जिला मधुबनी के खजौली प्रखंड से रामाशीष सिंह जी मोबाईल वाणी के माध्यम से बतात्ते हैं कि मधुबनी जिले के सोधो पंचायत में सैकड़ो बीपीएल परिवार है जिन्हें घर बनाने के लिए अपनी जमीन नहीं हैं। ये लोग ग्रामीण सड़क,कमला तटबंध,पश्चिमी कोसी नहर पर वर्षो से किसी तरह गुजर बसर करते आ रहे हैं। बिहार सरकार ग्रामीण विभाग के पत्रांक ग्राम विकास इन्द्रा आवास योजना विविध 21/2008-4319 दिनाँक 28-05-2009 की कंठ का सोलर्प अनुसार ऐसी भूमिहीन परिवार को राजस्व विभाग का पर्चा दिया जायेगा। और जमीन निर्गत कराई जाएगी जिस पर इंद्रा आवास का निर्माण कराया जायेगा

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बिहार राज्य के मधुबनी जिले के खजौली प्रखंड से संवाददाता रामाशीष सिंह जी ने मोबाइल वाणी के माध्यम से जानकरी दी है कि,इन दिनों बिहार राज्य में सरकार की अव्यवस्था के कारण मुखिया और वार्ड सदस्यों के बीच अधिकारों को लेकर टकराव की स्थिति बानी हुई है।अधिकार की बातें प्रायः हर व्यक्ति करता है लेकिन यह नहीं जानता की कर्तव्य की दुनिया में अधिकार का महत्व है।अधिकार और कर्तव्य एक दूसरे के पूरक हैं।मुखिया एवं वार्ड सदस्यों को गत वर्ष शपथ ग्रहण के पश्चात प्रशिक्षण हुआ था जिसमें अधिकार एवं कर्तव्यों की जानकारी दी गयी थी।पंचायत में सभी विकास कार्यों का निर्णय ग्राम पंचायत वार्ड सदस्यों की बैठक में लिया जाता है।उनका निर्णय कार्मिक होता है। मुखिय एवं वार्ड सदस्य दोनों जन प्रतिनिधि हैं और दोनों जन प्रतिनिधियों को अपने-अपने कर्तव्यों का पालन परस्पर सहयोग से करना चाहिए तभी पंचायत का विकास सम्भव है।

जिला मधुबनी से रामाशीष सिंह जी मोबाईल वाणी के माध्यम से बताते हैं कि मधुबनी जिले के खजौली प्रखंड के अंतर्गत खजौली-मैनपट्टी की स्थिति जर्जर हो गई है। मनेरवा दुसाद के लोगो का कन्हौली बेला में गणेश सिंह के घर के निकट हलकी वर्षा में भी घुटना भर पानी एवं कीचड़ जमा हो जाता है। वाहनों को आने जाने भी काफी कठिनाई हो रही है लेकिन विभागीय अधिकारी चैन की नींद सो रहे हैं। जिला पदाधिकारी मधुबनी को अविलम्ब इस ओर ध्यान देना चाहिए।

बिहार राज्य के मधुबनी जिले के खजौली प्रखंड से रामाशीष जी ने मोबाइल वाणी के माध्यम से जानकारी दी है कि खजौली प्रखंड के कन्हौली गाँव की आबादी करीब 9 हजार है।यहाँ दो मध्य विद्यालय एवं आठ प्राथमिक विद्यालय हैं किन्तु गाँव में 5 किलोमीटर से कम दूरी पर एक भी उच्च विद्यालय नहीं है,जिस कारण यहाँ के छात्र-छात्राओं को 5 किलोमीटर से अधिक दूरी तय करके विद्यालय जाना पड़ता है।सरकार की योजना के अनुसार प्रत्येक प्रखंड में एक उच्च विद्यालय होना चाहिए।इन्होने बिहार के शिक्षा मंत्री से अनुरोध किया है की कन्हौली मध्य विद्यालय को उच्च विद्यालय में तब्दील किया जाए जिससे यहाँ के बच्चों को पढ़ाई में परेशानी न हो।

जिला मधुबनी प्रखंड खजौली से रामाशीष सिंह जी मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है की मधुबनी जिले के खजौली रेलवे स्टेशन पर विभिन्न गाड़ियां पकड़ने के लिए प्रतीक्षारत यात्रियों को काफी कठिनाइयां होती है। प्लेटफार्म तो लम्बा चौड़ा बनाया गया है ,लेकिन स्थानीय प्लेटफार्म पर यात्रियों के बैठने के लिए कोई सुविधा नहीं है, जिस वजह से यात्रियों को घंटो खड़ा रहना पड़ता है।रेल अधिकारियों को इस पर ध्यान देकर जल्द समस्या का समाधान करना चाहिए।

जिला मधुबनी प्रखंड खजौली से रामाशीष सिंह जी मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है की खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत प्राप्त किये गए राशन कार्ड वाले सरकारी सेवक ,सेवा करदाता तथा आयकरदाता एवं तीन -चार पहिया वाहन मालिकों के लिए बुरी खबर है कि अब उन्हें राशन कार्ड नहीं मिलेगा।अगर राशन कार्ड मिल गया है तो उस परिवार को चिन्हित कर उसे इस लाभ से वंचित किया जायेगा।खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के प्रधान सचिव द्वारा निर्गत पत्र द्वारा सरकारी सेवक, सेवा करदाता तथा आयकरदाता एवं तीन -चार पहिया वाहन मालिकों के नाम से भी राशन कार्ड निबंधित हो गयी है।जनगणना 2011 के अनुसार ऐसे परिवारों को चिन्हित क्रेन एंड ऑब्जेक्शन के माध्यम से सुधार करने का निर्देश दिया गया है।पर तीन वर्ष बीत चुके है आज तक उन्हें चिन्हित कर खाद्य सुरक्षा अधिनियम के लाभ से वंचित नहीं किया गया है।सरकार को इस ओर अविलम्ब ध्यान देना चाहिए ,जिससे योग्य पात्र रखने वाले परिवारों को इस योजना का लाभ मिल सके।

जिला मधुबनी के खजौली प्रखंड से रामाशीष सिंह जी मोबाईल वाणी के माध्यम से बताते हैं कि मधुबनी जिले के खजौली प्रखंड स्थित बाजार में नक़ली बाट एवं मीटरों का प्रयोग दुकानदार के द्वारा धड़ल्ले से किया जा रहा है। नियमतः इन उपकरणों का प्रमणित होने का सत्यापन समंय-समय पर किया जाना है।परन्तु माप-तौल नियंत्रक की मिली भगत से बिना बाट एवं मीटर की जाँच किये बगैर ही उसके प्रमाणित होने का प्रमाण दिया जाता है।नकली बाट एवं मीटर के प्रयोग से उपभोक्ताओं को नुकसान उठाना पड़ रहा है।समाहर्ता मधुबनी को अविलम्ब इस ओर ध्यान देना चाहिए।

राज्य बिहार के मधुबनी जिला , प्रखंड खजौली से रामाशीष सिंह जी मोबाईल वबी के माध्यम से बता रहे है की राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम को अधिसूचित हुए करीब तीन साल होने जा रहा है। लेकिन अभी भी सामाजिक, आर्थिक, जाति के आधारित जनगणना 2011 के अलोक में मधुबनी जिले में शत प्रतिशत योग्य पात्रों को राशन कूपन नहीं मिलता है। इसके लिए इन दिनों अनुमंडल स्तर पर वंचित परिवारों से आवेदन लिए जा रहे है। फिर इन आवेदनों को जाँच के लिए परखंडो में भेजा जायेगा।जाँच प्रतिवेदन मिलने पर राशन कूपन निर्गत किया जायेगा।प्रश्न यह है कि सैकड़ो आवेदनों की जाँच कब तक होगी।सरकारी पदाधिकारियों, कर्मचारियों की तत्परता एवं रूचि जग जाहिर है।ऐसी स्थिति में सरकार को जाँच पूरा करने के लिए न्यूनतम अवधि निर्धारित करनी चाहिए और उस अवधि में जाँच को आवश्यक रूप से पूरी कर कार्ड निर्गत करना चाहिए। यदि ऐसा नहीं हुआ तो वंचितों को समय पर लाभ नहीं मिल पायेगा।

जिला मधुबनी के प्रखंड खजौली से रामाशीष सिंह जी मधुबनी मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे है की पत्रकारिता की आत्मा मिशन है।आज पत्रकारिता मिशन से प्रोफेशन बन गया है।मिशन से प्रोफेशन के दौर में पहुंची पत्रकारिता के लिए वयवसायिक नैतिक महत्व सबसे ऊपर है।पत्रकारिता कितनी भी प्रोफेशनलिज्म हो जाए पर पत्रकारिता का मूल मन्त्र या उसकी आत्मा मिशन ही रहेगी