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जिलाधिकारी राकेश कुमार और पुलिस अधीक्षक डॉ. शौर्य सुमन ने कार्यालय प्रकोष्ठ में जमुई प्रशासन के समक्ष पूर्व में चार नक्सली अर्थात अर्जुन कोड़ा , बालेश्वर कोड़ा उर्फ मुखिया जी , सोरेन कोड़ा उर्फ सुरेंद्र कोड़ा तथा नागेश्वर कोड़ा के सरेंडर किए जाने के बाद उन्हें उत्साहवर्धन के लिए आत्म समर्पण व पुनर्वास नीति के तहत सोमवार को ढाई- ढाई लाख रुपये बतौर प्रोत्साहन राशि प्रदान किया। इनमें तीन नक्सली अर्थात अर्जुन कोड़ा को 10540 रूपये , नागेश्वर कोड़ा को 3288 तथा बालेश्वर कोड़ा को 180 रूपये अलग से हथियार जमा करने के एवज में दिए गए। राशि पाकर परिजन खुश नजर आए। अंकित करने वाली बात है कि नक्सल उन्मूलन अभियान के दौरान पुलिस के बढ़ते दबाव और सरकार की पुनर्वास व आत्मसमर्पण नीति से प्रभावित होकर नामित नक्सलियों ने नक्सल पंथ से तौबा कर पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया था। प्रशासन के मुताबिक अर्जुन कोड़ा , नागेश्वर कोड़ा , बालेश्वर कोड़ा और सोरेन कोड़ा बड़े नक्सल वारदातों में शामिल रहा है। आत्मसमर्पण करने पर सभी को उत्साहवर्धन हेतु आत्मसमर्पण व पुनर्वास नीति के तहत ढाई-ढाई लाख रुपये प्रोत्साहन राशि के रूप में दिया गया। जिलाधिकारी राकेश कुमार ने कहा कि तथाकथित नक्सली माओवाद को तौबा कर मुख्य धारा में शामिल हों ताकि इनका भी तेजी से विकास किया जा सके। उन्होंने नक्सलियों के सोन्ध में जाकर वहां के नागरिकों को जगाने की जानकारी दी। पुलिस अधीक्षक डॉ. शौर्य सुमन ने कहा कि अमन-चैन के वास्ते नक्सलियों से आर-पार की लड़ाई लड़ी जाएगी। उन्होंने माओवादियों को मुख्य धारा में शामिल होने या फिर जिला बदर हो जाने का संदेश दिया।

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