उत्तरप्रदेश राज्य के बलरामपुर ज़िला से अंकिता मिश्रा ,मोबाइल वाणी के माध्यम से कहती है कि वर्तमान में भारत में विभिन्न क्षेत्रों में काम करने वाली महिलाओं का कुल कार्यशील संख्या 31.6 है तथा संगठित क्षेत्र में नौकरी करने वाली महिलाओं की संख्या 49 लाख से अधिक है। सरकार ने महिला के सामाजिक व आर्थिक कल्याण के लिए कई योजना बनाई है। इससे महिलाओं की स्थिति में सुधार हुई। है
उत्तरप्रदेश राज्य के बलरामपुर ज़िला से अंकिता मिश्रा ,मोबाइल वाणी के माध्यम से पुस्पा सिंह से बात कर रही है। ये बताते है कि ये वाटर सप्लाई का व्यापार करना चाहते है। इसमें इनका पूंजी केवल फ्रीज़र का खर्च लगेगा। पानी पैकिंग कर के सप्लाई करेंगे जिसमे पांच रूपए एक बोतल से मुनाफा होगा
उत्तर प्रदेश राज्य के बलरामपुर जिला से प्रियंका सिंह ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि महिला आज पुरुषों से किसी भी मामले में कम नहीं है। हर क्षेत्र में महिलायें अपनी पहचान बना रही है। महिलायें जमीन की कुशल प्रबंधक होती है। अगर महिलाओं को कानूनी तौर पर उन्हें अधिकार प्राप्त हो तो वो सशक्त बनेंगी। जिससे उन्हें बाहर के खतरों का कम डर होगा
उत्तर प्रदेश राज्य के बलरामपुर जिला से प्रियंका सिंह ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि महिला और पुरुष में भेदभाव हर जगह है। कहीं ज्यादा तो कहीं कम है। काफी प्रयासों के बाद हर क्षेत्र में महिला कार्य कर रही हैं और सुधार भी देखने को मिल रहा है। भारत का विकास गांव से जुड़ा हुआ है। हमारे संविधान में भी इस बात का उल्लेख है की गांव के विकास के लिए उन्हें शक्ति और अधिकार पर्याप्त मात्रा में प्रदान किये जाने चाहिए। इन्हीं बातों का ख्याल रखते हुए ग्रामीण महिलाओं को गांव का नेतृत्व करने के लिए अधिकार और प्रशिक्षण दिए गए हैं
उत्तर प्रदेश राज्य के बलरामपुर जिला से प्रियंका सिंह ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में महिलायें स्वतंत्र नहीं होती हैं क्योंकि ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा का अभाव है। आज भी गांव में लड़कियों की शिक्षा पर ध्यान नहीं दिया जाता है। इसलिए ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को शिक्षा के प्रति जागरूक करना जरुरी है। लड़कियां शिक्षित रहेगी तो इससे उनके जीवन में क्या बदलाव आयेंगे इन बातों की जानकारी गांव में देना जरुरी है
उत्तरप्रदेश राज्य के बलरामपुर ज़िला से अंकिता मिश्रा ,मोबाइल वाणी के माध्यम से कहती है कि ग्रामीण क्षेत्रों में निवास करने वाली लगभग 80 प्रतिशत स्त्रियाँ आर्थिक दृष्टि से कोई न कोई कार्य करती रही है। नगरों में भी निम्न वर्ग की स्त्रियाँ घरेलु कार्यों और उद्योगों के माध्यम से कुछ न कुछ कमाती रही है। कुछ न कुछ गतिविधियां महिलाओं को काम करने में प्रेरित करती रही है।
उत्तर प्रदेश राज्य के बलरामपुर जिला से प्रियंका सिंह ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि ग्रामीण समाज में लोगों की मानसिकता ही ऐसी है की उनका काम खाना बनाना और बच्चों की देखभाल करना है। महिलायें 16 घंटे काम कर के भी गरिमापुर्ण जीवन नहीं जी रही हैं। उन्हें सही से भोजन भी नसीब नहीं होता है। इतना काम करने और परिवार का ख्याल रखने के बाद भी उन्हें पैतृक संपत्ति से वंचित रखा जाता है
उत्तरप्रदेश राज्य के बलरामपुर ज़िला से अंकिता मिश्रा ,मोबाइल वाणी के माध्यम से कहती है कि वर्तमान में लड़कियाँ व्यावसायिक शिक्षा भी ग्रहण कर रही है। शिक्षण से सम्बंधित ट्रेनिंग कॉलेज एवं मेडिकल कॉलेज में लड़कियों की संख्या प्रति वर्ष बढ़ती जा रही है
उत्तरप्रदेश राज्य के बलरामपुर ज़िला से अंकिता मिश्रा ,मोबाइल वाणी के माध्यम से कहती है कि न तो माता पिता लड़कियों को शिक्षा दिलाने के पक्ष में ही थे और न ही शिक्षा की दृष्टि से समुचित सुविधाएँ उपलब्ध थी।जनगणना अनुसार महिला साक्षरता प्रतिशत 39.29 था। 2001 में प्रतिशत बढ़ कर 53.7 हो गया। सबसे ज़्यादा साक्षरता दर केरल में है
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