर एवं पंचायत प्रांगण झाड़ियों में तब्दील हो गया है और पंचायत प्रांगण में गन्दगी का अम्बार लगा हुआ है ।कन्हौली पंचायत भवन की ऐसी स्थिति विगत 5 वर्षों में हुई है।ऐसी स्थिति में इस भवन में कार्यालय संचालन करना काफी कठिन हो रहा है। इस समस्या को स्थानीय मुखिया ने प्रखंड विकास पदाधिकारी के समक्ष रखी लेकिन इस समस्या का कोई समाधान नहीं हुई है।
जिला मधुबनी से रामाशीष सिंह जी मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे है की पश्चिमी कोशी नहर योजना का नहर सूखी गांव से निकलती है।जो सुखी कंहौली होकर आगे हरितवारा जाती है। जब जिसकी इच्छा होती है नहरों का शोषण दोहन होता । लेकिन विभागीय कर्मचारी चैन की नींद सो रहे है।नहरों की देखभाल के लिए उन्हें वेतन भी मिला है। नहरों के तटबंधों को काट काट कर वयापक अतिक्रमण किया जा रहा है।तथा यह अतिक्रमण अभियान भांति दिन दुनि रात चौगुनी बढ़ती ही जा रही है। लेकिन इस और किसी का भी ध्यान नहीं है।
जिला मधुबनी,खजौली से रामाशीष सिंह जी मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि पौधो क रक्षा कौन करेगा? क्या पौधा स्वयं अपना रक्षा करेगा ? वन विभाग द्वारा मधुबनी जिले के खजौली प्रखंड अंतर्गत दोनों ओर वृक्षारोपण किया गया। इस कार्य पर सरकार द्वारा कई लाख रुपयों का ब्यौरा किया गया। लेकिन इन पौधो के सिंचाई एवं देख-भाल के नाम पर पौधो का क़त्ल किया जा रहा है। ये पौधे असुरक्षित है। इसकी देख-भाल करने वाला कोई नहीं है।पर्यावरण संरक्षण के लिए वृक्षारोपण एक सोचनीय विषय बन गया है। जो की विभाग के लिए बहुत ही शर्मनाक एवं अपराध है। इस पर जिला पदाधिकारी मधुबनी को अबिलम्ब ध्यान देना चाहिए ।
बिहार राज्य के मधुबनी जिले से रामानंद सिंह ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि इस वर्ष नगर परिषद् या नगर पंचायत के चुनाव में बहुत ही सावधानियाँ बरती जा रही है।19 अप्रैल से 27 अप्रैल तक चुनाव के नामांकन की प्रक्रिया चलेगी, वही 28 अप्रैल से 29 अप्रैल तक नामांकन पत्र की समीक्षा की जाएगी।और इस चुनाव से नाम वापसी की अंतिम तिथि 2 मई होगी।21 मई को मतदान होना है।वैसे उम्मीदवार जो की किसी भी गंभीर मामले में कोर्ट के द्वारा दोषी है ,और उन्हें 6 महीने तक की सजा सुनाई गई हो वो चुनाव नहीं लड़ पाएंगे। वैसे उम्मीदवार, जिनके ऊपर होल्डिंग टैक्स समेत और कई अन्य भी टैक्स का बकाया है, वो भी चुनाव नहीं लड़ पाएंगे।
बिहार राज्य के मधुबनी जिले से रामानंद सिंह ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि, मधुबनी ज़िले के हज़ारों प्रारंभिक शिक्षकों ने समान कार्य के बदले समान वेतन की मांग, राज्य कर्मी का दर्जा, प्रशिक्षित तथा अप्रशिक्षित सभी शिक्षकों को 1 जुलाई 2015 ग्रेड पे देने की मांग को लेकर बिहार राज्य प्रारंभिक शिक्षक संघ के आह्वान पर हड़ताल शुरू कर दी है।हजारो शिक्षको और शिक्षिकाओं ने सत्याग्रह आंदोलन जारी कर दिया है।इसका असर साफ़ तौर से राज्य के सभी 72000 स्कूलों में गंभीर रूप से पड़ा है , जिससे पठन-पाठन पर असर पड़ा है। संघ के जिला अध्यक्ष श्री संजीव् कुमार कामत ने कहा की सुप्रीम कोर्ट ने समान काम के बदले समान वेतन का फैसला दे दिया है।फिर भी सरकार इस मसले पर गंभीर नहीं है।इनका कहना है कि जब तक बिहार सरकार हमारी मांगे पूरी नहीं कर लेती तब तक हड़ताल जारी रहेगी।
जिला मधुबनी खजौली से रामाशीष सिंह मोबाइल वाणी के माध्यम से बताते हैं कि मधुबनी जिले के कन्हौली पंचायत राजस्व गांव में सरकार द्वारा 1955 से 1990 तक सैकड़ों एकड़ ज़मीन अर्जित की गयी।लेकिन इन अर्जित भूमि का रकबा करण आज तक नहीं किया गया। जिस कारण इन अर्जित भूमि की माल गुज़ारी उनके मूल मालिक को ही देनी पड़ती आ रही है। अतः सरकार को इस मसले पर ध्यान देना चाहिए।
बिहार राज्य के मधुबनी जिला के खजौली प्रखंड से रामाशीष सिंह के मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि खजौली पंचायत के हज़ारों गावों में लोग अपने दादा, परदादा, के द्वारा की गयी जमाबंदी से आज भी वंचित है। ऐसा नहीं है की लोग इस जमाबंदी में नाम परिवर्तित कराने को लेकर इच्छुक नहीं है।नियामवली के अनुसार यह कार्य तुरंत हो जानना चाहिए। परन्तु अंचल फैले भ्रस्टाचार के कारण लोग दौड़-दौड़ कर थक चुके है।इस कारण सरकार को भी सालाना लाखो रूपये का नुकसान हो रहा है।अतः सरकार को इस और जल्द ही ध्यान देना चाहिए।
