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उत्तरप्रदेश राज्य के बलरामपुर ज़िला से नीलू ,मोबाइल वाणी के माध्यम से कहती है कि अभी भी महिलाओं को जमीन पर पुरुषों की तरह अधिकार नहीं दे रहे है। हक़ के लिए लोगों को आवाज़ उठानी चाहिए

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उत्तरप्रदेश राज्य के बलरामपुर ज़िला से नीलू ,मोबाइल वाणी के माध्यम से कहती है कि पुरुषों की तरह महिलाओं को भी सम्मान और हक़ मिलना चाहिए। आज भी उनके गाँव में ऐसी महिलाएं है जो प्रताड़ित होती है। सामान दर्ज़ा मिलने से महिलाओं पर ताड़नाएँ रुकेगी

उत्तरप्रदेश राज्य के बलरामपुर ज़िला से प्रियंका की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से विमला से हुई। ये बताती है कि वो झाड़ू बनाने का व्यापार करना चाहती है। जिससे पैसे घर में आये और जीविका में सुधार आये

मानव जीवन में योग का बहुत बड़ा योगदान है। योग से न सिर्फ मानसिक स्वास्थ्य बेहतर होता है बल्कि नियमित योग करने से कई तरह की बीमरियों से निजात भी मिलती है। पहली बार 21 जून 2015 को योग दिवस मनाया गया और तब से लेकर हर वर्ष 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाया जाता रहा है। इस साल यानि 2024 का थीम है " स्वयं और समाज के लिए योग". योग दिवस को बड़े स्तर पर मनाने का मुख्य उद्देश्य है लोगों को योग के जरिये स्वस्थ और निरोगी जीवन के प्रति जागरूक करना। तो ,साथियों आइए आज योग दिवस पर हम खुद से वादा करें कि जीवन में जितनी भी व्यस्तता और चुनौतियां हो, अपने दैनिक जीवन में योग को शामिल करेंगे और जीवन को उत्साह से भर कर शरीर, मन एवं आत्मा को स्वस्थ रखेंगे।

उत्तर प्रदेश राज्य के बलरामपुर जिला से प्रियंका सिंह ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि भारत में पुरुष और महिला की शिक्षा दर में असमानता तो एक बड़ी समस्या है ही। लेकिन इससे भी बड़ी समस्या यह है की महिलायें अपने अधिकारों के प्रति जागरूक नहीं है। लैगिंक असमानता का एक कारण यह भी है की महिलायें अपने अधिकारों के बारे में नहीं जानती हैं

उत्तर प्रदेश राज्य के बलरामपुर जिला से प्रियंका सिंह ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि भारत में लैंगिक समानता एक व्यापक मुद्दा है जो भारतीय महिलाओं और लड़कियों को कई तरह से प्रभावित करता है। लैंगिक असमानता के कई कारण हैं, सबसे महत्वपूर्ण है भारत में गरीबी का होना। गरीब परिवार के लोग अपनी लड़कियों को पढ़ाई के लिए स्कूल नहीं भेजते हैं यह बहुत बड़ी समस्या है, जो लैगिंक असमानता को बढ़वा देती है